Ganzifa Aur Anya Kahaniyan
Author:
Naiyar MasoodPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 319.2
₹
399
Available
“हिन्दी और उर्दू के बीच संवाद, आवाजाही और लेन-देन हिन्दी परम्परा का एक ज़रूरी हिस्सा रहे हैं। उर्दू साहित्य का बहुत बड़ा हिस्सा देवनागरी और हिन्दी में पढ़ा-गुना-सराहा जाता रहा है। हमें इसी क्रम में उर्दू के मशहूर कथाकार नैयर मसूद की कहानियों का एक चयन हिन्दी में प्रस्तुत करते हुए ख़ुशी है। यह सिर्फ़ एक समृद्ध भारतीय प्रतिभा से परिचित कराने भर का उद्यम नहीं है, यह इस सच्चाई पर इसरार करना भी है कि उर्दू में नवाचार सशक्त ढंग से अनेक रूपों में हो रहा है। इस नवाचार का आस्वाद हिन्दी पाठक को भी लेना चाहिए।”</p>
<p>—अशोक वाजपेयी
ISBN: 9788126730988
Pages: 147
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Kahaniyan Rishton Ki : Prem
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

- Description: प्रेम एक बहुआयामी और छलिया शब्द! अपना ही विरोधी! आह्लादकारी और यातनादायी दोनों रहा है संसार के लिए यह शब्द। प्रेम और समाज दो विपरीत ध्रुव हैं और उनके बीच खड़ा है, दोनों को सहेजता मनुष्य। हम सबका जीवन ऐसी प्रेम कहानी/कहानियाँ होता है जिसका/जिनके क्लाइमेक्स अज्ञात या अन्तविहीन होते हैं। यह संकलन उन ख़ास कहानियों को चुनकर तैयार किया गया है, जिनमें प्रेम प्रखरता से उपस्थित है। वही प्रेम जो उबरने में नहीं, डूबने में सार पाता है...अपने प्रिय को खोकर प्रेम को पाने का गुमान रखने वाले साधारण, सिरफेरे चरित्रों की असाधारण कहानियाँ।
Pratinidhi Kahaniyan : Kashinath Singh
- Author Name:
Kashinath Singh
- Book Type:

- Description: साठोत्तरी पीढ़ी के जिन प्रगतिशील कथाकारों ने हिन्दी कहानी को नई ज़मीन सौंपने का काम किया, काशीनाथ सिंह का नाम उनमें विशेष महत्त्व रखता है। इस संग्रह में उनकी बहुचर्चित कहानियाँ शामिल की गई हैं। ध्वस्त होते पुराने समाज, व्यक्ति-मूल्यों तथा नई आकांक्षाओं के बीच जिस अर्थद्वन्द्व को जन-सामान्य झेल रहा है, उसकी टकराहटों से उपजी, भयावह अन्तःसंघर्ष को रेखांकित करती हुई ये कहानियाँ पाठक को सहज ही अपनी-सी लगने लगती हैं। इनमें हम वर्तमान राजनीतिक ढाँचे के तहत पनप रही मूल्य-भ्रंशता को भी देखते हैं और जीवन-मूल्यों की पतनशील त्रासदी को भी महसूस करते हैं। समकालीन यथार्थ की गहरी पकड़, भाषा-शैली की सहजता और एक ख़ास क़िस्म का व्यंग्य इस सन्दर्भ में पाठक की भरपूर मदद करता है। वह एक प्रगतिशील मूल्य-दृष्टि को अपने भीतर खुलते हुए पाता है, क्योंकि काशीनाथ सिंह के कथा-चरित्र विभिन्न विरोधी जीवन-स्थितियों में पड़कर स्वयं अपना-अपना अन्तःसंघर्ष उजागर करते चलते हैं और इस प्रक्रिया में लेखकीय सोच की दिशा सहज ही पाठकीय सोच से एकमेक हो उठती है।
O Henry Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
O Henry
- Book Type:

