Photo Uncle
Author:
Prem BhardwajPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
प्रेम भारद्वाज का कहानीकार मूलत: काव्यात्मक संवेदना से समृद्ध है। वे कहानी को न दूर बैठकर देखते हैं और न फ़ासला रखकर सुनाते हैं। महसूस करते हुए वे अपने समूचे वजूद के साथ उसमें डूब जाते हैं, और जब अपने कथ्य को लेकर पाठक के सामने उपस्थित होते हैं तो जैसे अपने पात्रों की पीड़ा को आपादमस्तक ओढ़कर स्वयं को ही प्रस्तुत करते हैं।</p>
<p>इस संग्रह में शामिल लगभग सभी कहानियाँ प्रेम भारद्वाज के बतौर एक संवेदनशील रचनाकार महसूस किए गए दर्द की छटपटाहट-भरी अभिव्यक्ति हैं। वह दर्द जो उन्होंने अपने आसपास, अपने समाज में, अपनी पढ़ी-लिखी और सरोकारों का व्यापार करनेवाली दुनिया में देखे और जाने हैं।</p>
<p>संकलन की शीर्षक कथा ‘फोटो अंकल’ को इस समय के कला-साहित्य और उसके समाज के अन्दरूनी अन्तर्विरोध के पोस्टमार्टम की तरह पढ़ा जा सकता है। कला अपने विषय का उपभोग कर अमर हो जाए, या विषय की विडम्बनाओं का हिस्सा होकर विलुप्त हो जाए, यह सवाल हमेशा से रचनाकार-मन को मथता रहा है। इस कहानी में लेखक ने इसे अपने आपसे एक बहस की तरह उठाया है, और पुन: उस घाव को कुरेद दिया है जो सच्चे कलाकार को अपनी ही निगाह में अपराधी किए रहता है।</p>
<p>संग्रह में शामिल अन्य कहानियाँ भी आज के समाज को कई-कई कोणों से देखने और दिखाने का सफल उद्यम करती हैं।</p>
<p>
ISBN: 9789387462663
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Manglacharan
- Author Name:
Amrit Rai
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Bin Kan Ka Hoichi
- Author Name:
koizumi yakumo
- Book Type:

-
Description:
जापानी कथा-साहित्य की दुनिया में अलौकिक प्रसंगों के आधुनिक प्रवर्तक कोइज़ुमी याकुमो की छह बहु-चर्चित कहानियों को इस संकलन में शामिल किया गया है। इनमें पाठकों को न सिर्फ़ अलौकिक दुनिया में विचरण करने का मौक़ा मिलेगा, बल्कि जापान के ऐतिहासिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक पहलुओं को जानने-समझने का अवसर भी प्राप्त होगा।
1185 में घटित दान-नो-उरा के विध्वंसक युद्ध की पृष्ठभूमि में रचित ‘बिन कान का होइची’ युद्ध के विनाशकारी प्रभावों को बख़ूबी उभारती है। ‘बच्चों की रज़ाई’ दो अनाथ बच्चों की मार्मिक दास्तान है, जिन्हें ठिठुरती रात में मकान-मालिक बेघर कर उनकी रज़ाई छीन लेता है। बच्चे ठंड से दम तोड़ देते हैं लेकिन उनकी आत्मा रज़ाई में समा जाती है। हर रात रज़ाई से निकलती आवाज जैसे समाज से उसकी निष्ठुरता का हिसाब माँगती है। ‘बर्फ़ सुन्दरी’ और ‘सोएमोन भूला नहीं’ नैतिक मूल्यों के प्रति सजग कराती रोचक कहानियाँ हैं। ‘कुनीज़ाका की ढलान’ एक इच्छाधारी रकून कुत्ते की कहानी है जो यात्रियों को डराया करता है। इस कहानी के द्वारा रचनाकार का सन्देश है कि भय मनुष्य की आन्तरिक कमज़ोरी है जिससे भागना कायरता है। ‘आँसू बने मोती’ कहानी लीक से हटकर है, जो मनुष्य और प्रकृति के पारस्परिक घनिष्ठ सम्बन्ध को रोचक ढंग से प्रस्तुत करती है।
रेखाचित्रों तथा टिप्पणियों से भरपूर कोइज़ुमी याकुमो की मूल जापानी कहानियों का यह हिन्दी अनुवाद बाल-पाठकों का मनोरंजन करने के साथ उन्हें नैतिक तथा चारित्रिक मूल्यों के प्रति सजग कराएगा।
Tamasha Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
Manzoor Ehtesham
- Book Type:

-
Description:
पिछले दो दशकों में ‘सूखा बरगद’ और ‘दास्तान-ए-लापता’ जैसे श्रेष्ठ उपन्यासों के लिए चर्चित मंज़ूर एहतेशाम ने एक महत्त्वपूर्ण कथाकार के रूप में भी अलग पहचान अर्जित की है। यह कहना कि उनकी कहानियाँ मध्यवर्गीय (मुस्लिम) वर्ग के बारे में हैं, उनके कथानक का अति-सरलीकरण होगा। दरअसल मंज़ूर एहतेशाम उन थोड़े-से कथाकारों में हैं, जिन्होंने इधर की साहित्यिक बहसों के बुनियादी मुद्दे ही बदल दिए हैं।
प्रस्तुत कहानी-संग्रह ‘तमाशा तथा अन्य कहानियाँ’ में शामिल कहानियाँ, विषयों की नहीं, एक व्यक्ति के होने-न-होने की कहानियाँ हैं। अक्सर इनके केन्द्र में एक संस्कारवान, संवेदनशील व्यक्ति है। और उसे बनाता-ढहाता एक परिवेश। कुछ इस तरह कि कभी काँच के हाथ में पत्थर और कभी पत्थर के हाथ में काँच होने का अहसास बराबर बना रहता है। मध्यवर्गीय अस्तित्व की विडम्बना की ये कहानियाँ कभी शोर और कभी सन्नाटे से स्वयं को बुनती-उधेड़ती हैं। यूँ इनका कथानक बहुत बारीक़ी से अपना उपकथन, अपना सब-टेक्स्ट बनाता-मिटाता चलता है। अपने अल्पकथन के बावजूद ये आश्चर्यजनक रूप से मार्मिक कथाएँ हैं। यहाँ प्रस्तुत बहुचर्चित ‘रमजान में मौत’ से लेकर ‘तमाशा’ तक ये कहानियाँ अपनी यात्रा भी हैं, और पड़ाव भी।
Here, There And Everywhere
- Author Name:
Smt. Sudha Murty
- Rating:
- Book Type:

- Description: Wearer of many hats-philanthropist, entrepreneur, computer scientist, engineer, teacher-Sudha Murty has above all always been a storyteller extraordinaire. Winner of the R.K. Narayan Award for Literature, the Padma Shri, the Attimabbe Award from the government of Karnataka for excellence in Kannada literature, and the Raymond Crossword Lifetime Achievement Award, her repertoire includes adult non-fiction, adult fiction, children’s books, travelogues and technical books. Here, There and Everywhere is a celebration of her literary journey and is her 200th title across genres and languages. Bringing together her best-loved stories from various collections alongside some new ones and a thoughtful introduction, here is a book that is, in every sense, as multifaceted as its author.
Sunahari Ungaliyan
- Author Name:
Nasira Sharma
- Book Type:

-
Description:
मेहनतकश लोगों के सुख-दुख, राग-द्वेष, हँसी-ख़ुशी, जिजीविषा और उनके जीवन के तमाम अनुभवों से भरी कहानियों का संग्रह है—‘सुनहरी उँगलियाँ’। हमारे शानदार अतीत की सुन्दर व भव्य निशानियों से सजी हमारी यह दुनिया हमें प्रेरणा देती है कि जीवन सदैव बहता है, इनसान आता और चला जाता है लेकिन जीवन के इस प्रवाह के बीच मेहनतकशों के हुनर और कारीगरी की रचनात्मक उपलब्धियाँ हमेशा बची रहती है। हम पीढ़ी-दर-पीढ़ी सँजोते आ रहे हैं।
इस संग्रह की कहानियों में कई ऐसे किरदार हैं जिनके हाथों में बेहतरीन हुनर है। ‘आँचल के बीज’ और ‘सुनहरी उँगलियाँ’ शीर्षक कहानियों के साथ-साथ ‘शीराज़ लोहार’, ‘फुलवा’ जैसी कहानियों में ऐसे ही कुछ ज़िन्दादिल किरदार हैं जो हिन्दुस्तान की सामासिक संस्कृति को उजागर करते हैं। इसके अतिरिक्त संग्रह की कई कहानियों में जटिल सामाजिक संरचना पाठकों को किरदारों की ज़िन्दादिली के क़रीब ले जाती है। ऐसी कहानियों में ‘अलाव’, ‘सबूत’, ‘फ़ितरत’, ‘क्रोशिया के फंदे’, ‘ख़ौफ़’, ‘रामपुरी चाकू’ आदि उल्लेखनीय हैं। नासिरा शर्मा की कहानियों में भारतीय मानस की जटिलताओं का संवाद मानवीय रिश्तों की पारिवारिक संरचना के साथ आत्मसात हो जाता है और यहीं से गंगा-जमुनी तहजीब की पकड़ से ‘सदाबहार का फूल’, ‘स्वर्ग व नर्क का फ़ासला’, ‘ईदी’, ‘नये रंग की गन्ध’, ‘हथेली में पोखर’ जैसी कहानियाँ बन पड़ती हैं जो सामाजिक सौहार्द का निर्वाह करती हैं।
बीस साल बाद आ रहा नासिरा शर्मा का यह कहानी-संग्रह बीते समय की सामाजिक हलचलों की अक्कासी करता है और इन कहानियों का कथानक-शिल्प एवं कथा-भाषा का प्रवाह उनके पाठकों के लिए एक उपहार है।
Hisare Zaat Se Pare
- Author Name:
Nusrat Mehdi
- Book Type:

- Description: Book
Kahaniyan Dusari Duniya Ki
- Author Name:
Gopikrishna Gopesh
- Book Type:

-
Description:
गोपीकृष्ण गोपेश ने नवम्बर 1956 से 1962 तक के अपने रूस प्रवास में रचनात्मक साहित्य (उपन्यास, कहानी, कविता आदि) ही नहीं बल्कि विज्ञान, शिक्षा व्यवस्था, ट्रेड यूनियन, श्रम और मजदूरी सम्बन्धी अनेक महत्त्वपूर्ण दस्तावे़ज़ों का भी रूसी से हिन्दी में अनुवाद किया। चूँकि वे स्वयं एक रचनाकार थे, उनके अनुवाद में भी एक रचनाकार के किए हुए अनुवाद हैं, जिसमें एक गहरी सांस्कृतिक सजगता है। उनके इन अनुवादों में वहाँ की सांस्कृतिक विविधता में एकता दर्शनीय है। अनूदित कथाकारों में शोलोखोव कज़ाक जीवन के रचनाकार हैं, तो फातिह निया़ज़ी, ताज़िक जीवन के और ओल्गा मार्कोवा यूराल क्षेत्र के जीवन को उकेरती हैं। लेकिन इन कथाकृतियों को एक में बाँधने वाला तत्व वह सोवियत संस्कृति है जो संघ के अनेक गणराज्यों में साथ-साथ आकार ले रही थीं, ठीक अपने देश की संस्कृति की तरह ये कहानियाँ उस अतीत हो गए सपने की याद दिलाती है जिसे मनुष्यता ने एक सदी पहले देखा था। एक अनुवादक के रूप में गोपेश जी ने दो महान संस्कृतियों के बीच संवाद की वह भूमिका निभाई जो किसी सांस्कृतिक राजदूत की ही हो सकती है। इन कहानियों की सार्थकता उन स्मृतियों को संजोने में भी है जिन्हें ये अनुवाद प्रक्षेपित करते हैं। आज के भूमंडलीय स्मृति-युद्धों की दुनिया में इन कहानियों में प्रक्षेपित स्मृतियाँ बेहद बहुमूल्य हैं।
—प्रो. प्रणय कृष्ण
Beetate Huye
- Author Name:
Madhu Kankariya
- Book Type:

- Description: हमारे समाज में प्रचलित रूढ़ मान्यताओं के बरक्स मानवीय स्वतंत्रता का सवाल सदा ही अनदेखा किया जाता रहा है लेकिन मधु कांकरिया की कहानियाँ सिर्फ़ परम्परागत मान्यताओं की ही नहीं, अधुनिकता के आवरण में लिपटे जीवन-मूल्यों की भी पड़ताल करती हैं और हमारे सामने कई सुलगते हुए सवाल खड़ी कर सोच को रचनात्मक आयाम प्रदान करती हैं। चाहे नक्सलवादी आन्दोलन पर आधारित ‘लेकिन कामरेड’ हो, दाम्पत्य जीवन में परस्पर विश्वास को रेखांकित करती ‘चूहे को चूहा ही रहने दो’ हो या बच्चे के स्कूल में दाख़िले के लिए एक स्त्री की व्यथा-कथा हो; मधु काँकरिया कहीं भी विचार और संवेदना के स्तर पर पाठकों को निराश नहीं करतीं, बल्कि कथारस के प्रवाह में बहाए चलती हैं। औपन्यासिक विस्तार की सम्भावना से युक्त ये कहानियाँ भाषा, शिल्प एवं विचार-तत्त्व के अनूठेपन और भाव एवं विचार के अद्भुत सन्तुलन के कारण निश्चय ही उल्लेखनीय बनी रहेंगी, ऐसा हमारा विश्वास है।
Contemporary Indian Short Stories Series IV
- Author Name:
Shantinath K Desai
- Book Type:

- Description: This collection of twenty-one short stories, written by different authors, represents a cross-section of contemporary Indian short fiction. Twenty short stories are translations from twenty languages of Indian creative writing in English and edited by Shantinath K. Desai. This is the fourth volume of Sahitya Akademi's series of such representative anthologies in English of contemporary Indian short stories.
SAB SAALE MARD HAIN
- Author Name:
Sushil Choubay
- Book Type:

- Description: Collection of hindi short stories
Char Din Ki Jawani Teri
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

-
Description:
तेजी से सिकुड़ती इस दुनिया में पिछड़ा भारत ‘नएपन’ के ओले सह रहा है। नयापन का दायरा तकनीक, पद्धति, वस्तु से लेकर विचार तक फैला है। नए वाद के आगमन के साथ पुराने वादों के अन्त की घोषणाओं में कथा के अन्त की घोषणा शामिल है। साहित्य अकबकाया दीखता है।
लेकिन इस संकलन की कहानियाँ अपनी ज़मीन में जड़ों को पसारती, तने को ठसके से खड़ा रखे हुए दीखती हैं क्योंकि उन्हें भरोसा है अपनी कथा में सिक्त पूर्वी तर्ज का। उनमें पहाड़ का दरकता जीवन अपने रूढ़ विश्वासों और गतिशीलता, दोनों के साथ दीखता है। कहानियों में जीवन की स्थितियाँ और चरित्र दोनों महत्त्व पाते हैं। इनमें हिर्दा मेयो जैसा अनूठा चरित्र भी है। उसकी हँसी में ऐसा रुदन छिपा है जो सीधे पहाड़ की दरकती छाती से फूटता रहता है, फिर भी अपनी अस्मिता पहाड़ में ही तलाशता है। मंत्र से बवासीर ठीक कर लेने का भ्रम पालने वाले हरूचा के साथ विदेश में जा बसे मुन्नू चा जैसे चरित्र भी हैं। विकास के नाम पर पहाड़ की संजीवनी सोख लेनेवाली शक्तियाँ हैं। प्रकृति के आदिम प्रजनन कृषि पर पड़ती परायी छाया की दारुण कथा ‘बीज’ में है। जहाँ हिर्दा मेयो में पहाड़ का धीरज है, वहीं उसके मंझले बेटे में पहाड़ का ग़ुस्सा भी है।
इन कहानियों में आत्मविश्वास से भरा खुलापन है जो परम्परा की मिट्टी पर प्रयोग करता चलता है।
कथा-रस से भरपूर इन कहानियों में विवरण की भव्यता के साथ-साथ चरित्र-चित्रण की विरल कुशलता भी लक्षित होती है। भाषा में लचीलापन के साथ कविता-सी ख़ुशबू भी है। परम्परा के संग चलती प्रयोगशीलता भी है। देशज मिट्टी से फूटी आधुनिकता प्रयोग के लिए परायों का मुँह नहीं जोहती, बल्कि स्वयं नया रूप रचती है।
यह मृणाल पाण्डे का चौथा संकलन है जो नया तो है ही, प्रौढ़ भी है। इसीलिए इसकी रचनात्मकता की प्रतिध्वनियाँ भविष्य में भी सुनी जाएँगी।
— अरुण प्रकाश
Pratinidhi Kahaniyan : Mithileshwar
- Author Name:
Mithileshwar
- Book Type:

- Description: मिथिलेश्वर हिन्दी कथा-साहित्य में एक अलग महत्त्व रखते हैं। प्रेमचन्द और रेणु के बाद हिन्दी कहानी से जिस गाँव को निष्कासित कर दिया गया था, अपनी कहानियों में मिथिलेश्वर ने उसी की प्रतिष्ठा की है। दूसरे शब्दों में, वे ग्रामीण यथार्थ के महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं और उन्होंने आज की कहानी को संघर्षशील जीवन-दृष्टि तथा रचनात्मक सहजता के साथ पुन: सामाजिक बनाने का कार्य किया है। इस संग्रह में शामिल उनकी प्राय: सभी कहानियाँ बहुचर्चित रही हैं। ये सभी कहानियाँ वर्तमान ग्रामीण जीवन के विभिन्न अन्तर्विरोधों को उद्घाटित करती हैं, जिससे पता चलता है कि आज़ादी के बाद ग्रामीण यथार्थ किस हद तक भयावह और जटिल हुआ है। बदलने के नाम पर ग़रीब के शोषण के तरीक़े बदले हैं और विकास के नाम पर उनमें शहर और उसकी बहुविध विकृतियाँ पहुँची हैं। निस्सन्देह इन कहानियों में लेखक ने जिन जीवन-स्थितियों और पात्रों का चित्रण किया है, वे हमारी जानकारी में कुछ बुनियादी इज़ाफ़ा करते हैं और उनकी निराडम्बर भाषा-शैली इन कहानियों को और अधिक सार्थक बनाती हैं।
Yugaadi
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description: ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ಹಲವು ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಸಂದಿವೆ. ಮುಖ್ಯವಾಗಿ ಡಾ. ಯು ಆರ್ ಅನಂತಮೂರ್ತಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಹಾಗೂ ವರ್ಧಮಾನ ಉದಯೋನ್ಮುಖ ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಈ ಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ದಕ್ಕಿವೆ.
Game Hasti Ka Ho Kis Se…!
- Author Name:
Vijay Mohan Singh
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी के सुपरिचित कहानीकार तथा कथा समीक्षक डॉ. विजयमोहन सिंह का यह चौथा कहानी-संग्रह है। संग्रह की अधिकांश कहानियाँ उस मुहावरे से बाहर का पाठ प्रस्तुत करती हैं जिन्हें हम सामान्यतः ‘आधुनिक कहानी’ कहते हैं। न केवल शिल्प तथा भाषा के स्तर पर बल्कि कथानक और ट्रीटमेंट के स्तर पर भी ये कहानियाँ परिचित तथा रूढ़ मुहावरों से पृथक् अपनी निजी कथा भाषा का निर्माण करती हैं। कुछ कहानियों में संस्कृतनिष्ठ शब्दावली का प्रयोग एक विशेष प्रकार की व्यंजनात्मक अभिव्यक्ति के लिए किया गया है जो परम्परागत इतिवृत्तात्मक शैली को एक नए सन्दर्भ प्रदान करता है।
‘अंगरक्षक’ जैसी कहानी एक ऐसी सामाजिक विडम्बना को प्रस्तुत करती है जो समकालीन परिवेश में स्त्री की क्रूर नियति को सामने लाती है। प्रायः सर्वत्र व्याप्त एक अन्तर्निहित गूढ़ व्यंग्य इन कहानियों की केन्द्रीय विशेषता है। इन कहानियों के बारे में स्वयं लेखक का कहना है कि मेरी कहानियों की जो शृंखला पिछले दो दशकों से चली आ रही है, ये कहानियाँ उसके विराम की कहानियाँ हैं क्योंकि उस ‘सामन्ती अवशेष’ का जितना उत्खनन मैं कर सकता था, कर चुका—‘एक बँगला बने न्यारा’ से लेकर इन कहानियों तक।
संग्रह का शीर्षक ग़ालिब के इस विख्यात शे’र का अंश है जो इस संग्रह की एक कहानी का शीर्षक भी है। आज़ादी के बाद के परिवर्तित होते हुए सामाजिक-राजनैतिक परिवेश में उससे असम्पृक्त तथा उसके अपने को अजनबी अकेला और उखड़ा हुआ महसूस करनेवाला सामन्त वर्ग का प्रतिनिधि कहानी के नायक को सहसा अपने अस्तित्व की निरर्थकता का बड़ी शिद्दत से एहसास होने लगता है जिसकी परिणति आत्महत्या में होती है। कहने की आवश्यकता नहीं कि मूलतः यह ‘आत्महत्या’ या अन्त एक पूरे युग का अन्त है जो आज अप्रासंगिक तथा निरर्थक हो चुका है।
Jalsaghar
- Author Name:
Shri Naresh Mehta
- Book Type:

-
Description:
...गोमती में जो लयात्मकता कभी-कभी विलीन हो जाती है, उसे कुमार गन्धर्व और बेगम अख़्तर बारम्बार आवाज़ देते हैं। ठाकुर ओंकारनाथ विद्यापति के पदों की भाँति, बीजों की भाँति धरती पर लोट-पोट जाते हैं...पर इस पिपासा-यात्रा का कहीं अन्त नहीं होता। विलास मुरझा जाता है, शृंगार बासी हो जाता है, कीन कंठों में ही विलीन हो जाता है और तब केवल गायक तथा वादक में से एक अनासक्त संन्यासी जन्म लेता दिखाई देता है...। ...मैं वादक को देख रहा था या उसके टेराकोटा को। किस काल का, युग का वह टेराकोटा था, मैं नहीं जानता। टेराकोटा की कोई लिपि नहीं होती और यदि कोई लिपि होती भी तो मेरे लिए वह व्यर्थ ही होती। मेरा उस संन्यासी से भाषाहीन अबाध परिचय हो चुका था। वीणा थी, सिद्ध वादक था, वादन की अप्रतिमता नि:सन्देह थी और था फाल्गुन रात्रि का वह जलसाघर, पर सब कुछ अपनी निर्मम यथार्थता में वैसा अविश्वसनीय था।... ...जीप भागती चली जा रही थी। जब हम बाँध पर चढ़ रहे थे तब भी वह वादन स्पष्ट था, यद्यपि अब उसकी परिसमाप्ति होने ही जा रही थी। मैं ऐसे वादन की परिसमाप्ति का साक्षात् नहीं कर सकता था। समाप्ति वैसे भी साक्षात् करने के लिए होती भी नहीं। मैं उस विहाग, उस वादन और उस संन्यासी वादक को गंगा-क्षेत्र के उस जलसाघर में छोड़ आया था, परन्तु मेरे साथ उसका टेराकोटा सदा के लिए चला आया। मुझमें निश्चय ही अपराध भाव था कि मैं बहुत बड़ा अपमान करके आ रहा हूँ। मैं इस अग्नितपे टेराकोटा को सम्भव है, जीवन-भर वहन कर सकूँ, पर उस वादन के बाद उस वादक का यदि साक्षात् करना पड़ता तो—तो कौन पार्थसारथी मुझे बचाता?
Sach Kuchh Aur Tha
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Rating:
- Book Type:

- Description: Book
Stree Tatha Anya Kahaniyan
- Author Name:
S. K. Pottekat
- Book Type:

