Aakash Aur Billi
(0)
Author:
U.R. AnanthamurthyPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
795
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कन्नड़ कहानी को कथ्य और शिल्प दोनों स्तरों पर एक नया मोड़ देने का श्रेय यू.आर. अनन्तमूर्ति को ही जाता है। उनकी कहानियाँ समस्याओं के समाधान नहीं बतातीं, बल्कि उनके परिवेश और परिस्थितियों का उद्घाटन करती हैं और हमें एक ज़्यादा प्रकाशमान संसार में लेकर जाती हैं जहाँ हम अपनी दुनिया की जटिलताओं को बेहतर ढंग से देख और समझ सकते हैं।</p> <p>बौद्धिक, नैतिक और भावनात्मक अन्वेषण पर केन्द्रित यू.आर. अनन्तमूर्ति की कहानियाँ एक विमर्श की रचना करती हैं। प्रस्तुत संग्रह की शीर्षक कहानी 'आकाश और बिल्ली' को सिर्फ़ कन्नड़ ही नहीं, सभी भारतीय भाषाओँ की श्रेष्ठ कथा रचनाओं में स्थान प्राप्त है जिसके अंग्रेज़ी सहित अन्य भाषाओँ में भी अनुवाद हो चुके हैं।</p> <p>संग्रह में शामिल अन्य कहानियाँ, यथा—'क्लिप जॉइंट', 'सूखा', 'आक्रमण', 'रूथ और रसूल', 'अपूर्व' आदि भी यू.आर. अनन्तमूर्ति की कथा-तकनीक और उनकी आधारभूत लेखकीय चिन्ताओं को अभिव्यक्ति देती हैं।</p> <p>कहना ज़रूरी नहीं कि हमारे समय के शीर्षस्थ भारतीय लेखकों में अग्रगण्य यू.आर. अनन्तमूर्ति की ये कहानियाँ हिन्दी पाठकों को एक नए आस्वाद और भावलोक से परिचित कराती हैं।
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कन्नड़ कहानी को कथ्य और शिल्प दोनों स्तरों पर एक नया मोड़ देने का श्रेय यू.आर. अनन्तमूर्ति को ही जाता है। उनकी कहानियाँ समस्याओं के समाधान नहीं बतातीं, बल्कि उनके परिवेश और परिस्थितियों का उद्घाटन करती हैं और हमें एक ज़्यादा प्रकाशमान संसार में लेकर जाती हैं जहाँ हम अपनी दुनिया की जटिलताओं को बेहतर ढंग से देख और समझ सकते हैं।</p>
<p>बौद्धिक, नैतिक और भावनात्मक अन्वेषण पर केन्द्रित यू.आर. अनन्तमूर्ति की कहानियाँ एक विमर्श की रचना करती हैं। प्रस्तुत संग्रह की शीर्षक कहानी 'आकाश और बिल्ली' को सिर्फ़ कन्नड़ ही नहीं, सभी भारतीय भाषाओँ की श्रेष्ठ कथा रचनाओं में स्थान प्राप्त है जिसके अंग्रेज़ी सहित अन्य भाषाओँ में भी अनुवाद हो चुके हैं।</p>
<p>संग्रह में शामिल अन्य कहानियाँ, यथा—'क्लिप जॉइंट', 'सूखा', 'आक्रमण', 'रूथ और रसूल', 'अपूर्व' आदि भी यू.आर. अनन्तमूर्ति की कथा-तकनीक और उनकी आधारभूत लेखकीय चिन्ताओं को अभिव्यक्ति देती हैं।</p>
<p>कहना ज़रूरी नहीं कि हमारे समय के शीर्षस्थ भारतीय लेखकों में अग्रगण्य यू.आर. अनन्तमूर्ति की ये कहानियाँ हिन्दी पाठकों को एक नए आस्वाद और भावलोक से परिचित कराती हैं।
Book Details
-
ISBN9788183614351
-
Pages20
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: कहानी सबसे प्राचीन कला है। जब दर्शन, विज्ञान, इतिहास नहीं थे, तब भी कहानियाँ थीं। यह इतिहास की जननी है। यह वह दृष्टि है, जो परतों के भीतर झाँक लेती है। कल्पना एवं अनुभव को प्रकट करने की आकांक्षा का प्रतिफल है कहानी। यह अंतर्मन के अनुभवों व भावनाओं की अभिव्यक्ति का माध्यम है। दार्शनिक तथा मनोवैज्ञानिक सिद्धांत कथाओं में ही मानवीय तरलता पाते हैं। रचनाएँ सूक्ष्म प्रक्रिया से गुजरती हैं, लगातार अपने भीतर उतरते जाना होता है, यह अनुभूति का क्षेत्र है। यह न अपने में समाधान है और न अध्यात्म। यह मन के भीतर चल रहे द्वंद्व से साक्षात्कार है। मन की दुनिया बड़ी निराली है। रचने का काम उगाने जैसा भी है। प्रत्येक कहानी लिखने से पहले किसान की तरह खेत की पूरी मिट्टी को कोड़ना पड़ता है। चेतना की गहराइयों में कोई बीज भूमि तोड़कर प्रकाश-दर्शन का मार्ग खोज रहा हो। रचना का सीधा संबंध जीवन से है। जो जीवन में है, वही साहित्य रचना में है। कहानी में एक पूरी जिंदगी आ जाती है। प्रसिद्ध कथाकार मृदुला बिहारी अपनी कहानियों में दार्शनिकता, मानवता तथा समाज के विविध पक्षों को बहुत सूक्ष्मता से उकेरती हैं। मानवीय संबंधों के महीन ताने-बाने का बोध कराती पठनीय कहानियाँ।