- Description: श्रेष्ठ कहानियाँ—“मेहरबानी करके दो बासी पावरोटी।“ यह तो बहुत अच्छी तसवीर है,मादाम!”मिस मार्था जब रोटी लपेट रही थीं तो उसने कहा।“हाँ।” मिस मार्था ने अपनी ही चालाकी पर खुश होते हुए कहा, “मुझे कला और (नहीं, अभी इतनी जल्दी ‘कलाकार’ कहना ठीक नहीं रहेगा) पेंटिंग बहुत अच्छे लगते हैं।” उसने शब्द बदलते हुए कहा, “तुम सोचते हो, यह एक अच्छी तसवीर है?” “महल,” ग्राहक ने कहा, “यह अच्छी नहीं बनी है। इसका परिप्रेक्ष्य सही नहीं है। गुड मॉर्निंग, मादाम!” —इसी संग्रह से विश्व-प्रसिद्ध अमेरिकी साहित्यकार ओ. हेनरी को एक मुकदमे में तीन वर्ष जेल में बिताने पड़े। यहाँ एक सदाचारी कैदी के रूप में रहते हुए उन्हें गरीबों और दबे-कुचलों के प्रति दया-भाव उत्पन्न हुआ और फिर यहीं से उनकी उत्कृष्ट कहानियों का जन्म हुआ। उपदेशपरक, मनोरंजक एवं आह्लादकारी कहानियों का संग्रह।
Sukh Aur Dukh Ka Sath
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
सामाजिक बाधाग्रस्त स्थितियों के प्रति प्रगीतात्मक दिलचस्पी अमरकान्त की कहानियों में प्रायः नहीं मिलेगी, इसके बावजूद भावनात्मक दुनिया की छोटी-बड़ी हलचलें हमें उद्वेलित करती रहती हैं। नाटकीयता घटना में भी होती है और रचनाकार के दृष्टिकोण में भी, और अमरकान्त ने घटना और दृष्टिकोण के सामंजस्य के द्वारा कुछ बेहद सार्थक परिस्थितियाँ गढ़ी हैं।
अमरकान्त के इस कथा-संसार को एक जीवित जाति की सम्पत्ति की तरह देखकर ही इस सम्भावना को बल मिलता है कि उनके कथाकार ने भय और त्रास के साथ ही जीवन की सम्भावनाओं के लिए अपने संघर्ष को जीवित रखा है। राष्ट्रीय जीवन की पहचान में इन कहानियों के संसार की एक केन्द्रीय भूमिका है। जीवित जाति अपनी लड़ाई रचना की सरहदों के भीतर लड़कर भी तय करती है, इसका विश्वास इन कहानियों को पढ़कर दृढ़ होता है।
Das Chakra Raja
- Author Name:
Harish Chandra Pandey
- Book Type:

-
Description:
‘दस चक्र राजा’ कवि के रूप में प्रसिद्धि प्राप्त कर चुके हरीश चन्द्र पाण्डे का पहला कहानी-संग्रह है। इन कहानियों को पढ़ते हुए स्पष्ट प्रतीत होता है कि कवि-दृष्टि के साथ जीवन के गद्यात्मक यथार्थ को चित्रित करने में लेखक को पूर्ण सफलता प्राप्त हुई है।
इन कहानियों के केन्द्र में सामान्य मनुष्य हैं। लगभग निम्न-मध्यमवर्ग के व्यक्ति। संग्रह की कहानियाँ इन व्यक्तियों के छोटे-छोटे सुखों और दु:खों को व्यक्त करती हैं। लेखक ने सूक्ष्म पर्यवेक्षण का परिचय देते हुए जैसे इस जीवन को शब्दों में पुनरुज्जीवित किया है।
बहुतेरी कहानियाँ स्त्रियों के अन्तरंग की झलक हैं। लेखक ने ‘स्त्री-विमर्श’ के ‘मार्मिक मुहावरे’ का लोभ त्यागकर यथार्थ को इसके सम्यक् स्वरूप में प्रस्तुत किया है। यही कारण है कि ‘वह फूल छूना चाहती है’, ‘प्रतीक्षा’, ‘कुन्ता’, ‘ढाल’ जैसी कहानियाँ मन में बस जाती हैं।
हरीश चन्द्र पाण्डे की अभिव्यक्ति में अनुभवों का वैविध्य है। ‘बोहनी’, ‘साथी’ व ‘प्रोत्साहन’ कहानियों से इसे परखा जा सकता है। अपनी सरलता और सहजता में ये रचनाएँ बेजोड़ हैं। शब्द-स्फीति के संक्रामक समय में लेखक का संयम और सन्तुलन सराहने योग्य है। भाषा में अद्भुत लय है, जैसे—‘अरे भई, शब्द की अपनी एक सुगन्ध होती है? व्याप्ति होती है?...बुरूंश कहते ही चारों ओर उजाला-सा फैल जाता है। फूलों से लदी पहाड़ियों और घरों की देहरियाँ कौंधने लगती हैं?’
इन कहानियों को पढ़ना सहज दिखते जटिल यथार्थ से गुज़रना है।
Hawa Bahut Tez Hai
- Author Name:
Kailash Banwasi
- Book Type:

- Description: कैलाश बनवासी ऐसे विरल कथाकार हैं जिनकी कहानियों में समाज के हाशिए के लोग बुलंद होकर बोलते हैं। ‘हवा बहुत तेज़ है’ उनका आठवाँ कहानी-संग्रह है जिसमें कुल ग्यारह कहानियाँ संकलित हैं। इन कहानियों के नायक एक तरफ़ मिस्त्री, प्लम्बर, चपरासी, वार्ड ब्वाय और रोज़गार की जद्दोजहद में फँसे युवा हैं तो दूसरी तरफ़ मध्यवर्ग के ऐसे अधेड़ हैं जिन्होंने बाज़ार और भ्रष्टाचार के बीच अपना ईमान और अच्छाइयाँ बचा रखी हैं या कि ऐसे मध्यवर्गीय लोग जो नए ज़माने की हवा के असर में तो हैं पर देश, काल और समाज का यथार्थ उन्हें अपनी तरफ़ खींच रहा है। ‘दाग़ अच्छे हैं’, ‘एक पुराना आदमी’, ‘मथुरा प्रसाद उर्फ़ राहत का एक नाम’, ‘गोपाल का गाना’ जैसी कहानियाँ कामगार वर्ग के बारे में अनेक शहरी मध्यवर्गीय पूर्वाग्रहों को तार-तार करने का काम करती हैं। ‘सब कुछ ठीक-ठाक है’ में कुछ भी ठीक-ठाक नहीं है। यह पहले से ही तबाह लोगों के कोरोना काल में बर्बाद हो जाने की कहानी है। यह उस लालची विसंगति की भी कहानी है जहाँ बहुतेरे प्लांट मालिकों ने कोरोना के नाम पर कंपनी को दिवालिया घोषित करवा के जनता का धन डकार लिया। दूसरी ओर उनमें काम करने वाले लोग सड़क पर आ गए। रोजगार की स्थितियाँ और उनके लिए संघर्ष दिन पर दिन बदतर ही होते गए हैं। ‘उन आँखों में अब कोई सपना नहीं है’ पढ़ते हुए बरबस अमरकान्त की कालजयी कहानी ‘डिप्टी कलेक्टरी’ याद आती है। ‘ज्ञान-विज्ञान-संज्ञान’ आज की उस उलटबाँसी को मानीख़ेज तरीक़े से रचती है जहाँ चीज़ों को देखने का एक अवैज्ञानिक रवैया सब तरफ़ पसर रहा है और विडम्बना यह है कि उसे विज्ञान के दम पर ही सत्य भी बताने की कोशिश की जा रही है। इन कहानियों में कुछ लोगों के किसी भी क़ीमत पर बहुत तेज़ आगे बढ़ते जाने के बीच उन लोगों का जीवन-संघर्ष और सुख-दुःख दर्ज हुआ जिन्होंने अपने जीवन-मूल्यों से समझौता नहीं किया और दिशाहीन बदलाव की तेज़ हवा के बीच तनकर खड़े हैं। कैलाश को अमरकान्त और स्वयंप्रकाश जैसे सिद्ध कथाकारों की पंक्ति में रखकर देखा जाना चाहिए। इन कहानियों को पढ़ना अपने आसपास की दुनिया से नए सिरे से परिचित होना है, एक तेज़ भागमभाग में जिसकी तरफ़ से हमने निगाह फेर ली है।
Barzakh
- Author Name:
Abbas Pathan
- Book Type:

- Description: राजस्थान के जोधपुर शहर से ताल्लुक रखने वाले अब्बास पठान का नाम ख़बर की ख़बर रखने वालों में से है। आप सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चित हैं एवं अपनी व्यंग्यात्मक शैली, राजनैतिक स्तंभ, गंभीर लेखन और कहानियों के ज़रिए जाने जाते हैं। पूर्व में आपका कहानी-संग्रह “राक्षस राज्य” नाम से प्रकाशित हो चुका है जिसे पाठकों का बहुत प्यार मिला। आपकी कहानियों पर हिंदी, मराठी और गुजराती भाषाओं में अनेकों वॉइस वीड़ियो बने हैं जिन्हें करोड़ों श्रोताओं का अपार प्रेम प्राप्त हुआ।
Short Stories from Pakistan
- Author Name:
Intizar Hussain +2
- Rating:
- Book Type:

- Description: The short stories - written originally in Urdu, Punjabi, Sindhi, Pushto and Saraiki, and now translated into English - showcased in this anthology engage with the above questions in their own ways, articulating a multiplicity of voices and experiences. They chrocle the birth of Pakistan nation in traumatic circumstances and its schequered history over the past fifty yearsthrough depicting the "desire and aspirations, fear and horror, pride, shame, helplessness and a thousand other unnamed feelings" of their protagonists. While doing so, they also depict the immensely varied and rich tapestry of the cultural life in Pakistan.
Kitna Bada Jhooth
- Author Name:
Usha Priyamvada
- Book Type:

-
Description:
पाँचवें दशक में हिन्दी के जिन कथाकारों ने पाठकों और समीक्षकों का ध्यान सबसे ज़्यादा आकर्षित किया उनमें उषा प्रियम्वदा का नाम अत्यन्त महत्त्वपूर्ण है। पिछले कई दशकों से ये निरन्तर सृजनरत हैं और इस अवधि में इन्होंने जो कुछ लिखा है वह परिमाण में कम होते हुए भी विशिष्ट है, जिसका प्रमाण है ‘कितना बड़ा झूठ’ की ये कहानियाँ।
प्रस्तुत संग्रह की अधिकांश कहानियाँ अमेरिकी अथवा यूरोपीय परिवेश में लिखी गई हैं। और जिन कहानियों का परिवेश भारतीय है उनमें भी प्रमुख पात्र, जो प्रायः नारी है, का सम्बन्ध किसी-न-किसी रूप में यूरोप अथवा अमेरिका से रहता है। इस एक तथ्य के कारण ही इन कहानियों को, बहुचर्चित मुहावरे की भाषा में, भोगे हुए यथार्थ की संज्ञा भी दी जा सकती है और इसी तथ्य के कारण इन कहानियों में आधुनिकता का स्वर भी अधिक प्रबल है।
डॉ. इन्द्रनाथ मदान के शब्दों में : ‘उषा प्रियम्वदा की कहानी-कला से रूढ़ियों, मृत परम्पराओं, जड़ मान्यताओं पर मीठी-मीठी चोटों की ध्वनि निकलती है, घिरे हुए जीवन की उबासी एवं उदासी उभरती है, आत्मीयता और करुणा के स्वर फूटते हैं। सूक्ष्म व्यंग्य कहानीकार के बौद्धिक विकास और कलात्मक संयम का परिचय देता है, जो तटस्थ दृष्टि और गहन चिन्तन का परिणाम है।’
अपने पहले संग्रह ‘ज़िन्दगी और गुलाब’ के फूल से लेकर अब तक विषय-वस्तु और शिल्प की दृष्टि से लेखिका ने विकास की जो मंज़िलें तय की हैं, उनका जीवन्त परिचय पाठकों को ‘कितना बड़ा झूठ’ की कहानियों से मिलेगा।
SHRESHTHA LATIN AMERIKI KAHANIYAN
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description: श्रेष्ठ लैटिन अमेरिकी कहानियाँ प्रस्तुत है—विश्व के महान लातिन अमेरिकी कथाकारों बोर्गेस, मार्खेज़, कोर्टाज़ार, रोसा और इज़ाबेल की कालजयी कहानियों का यह मूल्यवान संग्रह हिंदी पाठकों के लिए।
Akbar Birbal Ki Nok Jhonk
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description: अकबर और बीरबल के व्यंग्य-विनोद से सजी कहानियों का यह संग्रह जीवन की कठिनतम परिस्थितियों में भी सूझ का दामन थामे रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रेरणा देने का माद्दा रखता है। अकबर-बीरबल की चुहल-भरी इन कहानियों में जीवन की अठखेलियाँ हैं तो समय का विद्रूप भी। लोभ, ईर्ष्या और स्वार्थ की अचम्भित कर देनेवाली अनेक घटनाओं से अप्रभावित रह सकने के सूझ-भरे दृष्टिकोणों का हैरतअंगेज चित्रण भी इस संग्रह की कहानियाँ करती हैं। सच कहा जाए तो अकबर और बीरबल के बीच चलनेवाली नोक-झोंक में जीवन के गूढ़ रहस्य पैवस्त हैं जो पाठक को हौसला भी देते हैं, और गुदगुदाते भी हैं। ये कहानियाँ हँसी का दामन थामे हुए चलना सिखाती हैं और बताती हैं कि उन्मुक्त परिहास का असर किस तरह स्थायित्व ग्रहण कर लेता है। संग्रह की कहानियों के विषय-वैविध्य लुभाते हैं। जीवन-व्यापार की समस्त विसंगतियों और विडम्बनाओं के साथ सहज हास्य को सहेजती-बटोरती चलती ये कहानियाँ जीवन के गूढ़ रहस्यों को खोलती हैं।
Gupt Dhann : Vol. 1-2
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Cyclopedia
Titli Dhoop
- Author Name:
Bhalchandra Joshi
- Book Type:

-
Description:
‘तितली धूप’ संग्रह की कहानियों में ऐसी स्मृतियाँ और अनभिव विन्यस्त हैं जिनमें खिले हुए रंगीन फूलों की खुशबू और उन्माद है तो खुले घाव से रिसते दर्द की कसक भी है।
एक सघन-समृद्ध भाषा जीवन यथार्थ की तमाम संश्लिष्टता और सिलवटों से अविच्छिन्न नाता बनाए रखती है। अमूर्तन और यथार्थ का दुर्लभ संतुलन इन कहानियों में ऐसे दृश्य रचता है जो पाठक को सुखद विस्मय से भर देता है।
इस संग्रह में ग्रामीण और आदिवासी जीवन की कहानियाँ भी हैं जिनमें दुख, शोषण, गरीबी और बर्बर होते समय की यथार्थ और पारदर्शी छवियाँ हैं। साथ ही भूमंडलीकरण के उत्तर समय के आतंक और सूचना-तकनीक की धूर्त प्रविधियों को कहानी की घटनात्मकता में जीवन मूल्यों की चुनौती की तरह प्रस्तुत किया गया है।
इन कहानियों में मनुष्य की गरिमा और उसकी करुणा का संसार है जो इसके विनाश में लाभ का अवसर देखने वाले कारक आशयों तक ले जाकर उनके लिए घृणा का प्रति संसार भी रचती हैं। बाजार की बदनीयती को समझने के बावजूद व्यक्ति अपने ज्ञान के अकेलेपन के साथ रहने को अभिशप्त है। इन कहानियों में लोभ-मग्न होते जा रहे इस उत्तर आधुनिक समय में व्यक्ति की जकड़न की यंत्रणा और मुक्ति की इच्छा, दोनों मौजूद हैं। यहाँ मनुष्य के गरिमापूर्ण सुखद जीवन की दृढ़ लेकिन सरल माँग है।
ये कहानियाँ संघर्ष और आवेश को उस संयम और धैर्य के साथ प्रस्तुत करती हैं जो आशयों और सरोकारों के लिए जरूरी है।
Yani Ki Ek Baat Thee
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

