May Be We'll All Go Mad
Author:
Ulla BerkewiczPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
Awating description for this book
ISBN: 9788126713585
Pages: 119
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: सप्तसिंधु क्षेत्र की कुछ घटनाएँ ऐसी हैं, जिन्होंने भारतवर्ष के इतिहास में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इनमें सबसे पहली घटना तो सिंधु-सरस्वती सभ्यता का विकास है। दरअसल वर्तमान भारतीय विश्वासों, आस्थाओं एवं पूजा-पद्धति का आधार सिंधु-सरस्वती घाटी में ही मिलता है। इसके उपरांत वेद रचना का युग आता है। यह सिंधु-सरस्वती सभ्यता का अगला चरण है—गंभीर चिंतन का युग। इस युग के चिंतन ने भारतवर्ष को ही नहीं, बल्कि पूरे जंबूद्वीप को आच्छादित किया। कुरुक्षेत्र में हुआ महाभारत का युद्ध इस क्षेत्र की ऐसी घटना है, जिसने पूरे हिंदुस्तान को सप्तसिंधु के मैदान में लाकर खड़ा कर दिया था। बाद के काल में विदेशी आक्रांता येन-केन-प्रकारेण विजित प्रदेश के निवासियों को अपने मजहब में मतांतरित करने लगे थे। हमले क्योंकि सप्तसिंधु क्षेत्र से ही होते थे, इसलिए इसका सर्वाधिक दंश भी इसी क्षेत्र को सहना पड़ा। लेकिन इस नई आफत का सामना कैसे किया जाए, यह सबसे बड़ी चुनौती थी। इस मरहले पर दशगुरु परंपरा की शुरुआत एक दैवी योजना ही मानी जा सकती है। गुरु नानक देवजी इसके संस्थापक थे। दुर्भाग्य से दशगुरु परंपरा का मूल्यांकन आध्यात्मिक क्षेत्र में तो हुआ है, लेकिन ऐतिहासिक व सामाजिक क्षेत्र में समग्र रूप से नहीं हुआ। यह ऐसा क्षेत्र है, जिसमें कुदाल चलाने की जरूरत है और यह पुस्तक दशगुरु परंपरा को प्रकाश में लाने का स्तुत्य प्रयास है।
Dattatreyagita
- Author Name:
Ashok Kumar Sharma
- Book Type:

- Description: तत्त्वं क्षेत्रं व्योमातीतमहं क्षेत्रज्ञ उच्यते। अहं कर्ता च भोक्ता च जीवन्मुक्तः स उच्यते॥ तत्त्व (सत्य) क्षेत्र (देह) से परे होता है और उसे क्षेत्रज्ञ (आत्मा) कहा जाता है। मैं कर्ता (क्रिया करनेवाला) और भोक्ता (भोग करनेवाला) हूँ। जो इस सत्य को जानता है, वही सच्चा जीवन्मुक्त कहलाता है।
Chaurasi Kos Ki Ayodhya
- Author Name:
Shri Rajendra Pandey::Shri Vishal Gupta
- Book Type:

- Description: भगवान् श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या चौरासी कोस क्षेत्र में स्थित है, जिसे सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र माना गया है। यह दिव्य क्षेत्र अनेक प्राचीन धार्मिक स्थलों, मंदिरों, आश्रमों और तीर्थस्थलों से परिपूर्ण है, जो श्रीराम भक्तों के लिए श्रद्धा और आस्था के केंद्र हैं। प्रस्तुत पुस्तक 'चौरासी कोस की अयोध्या' में इन पावन स्थलों का संक्षिप्त वर्णन किया गया है। इसमें प्रत्येक स्थान का धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्त्व बताया गया है, जिससे पाठक अयोध्या के आध्यात्मिक वैभव से गहराई से परिचित हो सकें। श्रद्धालुजन इन पवित्र स्थलों तक सरलता से पहुँच सकें, इसके लिए मार्गदर्शन भी दिया गया है। प्रत्येक तीर्थस्थान तक पहुँचने के लिए मार्गों की विस्तृत जानकारी दी गई है, साथ ही आधुनिक तकनीक का उपयोग करते हुए 'क्यू आर कोड' भी प्रदान किया गया है, जिसे स्कैन करके बिना किसी कठिनाई के अपने गंतव्य तक पहुँच सकते हैं। यह पुस्तक केवल एक मार्गदर्शिका नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा का निमंत्रण है, जो अयोध्या की दिव्यता और भक्ति भावना को हृदय में सँजोने का अवसर प्रदान करती है।
Bhagwan Mahavir Swami
- Author Name:
M.A. Sameer
- Book Type:

- Description: विश्व का कल्याण करने वाले महापुरुषों में भगवान् महावीर का नाम बड़े सम्मान एवं श्रद्धा के साथ लिया जाता है। उनका संपूर्ण जीवन मानव-समाज के लिए आदर्श है। राजवंशी होकर भी उन्होंने समस्त सांसारिक यश-वैभव का परित्याग कर अत्यंत साधारण जीवन व्यतीत करने का संकल्प लिया। भगवान् महावीर ने कठिन साधना व तप के बल पर समस्त इंद्रियों को विजित कर लिया था। इसी कारण उन्हें 'जितेंद्रिय' कहा गया। वे धैर्य, क्षमा, संयम और सहनशीलता की साक्षात् प्रतिमूर्ति थे। भगवान् महावीर आजीवन लोगों को सत्य, अहिंसा और सदाचरण का उपदेश देते रहे। उनके जीवन का प्रमुख उद्देश्य ही 'अहिंसा परमो धर्मः' था। आज भी उनका जीवन-दर्शन संपूर्ण विश्व-समाज के कल्याण हेतु अनुकरणीय है। भगवान् महावीर स्वामी की प्रेरक व पठनीय जीवनी।
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