Delightful Novella (Volume-2)
(0)
Author:
Dr.Sanjay RoutPublisher:
ISL PUBLICATIONSLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections₹
120
102 (15% off)
Unavailable
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Delightful Novella (Volume-2) is a collection of short stories that explores the darker side of life. The stories are inspired by true events and are written in a way that pulls you into the characters' lives. These are not your typical tales of heroes and villains; they're about people who make mistakes and learn from them, people who have to face their demons and fight back against them. They're about love and loss, about how we sometimes have to do things we don't want to do in order to find out who we really are at the end of the day.
Read moreAbout the Book
Delightful Novella (Volume-2) is a collection of short stories that explores the darker side of life. The stories are inspired by true events and are written in a way that pulls you into the characters' lives.
These are not your typical tales of heroes and villains; they're about people who make mistakes and learn from them, people who have to face their demons and fight back against them. They're about love and loss, about how we sometimes have to do things we don't want to do in order to find out who we really are at the end of the day.
Book Details
-
ISBN8222665194
-
Pages98
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kuchh Bhi To Rumani Nahi
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: Short Stories
Meri Chuninda Kahaniyan
- Author Name:
Ashok Gujarati
- Book Type:

- Description: Book
Ghuspaithiye
- Author Name:
Omprakash Valmiki
- Book Type:

-
Description:
ओमप्रकाश वाल्मीकि के इस संग्रह की तमाम कहानियाँ दलित सन्दर्भों से जुड़ी हुई हैं। यह दलित जीवन का यथार्थ है जिसे कहानीकार ने इन कहानियों में निहायत ही संजीदगी से, यथार्थ के प्रति वस्तुनिष्ठ रहते हुए, कहानी के रचना-विधान की संगति में दृष्टिकोण के समूचे खुलेपन के साथ चित्रित किया है। ये बेधक और मार्मिक कहानियाँ हैं।
व्यवस्था के प्रति गहरा आक्रोश, कथा-विन्यास के अनुरूप तर्क और विचार, अनुभवजन्य ये कहानियाँ दलितों के सुख-दुःख, उनकी मुखरता और संघर्ष की कहानियाँ हैं।
वस्तुगत यथार्थ की संगति में जिस रचनात्मक कौशल के साथ इन कहानियों को ओमप्रकाश वाल्मीकि इस बिन्दु तक लाए हैं, वह उनके कहानीकार की ताक़त का साक्ष्य है। इन कहानियों में दलित और स्त्री की पीड़ाएँ मिलकर एक हो गई हैं। ओमप्रकाश वाल्मीकि में विवश, आन्तरिक घृणा का यह विस्फोट सृजनात्मक ऊर्जा का स्रोत है।
ये कहानियाँ सिर्फ़ दलित लेखन के दायरे की ही कहानियाँ नहीं हैं, बल्कि उनमें उनकी रचना-सामर्थ्य और उनकी सोच के जो पहलू उभरे हैं, वे उन्हें हिन्दी की यथार्थवादी कहानी की परम्परा का कहानीकार सिद्ध करते हैं।
ओमप्रकाश वाल्मीकि कहानी के शिल्प, अन्तर्वस्तु, सौन्दर्य तथा पाठक पर उसके समग्र प्रभाव का ध्यान रखनेवाले रचनाकार हैं।
Sunahari Ungaliyan
- Author Name:
Nasira Sharma
- Book Type:

-
Description:
मेहनतकश लोगों के सुख-दुख, राग-द्वेष, हँसी-ख़ुशी, जिजीविषा और उनके जीवन के तमाम अनुभवों से भरी कहानियों का संग्रह है—‘सुनहरी उँगलियाँ’। हमारे शानदार अतीत की सुन्दर व भव्य निशानियों से सजी हमारी यह दुनिया हमें प्रेरणा देती है कि जीवन सदैव बहता है, इनसान आता और चला जाता है लेकिन जीवन के इस प्रवाह के बीच मेहनतकशों के हुनर और कारीगरी की रचनात्मक उपलब्धियाँ हमेशा बची रहती है। हम पीढ़ी-दर-पीढ़ी सँजोते आ रहे हैं।
इस संग्रह की कहानियों में कई ऐसे किरदार हैं जिनके हाथों में बेहतरीन हुनर है। ‘आँचल के बीज’ और ‘सुनहरी उँगलियाँ’ शीर्षक कहानियों के साथ-साथ ‘शीराज़ लोहार’, ‘फुलवा’ जैसी कहानियों में ऐसे ही कुछ ज़िन्दादिल किरदार हैं जो हिन्दुस्तान की सामासिक संस्कृति को उजागर करते हैं। इसके अतिरिक्त संग्रह की कई कहानियों में जटिल सामाजिक संरचना पाठकों को किरदारों की ज़िन्दादिली के क़रीब ले जाती है। ऐसी कहानियों में ‘अलाव’, ‘सबूत’, ‘फ़ितरत’, ‘क्रोशिया के फंदे’, ‘ख़ौफ़’, ‘रामपुरी चाकू’ आदि उल्लेखनीय हैं। नासिरा शर्मा की कहानियों में भारतीय मानस की जटिलताओं का संवाद मानवीय रिश्तों की पारिवारिक संरचना के साथ आत्मसात हो जाता है और यहीं से गंगा-जमुनी तहजीब की पकड़ से ‘सदाबहार का फूल’, ‘स्वर्ग व नर्क का फ़ासला’, ‘ईदी’, ‘नये रंग की गन्ध’, ‘हथेली में पोखर’ जैसी कहानियाँ बन पड़ती हैं जो सामाजिक सौहार्द का निर्वाह करती हैं।
बीस साल बाद आ रहा नासिरा शर्मा का यह कहानी-संग्रह बीते समय की सामाजिक हलचलों की अक्कासी करता है और इन कहानियों का कथानक-शिल्प एवं कथा-भाषा का प्रवाह उनके पाठकों के लिए एक उपहार है।
Adhoore Afsaane
- Author Name:
Lavnya Deepak Shan
- Book Type:

- Description: Books
Teen Nigahon Ki Ek Tasvir
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

-
Description:
‘आपका बंटी’ और ‘महाभोज’ जैसे कालजयी उपन्यासों की रचयिता मन्नू भंडारी की कहानियाँ अपने मन्तव्य की स्पष्टता, साफ़गोई और भाषागत सहजता के लिए ख़ास तौर पर उल्लेखनीय रही हैं। उनकी कहानियों में जीवन की बड़ी दिखनेवाली जटिल और गझिन समस्याओं की गहराई में जाकर, उनके तमाम सूत्रों को समेटते हुए, एक सरल, सुग्राह्य और पठनीय रचना को आकार दिया जाता है।
इस संग्रह में शीर्षक-कहानी के अलावा शामिल ‘अकेली’, ‘अनथाही गहराइयाँ’, ‘खोटे सिक्के’, ‘हार’ और ‘चश्मे’ आदि सभी कहानियाँ जीवन के विभिन्न सन्दर्भों को एक ख़ास रचनात्मक आलोचना-दृष्टि से देखते हुए पाठक को सोचने और अपने वातावरण को एक नई, ताज़ा निगाह से देखने को प्रेरित करती हैं।
Contemporary Indian Short Stories in English
- Author Name:
Shiv K. Kumar
- Rating:
- Book Type:

- Description: This well-chosen collection of 24 short stories contains some of the best writing in English to have emerged from India in recent years. Several of these stories have appeared in various collections, anthologies and journals in India and abroad. Though written in English, "the tempo of Indian Life", as Raja Rao says, "is expression." The style, though distinctive in each story, is markedly Indian and reveals the writer's rootedness in contemporary Indian reality.
Sandigdh
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Rating:
- Book Type:


- Description: पंद्रह बेहतरीन कहानियों का संग्रह।
Jaanch Abhi Jari Hai
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत कहानी-संग्रह ‘जाँच अभी जारी है’ में मशहूर कहानीकार ममता कालिया की 16 अनुपम कहानियाँ संगृहीत हैं जो वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को उजागर करती हैं। इस कहानी-संग्रह में ‘सेमिनार’, ‘उमस’, ‘जाँच अभी जारी है’, ‘रजत जयन्ती’, ‘इक्कीसवीं सदी’, ‘दाम्पत्य’, ‘नया त्रिकोण’, ‘प्रिया पाक्षिक’, ‘अनुभव’, ‘पहली’, ‘नायक’, ‘वर्दी’, ‘चोट्टिन’, ‘झूठ’, ‘शॉल’ तथा ‘इरादा’ आदि कहानियाँ संगृहीत हैं। नए कलेवर में सजाया-सँवारा गया ममता जी का प्रस्तुत कहानी-संग्रह पाठकों को अवश्य पसन्द आएगा।
Nalanda Par Giddh
- Author Name:
Devendra
- Book Type:

- Description: मा करो हे वत्स! तुम उस कहानी को देखो कि उसमें विधाओं की कितनी ख़ूबसूरत मिक्सिंग है। उसमें व्यक्ति चरित्र भी है, संस्मरण भी है, कहानी भी है, बहुत कुछ क्रूर धटनाएँ भी हैं, अपनी क्रूरताओं का वर्णन भी है—पत्नी के प्रति और अन्य चीज़ों के प्रति, बच्चे के प्रति बहुत ही ज़बरदस्त वात्सल्य भी है। जैसा उस कहानी में हुआ है, वैसे वात्सल्य का चित्रण तो बहुत कम देखने को मिलता है। इस तरह बहुत सारी गद्य विधाओं को मिलाकर उसने सचमुच कहानी का एक नया रसायन इस शताब्दी के अन्त में ‘क्षमा करो हे वत्स!’ में तैयार किया है। यह कहानी एक प्रस्थान बिन्दु है। चुनौती देती है कि कहानी का ढाँचा तोड़कर कैसे एक नया ढाँचा तैयार किया जा सकता है। —दूधनाथ सिंह देवेन्द्र की कहानी ‘क्षमा करो हे वत्स!’ इत्तेफ़ाक़ ही है कि इस शीर्षक का कभी सॉनेट मैंने लिखा था और बेटे के जन्मदिन पर लिखा था कि ‘क्षमा मत करो वत्स, आ गया दिन ही ऐसा/आँख खोलती कलियाँ भी कहती हैं पैसा।’ वह शीर्षक वहाँ से लिया गया है, इस वजह से नहीं पसन्द है वह। कविता कुछ और कहती है, मेरी व्यथा कुछ और थी। देवेन्द्र की व्यथा उससे बहुत बड़ी व्यथा थी। वह चीज़ छूती है, कहलाती है। वह दर्द है, दु:ख है, लेकिन बड़ा ग़ुस्सा है। एक दूसरी कहानी ‘शहर कोतवाल की कविता’ है। कहानी को पढ़ने के बाद तिलमिला जाता है जी, कि यह वही कोतवाल है जो आज गुजरात में हैं तो आज गुजरात में, ऐसे ही कोतवाल, इंस्पेक्टर और पुलिस कमिश्नर लोग जो तमाम सत्ता के प्रतीक हैं, प्रतिनिधि हैं। जब भी कहानी लिखी जाएगी इसी तरह की कहानी गुजरात के दंगे पर लिखी जाएगी। वह दर्द और दु:ख जहाँ जिन लोगों का है, वह पूरी जमात को जगा देगा, उकसाएगा उसे पीना साँप के समान। —नामवर सि
Bhikshuni
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

