Aate Rahna
(0)
Author:
Dinesh KarnatakPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
200
164 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
Hindi Short Story by Dinesh Karnatak
Read moreAbout the Book
Hindi Short Story by Dinesh Karnatak
Book Details
-
ISBN9789381923511
-
Pages112
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Lutiya Mein Loktantra
- Author Name:
Rajesh Pal
- Book Type:

- Description: Collection of Stories
Pahad Katha
- Author Name:
Dinesh Pathak
- Book Type:

- Description: Collection of Hindi Short Stories
Chithhi Jo Padhee Nahin Gai
- Author Name:
Krishna Ambashth
- Book Type:

-
Description:
कहानीकार, कवि, व्यंग्यकार और निबन्धों पर भी सफलतापूर्वक हाथ आज़माने वाले कृष्ण अम्बष्ठ का यह कहानी-संग्रह पारिवारिक रिश्तों से लेकर प्रशासनिक दुनिया में फैले लोभ-लालच के बीहड़ तक को खँगालता है।
संग्रह में शामिल इक्कीस कहानियाँ अपने विषय-वैविध्य के अलावा पठनीयता के लिए भी उल्लेखनीय हैं। मध्यवर्गीय और निम्न-मध्यवर्गीय जीवन से लिए गए पात्रों के मन और परिवेश की लेखक को गहरी समझ है जो इन कहानियों की बुनावट में जाहिर होती है। आर्थिक अभाव के चलते अपने मानवीय आग्रहों से बरबस च्युत होते हुए लोग, ऊँचे पदों पर बैठे हुए लोगों की स्वाभाविक हो चली क्रूरता और दूसरी तरफ़ पूजा-पाठ आदि का आडम्बर—यह सब एक पूरी दुनिया की तरह यहाँ प्रकट होता है।
अपने आसपास की वस्तुओं और लोगों का ‘ऑब्जर्वेशन’ कृष्ण अम्बष्ठ की इन कहानियों की पठनीयता को रोचक और सहज बना देता है। ‘माइल स्टोन’ शीर्षक कहानी की ये पंक्तियाँ देखें : “कई घरों में एक से अधिक घडि़यों के रहने पर भी उनकी मिनटवाली सुइयों में आपसी तालमेल का अभाव-सा रहता है।” निजी जीवन में लेखक के बहुरंगी अनुभवों की छटा इन कहानियों के कलेवर को विस्तृत करती है, और विश्वसनीय भी बनाती है।
Pratinidhi Kahaniyan : Mrinal Pande
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

- Description: मृणाल पाण्डे सत्तर के दशक से कहानी-लेखन में सक्रिय हैं, और उन्होंने बिना किसी आन्दोलन का हिस्सा हुए कथाकार के रूप में एक विशिष्ट पहचान अर्जित की है। उनकी कहानियों की दुनिया स्त्रियों, पहाड़ी जीवन के सुख-दुख और आधुनिक समाज में बढ़ते सम्बन्धगत तनावों से बनती है; और उस भाषा से जो अपनी स्वाभाविकता, सम्प्रेषणीयता और पारदर्शिता से पाठक के मन पर अमिट प्रभाव छोड़ जाती है। इस संकलन में शामिल कहानियाँ उनके कथाकार की लगभग सभी विशेषताओं को रेखांकित करते हुए उनके वैचारिक और सामाजिक सरोकारों को भी स्पष्ट करती हैं। इस चयन से गुज़रते हुए पाठकगण न सिर्फ़ इन कहानियों की पठनीयता के क़ायल होंगे, बल्कि पात्रों की ऐसी श्रेणी से साक्षात्कार भी करेंगे जो अपनी ज़मीन और अपने ताने-बाने में बेहद प्रामाणिक और वास्तविक है।
Jugani
- Author Name:
Bhavana Shekhar
- Book Type:

-
Description:
अपनी दूसरी पुस्तक ‘जुगनी’ में पन्द्रह कहानियों के माध्यम से भावना शेखर ने आसपास घटती साधारण घटनाओं को भी असाधारण बनाने की अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। सरल भाषा में परिपक्व भावनाओं को गूँथा गया है। अधिकांश कहानियाँ नारी पात्रों के इर्द-गिर्द घूमती हैं और सफलतापूर्वक उनके अन्तर्मन में झाँकने का प्रयास करती हैं। भावना शेखर नारी-मन की कुशल चितेरी हैं—कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी।
सदियों से दमित-कुंठित और शोषित नारी का चित्रण करना लेखिका का अभीष्ट नहीं वरन् अन्याय से लोहा लेती नारी को अन्ततः विजयी दर्शाना इन्हें अवश्य प्रिय लगता है। प्रायः हर कहानी एक ‘पॉजिटिव नोट’ पर समाप्त होती है।
वृन्दा हो या नीलांजना, देव या जुगनी—पात्रों का चरित्र-चित्रण तो प्रभावशाली है ही, पुरुष और नारी पात्रों की देहयष्टि का वर्णन भी लेखिका बेबाकी से कर जाती हैं—चाहे वह ‘त्रिकोण’ का हेमन्त हो या ‘वन्ध्या’ की अम्बिका या गोगो या ‘मलेच्छन’ की नैन्सी।
भावना शेखर के लेखन में प्रकृति के साथ पात्रों का सहज ही साहचर्य स्थापित हो जाता है। पहाड़ों से अपने जुड़ाव के कारण वे पाठकों को भी प्रकृति-भ्रमण की ओर बरबस खींच लेती हैं। अपनी कहानियों के माध्यम से न केवल बचपन में बार-बार लौटती हैं, अपितु सम्पूर्ण मानव जीवन की गतिविधियों पर एक दर्शनशास्त्री की तरह अपनी निश्छल टिप्पणी भी देती हैं।
संक्षेप में, पुस्तक की सभी कहानियाँ धारदार और असरदार हैं। अतः निस्सन्देह पठनीय और संग्रहणीय हैं।
—डॉ. नरेन्द्रनाथ पांडेय
Zindagi Se Pyar Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Jack London
- Book Type:

-
Description:
ज़िन्दगी से प्यार और अन्य कहानियाँ जैक लण्डन की कुछ चुनी हुई कहानियों का यह संकलन हिन्दी पाठकों के समक्ष उनकी मौलिक और प्रयोगशील सर्जनात्मकता की एक बानगी पेश करेगा।
उत्तरी इलाक़ों की अपनी कहानियों में जैक लण्डन ने बुर्जुआ सभ्यता को अनछुई प्रकृति के सामने खड़ा करने की कोशिश की। अनछुई, शुद्ध बना देनेवाली प्रकृति के प्रति सम्मोहन और बुर्जुआ सभ्यता की तकनीकी-सांस्कृतिक उपलब्धियों के प्रति आस्था के बीच सतत द्वन्द्व उसकी कहानियों में आद्यन्त एक क़िस्म के तनाव का निर्माण करता रहा।
प्रकृति के साथ जैक लण्डन ने अपनी प्रारम्भिक रचनाओं से ही जो जटिल द्वन्द्वात्मक रिश्ता क़ायम करना शुरू किया था, वह अन्त तक बना रहा। एक धरातल पर वे मनुष्य और प्रकृति के इस शाश्वत द्वन्द्व को दिखलाते हैं, जहाँ प्रकृति का अंग होने के साथ ही उत्पादक शक्तियों को अपने विकास के लिए उससे जूझना भी होता है। दूसरे धरातल पर, भीषण प्रकृति से ज़िन्दगी की हिफ़ाज़त के लिए इनसान की लड़ाई में वे सामाजिक संघर्ष में जूझ रहे नर्क़ की ज़िन्दगी बितानेवाले लोगों की जिजीविषा और युयुत्सा का रूपक तलाशते और गढ़ते दिखाई देते हैं। एक तीसरे धरातल पर उनकी रचनाओं में प्रकृति हमें घोर मानवद्रोही बुर्जुआ समाज से दूर एक आत्मीय-आदिम शरण्य के रूप में दिखती है और अलगाव के निषेध का समग्र प्रभाव उत्पन्न होता है।
Khidkiyon Se Jhankti Aankhen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Rating:
- Book Type:

- Description: Book
Nadi Ab Nahin Gati
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Cheelen
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
भीष्म साहनी ने बहैसियत कथाकार पठनीयता और क़िस्सागोई की कला को इस तरह साधा था कि आलोचक जहाँ उनकी दृष्टि के वैशिष्ट्य से प्रभावित होते थे, वहीं साधारण पाठक कहानी के कहानीपन से। शहरी और क़स्बाई मध्यवर्गीय जीवन में ज़्यादा सहूलियत महसूस करनेवाली उनकी लेखनी ने ज़रूरत पड़ने पर समाज के बीभत्स और भयावह चित्रों को भी अंकित किया। यह वैविध्य इन कहानियों में भी मिलता है। अभी तक असंकलित रही इन कहानियों में ‘सफ़ाई अभियान’ जैसी कहानियाँ भी हैं जो सफ़ेदपोश मध्यवर्ग की वैचारिक दिशाहीनता और सामाजिक निष्क्रियता के दो पहलुओं को एक साथ रेखांकित करती हैं, और 'दुलारी का प्रेमी' जैसी समाज के पिछवाड़े बसी ज़िन्दगी के काले कोनों को उजागर करती कहानियाँ भी। साम्प्रदायिक सद्भाव भीष्म जी के कथाकार की स्थायी
चिन्ताओं में हमेशा रहा। इस संग्रह में शामिल कहानी ‘मैं भी दिया जलाऊँगा, माँ।' गहरे मानवीय बोध के साथ इसी विषय को सम्बोधित कहानी है जिसमे एक मुस्लिम बच्चे के मन
को अत्यन्त करुणा और भावप्रवणता के साथ उकेरा गया है। कहने की आवश्यकता नहीं कि भीष्म साहनी के पाठकों के लिए यहाँ-वहाँ प्रकाशित होती रही इन कहानियों की एकत्र प्रस्तुति पाठकों के लिए एक उपहार साबित होगी।
Mansarovar Vol. 7 : Sadgati Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Visham Raag
- Author Name:
Arun Prakash
- Book Type:

-
Description:
साहित्य के मौजूदा दौर में पाठ–सुख वाली कहानियाँ कम होती जा रही हैं। इस संकलन की कहानियों में पाठ–सुख भरपूर है। लेकिन यह सुख तात्कालिक नहीं है, बल्कि ये निर्विवाद कहानियाँ देर तक स्मृति में बनी रहती हैं।
लोकप्रियता और विचार–केन्द्रित कथा का मिज़ाज मुश्किल से मिलता है, पर इन कहानियों में यह सुमेल इसलिए सम्भव हो पाया, क्योंकि यहाँ पाठकों के प्रति गम्भीर सम्मान है। ये कहानियाँ पाठकों को उपभोक्ता नहीं, सहभोक्ता; श्रोता नहीं, संवादक बनने का अवसर देती हैं। इनमें विचार उपलाता नहीं, अन्तर्धारा की तरह बहता है, क्योंकि यह सृजन पाठक–लेखक सहभागिता पर टिका है।
इस संकलन का कथा–क्षेत्र काफ़ी खुला है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिमी बंगाल, बिहार, दिल्ली, पंजाब तक। नए–नए पेशे, नए दस्तकार हैं। ये जड़ परम्परा, नई परिस्थितियों से घिरे इनसानों की नाउम्मीदी, छोटी–छोटी उम्मीदों, कशमकशों, छटपटाहटों और उबरने की कोशिशों की कहानियाँ हैं। इनके चरित्रों में विभिन्न समुदायों, आस्थाओं, क्षेत्रों से आई स्त्रियाँ हैं जिनके दुख तो पुराने हैं पर उनसे टकराने के तरीक़े और सुख नए हैं। इनके झुग्गी–झोंपड़ी निवासी, आदिवासी, दलित और दस्तकार शाश्वत समस्याओं और बड़ी परिघटनाओं के भँवर में फँसे हैं। उनकी अदम्य जिजीविषा, राग–रंग और ज़िन्दगी से प्यार की कहानियों पर देश के आख़िरी दो दशकों की छाया देखी जा सकती है। युग की प्रमुख आवाज़ों को सुरक्षित रखना इतिहास की ज़िम्मेवारी है, छोटी–छोटी अनुगूँजों को सहेजना साहित्य की। मनुष्य विरोधी मूल्यों, सत्ताओं और संगठित संघर्षों की बड़ी उपस्थिति के बावजूद लघु, असंगठित और प्राय: व्यक्तिगत संघर्षों की बड़ी दुनिया है। इन कहानियों में उसी की अनुगूँजें हैं।
ये कहानियाँ किसी एक शैली में नहीं बँधी हैं, बल्कि हर कहानी का अलग और स्वतंत्र व्यक्तित्व नई भाषा, नई संरचना और आन्तरिक गतिशीलता के सहारे निर्मित किया गया है। प्रयोगधर्मिता इन कहानियों का गुण तो है पर ये प्रयोग अटपटे या दिखावटी नहीं, बल्कि सहज और स्वीकार्य हैं। कई पुरस्कारों से सम्मानित अरुण प्रकाश का यह एक विरल संग्रह है।
Dahan (lok)
- Author Name:
Manoj Rupada
- Book Type:

-
Description:
मनोज रूपड़ा की कहानियाँ बाजदफे आपके पढ़ने की गति को धीमा करती हैं। ऐसा गत्यावरोध संरचनात्मक स्तर पर किन्हीं भारी-भरकम, क्लिष्ट वाक्य-विन्यास से प्रसूत नहीं, न ही अर्थागम के स्तर पर ही। बात दरअसल कुछ और है। एक बार शुरू करने के बाद आप उन्हें जल्दी खत्म नहीं करना चाहते, खत्म करने से डरते हैं। मनोज के यहाँ आपके वे बिसराये पाप बसर करते हैं, आपके मानस तक जिनकी अवैध आमद बस सपनीले साँवले में ही सम्भव है। मनोज में उन गोपनीय पापों को उनकी नंगी संपूर्णता में रखने का माद्दा है। वस्तुतः मनोज की दो पंक्तियों की सन्ध में सरगोशी करते आपके अतीत के ऐसे पाप ही आपकी पढ़त को बारहाँ बाधित करते हैं।
मनुष्य का यही 'बेसिक इंस्टिंक्ट' मनोज की कहानियों का मूलाधार है। यही मनोज के नायकों को आहत करता है, उन्हें दर-ब-दर करता है, तोड़कर पुनर्नवा - 'रीकंस्ट्रक्ट' और 'रिन्यू' करता है। मनोज अपने नायकों के व्यक्तित्व व उनके अहं को बड़ी निर्ममता से विखंडित करते हैं। वे इसे प्रलय के स्तर तक ले जाते हैं, किन्तु वहाँ से लौटते हुए उनका अनाहत अहं सर्जना के उरूज पर प्रतिष्ठित होता है।
मनोज इस हारे हुए समय में मनुष्य की विजय के इकलौते स्मारक हैं। सँभालकर-सँजोकर रखे जाने वाले कथाकार। कयामत से पहले इनकी कहानियों को बचाकर रख लेना चाहिए, ये अगली दुनिया के निर्माण का ब्लूप्रिंट हैं।
Vahan tak pahuchane ki daur
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
राजेन्द्र यादव अपने दौर के विशिष्ट और महत्त्वपूर्ण रचनाकार ही नहीं, नई कहानी आन्दोलन के प्रतिनिधि लेखक भी हैं। विगत कुछ वर्षों में राजेन्द्र यादव का रचनात्मक लेखन बहुत ही सीमित रहा है, परन्तु उनकी सक्रियता सदा बनी रही है। अपने लेखों, बहसों व ‘हंस’ के माध्यम से वह एक रचनात्मक माहौल तैयार करने की दिशा में ही सक्रिय नहीं रहे हैं, बल्कि लगभग सभी सामयिक, राजनीतिक और सामाजिक समस्याओं में एक जीवन्त हस्तक्षेप करते रहे हैं।
वैसे भी किसी लेखक की सार्थकता अन्ततः इस बात में नहीं है कि उसने कितना लिखा, बल्कि इस बात में है कि उसने क्या लिखा और समाज तथा साहित्य विशेष के सन्दर्भ में उस लेखन का महत्त्व व भूमिका क्या रही। राजेन्द्र यादव की कहानियाँ बदलते सन्दर्भों में अपनी सार्थकता तथा ‘रिलीवेंस’ खोजते पात्रों के ऊहापोह, द्वन्द्व व आत्म-संघर्ष का लेखा-जोखा हैं। चूँकि राजेन्द्र यादव के पात्र अधिकांशतः मध्यवर्ग से सम्बन्धित हैं, सम्भवतः इसीलिए उनमें एक विशिष्ट क़िस्म की बौद्धिक ऊर्जा का भास है। यह वह वर्ग है, जो अपने कार्य-कलाप और मानसिकता से बदलते यथार्थ का गहरा अहसास ही नहीं कराता, बल्कि इस बात का भी संकेत देता है कि यह समाज आख़िर जानेवाला किस दिशा में है।
