Pratinidhi Kahaniyan : Rameshchandra Shah
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Author:
Rameshchandra ShahPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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रमेशचन्द्र शाह की कहानियों में शहरी मध्यवर्ग की ज़िन्दगी धड़कती है। अपनी कहानियों में उन्होंने इस वर्ग की अन्तहीन महागाथा को नया विस्तार दिया है। इस विस्तार का नयापन बहुस्तरीय है। विवरण और विश्लेषण के शिल्प में कहानी लिखते हुए भी शाह जी कहीं एकरस नहीं होते। असल में शाह जी प्रथमत: कवि हैं, इसलिए उनके कथ्य और भाषा में गहरी ऐन्द्रिकता और संवेदनशीलता है। उनकी रचना का यह गुण उनके कथाकार व्यक्तित्व की एक अलग श्रेणी बनाता है। शाह जी के पात्र मध्यवर्गीय परिस्थिति की विडम्बनाओं में फँसे हैं। लेकिन जीवन विरोधियों के बीच भी वे जीवन जीने की गहरी इच्छा से जुड़े हैं। पात्रों की यह महत्त्वपूर्ण विशेषता है। उनके चरित्र जीवन्त और अविस्मरणीय हैं। अविस्मरणीय इसलिए कि कथा में अपने प्रवेश के साथ ही वे चरित्र हमारी ज़िन्दगी में शामिल हो जाते हैं। इन चरित्रों से मिलते ही लगता है कि उनसे हमारा पहले से ही गहरा परिचय और आत्मीयता है। शाह जी के इन चरित्रों से रूबरू होते आपको भी अपने वे परिचित सहज ही मिल जाएँगे जो कहीं दूर छूट गए हैं, लेकिन आज भी आपके जीवन में लगातार शामिल हैं।
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रमेशचन्द्र शाह की कहानियों में शहरी मध्यवर्ग की ज़िन्दगी धड़कती है। अपनी कहानियों में उन्होंने इस वर्ग की अन्तहीन महागाथा को नया विस्तार दिया है। इस विस्तार का नयापन बहुस्तरीय है। विवरण और विश्लेषण के शिल्प में कहानी लिखते हुए भी शाह जी कहीं एकरस नहीं होते। असल में शाह जी प्रथमत: कवि हैं, इसलिए उनके कथ्य और भाषा में गहरी ऐन्द्रिकता और संवेदनशीलता है। उनकी रचना का यह गुण उनके कथाकार व्यक्तित्व की एक अलग श्रेणी बनाता है। शाह जी के पात्र मध्यवर्गीय परिस्थिति की विडम्बनाओं में फँसे हैं। लेकिन जीवन विरोधियों के बीच भी वे जीवन जीने की गहरी इच्छा से जुड़े हैं। पात्रों की यह महत्त्वपूर्ण विशेषता है।
उनके चरित्र जीवन्त और अविस्मरणीय हैं। अविस्मरणीय इसलिए कि कथा में अपने प्रवेश के साथ ही वे चरित्र हमारी ज़िन्दगी में शामिल हो जाते हैं। इन चरित्रों से मिलते ही लगता है कि उनसे हमारा पहले से ही गहरा परिचय और आत्मीयता है।
शाह जी के इन चरित्रों से रूबरू होते आपको भी अपने वे परिचित सहज ही मिल जाएँगे जो कहीं दूर छूट गए हैं, लेकिन आज भी आपके जीवन में लगातार शामिल हैं।
Book Details
-
ISBN9788171783205
-
Pages158
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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