-
Description:
महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं।
अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़नेवाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ।
इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे।
प्रस्तुत संग्रह में ‘तोमार जे दोक्खिन मुख’, ‘ज्यूडिश से जयन्ती’, ‘भिक्षुणी’, ‘मामाजी’, ‘अनाथ’, ‘भूल’, ‘सती’, ‘मौसी’, ‘प्रतीक्षा’ एवं ‘लाटी’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है।
कलात्मक कौशल के साथ रची गईं ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Sangatin Yatra
- Author Name:
Suryabala +1
- Book Type:

- Description: ‘संगतिन-यात्रा’ उत्तर प्रदेश के सीतापुर ज़िले में दलित और शोषित महिलाओं के हक़ के लिए लड़ती सात ग्राम-स्तरीय महिला-कार्यकर्ताओं की ज़िन्दगी का सफ़रनामा है। नौ लेखिकाओं की क़लम से पिरोया यह सफ़रनामा सात औरतों की निजी डायरियों पर आधारित है। इसमें उन्होंने अपने बचपन, जवानी, शादी-ब्याह और मातृत्व की देहरी से लेकर गाँवों में किए अपने काम तथा उस काम से जुड़े हुए सपनों आदि को बहुत मार्मिकता से लिपिबद्ध किया है। इन कहानियों के माध्यम से लेखिकाओं ने बार-बार हमारा ध्यान उन सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक ढाँचों और प्रक्रियाओं की ओर ले जाने की कोशिश की है, जो लिंग-भेद से जुड़े संघर्षों को जाति, वर्ग, मज़हबी भेदभाव और छुआछूत की ज़ंजीरों में जकड़े रहती हैं। साथ ही इसमें उन जटिलताओं और दिक़्क़तों को भी स्वर देने की भरसक कोशिश हुई है, जो आज के दौर में एनजीओ की दुनिया में गहरे तक पैठ गई हैं, लेकिन जिन पर खुलकर बातचीत करने के लिए ग्राम-स्तरीय कार्यकर्ताओं को बहुत कम मंच मिलते हैं। मंच मिले भी हैं, तो खुलकर कहने-बोलने का साहस जुटाना कठिन होता है। ललित और वैचारिक लेखन के बीच की खाई को पाटते हुए अपनी जुदा-जुदा दुनिया में साँस लेती नौ लेखिकाओं ने जिस अनूठी सामूहिक प्रक्रिया से गुज़रकर इस प्रयास को साँचे में ढाला या एक माला की तरह पिरोया है, उसका सिलसिलेवार बयान इस किताब और चिन्तन को एक नया आयाम और गहराई देता है।
Jalsaghar
- Author Name:
Shri Naresh Mehta
- Book Type:

-
Description:
...गोमती में जो लयात्मकता कभी-कभी विलीन हो जाती है, उसे कुमार गन्धर्व और बेगम अख़्तर बारम्बार आवाज़ देते हैं। ठाकुर ओंकारनाथ विद्यापति के पदों की भाँति, बीजों की भाँति धरती पर लोट-पोट जाते हैं...पर इस पिपासा-यात्रा का कहीं अन्त नहीं होता। विलास मुरझा जाता है, शृंगार बासी हो जाता है, कीन कंठों में ही विलीन हो जाता है और तब केवल गायक तथा वादक में से एक अनासक्त संन्यासी जन्म लेता दिखाई देता है...। ...मैं वादक को देख रहा था या उसके टेराकोटा को। किस काल का, युग का वह टेराकोटा था, मैं नहीं जानता। टेराकोटा की कोई लिपि नहीं होती और यदि कोई लिपि होती भी तो मेरे लिए वह व्यर्थ ही होती। मेरा उस संन्यासी से भाषाहीन अबाध परिचय हो चुका था। वीणा थी, सिद्ध वादक था, वादन की अप्रतिमता नि:सन्देह थी और था फाल्गुन रात्रि का वह जलसाघर, पर सब कुछ अपनी निर्मम यथार्थता में वैसा अविश्वसनीय था।... ...जीप भागती चली जा रही थी। जब हम बाँध पर चढ़ रहे थे तब भी वह वादन स्पष्ट था, यद्यपि अब उसकी परिसमाप्ति होने ही जा रही थी। मैं ऐसे वादन की परिसमाप्ति का साक्षात् नहीं कर सकता था। समाप्ति वैसे भी साक्षात् करने के लिए होती भी नहीं। मैं उस विहाग, उस वादन और उस संन्यासी वादक को गंगा-क्षेत्र के उस जलसाघर में छोड़ आया था, परन्तु मेरे साथ उसका टेराकोटा सदा के लिए चला आया। मुझमें निश्चय ही अपराध भाव था कि मैं बहुत बड़ा अपमान करके आ रहा हूँ। मैं इस अग्नितपे टेराकोटा को सम्भव है, जीवन-भर वहन कर सकूँ, पर उस वादन के बाद उस वादक का यदि साक्षात् करना पड़ता तो—तो कौन पार्थसारथी मुझे बचाता?
Kissa Jaam Ka
- Author Name:
Nasera Sharma
- Book Type:

-
Description:
ईरान और भारत की सांस्कृतिक घनिष्ठता और साहित्यिक आदान-प्रदान का क्रम अब भी जीवित है और उसका एक नमूना ये खुरासान की लोककथाएँ हैं जिनका फ़ारसी से हिन्दी में अनुवाद पुस्तक में प्रस्तुत किया गया है। ये केवल अनुवाद मात्र ही नहीं हैं, मौलिक रचनाएँ ही हैं, क्योंकि ये लोककथाएँ खुरासान की बोली में हैं। अनगिनत पीढ़ियों से बहती हुई सरिता की तरह, उस जन समाज की लोककथाएँ, जो कि एक क्षेत्र विशेष में फला और फूला है, उसके आधारभूत विचारधाराओं, सभ्यता तथा संस्कृति की प्रतीक हैं।
खुरासान की प्रस्तुत लोककथाएँ उस क्षेत्र का, जो ईरान की सभ्यता और संस्कृति में बेजोड़ रहा है, एक दर्पण है। इसमें पाठक उस प्राचीन भव्य जन समाज की एक झलक देख सकते हैं। खुरासान एक चौराहे की तरह है जहाँ ईरान की सभ्यता तथा संस्कृति संगठित हुई और जहाँ से अन्य क्षेत्रों में फैली। ‘तूस’, ‘निशापुर’ और ‘मशहद’ के केन्द्र सांस्कृतिक वैभव के प्रतीक रहे और जहाँ पर ‘उमर खैयाम’ और ‘फिरदौसी’ जैसे चिराग़ अब भी जीवित हैं। खुरासान की ये लोककथाएँ, 'निशापुर' और ‘दमगान’ से निकले हुए फ़रोज़ों की तरह भव्य तथा सारगर्भित हैं।
आशा है कि पाठक इन कथाओं को पढ़कर खुरासान के बारे में जो कि ईरान की सभ्यता का स्तम्भ रहा है, ईरान तथा भारत की मैत्री तथा पारस्परिक सांस्कृतिक आधारों का अनुमान कर पाएँगे।
Bhari Dopheree Ke Andhere
- Author Name:
Madhu Kankariya
- Book Type:

