Aatmbodh Ke Ayam : Bhartiya Sangeet Ke Anahatnad
Author:
Smriti SharmaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Religion-spirituality0 Ratings
Price: ₹ 400
₹
500
Available
ज्ञान मनुष्य के लिए तभी सहायक होता है, जब वह अपने साथ-साथ समाज को ऊँचा उठाने का सामर्थ्य रखता हो और ब्रह्मज्ञान की सार्थकता तब होती है जब साधक अपने-आपको इतनी ऊँचाई तक ले जाए कि वह त्रिकालज्ञ बनाकर समाज को आत्मकल्याण के मार्ग में ले जाए। ब्रह्मज्ञानी के लोक और परलोक दोनों सुन्दर और सुखद हो जाते हैं, किन्तु ब्रह्मज्ञान प्राप्त करना अत्यन्त दुष्कर कार्य है। यह अध्यात्म के रास्ते चलकर भक्ति और रोग के धर्म को स्वीकृति प्रदान करके, कठिन साधना द्वारा प्राप्त किया जा सकता। अनाहतनाद की साधना ऐसी ही कठिन तपस्या है जिसे स्मृति शर्मा ने अपने अगम्य कार्य निष्ठा व अटूट मेहनत से पूर्ण किया। अनाहतनाद से आज के संगीत का जन्म हुआ है। भारतीय संगीत केवल मनोविनोद का साधन न होकर आत्मा को परमात्मा से जोड़ने के भक्ति मार्ग का परम कल्याणकारी साधन है। 'आत्मबोध के आयाम’ रचना संगीत एवं अध्यात्म के पाठकों का पथ प्रशस्त करेगी। सुधीजन इससे निश्चित ही लाभान्वित होंगे।
ISBN: 9789386863836
Pages: 192
Avg Reading Time: 6 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Jagjeet Singh
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- Description: "‘गुरु ग्रंथ साहिब’ पर सरल परिचयात्मक पुस्तक सुधी पाठकों के समक्ष प्रस्तुत करने में मुझे एक आध्यात्मिक सुख और संतोष का अनुभव हो रहा है। ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ कोई जीवनी या कथा अथवा घटनाप्रधान ग्रंथ नहीं है, बल्कि यह सिर्फ ईश्वर और जीवन-सिद्धांत की बात करनेवाली एक शुद्ध आध्यात्मिक कृति है। सिख गुरुओं के उल्लेख के बिना ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ का कोई भी उल्लेख अधूरा है। अतः इस पुस्तक में मैंने ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ की संरचना, स्वरूप, संगीत, सिद्धांत और दर्शन को गुरुवाणी के उद्धरणों सहित सारगर्भित रूप में प्रस्तुत करने के प्रयास के साथ-साथ दस सिख गुरुओं और इस पवित्र कृति के वाणीकार अन्य संतों-भक्तों का संक्षिप्त परिचय देकर तथा साथ ही सिख धर्म के बारे में बुनियादी जानकारी प्रदान करके प्रस्तुत पुस्तक को किंचित् ठोस रूप देने का प्रयास किया है। अंतिम अध्याय में मैंने गुरुवाणी-सागर से कुछ चुनिंदा रत्न सरल शब्दार्थ सहित विषयवार प्रस्तुत किए हैं, जिनसे जिज्ञासु पाठकों को और अधिक सरलता से ‘गुरु ग्रंथ साहिब’ के सिद्धांत को समझने में मदद मिलेगी। —जगजीत सिंह"
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