The Accidental Anthology
Author:
Bishwadeep GhoshPublisher:
Author'S Ink PublicationsLanguage:
EnglishCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 148.75
₹
175
Available
"The stories compiled in this anthology depict the minds of varied people – from a curious 10-year-old to a confused teenager; from a broken heart to a psychopath; from a dumb creature to ...
Well, READ ON to find more."
ISBN: 9789385137051
Pages: 120
Avg Reading Time: 2 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Ghaharaati Ghatayen
- Author Name:
Mahashweta Devi
- Book Type:

-
Description:
विख्यात बांग्ला कथाकार महाश्वेता देवी की आठ लम्बी कहानियाँ अथवा उपन्यासिकाएँ इस पुस्तक में संकलित हैं। उनकी श्रेष्ठतम रचनाओं में इनकी गणना की जा सकती है। इनमें ‘रुदाली’ नामक उपन्यासिका भी शामिल है जिस पर इसी नाम से एक बेहद सार्थक फ़िल्म बनाई जा चुकी है।
इन उपन्यासिकाओं में बिहार के आदिवासी इलाक़ों के जीवन का रोमांचक वर्णन है और आदिवासियों के सामाजिक, सांस्कृतिक तथा आध्यात्मिक जीवन के खरे चित्र बेलौस भाषा में दिखाए गए हैं। उनके शोषण-उत्पीड़न, उनकी आशा-आकांक्षा, उनका भोलापन और उनकी जिजीविषा को भीतर तक देखा-दिखाया गया है। मानव-जीवन के इस सबसे प्रताड़ित, पिछड़े और दयनीय, फिर भी स्वाभिमानी और तेजस्वी पक्ष को प्रस्तुत करने में महाश्वेता देवी की लेखनी का कमाल इन रचनाओं को अभूतपूर्व ताज़गी और कचोट से भर देता है।
Mansarovar Vol. 5 : Ramleela Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Rating:
- Book Type:

- Description: प्रेमचन्द का सम्पूर्ण साहित्य भारत के स्वाधीनता संग्राम की महागाथा है। ...स्वराज्य के लक्ष्य पर सतत दृष्टि होने के कारण प्रेमचन्द ने उन समस्याओं पर भी लिखा जो स्वराज्य-प्राप्ति के रास्ते में बाधा पैदा करती थीं। साम्प्रदायिकता की समस्या इनमें सबसे प्रमुख रही है। ...प्रेमचन्द उस मायने में विशिष्ट हैं कि उन्होंने हिन्दू और मुस्लिम दोनों प्रकार के सम्प्रदायवाद पर निर्भीकता के साथ प्रहार किया और इसके साथ ही जन साधारण में उस भाव को जगाने का प्रयास किया जिसे आजकल विभिन्न धर्मों के बीच 'सौमनस्य' अथवा 'एकात्म' की संज्ञा दी जाती है। ...इसी प्रकार प्रेमचन्द ने अपनी कृतियों में हिन्दू समाज में बद्धमूल जाति-पाँति के भेद पर चोट करते हुए विशेष रूप से अछूतों पर होने वाले अत्याचार की मार्मिक कहानियाँ भी लिखी हैं। ...नारी की वेदना भी समाज की उन्हीं दुर्बलताओं में से एक है जिस पर प्रेमचन्द की करुणामयी दृष्टि बहुत गहराई तक गई थी। —नामवर सिंह
Log Bistron Per
- Author Name:
Kashinath Singh
- Book Type:

- Description: खाँटी माटी के कथाकार हैं काशीनाथ सिंह। कथा साहित्य में ‘अकहानी’, ‘सचेतन कहानी’, ‘समान्तर कहानी’ आदि आन्दोलनों के काल से गुज़रे काशीनाथ सिंह ने भीड़ में होते हुए अपनी लीक स्वयं बनाई है। जो लोक रचा है उसका यथार्थ अपनी भाषा, शिल्प, कथ्य और दृष्टि में विश्वसनीय तो है ही, विलक्षण भी है। एक सेवानिवृत्त व्यक्ति की नज़र से देखी-लिखी गई कहानी ‘सुख’ सामाजिक यथार्थ को व्यक्त करनेवाली एक अलग कहानी है तो ‘संकट’ एक ऐसे फौजी चरित्र की कथा जो अपनी वासना की पूर्ति न होने पर कई मानसिक तनावों में घिरता और घेरते चला जाता है। ‘एक बूढ़े की कहानी’ एक नाबालिग लडक़ी से बलात्कार की बेहद मार्मिक कथा है। ‘चोट’ में जाति के अहं को जिस पैनी दृष्टि के साथ रचा गया है, वह बदलते युग में वर्ण से जुड़ी कई गिरहों को खोलने में मदद करती है। जबकि ‘सुबह का डर’ मनुष्यता और पुलिसिया आतंक के बीच फँसे लोगों के डर के संजाल की कहानी है। देखें तो, काशीनाथ सिंह के दो संग्रहों ‘लोग बिस्तरों पर’ और ‘सुबह का डर’ से शामिल कहानियों की इस एक जिल्द में ‘बैलून’ जैसी प्रेम कहानी है तो मौत के प्रति चिन्ता और चिन्तन के खोखलेपन से पर्दा हटाती ‘चायघर में मृत्यु’ जैसी कहानी भी। ‘आखिरी रात’ में दाम्पत्य जीवन के आर्थिक तनाव की कथा है, ‘अपने घर का देश’ में बदलते मूल्यों का गहन अंकन तो निरन्तर छीजती संवेदना का एक त्रासद रूप रचती पुस्तक की शीर्षक कहानी ‘लोग बिस्तरों पर’। निस्सन्देह, काशीनाथ सिंह का यह कहानी-संग्रह महत्त्वपूर्ण ही नहीं, अपने समय की एक दस्तावेज़ भी है।
Vishwa Ki Shreshtha Kahaniya
- Author Name:
Abhay K.
- Book Type:

-
Description:
विश्व साहित्य का अध्ययन हमें न सिर्फ़ जीवन के एक व्यापक फ़लक से परिचित कराता है बल्कि उसके माध्यम से हम संसार के विभिन्न हिस्सों में रहनेवाले लोगों के रहन-सहन, उनकी नैतिक मान्यताओं, वर्जनाओं, दु:खों और प्रसन्नताओं से भी अवगत होते हैं। और यह सिर्फ़ जानकारी बढ़ाने का मसला नहीं है, इससे हम अपने अन्तस्तल को विस्तृत करते हैं, विविधताओं को खुले मन से स्वीकार करने की स्थिति में आते हैं, और दुनिया को देखने का एक उदार नज़रिया विकसित करते हैं।
कहानी दुनिया की सबसे प्राचीन विधाओं में है। उसकी सम्प्रेषण शक्ति को भी विशेष रूप से पहचाना गया है। संसार की सभी भाषाओं के पास अपने कुछ महान कथाकार हैं जो अपने जीवनकाल और उसके बाद भी लोगों के हमसफ़र रहे हैं।
इस संकलन में 14 देशों के कुल 43 कहानीकारों की कहानियाँ संकलित हैं जो अपने समय, समाज और रचना कौशल की प्रतिनिधि रचनाएँ मानी गई हैं। आशा है, पाठकों को यह प्रस्तुति रुचिकर और संग्रहणीय लगेगी।
Bechain Patton Ka Chorus
- Author Name:
Kunwar Narain
- Book Type:

-
Description:
कुँवर नारायण उन अत्यल्प साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों में हैं जिन्होंने अपने लेखन में भारतीय और वैश्विक विचार, चिन्तन, संवेदना और सरोकारों से गहन संवाद किया है। यह संवाद किसी एक साहित्यिक विधा तक सीमित नहीं रहा। उनकी काव्येतर कृतियाँ इस बात की पुष्टि करती हैं। कुँवर नारायण ने जैसे विश्वस्तरीय कविताएँ लिखी हैं वैसे ही कहानियाँ भी। 'बेचैन पत्तों का कोरस' कुँवर नारायण का दूसरा कहानी-संग्रह है। पहला कहानी-संग्रह, 'आकारों के आसपास', सत्तर के दशक में आया था। अपनी असाधारण मौलिकता के चलते यह संग्रह ख़ासा ध्यानाकर्षक रहा। उस वक़्त रघुवीर सहाय, श्रीकान्त वर्मा, श्रीलाल शुक्ल, नेमिचन्द्र जैन जैसे साहित्यकारों ने इन कहानियों को सुखद आश्चर्य के साथ सराहा।
वर्तमान समय के कथाकारों और समीक्षकों तक के लिए ये कहानियाँ निरन्तर आकर्षण और प्रेरणा का विषय बनी हुई हैं। इसी उपलब्धि का विस्तार हम इस दूसरे संकलन में पाते हैं, जो कि एक लम्बे अन्तराल के बाद आ रहा है।
वर्तमान कथा-परिदृश्य को यह संकलन कई मानों में समृद्ध करेगा। इन कहानियों में अन्तर्वस्तु की विविधता ही नहीं, भाषा, संरचना और रूप का वैविध्य भी उत्कृष्टता का प्रमाण है। हर कहानी स्वयं में नई है और दूसरी से पृथक् भी। ये कहानियाँ औपचारिक और परम्परागत तरीक़े से अलग, कहानी विधा में प्रयोग और नवाचार हैं। बहुविधात्मक प्रभाव का सुन्दर समन्वय इन कहानियों को बहुस्तरीय बनाता है, और निबन्ध, संस्मरण, रेखाचित्र, चारित्रिकी, कविता आदि विधाओं की सम्मिलित शक्ति इन कहानियों के क्षितिज को विस्तृत करती है।
Delightful Novella (Volume-2)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Delightful Novella (Volume-2) is a collection of short stories that explores the darker side of life. The stories are inspired by true events and are written in a way that pulls you into the characters' lives. These are not your typical tales of heroes and villains; they're about people who make mistakes and learn from them, people who have to face their demons and fight back against them. They're about love and loss, about how we sometimes have to do things we don't want to do in order to find out who we really are at the end of the day.
Jamuni
- Author Name:
Mithileshwar
- Book Type:

- Description: मिथिलेश्वर ग्रामीण परिवेश के सशक्त कथाकार हैं। उनकी लम्बी कहानी ‘जमुनी’ को कृषक-जीवन की महागाथा कहा जा सकता है, जिसमें एक सामान्य भारतीय कृषक परिवार के प्रेम-घृणा, आस्था-विश्वास, आशा-निराशा, हर्ष-विषाद, सम्पत्ति-विपत्ति और उत्थान-पतन का मार्मिक एवं सजीव चित्र प्रस्तुत किया गया है...। शिल्प का रचाव निश्चय ही कहानी को महत्त्वपूर्ण बना देता है, किन्तु कहीं-कहीं अनायास सादगी ही शिल्प का शृंगार बन जाती है। प्रेमचन्द का कथाशिल्प ऐसा ही था। वर्तमान कथाकारों में मिथिलेश्वर का कथाशिल्प भी इसी प्रकार का है।’’ —डॉ. राकेश गुप्त एवं डॉ. ऋषिकुमार चतुर्वेदी ‘हिन्दी कहानी 1991-95’, खंड-2 का भूमिकांश शीर्षक कथा ‘जमुनी’ एक लम्बी कहानी है जिसमें एक कृषक परिवार का संघर्ष जीवन्त हो उठता है और जहाँ अपनी भूख-प्यास और नींद-आराम को दरकिनार करते हुए हर एक की चिन्ता बीमार भैंस को मृत्यु के मुख में जाने से बचाने की है, क्योंकि वह भैंस ही उनकी सुख-समृद्धि का केन्द्र है। ‘जमुनी’ के अतिरिक्त इस संग्रह की अन्य कहानियाँ भी जीवन और जगत के जरूरी सवालों के जवाब तलाशती अमिट प्रभाव क़ायम करनेवाली कहानियाँ हैं। निःसन्देह, यह कहानी-संग्रह समर्थ कथाशिल्पी मिथिलेश्वर के प्रौढ़ कथा-लेखन की सार्थक यात्रा का द्योतक है। ‘बाबूजी’ के कथाकार ने अपने लेखकीय नैरन्तैर्य और श्रेष्ठ कथा-लेखन के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट मौजूदगी का एहसास कराते हुए हिन्दी कथा-जगत को और अधिक ऊर्जस्वित और विकसित किया है...।
Akbar Birbal Ki Nok Jhonk
- Author Name:
Ashok Maheshwari
- Book Type:

- Description: अकबर और बीरबल के व्यंग्य-विनोद से सजी कहानियों का यह संग्रह जीवन की कठिनतम परिस्थितियों में भी सूझ का दामन थामे रहने और विवेकपूर्ण निर्णय लेने की प्रेरणा देने का माद्दा रखता है। अकबर-बीरबल की चुहल-भरी इन कहानियों में जीवन की अठखेलियाँ हैं तो समय का विद्रूप भी। लोभ, ईर्ष्या और स्वार्थ की अचम्भित कर देनेवाली अनेक घटनाओं से अप्रभावित रह सकने के सूझ-भरे दृष्टिकोणों का हैरतअंगेज चित्रण भी इस संग्रह की कहानियाँ करती हैं। सच कहा जाए तो अकबर और बीरबल के बीच चलनेवाली नोक-झोंक में जीवन के गूढ़ रहस्य पैवस्त हैं जो पाठक को हौसला भी देते हैं, और गुदगुदाते भी हैं। ये कहानियाँ हँसी का दामन थामे हुए चलना सिखाती हैं और बताती हैं कि उन्मुक्त परिहास का असर किस तरह स्थायित्व ग्रहण कर लेता है। संग्रह की कहानियों के विषय-वैविध्य लुभाते हैं। जीवन-व्यापार की समस्त विसंगतियों और विडम्बनाओं के साथ सहज हास्य को सहेजती-बटोरती चलती ये कहानियाँ जीवन के गूढ़ रहस्यों को खोलती हैं।
Zoya Desai Cottege
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Rating:
- Book Type:


- Description: ११ कहानियों का बेहतरीन संग्रह। ‘जोया देसाई कॉटेज’ कथाकार, ग़ज़लकार, व्यंग्यकार और संपादक पंकज सुबीर का सद्य: प्रकाशित कहानी संग्रह है। ‘जोया देसाई कॉटेज’ में उनकी ग्यारह लंबी कहानियाँ संकलित हैं– ‘स्थगित समय गुफा के फलाने आदमी’, ‘ढोंड़ चले जै हैं काहू के संगे’, ‘डायरी में नीलकुसुम’, खजुराहो’, ‘जाल फेंक रे मछेरे’, ‘जोया देसाई कॉटेज’, ‘जुली और कालू की प्रेमकथा में गोबर’, ‘रामसरूप अकेला नहीं जाएगा’, ‘उजियारी काकी हंस रही है’, ‘नोटा जान’, ‘हराम का अंडा’। इन कहानियों में अपनों का परायापन और परायों की संवेदनशीलता/ मानवीयता है। मशीनीकरण, मित्रों और आभासी दुनिया से पगलाया, विसंगति का शिकार आम आदमी है। दलित विमर्श और प्रथम किशोर प्रेम है, किन्नर की वेदना है। देहात्मबोधों की, प्रेम की प्यासी आत्माओं की, निरंकुश यौनाकांक्षाओं की चर्चा हैं। अफसरशाही की दरिंदगी है। निरंकुश और वस्तुवादी पितृसताक है।
Kabhi Basant, Kabhi Patjhad
- Author Name:
Tara Meerchandani
- Book Type:

- Description: भावना, तुम्हारा फोन।’’ भावना उस समय कॉलेज जाने के लिए साड़ी पहन रही थी, उसने आश्चर्य से पूछा, ‘‘किस का फोन है?’’ ‘‘तुम्हारे किसी विद्यार्थी।’’ मिस्टर अजवाणी ने उत्तर दिया। भावना ने शीघ्रता से साड़ी पहनी, टेलीफोन का रिसीवर उठाया, ‘‘हैलो।’’ ‘‘दीदी!’’ स्वर में घबराहट थी। ‘‘कहो अरुणा।’’ ‘‘दीदी, क्या आप नाटक में भाग नहीं लेंगी?’’ ‘‘किसने कहा तुम्हें?’’ भावना ने पूछा। ‘‘आपके पति, राजाणी अंकल को कह रहे थे।’’ ‘‘यह हो नहीं सकता।’’ ‘‘सच दीदी, कल रात ही राजाणी अंकल आपके घर आए थे, आप सोई हुई थीं। मिस्टर अजवाणी ने उससे कहा कि आपकी तबीयत ठीक नहीं है, इसलिए उन्होंने उसको आपसे मिलने नहीं दिया और उससे यह भी कहा कि आप नाटक में भाग नहीं लेंगी और उन्होंने राजाणी अंकल को आप से मिलने के लिए भी मना कर दिया है।’’ —इसी संग्रह से मानवीय संबंधों पर केंद्रित ये कहानियाँ और उनका कथानक पाठकों को अपने बीच का ही लगेगा। ये पठनीय कहानियाँ आज के भागमभाग वाले जीवन में सुकून देंगी, शीतलता का अहसास देंगी।
Kathabharana
- Author Name:
Ajith Harishi +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Kahaniyan Rishton Ki : Sahodar
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

-
Description:
अल्पना मिश्र हिन्दी कहानी के सूची-समाज में अनिवार्य रूप से शामिल नहीं हैं लेकिन वे उसकी सबसे मज़बूत परम्परा का एक विद्रोही और दमकता हुआ नाम हैं। उन्हें उखड़े और बाज़ार-प्रिय लोगों द्वारा सूचीबद्ध नहीं किया जा सका। कहानी का यह धीमा सितारा मिटनेवाला, धुँधला होनेवाला नहीं है, निश्चय ही यह स्थायी दूरियों तक जाएगा।
अल्पना मिश्र की कहानियों में अधूरे, तकलीफ़देह, बेचैन, खंडित और संघर्ष करते मानव जीवन के बहुसंख्यक चित्र हैं। वे अपनी कहानियों के लिए, बहुत दूर नहीं जातीं, निकटवर्ती दुनिया में रहती हैं। आज पाठक और कथाकार के बीच की दूरी कुछ अधिक ही बढ़ती जा रही है, अल्पना मिश्र की कहानियों में यह दूरी नहीं मिलेगी। आज बहुतेरे नए कहानीकार प्रतिभाशाली तो हैं पर कहानी तत्त्व उनका दुर्बल है, वे अपनी निकटस्थ, खलबलाती, उजड़ती, दुनिया को छोड़कर नए और आकर्षक भूमंडल में जा रहे हैं। इस नज़रिए से देखें तो अल्पना मिश्र उड़ती नहीं हैं, वे प्रचलित के साथ नहीं हैं, वे ढूँढ़ती हुई, खोजती हुई, धीमे-धीमे उँगली पकड़कर लोगों यानी अपने पाठकों के साथ चलती हैं।
‘ग़ैर-हाज़िरी में हाज़िर’, ‘गुमशुदा’, ‘रहगुज़र की पोटली’, ‘महबूब ज़माना और ज़माने में वे’, ‘सड़क मुस्तक़िल’, ‘उनकी व्यस्तता’, ‘मेरे हमदम मेरे दोस्त’, ‘पुष्पक विमान’ और ‘ऐ अहिल्या’ कहानियाँ इस संग्रह में हैं। इन सभी में किसी-न-किसी प्रकार के हादसे हैं। भूस्खलन, पलायन, छद्म आधुनिकता, जुल्म, दहेज हत्याएँ, स्त्री-शोषण से जुड़ी घटनाएँ अल्पना मिश्र की कहानियों के केन्द्र में हैं। इन सभी कहानियों में लेखिका की तरफ़दारी और आग्रह तीखे और स्पष्ट हैं। वे अत्याधुनिक अदाओं और स्थापत्य के लिए विकल नहीं हैं। उनकी कहानियाँ आलंकारिक नहीं हैं, वे उत्पीड़न के ख़िलाफ़ मानवीय आन्दोलन का पक्ष रखती हैं और इस तरह सामाजिक कायरता से हमें मुक्त कराने का रचनात्मक प्रयास करती हैं। मुझे इस तरह की कहानियाँ प्रिय हैं।
—ज्ञानरंजन
Call Centre
- Author Name:
Chanchal Sharma
- Book Type:

-
Description:
दिलीप पाण्डेय और चंचल शर्मा की कहानियाँ हिन्दी कहानियों में कुछ नए ढंग का हस्तक्षेप करती हैं। यहाँ बहुत-सी कहानियाँ हैं जिनका मैं ज़िक्र करना चाहता हूँ, लेकिन दो-तीन कहानियाँ तो अद्भुत हैं। आमतौर पर इस संग्रह की ज़्यादातर कहानियाँ दो-ढाई पेज से ज़्यादा की नहीं हैं और सबका अपना प्रभाव है। कई कहानियाँ तो इतने नए अनुभव लिए हुए हैं कि हिन्दी कहानी में दुर्लभ हैं।
आप ‘ढेढ़-मेढ़े रास्ते’ पढ़िए। आपको लगेगा कि आप एक नए महाभारत से जूझ रहे हैं जहाँ से स्त्री-स्वाभिमान की एक नई दुनिया खुलती है। पारम्परिक स्त्री-विमर्श से अलग यहाँ एक नए तरह का स्त्री-विमर्श है। चौसर पर यहाँ भी स्त्री है लेकिन अबकी स्त्री अपनी देह का फ़ैसला ख़ुद करती है। इसी के उलट ‘कॉल सेंटर’ स्त्री-स्वाधीनता के दुरुपयोग की अनोखी कथा है जो बहुत सीधे-सपाट लहज़े में लिखी गई है। इस संग्रह की विशेषता यह है कि यहाँ कहानियों में विविधता बहुत है। यहाँ आप अल्ट्रा मॉड समाज की विसंगतियों की कथा पाएँगे तो बिलकुल निचले तबक़े के अनोखे अनुभव भी, जो बिना यथार्थ अनुभव के सम्भव नहीं हैं। जैसे एक कहानी है—‘कच्चे-पक्के आशियाने’। यह कहानी ग़रीबी रेखा से नीचे जीनेवाले बच्चों की कहानी है जहाँ एक लड़की सिर्फ़ जीने के लिए अपनी देह का सौदा करती है। इसका अन्त तो अद्भुत है जब देह बेचनेवाली लड़की उस पर आरोप लगानेवाले सम्भ्रान्त मेहता से उनकी पत्नी के सामने कहती है कि मेहता साहब, आपके पाँच सौ रुपए मुझ पर बाक़ी हैं, आपकी बीवी को दे दूँगी। कहानी यहाँ सम्भ्रान्त समाज के पाखंड पर एक करारा तमाचा बन जाती है।
कुल मिलाकर दिलीप पाण्डेय और चंचल शर्मा की ये कहानियाँ इसलिए भी पढ़ी जानी चाहिए
कि इन्होंने हिन्दी कथा को कुछ नए और अनूठे अनुभव दिए हैं।
—शशिभूषण द्विवेदी
Pinjre Ki Udan
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी
है।‘पिंजरे की उड़ान’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘मक्रील’, ‘नीरस रसिक’, ‘हिंसा’, ‘समाज सेवा’, ‘प्रेम का सार’, ‘पहाड़ की स्मृति’, ‘पीर का मज़ार’, ‘दुखी-दुखी’, ‘भावुक’, ‘मृत्युंजय’, ‘शर्त?’, ‘तीसरी चिता’, ‘प्रायश्चित्त’, ‘हृदय’, ‘परायी’, ‘मज़हब’, ‘कर्मफल’, ‘दर्पण’, ‘परलोक और दु:ख’।
Barah Charchit Kahaniya
- Author Name:
Sudha Om Dhingra +1
- Book Type:

- Description: This book has no description
Glimpses of Glory
- Author Name:
Santosh Shailja
- Book Type:

- Description: These short stories are about those great women (some girls too) who believed in great ideals of love, sacrifice, patriotism etc. and had the courage to live those ideals in their lives. They belong to different periods of history (some pre-historic) as well as different places and positions in society. I have not written their life history—it is just a glimpse into their life which shows their quality that proved them great and extraordinary. I do not present them as being super-human or heavenly bodies. They are just like any ordinary women but they achieved greatness by their commitment to their ideals. Therefore, readers will be surprised to read a new version of the story of Savitri or Parvati. But I believe that these great women need to be understood and emulated as our ideals. The new generation needs to know them in their true logical perspective. Otherwise we might forget them and their ideals in this age of materialism.
Pratinidhi Kahaniyan : Kashinath Singh
- Author Name:
Kashinath Singh
- Book Type:

- Description: साठोत्तरी पीढ़ी के जिन प्रगतिशील कथाकारों ने हिन्दी कहानी को नई ज़मीन सौंपने का काम किया, काशीनाथ सिंह का नाम उनमें विशेष महत्त्व रखता है। इस संग्रह में उनकी बहुचर्चित कहानियाँ शामिल की गई हैं। ध्वस्त होते पुराने समाज, व्यक्ति-मूल्यों तथा नई आकांक्षाओं के बीच जिस अर्थद्वन्द्व को जन-सामान्य झेल रहा है, उसकी टकराहटों से उपजी, भयावह अन्तःसंघर्ष को रेखांकित करती हुई ये कहानियाँ पाठक को सहज ही अपनी-सी लगने लगती हैं। इनमें हम वर्तमान राजनीतिक ढाँचे के तहत पनप रही मूल्य-भ्रंशता को भी देखते हैं और जीवन-मूल्यों की पतनशील त्रासदी को भी महसूस करते हैं। समकालीन यथार्थ की गहरी पकड़, भाषा-शैली की सहजता और एक ख़ास क़िस्म का व्यंग्य इस सन्दर्भ में पाठक की भरपूर मदद करता है। वह एक प्रगतिशील मूल्य-दृष्टि को अपने भीतर खुलते हुए पाता है, क्योंकि काशीनाथ सिंह के कथा-चरित्र विभिन्न विरोधी जीवन-स्थितियों में पड़कर स्वयं अपना-अपना अन्तःसंघर्ष उजागर करते चलते हैं और इस प्रक्रिया में लेखकीय सोच की दिशा सहज ही पाठकीय सोच से एकमेक हो उठती है।
Paap Aur Anya Kahaniyan
- Author Name:
Paarmita Shatpathi
- Book Type:

-
Description:
पारमिता शतपथी ओड़िया की प्रतिष्ठित, चर्चित और सम्मानित कथाकार हैं जिनकी कई रचनाएँ हिन्दी और अंग्रेज़ी समेत अन्य भारतीय भाषाओं में अनूदित हो चुकी हैं। इस संकलन में उनकी कुछ चर्चित कहानियाँ शामिल हैं जिन्हें उनके तीव्र यथार्थबोध, संवेदना और समाज की गहरी समझ के लिए जाना गया।
पारमिता शतपथी की कथा-शैली इतनी दिलचस्प और घटना-क्रम के ब्यौरे इतने सूक्ष्म होते हैं कि किसी भी कहानी को एक बार शुरू करने पर आप पढ़ते ही चले जाते हैं। उदाहरण के लिए संग्रह की पहली ही कहानी 'पाप' को लिया जा सकता है। दस-ग्यारह साल के बच्चे पर केन्द्रित यह कहानी जिसमें वह भूख के मारे एक मुर्गी को मार देता है और परिणामस्वरूप अपने पूरे परिवार को मौत तक पहुँचा देता है, एक स्तब्धकारी वृत्तान्त है। कहानी का सिर्फ़ अन्त ही नहीं, जहाँ अपनी माँ और बहनों की मृत्यु की जवाबदेही वह बच्चा महसूस करता है, वहीं भूख और ग़रीबी के विवरणों से भी यह कहानी आतंकित करती है।
उल्लेखनीय यह है कि वे आधुनिक समाज के निम्न तबक़े के दु:ख-तकलीफ़ों के साथ मध्यवर्ग के उथलेपन की भी गहरी समझ रखती हैं। ‘दलाल' ऐसी ही कहानी है जिसमें एक व्यक्ति अपने सामान्य चालाकियों से अकूत सम्पत्ति अर्जित करता है लेकिन अन्त में एक चतुर लड़की के हाथों ठगा जाता है।
पारमिता अपनी कहानियों में समाज के वंचित-दुर्बल लोगों का पक्ष लेते हुए साफ़ दिखाई देती हैं और खाए-पिए-अघाए लोगों के प्रति उनकी घृणा भी स्पष्ट दृष्टिगोचर होती है। मसलन, 'दलाल' कहानी में उन्होंने नायक को शुरू से अन्त तक वह आदमी कहकर ही सम्बोधित किया है, उसे कोई नाम तक नहीं दिया।
राजेन्द्र प्रसाद मिश्र द्वारा मूल ओड़िया से अनूदित इन कहानियों को पढ़ते हुए ऐसा नहीं लगता कि अनुवाद पढ़ रहे हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Mithileshwar
- Author Name:
Mithileshwar
- Book Type:

- Description: मिथिलेश्वर हिन्दी कथा-साहित्य में एक अलग महत्त्व रखते हैं। प्रेमचन्द और रेणु के बाद हिन्दी कहानी से जिस गाँव को निष्कासित कर दिया गया था, अपनी कहानियों में मिथिलेश्वर ने उसी की प्रतिष्ठा की है। दूसरे शब्दों में, वे ग्रामीण यथार्थ के महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं और उन्होंने आज की कहानी को संघर्षशील जीवन-दृष्टि तथा रचनात्मक सहजता के साथ पुन: सामाजिक बनाने का कार्य किया है। इस संग्रह में शामिल उनकी प्राय: सभी कहानियाँ बहुचर्चित रही हैं। ये सभी कहानियाँ वर्तमान ग्रामीण जीवन के विभिन्न अन्तर्विरोधों को उद्घाटित करती हैं, जिससे पता चलता है कि आज़ादी के बाद ग्रामीण यथार्थ किस हद तक भयावह और जटिल हुआ है। बदलने के नाम पर ग़रीब के शोषण के तरीक़े बदले हैं और विकास के नाम पर उनमें शहर और उसकी बहुविध विकृतियाँ पहुँची हैं। निस्सन्देह इन कहानियों में लेखक ने जिन जीवन-स्थितियों और पात्रों का चित्रण किया है, वे हमारी जानकारी में कुछ बुनियादी इज़ाफ़ा करते हैं और उनकी निराडम्बर भाषा-शैली इन कहानियों को और अधिक सार्थक बनाती हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Rajendra Yadav
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
समकलीन हिन्दी कहानी के विकास में राजेंद्र यादव एक अपरिहार्य और महत्त्वपूर्ण नाम है। हिन्दी कहानी की रूढ़ रूपात्मकता को तोड़ते हुए नई कहानी के क्षेत्र में जितने और जैसे कथा-प्रयोग उन्होंने किए हैं, उतने किसी और ने नहीं। राजेन्द्र यादव की कहानियाँ स्वाधीनता-बाद के विघटित हो रहे मानव-मूल्यों, स्त्री-पुरुष सम्बन्धों, बदलती हुई सामाजिक और नैतिक परिस्थितियों तथा पैदा हो रही एक नई विचार दृष्टि को रेखांकित करती हैं। उनकी कहानियों की व्यक्ति-चेतना सामाजिक चेतना से निरपेक्ष नहीं है; क्योंकि एक अनुभूत सामाजिक यथार्थ ही उनका यथार्थ है। यथार्थबोध के सम्बन्ध में उनकी अपनी मान्यता है कि ‘जो कुछ हमारे संवेदन के वृत्त में आ गया है, वही हमारा यथार्थ है...लेकिन इस यथार्थ को कलात्मक और प्रामाणिक रूप से सम्प्रेषणीय बनने के लिए ज़रूरी है कि हम इसे अपने से हटकर या उठकर देख सकें, उसे माध्यम की तरह इस्तेमाल कर सकें।’
इस संकलन में लेखक की कई महत्त्वपूर्ण कहानियाँ शामिल हैं, जिनमें नए मानव-मूल्यों और युगीन यथार्थ की मार्मिक अभिव्यक्ति हुई है। अपनी शिल्प-संरचना में ये इतनी सहज और विश्वसनीय हैं कि पाठक-मन परत-दर-परत उनमें उतरता चला जाता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book