Behtar Hai Mera Khomcha
Author:
Sumitra SharmaPublisher:
Shivna PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Available
This book has no description
ISBN: 9789387310179
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Manak Hindi Ka Swarup
- Author Name:
Kalanath Shastri
- Book Type:

-
Description:
स्तरीय और मानक हिन्दी का रूप क्या है, हिन्दी की वर्तनी, शब्दावली और वाक्य-गठन में तथा पदनामों और शासकीय प्रारूपों में सही प्रयोग और एकरूपता हेतु उसका मानक स्वरूप किस प्रकार निर्धारित किया गया है, परिनिष्ठित हिन्दी और कार्यसाधक हिन्दी में क्या अन्तर है?—इन सब बिन्दुओं पर अनुभव के आलोक में स्तरीय और अधिकृत मार्गनिर्देश प्रस्तुत करना इस पुस्तक का प्रमुख उद्देश्य है।
शिक्षा के माध्यम के रूप में, पत्र-पत्रिकाओं में, मीडिया में तथा वाग्-व्यवहार में आज प्रयुक्त हो रही हिन्दी में पाई जानेवाली अशुद्धियों, असंगतियों और विद्रूपताओं के सुधार हेतु शुद्ध हिन्दी का सटीक विवरण भी इसमें दिया गया है।
इसके अलावा सम्पर्क भाषा के रूप में, केन्द्र एवं राज्यों की राजभाषा के रूप में, विधायन एवं न्याय-निर्णयन की भाषा के रूप में हिन्दी किस प्रकार उद्विकसित हो रही है, उस पर अधिकार प्राप्त करने, उसका समुचित अभ्यास करने और शब्दों एवं प्रारूपों हेतु सन्दर्भ लेने के लिए किन ग्रन्थों का सहारा लिया जाए, इसकी जानकारी भी इस ग्रन्थ में समाहित है।
साथ ही हिन्दी के उद्गम का इतिहास, उसके विकास में अहिन्दीभाषियों की भूमिका, विधि एवं न्याय की हिन्दी की दुरूहताएँ एवं अपेक्षाएँ, देवनागरी लिपि की विभिन्न बारीकियाँ, राष्ट्रीय आन्दोलनों में हिन्दी की भूमिका, पत्रकारिता की हिन्दी, राजभाषा हिन्दी, सम्पर्क भाषा हिन्दी आदि विभिन्न पक्षों का विवेचन भी इसमें समाविष्ट है।
परिशिष्ट के रूप में मानकीकरण एवं एकरूपता सम्बन्धी भारत सरकार के अनुदेश तथा स्तरीय शब्दकोशों और शब्दावलियों की जानकारी भी संलग्न है जिससे यह पुस्तक हर तरह से मार्गदर्शिका की भूमिका निभा सकेगी।
Pyramid Ka Sapna
- Author Name:
Jack Harte
- Book Type:

-
Description:
जैक की कहानियों का यह चयन उनके लेखन की बहुआयामी छवि को प्रस्तुत करता है जहाँ कहानी के शिल्प और रूप की नई सम्भावनाओं की तलाश की गई है। कहानी सिर्फ़ कहानी है। ज़रूरत है पंख फैलाकर उड़ने की और एक सीमा से दूसरी सीमा तक के तमाम रूपों को पुनर्परिभाषित करने की।
जैक का लेखन कहानी को कविता के बेहद नज़दीक ले जाने का भी अद्भुत प्रयास है। इन कहानियों को पढ़ते हुए आपको ल फॉन्टेन एवं लेटिन अमरीकी अतियथार्थवादी लेखकों से लेकर भारत के विजयदान देथा तक याद आते रहते हैं। जैक हार्ट की कहानियों को विशुद्ध प्रतीकवाद और यथार्थवाद का मिश्रण कहना किसी भी तरह अनुचित न होगा।
जैक की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि किस तरह कहानी मानव मन के अन्तरतम कोनों तक पहुँच सकती हैं। कल्पना के उच्चतम स्तर तक पहुँचने के लिए ये कहानियाँ लगातार प्रेरित करती रहती हैं। वे हमें कान पकड़कर उन अनजान जगहों पर ले जाती हैं जहाँ अचानक हम ख़ुद को पहचानते हैं और हैरान होते हैं। हम गवाह बन जाते हैं : प्रेम, दर्द, युद्ध की त्रासदी और कल्पना की असफलता के।
Pratinidhi Kahaniyan : Khushwant Singh
- Author Name:
Khushwant Singh
- Book Type:

-
Description:
पत्रकारिता से जुड़े रहकर भी खुशवंत सिंह ने अंग्रेज़ी में लिखनेवाले एक भारतीय कथाकार के रूप में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। इस संग्रह में उनकी कुछ प्रतिनिधि कहानियाँ शामिल हैं, जिन्हें उनके तीन कहानी-संग्रहों से चुना गया है।
खुशवंत सिंह की कहानियों का संसार न तो सीमित है और न एकायामी, इसलिए ये कहानियाँ अपनी विषय-विविधता के लिए विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं। ध्यान से पढ़ने पर इनकी दुनिया जहाँ हमारी सामाजिक दुनिया की अनेक ख़ासियतें उजागर करती हैं, वहीँ इनमें लेखक का अपना व्यक्तित्व भी प्रतिध्वनित होता है—विचारोत्तेजक और अनुभूतिप्रवण। शैली सहज, सरल और भाषा प्रवाहमयी है। जीवन के विस्तृत अनुभवों में पगी हुई इन कहानियों में अपने देश की मिट्टी की सोंधी गन्ध है।
मानव-जीवन में गहरे जड़ जमाए खोखले आदर्शों और दकियानूसी परम्पराओं पर कुठाराघात करती हुई ये चुटीली कहानियाँ अपने समय की जीवंत प्रतिध्वनियाँ हैं, जो यदि हमें गुदगुदाती हैं तो सोचने-समझने के लिए प्रेरित भी करती हैं। लेकिन साथ ही ये एक ऐसे भारतीय लेखक की कहानियाँ भी हैं, जो अपने मुँहफट स्वभाव और स्वतंत्र विचारों के लिए बहुत बार विवादों के घेरे में रहा है।
Dola Bibi Ka Mazaar
- Author Name:
Jabir Husain
- Book Type:

- Description: मैंने कब कहा कि मैं कहानियाँ लिखता हूँ। मैं तो बस अपने आसपास जो कुछ देखता हूँ, महसूस करता हूँ, वही लिखता हूँ। मेरे किरदार मेरी उन अनगिनत लड़ाइयों की खोज और उपज हैं, जो दशकों बिहार के गाँवों में लड़ी गई हैं, बल्कि आज भी लड़ी जा रही हैं। मैंने ये भी कब कहा कि मेरे पास गाँवों के दु:खों का इलाज हैं। मैं तो बस अपने किरदारों के यातनापूर्ण सफ़रनामे का एक अदना साक्ष्य हूँ। एक साक्ष्य, जो कभी अपने किरदारों की रूह में उतर जाता है, और कभी किरदार ही जिसके वजूद का हिस्सा बन जाते हैं। मैं तटस्थ नहीं हूँ। मैं तटस्थ कभी नहीं रहा। आगे भी मेरे तटस्थ होने की कोई गुंजाइश नहीं है। मैं ख़ुद अपनी लड़ाइयों का एक अहम हिस्सा रहा हूँ, आज भी हूँ। मेरी नज़र में, तटस्थता किसी भी संवेदनशील आदमी या समाज के लिए आत्मघाती होती है। मैंने झंडे उठाए हैं, परचम लहराए हैं, नारे बुलन्द किए हैं। जो ताक़तें सदियों राज और समाज को अपनी मर्ज़ी से चलाती रही हैं, उनकी बख़्शी हुई यातनाएँ झेली हैं। लेकिन अपनी डायरी के पन्ने स्याह करते वक़्त मैंने, कभी भी, इन यातनाओं को बैसाखी की तरह इस्तेमाल नहीं किया है। न ही मैंने इन्हें अपने डायरी-शिल्प का माध्यम ही बनने दिया है। अतः मैं आप से कैसे कहूँ कि इस पुस्तक में शामिल तहरीरों को आप कहानी के रूप में स्वीकारें।
Kahaniyan Rishton Ki : Dampatya
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

