Ramgita
(0)
Author:
Ashok Kumar SharmaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality₹
200
₹ 160 (20% off)
Available
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भगवान श्रीराम त्रेता युग में हुए थे, उनकी शिक्षाओं को हर युग में उपयोगी माना जाता रहा है। ये शिक्षाएँ संसार में रहते हुए ही जीतने, आगे बढ़ने तथा असम्भव को सम्भव बनाने का मार्ग दिखाती हैं। उनकी शिक्षाएँ आत्मज्ञान, नैतिकता, मानसिक सन्तुलन, ध्यान, साहस, मैत्री और प्रेम का महत्त्व समझाने के साथ-साथ निराशा से बचे रहने का मार्ग भी दिखाती हैं। जीवन में ठीक रास्ते पर चलने, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की शिक्षाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे कर्म के साथ कर्तव्य पालन और आत्मविश्वास के महत्त्व पर बल देते हैं। उचित-अनुचित के बीच अन्तर करने एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देते हैं।
Read moreAbout the Book
भगवान श्रीराम त्रेता युग में हुए थे, उनकी शिक्षाओं को हर युग में उपयोगी माना जाता रहा है। ये शिक्षाएँ संसार में रहते हुए ही जीतने, आगे बढ़ने तथा असम्भव को सम्भव बनाने का मार्ग दिखाती हैं। उनकी शिक्षाएँ आत्मज्ञान, नैतिकता, मानसिक सन्तुलन, ध्यान, साहस, मैत्री और प्रेम का महत्त्व समझाने के साथ-साथ निराशा से बचे रहने का मार्ग भी दिखाती हैं। जीवन में ठीक रास्ते पर चलने, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करती है। मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की शिक्षाओं की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि वे कर्म के साथ कर्तव्य पालन और आत्मविश्वास के महत्त्व पर बल देते हैं। उचित-अनुचित के बीच अन्तर करने एवं नैतिक मूल्यों का पालन करने की प्रेरणा देते हैं।
Book Details
-
ISBN9789348157829
-
Pages144
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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