Kali Billiyon Ke Saaye Mein Chatori Chudail
- Author Name:
Uzma Kalam
- Book Type:

- Description: उज़्मा कलाम की कहानियाँ इतनी सहज और अनायास हैं कि एकदम पड़ोस की लगने के बावजूद उनका जादुई सम्मोहन देर तक अपनी गिरफ्त में लिए रहता है। ये कहानियाँ अक्सर दो विपरीत छोरों पर एक साथ चलती हैं इसलिए समय के मारक विरोधाभास इनमें ठोस और साकार होकर उपस्थित होते हैं। यहाँ एक तरफ एक क्रूर और निस्संग दुनिया है तो दूसरी तरफ फूलों से भी कोमल मन और उनके रंग और खूशबू। एक तरफ दारुण अभाव हैं तो दूसरी तरफ इतनी सघन भाव भरी स्मृतियाँ हैं कि वे एकदम मूर्तिमान होकर बारम्बार लौट आती हैं। विश्वसनीय जीवन यथार्थ और उसकी बन्दिशें हैं तो उनके जाल से बाहर निकलने को बेताब फन्तासियाँ और कल्पनाएँ भी हैं। यह कहानियाँ जीवन की धूप-छाँही निरन्तरता से अपना ताना-बाना लेती हैं। यहाँ अल्पसंख्यकों और हाशिए के जीवन की रोजमर्रा की जद्दोजहद के बीच, अतीत और वर्तमान, धर्म और आधुनिकता की तमाम बहसों और रिश्तों के दरमियाँ जीवन के अनेक संस्तरों से गुजरते हुए यह बार-बार जानना होता है कि चीजें इतनी इकहरी नहीं हैं जितनी बनाकर वह पेश की जाती हैं। इन कहानियों में एक जिद्दी दुनिया है जो हार भले जाती है पर जूझना नहीं छोड़ती। एक निहत्थी, पर मारक मासूमियत है जो संवेदना की सबसे भीतरी तहों में धँस-सी जाती है। स्त्रियाँ और बच्चे इन कहानियों के पर्यावरण का अनिवार्य हिस्सा हैं जो इन्हें देखने के एक अलग तर्क और तरीके की तरफ ले जाते हैं। अनेक यादगार स्त्री चरित्रों की उपस्थिति इन कहानियों को कभी न भूलनेवाली बना देती है। ‘काली बिल्लियों के साये में चटोरी चुड़ैल’ बेहतरीन कहानियों का एक ऐसा संग्रह है, जिसे हास्य और विडम्बना के अद्भुत ताने-बाने से बुना गया है। —कुणाल सिंह
Pratinidhi Kahaniyan : Akhilesh
- Author Name:
Akhilesh
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- Description: अखिलेश की कहानियाँ बातूनी कहानियाँ हैं...ग़ज़ब का बतरस है उनमें। वे अपने पाठकों से जमकर बातें करती हैं। अपने सबसे प्यारे दोस्त की तरह गलबहियाँ लेकर वे आपको आगे और आगे ले जाती हैं और उनमें उस तरह की सभी बातें होती हैं जो दो दोस्तों के बीच घट सकती हैं (कोई चाहे तो इसे कहानीपन भी कह सकता है)। यही वजह है कि बेहद गम्भीर विषयों पर लिखते हुए भी अखिलेश की कहानियाँ ज़बर्दस्ती की गम्भीरता कभी नहीं ओढ़ती हैं। पढ़ते हुए कई बार एक मुस्कान-सी होंठों पर आने को होती है। क्योंकि उनके यहाँ कोई बौद्धिक आतंक, सूचना का कोई घटाटोप या किसी और तरह का बेमतलब का जंजाल चक्कर नहीं काटता कि पाठक कहीं और ही फँसकर रह जाए...। इन कहानियों की एक और ख़ूबी यह भी है कि ये कहानियाँ पाठक से ही नहीं बात करती चलतीं, बल्कि ख़ुद उनके भीतर भी कई तरह के समानान्तर संवाद चलते रहते हैं। वे ख़ुद भी अपने चरित्रों से बतियाते चलते हैं, उनके भीतर चल रही उठा-पटक को अपने अखिलेशियन अन्दाज़ में सामने लाते हुए। क्या है ये अखिलेशियन अन्दाज़! उसकी पहली पहचान यह है कि वह बिना मतलब गम्भीरता का ढोंग नहीं करते, बल्कि उनकी कहानियाँ अपने पाठकों को भी थोपी हुई गम्भीरता से दूर ले जानेवाली कहानियाँ हैं। उनकी कहानियों का गद्य मासूमियत वाले अर्थों में हँसमुख नहीं है, बल्कि चुहल-भरा, शरारती पर साथ ही बेधनेवाला गद्य है।
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