-
Description:
सुखी दाम्पत्य एक कामना भी है, प्रयास भी, एक स्वस्थ परिवार की आधारशिला है तो परिवार-चक्र का केन्द्र-बिन्दु भी।
इस संकलन में दाम्पत्य सम्बन्ध को लेकर लिखी गईं कई पीढ़ियों की कहानियों के बीच से कुछ को शामिल किया गया है। ये आमतौर पर अपने-अपने समय की लोकप्रिय कहानियाँ हैं। इनसे समय के साथ पति-पत्नी के रिश्ते में आए बदलावों का भी अन्दाज़ा मिलता है और इस सम्बन्ध की जटिल ख़ूबसूरती भी सामने आती है। ये कहानियाँ सामान्य स्त्री-जीवन के बदलाव को समझने की दृष्टि से भी पठनीय हैं और भारतीय वैवाहिक जीवन के व्यावहारिक बदलाव को जानने के लिहाज से भी।
Dharohar Kahaniyaan : Jaishankar Prasad
- Author Name:
Jaishankar Prasad
- Book Type:

- Description: प्रसाद नाटकीय विडम्बनाओं की उस परम्परा के कथाकार हैं जो शेक्सपियर के नाटकों और तुर्गनेव के उपन्यासों में दिखाई पड़ती है। प्रसाद ऐसी ही क्रूर, निर्मम विडम्बनाओं के रचनाकार हैं। उनकी कहानियों में ऐसे नाटकीय तत्त्व संयोगवश नहीं हैं, वे समावेशी तत्त्व हैं। निरपराध और अपराधी, सत्य और असत्य, जीवन और मृत्यु के बीच प्रायः नाटकीय ढंग से ही पार्थक्य स्थापित कर लिया जाता है और असत्य सत्य का वाहक बन जाता है, ‘अपराधी’ उन अपराधों के लिए दंड पाता है जो उसने किये ही नहीं होते। —विजयमोहन सिंह
Achchhe Aadmee
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description: रेणु ने अपने आत्म-कथ्य में चित्रगुप्त महाराज द्वारा निर्मित भाग्य-लेख के अंशों में अपना परिचय देते हुए कहा है कि यह आदमी ‘एक ही साथ सुर और असुर, सुन्दर और असुन्दर, पापी और विवेकी, दुरात्मा और सन्त, आदमी और साँप, जड़ और चेतन—सब कुछ होगा।’ क्या यही परिचय अपने विविध और विस्तृत रूप में उनकी समस्त रचनाओं में नहीं लहरा रहा है? जड़ीभूत सौन्दर्याभिरुचि को गतिशील और व्यापक फ़लक प्रदान करनेवाली रेणु की कहानियों ने हिन्दी कथा-साहित्य को एक नई दिशा दी है—सामाजिक परिवर्तन ही एकमात्र विकल्प है। यह दिशा ही रेणु की रचनाओं की मूल सोच है। बड़े चुपके से कभी उनकी कहानियाँ किसानों और खेत मज़दूरों के कान में कह देती हैं कि ज़मींदारी प्रथा अब नहीं रह सकती और ज़मीन जोतनेवाले की ही होनी चाहिए। कभी मज़दूरों को यह सन्देश देने लगती हैं कि तुम्हारी मुक्ति में ही असली सुराज का अर्थ छिपा है—भूल-भुलैया में पड़ने की जरूरत नहीं। क्या कला, क्या भाषा, क्या अन्तर्वस्तु और विचारधारा, कोई भी कसौटी क्यों न हो, रेणु की कहानियाँ एकदम खरी उतरती हैं, लोगों का रुझान बदल देती हैं और यही रचनात्मक गतिविधि रेणु के साहित्य में उनके अप्रतिम योगदान को अक्षुण्ण बनाती है। ‘अच्छे आदमी’ में संग्रहीत विधित रंगों की ये कहानियाँ रेणु की इसी विशिष्ट रचना-यात्रा का अगला पड़ाव हैं।
Shabdon Ka Khakrob
- Author Name:
Raju Sharma
- Book Type:

-
Description:
यह पहला प्रकाशित संकलन है राजू शर्मा की कहानियों का। इसमें जो कहानियाँ
संगृहीत हैं, वे एक लम्बे समयान्तर के बीच लिखी गई हैं। मसलन ‘चिट्ठी के मार्फ़त’ और ‘मुक़दमा’
अस्सी के मध्य की कहानियाँ हैं। इसके बाद ‘रिवर्स स्वीप’, ‘कूड़े का ढेर' और ‘मोटी बातें' 1993 के
आसपास की हैं। लम्बी कहानी ‘शब्दों का ख़ाकरोब’ 1995 के बाद की कहानी है और तभी के समय
को रेखांकित करती है।
लगभग सभी कहानियाँ एक विशेष ढंग से अपने समय और समस्या का अंकन और आकलन करती
हैं। कहानियों का ज़ोर उन सामाजिक और आर्थिक संरचनाओं पर है जो इंसान की मजबूरी, उसकी
स्वायत्तता का सिकुड़ता दायरा और उसकी देर-सवेर की विकृतियों और विषमताओं को जन्म देती हैं।
और उसे एक अजनबी पहचान प्रदान करती हैं। ‘मोटी बातें’ का लगातार फूलता मन्नीलाल और ‘रिवर्स
स्वीप’ के उलटी दृष्टि प्राप्त ओझा जी ऐसे दो उदाहरण हैं।
‘शब्दों का ख़ाकरोब’ एक लम्बी, पूर्णत: राजनैतिक व नायाब कहानी है। यह एक रचनात्मक रूपक की
तरह उद्घाटित होता एक घटना-निबन्ध है। वर्तमान बल्कि ताज़ा राजनीति के नाटकीय मोड़, साझा
राजनीति के नए अनुभव, राजनीति की अनिवार्यता व उसकी मजबूरी, राजनैतिक दुराचरण की
अभिशप्तता व उसके गहरे, दूसरे अर्थ—इस तरह के बहुत से सवालों, भव्यताओं, अजूबियत व
चमत्कारी प्रभावों को समेकित करती है यह लम्बी कहानी। यह एक ऐसी कृति है जो राजनीति की
आन्तरिक जटिलता को बड़ी सूक्ष्मता से पकड़ती है।
इस संग्रह की हर कहानी सामाजिक यथार्थ का कोई न कोई पक्ष नए तरीक़ों से प्रस्तुत करती है।
परन्तु ‘शब्दों का ख़ाकरोब’ एक ऐसी कहानी है जिस पर विशेष रूप से चर्चा होगी व होनी चाहिए।
Ek Duniya : Samanantar
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
आधुनिक साहित्य की सबसे अधिक सशक्त, जीवन्त और महत्त्वपूर्ण साहित्य विधा—कहानी—को लेकर इधर जो विवाद, हलचलें, प्रश्न, जिज्ञासाएँ और गोष्ठियाँ हुई हैं, उन सभी में कला-साहित्य के नए-पुराने सवालों को बार-बार उठाया गया है। कथाकार राजेन्द्र यादव ने पहली बार कहानी के मूलभूत और सामयिक प्रश्नों को साहस और व्यापक अन्तर्दृष्टि के साथ खुलकर सामने रखा है, देशी-विदेशी कहानियों के परिप्रेक्ष्य में उन पर विचार और उनका निर्भीक विवेचन किया है। कइयों की अप्रसन्नता और समर्थन की चिन्ता से मुक्त, यह गम्भीर विश्लेषण जितना तीखा है, उतना ही महत्त्वपूर्ण भी।
लेकिन उन कहानियों के बिना यह सारा विश्लेषण अधूरा रहता जिनका ज़िक्र समीक्षक, लेखक, सम्पादक, पाठक बार-बार करते रहे हैं; और जिनसे आज की कहानी का धरातल बना है।
निर्विवाद रूप से यह स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी-कहानी का बेजोड़ संकलन और प्रामाणिक ‘हैंड-बुक’ है। यह सिर्फ़ कुछ कहानियों का ढेर या बंडल नहीं है, बल्कि इनके चुनाव के पीछे एक विशेष जागरूक दृष्टि और कलात्मक आग्रह है।
इसीलिए आज की सम्पूर्ण रचनात्मक चेतना को समझने के लिए ‘एक दुनिया : समानान्तर’ अपरिहार्य और अनुपेक्षणीय संकलन है, ऐतिहासिक और समकालीन लेखन का प्रतिनिधि सन्दर्भ ग्रन्थ...
‘एक दुनिया : समानान्तर’ की भूमिका ने कथा-समीक्षा में भीषण उथल-पुथल मचाई है, मूल्यांकन को नए धरातल दिए हैं। यह समीक्षा अपने आप में हिन्दी के विचार-साहित्य की एक उपलब्धि है।
यह नया संस्करण इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
Adab Mein Baaeen Pasli : Bhartiyetar Urdu Kahaniyan : Vol. 6
- Author Name:
Nasira Sharma
- Book Type:

-
Description:
उर्दू वाले कहानियों को सीमा में नहीं बाँधते हैं, वह हर उस कहानी को उर्दू की समझते हैं जो उर्दू में लिखी गई हो, चाहे लेखक कहीं का हो। हिन्दुस्तान-पाकिस्तान में रहनेवाले, और बाहर के मुल्कों में बसनेवाले उर्दू अदीब जिनकी मूल धरती हिन्दुस्तान रही है चाहे उन्होंने विश्व के किसी कोने में बैठकर कहानी लिखी हो, यहाँ तक कि पाकिस्तानी भी
जहाँ का हर बड़ा कहानीकार आज के भारत में पैदा हुआ था और कल के भारत के हिस्से में बैठकर लिख रहा है। इनकी जड़ें हिन्दुस्तान में गहरे धँसी हुई हैं।
इन कहानियों में ‘अपनी ज़मीन की हुड़क’ तो है और इसीलिए इन कहानियों में छोड़े हुए वतन की यादें घुमड़ती नज़र आती हैं। इसके बावजूद अब वहाँ जिस तरह की ज़िन्दगी वह गुज़ार रहे हैं, यदि उनसे पूछा जाए कि वह भारत या पाकिस्तान लौटना चाहेंगे तो वह शायद इनकार कर दें, जबकि वहाँ सभी लेखक लगभग दो बार या इससे भी ज़्यादा एक जगह से दूसरी जगह जा चुके हैं। पहली महाजरत, सियासत के चलते बँटवारे के कारण भारत से पाकिस्तान की ओर कूच के रूप में, दूसरे आर्थिक कारणों से पाकिस्तान से अन्य देशों की ओर, फिर एक देश से दूसरे देश में रोज़ी-रोटी की तलाश में भटकन। जब पैरों के नीचे ठोस ज़मीन आई और संघर्ष से राहत मिली तो अपनों की याद आई।
कुछ लेखकों को छोड़कर बाक़ी लेखकों की कहानियाँ हिन्दी में पहली बार इस संकलन में
छप रही हैं।
Vipralabdha
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

-
Description:
महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं। अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़नेवाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ।
इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे। प्रस्तुत संग्रह में ‘दो स्मृति-चिह्न’, ‘विप्रलब्धा’, ‘शायद’, ‘ज्येष्ठा’, ‘शपथ’, ‘घंटा’, ‘के’ एवं ’पुष्पहार’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है। कलात्मक कौशल के साथ रची गई ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Maai Ka Shokgeet
- Author Name:
Doodhnath Singh
- Book Type:

-
Description:
‘माई का शोकगीत’ समेत इस संग्रह की पाँचों कहानियाँ इसका प्रमाण हैं कि दूधनाथ सिंह अपनी गद्य-भाषा पर कविता की तरह काम करते थे। और इस भाषा के माध्यम से वे जिस कथा को पकड़ते थे, वह हमारे जीवन का एक प्रामाणिक चित्र होता है।
‘हुँड़ार’ का निर्लज्ज और लम्पट चरित्र रायसाहब हो या ‘गुप्तदान’ के पांडेजी—ये सब वे चरित्र हैं जो होते तो हमारे आसपास ही हैं, लेकिन उन पर अक्सर हमारी निगाह नहीं जाती। हमारे देखने की व्यवस्थासम्मत आदतों के चलते ये पात्र हमारी निगाह से छूटते रहते हैं, जब तक कि कोई हमारा ध्यान उधर न ले जाए। ‘हुँड़ार’ का ‘मैं’ रायसाहब के आगमन पर अपने ‘कई तरह के गुस्से’ का जिस प्रकार विवरण देता है, वह अनायास ही हमें कुछ ऐसी उपस्थितियों के प्रति सजग कर देता है, जो अन्यथा हमें नहीं दिखतीं।
संग्रह की शीर्षक कहानी ‘माई का शोकगीत’ स्त्रियों पर घरेलू हिंसा का रोमांचकारी दस्तावेज़ है। इसमें एक स्त्री की कथा राष्ट्रीय स्वतंत्रता आन्दोलन की कथा के समानान्तर चलती है और पाठक के सामने यह सवाल छोड़ती है कि राष्ट्रों के इतिहास के समक्ष क्या व्यक्ति का इतिहास कोई अहमियत नहीं रखता?
Kasturi Mrig
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

-
Description:
महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं।
अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़ने वाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ।
इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे।
प्रस्तुत संग्रह में ‘कस्तूरी मृग’, ‘माणिक’, ‘तर्पण’, ‘जोकर’, ‘रथ्या’ एवं ‘शर्त’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है।
कलात्मक कौशल के साथ रची गईं ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Desh Vibhajan Ki Kahaniyan
- Author Name:
Salam Azad
- Book Type:

-
Description:
सीमा के उस पार अस्वस्थ पिता खड़े हुए और इस पार बेटी, बीच में लगभग आधे मील चौड़े पाट की एक नदी...धरती को बाँटने की कोशिशों का पीड़ाजनक नतीजा ऐसी ही सीमाओं में होता है। ‘देश विभाजन की कहानियाँ’ बांग्लादेश के लब्धप्रतिष्ठ लेखक सलाम आज़ाद ने इन्हीं सीमाओं और पीड़ाओं से आक्रान्त होकर क़लमबद्ध की हैं। इन कहानियों में उन्होंने अपने देश के विभाजन के कारणों, उसके परिणामों और निरीह मनुष्य की नियति पर पड़नेवाले उसके दूरगामी और विडम्बनापूर्ण प्रभावों को भावप्रवण कथात्मकता के साथ रेखांकित किया है।
सलाम आज़ाद बांग्लादेश के उन लेखकों में अपना महत्त्वपूर्ण स्थान रखते हैं जिनका सरोकार साम्प्रदायिक सौहार्द और देश का धर्मनिरपेक्ष विकास है। उनकी यह चिन्ता भी इन कहानियों में लक्षित की जा सकती है। बांग्लादेश में हिन्दुओं के साथ किए जानेवाले भेदभाव और उनके नागरिक अधिकारों का हनन सलाम आज़ाद के लेखक को गहरा दु:ख पहुँचाता है, जिसके चलते वे ‘जन्मभूमि’ जैसी कहानियाँ लिखने को बाध्य होते हैं। ‘देश विभाजन की कहानियाँ’ कहानियाँ भी हैं, और दस्तावेज़ भी।
Vish ke Daant Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Nalin Vilochan Sharma
- Book Type:

- Description: कथा संग्रह
Vishwa Ki Shreshtha Kahaniya : Vol. 2
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description: भारतीय भाषा परिषद ने भारतीय भाषाओं की कई चुनी हुई रचनाओं के संकलन पहले भी प्रकाशित किए हैं। अब इसी क्रम को बढ़ाते हुए, इसी शृंखला में विश्व की श्रेष्ठ कहानियाँ प्रकाशित की जा रही हैं। उम्र के हर मोड़ पर ये कहानियाँ पाठकों के जेहन से टकराई होंगी, कभी लिखित रूप में, कभी वाचिक। सुदूर देशों के भूगोल और इतिहास को उलाक कर इन रचनाओं ने हमारे स्मृति-कोष को समृद्ध किया है। इनकी गहरी मानवीय दृष्टि, मार्मिक सृष्टि और वृहत्तर अभिप्रायों ने हमें ऐसा छुआ है कि हमने इन्हें अपना पाथेय समझा। विश्व कथा साहित्य से परिचित होने की राह में भारतीय भाषा परिषद का यह विनम्र प्रयास है। —ममता कालिया
Atithi Devo Bhav
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