-
Description:
कुछ ही दिन पहले मेरी दो कहानियाँ पढ़कर दो पाठकों के क्रोध–भरे पत्र आए। एक ने लिखा था कि ‘अपने लेखों और अन्य कार्यक्रमों में मैं स्त्री–मुक्ति और आत्मनिर्भरता की बात करती हूँ, जबकि इस कहानी की नायिका की घुटन-भरी—दब्बू ज़िन्दगी हमें कोई ऐसा ‘सन्देश’ नहीं देती।’ दूसरे पाठक ने भी घुमा–फिराकर यही पूछा था कि ‘ठीक है, पात्रों की निजी दुनिया के दबावों और उनके सुख–दु:ख से कहानी हमारा साक्षात्कार तो कराती है, पर यह अन्त में आकर हमें ‘सिखाती’ क्या है ?’ मुझे लगता है कि एक बोझिल हितोपदेशी पाठ्यक्रम की किताबों से ‘साहित्य’ पढ़कर निकले ऐसे पाठक रचनात्मक साहित्य की आत्मा से अपरिचित ही रह आए हैं।
मुझे खेद है, मेरी कहानियाँ इनकी थोथी उपदेश–तृष्णा नहीं बुझा सकतीं। हर कहानी या उपन्यास घटनाओं–पात्रों के ज़रिए सत्य से एक आंशिक और कुतूहल-भरा साक्षात्कार होता है। साहित्य हमें जीवन जीना सिखाने के बजाय टुकड़ा–टुकड़ा ‘दिखाता’ है, वे तमाम नर्क–स्वर्ग, वे राग–विराग, वे सारे उदारता और संकीर्णता–भरे मोड़, जिनका सम्मिलित नाम मानव–जीवन है।
जो साहित्य उघाड़ता है, वह अन्तिम सत्य या सार्वभौम आदर्श नहीं, बहुस्तरीय यथार्थ होता है। हाँ, यदि जीवन में आदर्श या सत्य अनुपस्थित या अवहेलित हैं, तो उस विडम्बना को भी वह जताता जाता है। मेरी तहत साहित्य को रचना, परोक्ष रूप से सत्य से आंशिक साक्षात्कारों की ऐसी ही एक शृंखला पाठकों के लिए तैयार करना होता है, जिसके सहारे एक सहृदय व्यक्ति अपनी चेतना, अपनी संवेदना और अभिव्यक्ति–क्षमता का सहज ही कुछ और विस्तार होता पाए। चिन्तनपरक लेख और रचनात्मक लेखन के बीच का फ़ासला तर्कसंगत ज्ञान और संवेदनात्मक समझ के बीच का फ़ासला है।
Sanatan Buddha, Shashvat Yogi
- Author Name:
Shashank Mahalwal
- Book Type:

- Description: यह कहानी चेतना की रहस्यमयी विशेषताओं पर आधारित है। इस कहानी में लेखक ने चेतना की एक ऐसी विशेषता पर प्रकाश डाला है, जिसे साधारणत: आज तक चेतना की लीला में अनदेखा किया गया है और चेतना की उस विशेषता का नाम है जिज्ञासा । इस कहानी में लेखक ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि जिज्ञासा ही वह शक्ति थी, जिसने क्रम- विकास को दिशा प्रदान की और जिज्ञासा ही वह शक्ति थी, जिसने सिद्धार्थ गौतम को समाधि को प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान की । जिज्ञासा चेतना की एक ऐसी शक्ति है, जिसकी कार्यप्रणाली को अभी तक पूर्ण रूप से समझा नहीं गया है। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने जिज्ञासा की ऐसी ही रहस्यमयी विशेषताओं पर प्रकाश डाला है, जो जीवन का भी मार्गदर्शन करती हैं तथा अपनी भूमिका पदार्थ एवं ऊर्जा-जगतृ में भी निभाती हैं। ब्रह्मांड और जीवन में जिज्ञासा की भूमिका को समझाने के साथ- साथ लेखक ने इस कहानी में यह भी समझाने का प्रयास किया है कि योग और ध्यान वास्तविकता में जीवन को लीला में क्या भूमिका निभाते हैं तथा किस प्रकार मानव इनकी सहायता से बुद्ध के आयाम को प्राप्त कर सकता है।
Baharhaal, Dhanyavaad
- Author Name:
Achala Bansal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Koi Khushboo Udas Karti Hai
- Author Name:
Neelima Sharma Nivia
- Book Type:

- Description: Book
Pratinidhi Kahaniyan : Jaishankar Prasad
- Author Name:
Jaishankar Prasad
- Book Type:

- Description: महाकवि के रूप में सुविख्यात जयशंकर प्रसाद हिन्दी नाट्य-जगत और कथा-साहित्य में भी एक विशिष्ट स्थान रखते हैं। ‘स्कंदगुप्त‘, ‘चन्द्रगुप्त’ और ‘ध्रुवस्वामिनी’ सरीखे नाटक और ‘तितली’, ‘कंकाल’ और ‘इरावती’—जैसे उपन्यास तथा ‘आकाशदीप’, ‘मधुआ’ और ‘पुरस्कार’ जैसी कहानियाँ उनके गद्य लेखन की अनुलंघ्य ऊँचाइयाँ हैं। यहाँ प्रसाद की प्रायः सभी चुनिन्दा कहानियाँ संकलित हैं, जिनसे गुज़रते हुए हमें न सिर्फ़ भारतीय दर्शन की सुखवादी मूल्य-मान्यताओं की अनुगूँजें सुनाई पड़ती हैं, बल्कि सामाजिक यथार्थ के अनेक अप्रिय स्तरों तक भी जाना पड़ता है। वास्तव में प्रसाद के लिए साहित्य की रचना एक सांस्कृतिक-कर्म है और भारतीय परम्परा के प्राचीन अथवा उसके सनातन मूल्यों में गहन आस्था के बावजूद वे मनुष्य की वैयक्तिक मुक्ति के आकांक्षी नहीं हैं। व्यक्ति हो या समाज, वे उसे स्वाधीन और रूढ़िमुक्त देखना चाहते हैं। यही कारण है कि इन कहानियों में ऐसे अविस्मरणीय चरित्रों का बाहुल्य है, जो स्वाधीनता और मानव-गरिमा को सर्वोपरि मानते हैं। इतिहास और संस्कृति के ऐसे अनेक मनोरम दृश्यचित्र इन कहानियों में उकेरे गए हैं, जो हमें न केवल मुग्ध कर देते हैं, बल्कि कुछ सोचने पर भी विवश करते हैं।
Ashtray
- Author Name:
Haider Rizvi
- Book Type:

- Description: एक नहीं दो नहीं सैंकड़ों देंगे देखे हैं मैने... मैने बंगाल की चीख़ती माएँ देखी हैं, मैंने लाहौर की सड़कों पर काट कर गिराए गए स्तन देखे हैं, मैंने बम्बई की झुग्गियों में कई बार अपने पेट से निकलती चीख़ को अपने गले तक आते आते घुट जाते हुए देखा है, मैंने बिहार में अपने पैरों के बीच सर्द लोहे के सलाख़ की ठंडक महसूस की है, मैने चौरासी में गोरी-भरे बदन की पंजाबिनें तलाशती आँखें देखी हैं, मैंने गुजरात में अपने पेट में पड़े बच्चे की हर झटके पर निकलती हुई ख़ामोश चीखें सुनी हैं... मैंने सभी दंगों को देखा है... और अपनी इन्हीं आँखों से देखा है.... क्यूंकि दंगे सिर्फ़ एक औरत ही देख सकती है... औरत के लिए दंगा कोई ख़बर नहीं होता, कोई घटना नहीं होती, और इतिहास तो बिलकुल भी नहीं होता.. दंगा उसके लिए एक वो चीज़ होती है जो हमेशा घटती रहती है, जिसे वो हमेशा जीती रहती है, जिसे वो अच्छी तरह पहचानती है और हाँ, सिर्फ़ वही पहचानती है.... लेकिन मैं क्यों वक़्त रहते नहीं पहचान पायी? - इसी पुस्तक से -
Phoolo Ka kurta
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है।
‘फूलो का कुर्ता’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘आतिथ्य’, ‘भवानी माता की जय’, ‘शिव-पार्वती’, ‘ख़ुदा की मदद’, ‘प्रतिष्ठा का बोझ’, ‘डरपोक कश्मीरी’, ‘धर्मरक्षा और ज़िम्मेवारी’।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book