-
Description:
साहित्य अकादेमी’ और ‘ज्ञानपीठ’ सहित अनेक पुरस्कारों-सम्मानों से विभूषित मलयालम कथाकार एस.के. पोट्टेक्काट की यह पुस्तक ‘स्त्री तथा अन्य कहानियाँ’ उनकी कुछ चर्चित कहानियों का संकलन है। ‘स्त्री’ इनमें सर्वाधिक पढ़ी जानेवाली और प्रशंसित कहानियों में से एक है।
प्रेम, कामना, समर्पण और विश्वास जैसे मनोभावों को गहरे तक अनुभूत करानेवाली लम्बी कहानी ‘स्त्री’ प्रेम के साथ मानव व्यवहार की कई जटिल परतों को भी खोलती है। यह विशेषता पोट्टेक्काट की लगभग सभी रचनाओं में देखने को मिलती है। इसी संग्रह में शामिल कहानी ‘हमीद ख़ान’ दक्षिण भारत में साम्प्रदायिक सद्भाव और अविश्वास दोनों को बहुत छोटे कलेवर, लेकिन अत्यन्त प्रभावशाली ढंग से रेखांकित करती है।
इसी तरह ‘पदचाप’ शीर्षक कहानी पति-पत्नी के सम्बन्धों के साथ-साथ नियति की आकस्मिकता का वर्णन करती है। कहने की आवश्यकता नहीं कि पोट्टेक्काट का जीवन अनुभव अत्यन्त व्यापक है। वे यात्रा-प्रेमी भी थे जिसके चलते न सिर्फ़ उनकी अनुभूतियों का क्षेत्र बहुत व्यापक है, बल्कि उनकी कहन में भी कहीं दोहराव नहीं दिखाई देता।
मलयालम से यह अनुवाद भी कहीं कृत्रिमता का आभास नहीं देता है।
Katha Saptak - Tejendra Sharma
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Ek Dhani Vayakti Ka Bayan
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
अमरकान्त के पात्र क्षुद्रता, स्वार्थ और मजबूरियों से भरी दुनिया से आते हैं। वे अपनी स्वाभाविक जिजीविषा, बुनियादी अच्छाई और किसी न किसी तरह टिके रहने के लिए किए जानेवाले दाँव-पेचों से गुज़रते हुए अपनी निगाह में कामयाब होने के लिए जूझते हैं। और ये पात्र उसी तिनके के सहारे पार उतरने की कोशिश करने लगते हैं। वे हर जगह हर परिस्थिति में ख़ुद को एक कसौटी पर कसते हैं और फिर अपने ख़िलाफ़ माहौल पाते ही दूसरी कसौटी पर स्वयं को आजमाने लगते हैं।
‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ अमरकान्त की दस नई कहानियों का पठनीय संकलन है।
अमरकान्त के विख्यात शिल्प से रची गई इन कहानियों में व्यंग्य की अन्तर्धारा है जो कैरियर बनाने के लिए की जानेवाली मिजाजपुर्सी से लेकर क्रान्तिकारी उजबकपन की आलोचना करती चलती है। इस तरह ‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ मध्यवर्गीय बिचौलिए और आकांक्षाओं का बयान बन जाता है।
Sach Kahati Kahaniyan
- Author Name:
Kusum Khemani
- Book Type:

-
Description:
कुसुम खेमानी की कहानियों का यह पहला संग्रह हिन्दी कथा-संसार के लिए एक घटना से कम नहीं। सम्भवतः पहली बार इतनी मार्मिक कौटुम्बिक कहानियाँ हिन्दी पाठकों को उपलब्ध हो रही हैं। यह सच कहती कहानियाँ नहीं; बल्कि स्वयं सच हैं; सच का तना रूप। भिन्न-भिन्न सामाजिक स्तरों के प्रसंगों एवं अनुभवों से बुनी गई ये कहानियाँ समकालीन जीवन का एक अद्भुत कसीदा जड़ती हैं। चाहे ‘लावण्यदेवी’ हो या ‘रश्मिरथी माँ’ या ‘एक माँ धरती-सी’, इन सबमें सूक्ष्मता और अन्तरंगता से घर-परिवार के भीतर के जीवन को यथार्थ के साथ अंकित किया गया है।
कुसुम खेमानी भाव से कथा कहती हैं, लोक कथा की तरह। उनकी कहन शैली से पाठक इतना बँध जाता है कि हुंकारी भरे बिना नहीं रह पाता। इन कहानियों की सबसे बड़ी ख़ूबी है इनकी भाषा और शैली। हिन्दी में होते हुए भी ये कहानियाँ एक ही साथ बांग्ला, राजस्थानी और उर्दू का भी विपुल व्यवहार करती हैं जो इन्हें एक महानगरीय संस्कार प्रदान करता है। कुसुम खेमानी के पहले ऐसा प्रयोग शायद कभी नहीं हुआ। इन कहानियों की बुनावट और अन्त भी सहज, किन्तु अप्रत्याशित होता है। हर कहानी अपने आपमें एक स्वतंत्र लोक है।
इस संग्रह के साथ कुसुम खेमानी के रूप में हिन्दी को एक अत्यन्त सशक्त शैलीकार एवं संवेदनशील क़िस्सागो मिला है। निश्चय ही यह संग्रह सहृदय पाठकों एवं साहित्य के अध्येताओं द्वारा अंगीकार किया जाएगा।
—अरुण कमल
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...