- Description: बहुचर्चित कथाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का रचना-कर्म आज के ज्वलंत सामाजिक सवालों से जुड़ा हुआ है और ‘अतिथि देवो भव’ में शामिल कहानियाँ उनकी इस रचनात्मक प्रतिबद्धता को और अधिक गहरा करती हैं । कहानियों की इस दुनिया में प्रवेश करते हुए हम भारतीय समाज के विभिन्न तबकों, संस्कारों और परंपराओं से जुड़े कुछ ऐसे चरित्रों से परिचित होते हैं, जिन्हें व्यक्तियों के बजाय सहज ही मानव-मूल्यों की संज्ञा दी जा सकती है। ऐसे चरित्रों में ‘अलिया धोबी और पाव-भर गोश्त’ का अलिया, ‘पुण्यभोज’ का खुदाबकस,‘खाल खींचनेवाले’ का भुनेसर, ‘नर-लीला’ की कमली, ‘सुलह’ का महादेव, ‘यह कोई अन्त नहीं’ का सरवर और ‘दूसरा सदमा’ के गुलामू चचा विशेष उल्लेखनीय हैं। इन कथा-चरित्रों की शक्लें और कार्य-व्यवहार भले ही अनेक हों, लेकिन अपने इर्द-गिर्द क्रियाशील अमानवीय तंत्र के विरुद्ध उनका गुस्सा और संघर्ष एक है। वर्तमान व्यवस्था के मानव-विरोधी स्वरूप को वे जिस प्रकार महसूस करते हैं और पहचानते हैं, वह न केवल उन्हें, बल्कि इन कहानियों को भी अविस्मरणीय बना देता है। इनके अलावा कुछ कहानियाँ ऐसे चरित्रों को भी सामने लाती हैं, जो पोर-पोर लंपटता से भरे हैं और आधुनिक जीवन स्थितियों से परिचालित मानव-स्वभाव के संदर्भ में कई स्तरों पर विद्रूप पैदा करते हैं। वस्तुत: अपने वर्तमान से सीधे साक्षात्कार के लिए भी इन कहानियों को उसी सहजता से ग्रहण किया जा सकता है, जिस सहजता से ये लिखी गई हैं।
Sapne
- Author Name:
Rajendra Kumar Kanojiya
- Book Type:

- Description: Short Stories
Ashtray
- Author Name:
Haider Rizvi
- Book Type:

- Description: एक नहीं दो नहीं सैंकड़ों देंगे देखे हैं मैने... मैने बंगाल की चीख़ती माएँ देखी हैं, मैंने लाहौर की सड़कों पर काट कर गिराए गए स्तन देखे हैं, मैंने बम्बई की झुग्गियों में कई बार अपने पेट से निकलती चीख़ को अपने गले तक आते आते घुट जाते हुए देखा है, मैंने बिहार में अपने पैरों के बीच सर्द लोहे के सलाख़ की ठंडक महसूस की है, मैने चौरासी में गोरी-भरे बदन की पंजाबिनें तलाशती आँखें देखी हैं, मैंने गुजरात में अपने पेट में पड़े बच्चे की हर झटके पर निकलती हुई ख़ामोश चीखें सुनी हैं... मैंने सभी दंगों को देखा है... और अपनी इन्हीं आँखों से देखा है.... क्यूंकि दंगे सिर्फ़ एक औरत ही देख सकती है... औरत के लिए दंगा कोई ख़बर नहीं होता, कोई घटना नहीं होती, और इतिहास तो बिलकुल भी नहीं होता.. दंगा उसके लिए एक वो चीज़ होती है जो हमेशा घटती रहती है, जिसे वो हमेशा जीती रहती है, जिसे वो अच्छी तरह पहचानती है और हाँ, सिर्फ़ वही पहचानती है.... लेकिन मैं क्यों वक़्त रहते नहीं पहचान पायी? - इसी पुस्तक से -
Dehaat
- Author Name:
Mahesh Katare
- Book Type:

- Description: This book has no description
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book