-
Description:
मधु कांकरिया की कहानियों को कोई संज्ञा देनी हो तो कहना पड़ेगा–बेबाक। बेबाक विद्रोह! बिना किसी कुंठा और पूर्वाग्रह के खुले दिल से चीजों को देखना, समझना, स्वीकार हो तो स्वीकार, अस्वीकार हो तो अस्वीकार! बोल्ड भी और ब्यूटीफुल भी। अपनी गन्दगी पर परदा डालते व्यक्ति का गमछा खर्र से खींचने में भी उन्हें कोई दुविधा नहीं होती।
गाँव की सड़ती गलियों से लेकर महानगर के रिसते अँधेरे और वेश्यालयों के नरक–मधु के लिए कुछ भी वर्जित और अस्पृश्य नहीं। हर जगह फैली है मधु की कहानियों की दुनिया और मधु की भाषा-शैली! जोगन-जोगन रात...रेशम-रेशम यादें...यह वह कलम है जो पाखंड के लिए किसी को भी नहीं बख्शती लेकिन किसी की जलती हकीकत से आँख नहीं चुराती। मधु मानती हैं कि ‘कोई भी सत्य सार्वकालिक नहीं हो सकता...। कि सागर की विशालता की अपनी सीमा है, वहाँ कभी प्रेम के कमल नहीं खिलते...। कि जिन्दगी का हल खुद जिन्दगी है और प्यार का जवाब खुद प्यार !’
Ansuni Aawazen
- Author Name:
Harsh Mander
- Rating:
- Book Type:

- Description: भोपाल का गैस कांड, 1984 में दिल्ली और 1989 में भागलपुर में हुए दंगे, ओड़िसा का चक्रवात—ये कुछ घटनाएँ हैं जो हमारी सामूहिक स्मृति का हिस्सा बन चुकी हैं। लेकिन उन लोगों को हम अक्सर भूल जाते हैं जिन्हें वास्तव में इनका शिकार होना पड़ा था। इनके अलावा अन्य लोग भी हैं, मसलन—यौनकर्मी, दलित, सड़कों पर ज़िन्दगी गुज़ारनेवाले बच्चे, एचआईवी और कोढ़ जैसे रोगों के मरीज़ तथा अकालपीड़ित लोग—ये सब भी हमारी स्मृति में अक्सर दाख़िल नहीं हो पाते। ये लोग उस जनसंख्या का हिस्सा हैं जिसे विकास और प्रगति के नाम पर समाज के सबसे बाहरी हाशिये पर धकेल दिया गया है। इस पुस्तक में सामाजिक कार्यकर्ता और प्रशासक हर्ष मन्दर अपने और अपने साथियों के अनुभवों के आधार पर ऐसे ही बीस लोगों की ज़िन्दगियों का लेखा–जोखा पेश करते हैं—उनके संघर्ष का जो उन्होंने जीवित रहने, अपनी जिजीविषा को बचाए रखने के लिए किया। मिसाल के तौर पर बंगलौर के फुटपाथों पर भटकनेवाला वह बच्चा जो अब अपने जैसे दूसरे बच्चों को शिक्षा और रोज़गार पाने के मामले में मार्गदर्शन देता है, या फिर भोपाल गैस कांड में अनाथ हुआ वह ग्यारह वर्षीय किशोर जिसने अपने से छोटे दो बच्चों को पाला, एक युवा यौनकर्मी जिसने हैदराबाद की एचआईवी–पोजिटिव यौनकर्मी महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, या फिर वह कुष्ठरोगी जिसने आशाग्राम में कुष्ठ कालोनी की स्थापना में सहायता देकर कोढ़ के कलंक से मुक्ति पाई। ये कहानियाँ सिर्फ़ ज़िन्दा–भर रहने के बारे में नहीं हैं, बल्कि ये सबूत के साथ बताती हैं कि इन लोगों ने किस तरह अपने विनम्र साहस, सहनशीलता और मानवीयता के बल पर परिस्थितियों पर फ़तह हासिल की। अनुभव की उष्ण अन्तर्धारा से सम्पन्न ये कहानियाँ जनसाधारण में निहित रचनात्मकता और जीवट को उजागर करती हैं और उन लोगों को चुनौती देती हैं जो भारत के भविष्य को लेकर निराश हैं।
Shoonya
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Best Indian Short Stories - 1
- Author Name:
Khushwant Singh
- Rating:
- Book Type:

- Description: The Indian short story is extraordinary in its ability to stick to the traditional rules of the craft and still demonstrate remarkable originality. It revolves around a limited number of characters, confines itself in time and space, and has a well-plotted narrative that drives its central theme. Within the traditional framework, however, creativity flowers and a fresh and imaginative story emerges. This volume is chock-full with such stories, written by authors well known in their regional languages as well as those who have made a name for themselves in English literary circles. Carefully selected by India's literary giant, the late Khushwant Singh, these pieces represent the best of Indian writing from around the country.
Kisse Avadh Ke
- Author Name:
Jagdish Piyush
- Book Type:

-
Description:
— अवध के क़िस्सों की लम्बी यात्राएँ हैं। ये भगवान राम के साथ वन-वन घूमे
हैं, तो प्रवासी भारतीयों के साथ मारीशस, फ़िजी, गयाना आदि सुदूर देशों तक जाकर आज भी वहाँ सुने-कहे जा रहे हैं। श्रमिकों ने इन्हें खुले आसमान व वृक्षों के नीचे सुनाया, तो ग़रीबों ने झोंपड़ियों में और धनवानों ने महलों में, ऋषियों-मुनियों ने इन्हें वेदों, पुराणों, आरण्यक ग्रन्थों उपनिषदों, ‘रामायण’, ‘महाभारत’ आदि में अपनी शैली में समावेशित किया।
लोक साहित्य में विश्वासों में कोई सुदृढ़ तर्क योजना भले न दिखे, लेकिन, इनमें प्रतीक या अन्योक्ति की कई छवियाँ दिख जाती हैं। क़िस्सों में भूत-प्रेत, जादू-टोना, चमत्कार आदि का उल्लेख होता रहता है। इनका आनन्द लेकर इनमें उलझे बिना पाठक अपना अर्थ प्राप्त कर लेता है।
क़िस्से अवध के में सामाजिक सम्बन्धों का पूरा भूगोल दिखता है। इसे स्त्री-विमर्श और अस्मिता-विमर्श के दृष्टिकोण से भी पढ़ा जा सकता है। यह भी जाना जा सकता है कि भारतीय समाज की आन्तरिक संरचना में जाति और वर्ण आदि की सकारात्मक या नकारात्मक धारणाएँ क्या हैं?
इन क़िस्सों में शाश्वत मान्यताओं की पुष्टि रोचक ढंग से हुई है। इनमें सन्देश और मनोरंजन का मिला-जुला आस्वाद है।
Na Bhoolanewali 100 Kahaniyan
- Author Name:
J.P. Vaswani
- Book Type:

- Description: दादा जे.पी. वासवानी हमेशा से उत्कृष्ट किस्सागो रहे हैं। उनकी अनौपचारिक वार्त्ताओं, प्रवचनों और पुस्तकों में भी पुराणों की कहानियाँ बहुतायत से बिखरी होती हैं, ताकि वे उन बातों को सुस्पष्ट कर सकें, जिन्हें वे चाहते हैं कि हम आत्मसात् कर लें। ये कहानियाँ इतनी यादगार हैं कि एक लंबे समय तक हमारे दिलों में बसी रहती हैं तथा उन संदेशों या जीवन-मूल्यों को हृदयंगम करने में हमारी मदद करती हैं, जिन्हें दादा ने इतने रचनात्मक रूप में हमारे सामने रखा है। इस पुस्तक में, पूज्य दादा की वार्त्ताओं और पुस्तकों से चुनी हुई एक सौ कहानियाँ संगृहीत हैं। प्रत्येक कहानी के साथ आपके द्वारा मनन करने के लिए आदरणीय दादा का या उनका पसंदीदा विचार तथा एक पुस्तक के रूप में व्यावहारिक अभ्यास भी दिया गया है, जो दादा की अपनी विशेषता है, जिसका अनुसरण करके आप लाभान्वित हो सकते हैं। न भूलनेवाली एक सौ रोचक-ज्ञानवर्धक कहानियों का प्रेरणादायक संग्रह।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book