राजेन्द्र यादव की कहानियों को पढ़ना, नई कहानी की सामान्य प्रवृत्ति के अलावा कहीं आगे जाकर एक सजग और संवेदनशील रचनालोक से गुज़रना है, जिसमें भावुकता का अनियंत्रित व असन्तुलित प्रवाह न होकर (जो नई कहानी के रचनाकारों में दोष की हद तक है) एक सजग व नियंत्रित ‘इंटरप्ले’ देखने को मिलता है और यह किसी सिद्धहस्त रचनाकार की क़लम से ही सम्भव हो सकता है।
Awazein Kanpti Rahin
- Author Name:
Anagh Sharma
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कहानी के लिए यह परम्परा और परिवर्तन के बीच का संक्रमण-काल है। मनुष्य के भाव-जगत और कल्पना के विस्तार के नए आयामों के साथ नई पीढ़ी के जिन कथाकारों ने पिछले दशक में अपने नवाचार से पाठकों का ध्यान आकर्षित किया है, अनघ शर्मा उनमें शामिल हैं। उनकी कहानियाँ अपने कथ्य की नवीनता से कथावस्तु को उजागर करती हैं। इस प्रक्रिया में संवेदना की भूमिका महत्त्वपूर्ण होती है, जिसका निर्वाह इस संकलन की कहानियों की विशेषता है। जीवन के बेहद मामूली लगने वाले क्षणों के गर्भ में पलते संघर्षों और त्रासदी को अर्थवत्ता के साथ सम्प्रेषित करने वाली ये कहानियाँ मानवीय सम्बन्धों का मार्मिक आख्यान रचती हैं।
अनघ शर्मा के पास एक समर्थ कथा-भाषा है, बिना कविता हुए, कविता की भाषा तक पहुँचती कथा-भाषा। स्थितियों ही नहीं, व्यवहारों और घटनाओं के महीन ब्यौरों को जीवंतता के साथ रचने वाली उनकी कथा-भाषा जीवन के मर्म को उकेरती है। घटित हुई त्रासदी की टीस हो या मन के गह्वरों में पलते उल्लास की धड़कन, इनका रचाव इतना प्राणवंत है कि पाठक के भीतर की दुनिया बदलने लगती है। जीवन के अंतर्विरोधों की पहचान और अभिव्यक्ति के लिए यथार्थ की संश्लिष्टता से लेखक का टकराव जिन ध्वनियों को पैदा करता है, उनके पार जाकर अनघ शर्मा अपनी कहानियों के लिए बीज-तत्त्व चुनते हैं। यह बीज-तत्त्व जब विकसित और फलित होता है, जीवन की विराटता प्रकट होती है।
‘आवाज़ें काँपती रहीं’ की कहानियाँ हिन्दी कहानी के समकालीन परिदृश्य पर अपने नवाचार और सांद्र अभिव्यक्ति के चलते अलग और विशिष्ट छवियों के साथ अपनी उपस्थिति दर्ज करती हैं।
—हृषीकेश सुलभ
Jhapatta
- Author Name:
Deepak Kumar Agyat
- Book Type:

- Description: Collection of Short Stories
Kahaniyan Rishton Ki : Prem
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

- Description: प्रेम एक बहुआयामी और छलिया शब्द! अपना ही विरोधी! आह्लादकारी और यातनादायी दोनों रहा है संसार के लिए यह शब्द। प्रेम और समाज दो विपरीत ध्रुव हैं और उनके बीच खड़ा है, दोनों को सहेजता मनुष्य। हम सबका जीवन ऐसी प्रेम कहानी/कहानियाँ होता है जिसका/जिनके क्लाइमेक्स अज्ञात या अन्तविहीन होते हैं। यह संकलन उन ख़ास कहानियों को चुनकर तैयार किया गया है, जिनमें प्रेम प्रखरता से उपस्थित है। वही प्रेम जो उबरने में नहीं, डूबने में सार पाता है...अपने प्रिय को खोकर प्रेम को पाने का गुमान रखने वाले साधारण, सिरफेरे चरित्रों की असाधारण कहानियाँ।
Kuchchi Ka Kanoon
- Author Name:
Shivmurti
- Book Type:

-
Description:
शिवमूर्ति की कहानियों का जितना साहित्यिक महत्त्व है, उतना ही समाजशास्त्रीय भी। आप उन्हें गाँव के ‘रियलिटी चेक’ के रूप में पढ़ सकते हैं। उनमें गाँव का वह सकारात्मक पक्ष भी है जिसे हम गाँव की थाती कहते हैं और वह नकारात्मक भी जो गाँव ने पुराना होते जाने के क्रम में धीरे-धीरे अर्जित किया। यथार्थ की इस समृद्धि की ओर ध्यान तब जाता है जब हम देखते हैं कि शिवमूर्ति गाँव और उनमें बसे मनुष्यों को गहन आत्मीयता देने के बावजूद इस परिवेश में व्याप्त संकट, दुख, विषमता और विसंगति को दृष्टि-ओझल नहीं होने देते। वे वहाँ व्याप्त आत्मविनाशी प्रवृत्तियों और लोकाचार के कारकों की शिनाख़्त करते हुए उन पर प्रहार करते हैं। इस तरह शिवमूर्ति की कहानियाँ ग्रामीण समाज के जातिवाद, राजनीतिक क्षरण, धर्मभीरुता, स्त्री-दमन और ताक़त की हिंसा का प्रतिपक्ष बनती हैं।
‘बनाना रिपब्लिक’ कहानी की उपलब्धि यह है कि वह दलित चेतना को उनकी मुक्ति की राह के रूप में सामने लाती है और पंचायत चुनाव की परिणति कैरेबियन देशों के ‘बनाना रिपब्लिक’ में रिड्यूस हो जाने की आशंका को निर्मूल कर देती है। मतदान प्रक्रिया का जैसा उत्खनन यह कहानी करती है वह देर तक स्तब्ध किए रहता है। ‘कुच्ची का क़ानून’ गाँव के गहरे कुएँ से बाहर जाते रास्ते की कहानी है जिसे कुच्ची नाम की एक युवा विधवा अपनी कोख पर अपने अधिकार की अभूतपूर्व घोषणा के साथ प्रशस्त करती है। वरिष्ठ आलोचक विश्वनाथ त्रिपाठी के शब्दों में, “एक भी ऐसा समकालीन रचनाकार नहीं है जिसके पास कुच्ची जैसा सशक्त चरित्र हो। यह चरित्र निर्माण क्षमता शिवमूर्ति को बड़ा कथाकार बनाती है।’’
‘ख़्वाजा ओ मेरे पीर!’ एक विरल-कथा है जिसमें स्त्री-पुरुष सम्बन्ध के एक दारुणपक्ष को रेखांकित करते हुए उस करुणा के अविस्मरणीय बिम्ब रचे गए हैं जो नागर सभ्यता में शायद ही कहीं देखने को मिलें। संग्रह की अन्तिम कहानी ‘जुल्मी’ 1970 के आसपास लिखी गई शुरुआती रचना है। इसे इस आग्रह के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है कि पाठक देखें, उनका प्रिय कथाकार अपनी रचना-यात्रा में कहाँ से कहाँ तक पहुँचा है?
निश्चय ही ‘कुच्ची का क़ानून’ की कहानियों से गुज़रकर आप शिवमूर्ति को सूचित करना चाहेंगे कि वे एक जन्मजात कथाकार हैं जिनके होने पर कोई भी भाषा गर्व कर सकती है।
Pratinidhi kahaniyan : Marathi
- Author Name:
Madhav Sontake
- Book Type:

- Description: ग्रामीण, दलित तथा स्त्राी कहानियों के साथ-साथ साठोत्तरी कहानी साहित्य में व्यक्तिवादी चेतना की प्रयोगशील कहानियाँ भी लिखी जाती रही हैं। विलास, सारंग, श्याम मनोहर, एस.डी. इनामदार, दिलिप चित्रो, अनिरुद्ध बनहट्टी इस धारा के प्रमुख कथाकार रहे हैं। ये अतियथार्थवादी तथा अभिव्यंजनावादी विचारधारा की कहानियाँ हैं। कुल मिलाकर मराठी कहानी की जो अति मनोरंजकता से विकास-यात्राा शुरू हुई थी, वह विभिन्न मोड़ों से ग्रामीण, दलित तथा स्त्राी-जीवन के अन्तरंग तक पहुँच गई है। आज वैश्वीकरण-बाजारीकरण की नवपूँजीवादी-उपभोक्तावादी सभ्यता में वह अपनी ‘मनुष्यता’ की रक्षा के लिए भी सन्नद्ध हो रही है। —भूमिका से
Kartab Lamboo Dweep Mein
- Author Name:
Ramesh Dave
- Book Type:

- Description: children book
Sannate Ki Goonj
- Author Name:
Shabhu Shikhar
- Book Type:

- Description: Book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book