Sirf Kavi Nahi

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Author:

Bodhisatwa

Language:

Hindi

Category:

Poetry

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समकालीन हिन्दी कविता के उपादान आज कुछ इतने सरल हो गये हैं कि ‘कोई कवि बन जाय, सहज सम्भाव्य है।’ कविता के इस संकट में ऊपरी तौर पर अच्छी कविताएँ लिख लेना कठिन नहीं है। लेकिन ऐसी कविता जो एक ‘नयी शुरुआत’ करे, जो अचानक ‘ताज़गी के एक अनहोनेपन’ से पाठक को अपने अनुरूप ढाल ले, ऐसी कविता कहीं नहीं दिखती। ‘ताज़गी (वस्तु और शिल्प) के इसी अनहोनेपन’ के अनुभव को व्यक्त करती हैं बोधिसत्व की कविताएँ। बोधिसत्व की कविताएँ कविता की एक नयी भाषा की खोज में पैदा हुई हैं। गढ़ी हुई, उपलब्ध काव्य-भाषा के नकार और गैरपहचान से बोधिसत्व की काव्य-भाषा का निर्माण हुआ है। नये ढंग की अछूती बिम्ब-मालाओं के माध्यम से यह कवि अपनी बात कहता है। ऐसे शब्दों का प्रयोग कवि करता है जो हमारी संस्कृति के अछूते कोनों से आकर सहसा कविता में एक बिल्कुल नये सांस्कृतिक व्यक्तित्व की रचना करते हैं। इस तरह बोधिसत्व की कविताएँ ‘कविता के एक नये संसार को जन्म देती हैं। निपट भोलेपन के बीच एक तार्किक और जनोन्मुखी अन्तर्दृष्टि सम्पन्न ये कविताएँ अपनी विविधता में एक अद्भुत ‘कोलाज़’ की रचना करती हैं।

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4 hrs
Age
18+ yrs
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India

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About the Book

समकालीन हिन्दी कविता के उपादान आज कुछ इतने सरल हो गये हैं कि ‘कोई कवि बन जाय, सहज सम्भाव्य है।’ कविता के इस संकट में ऊपरी तौर पर अच्छी कविताएँ लिख लेना कठिन नहीं है। लेकिन ऐसी कविता जो एक ‘नयी शुरुआत’ करे, जो अचानक ‘ताज़गी के एक अनहोनेपन’ से पाठक को अपने अनुरूप ढाल ले, ऐसी कविता कहीं नहीं दिखती। ‘ताज़गी (वस्तु और शिल्प) के इसी अनहोनेपन’ के अनुभव को व्यक्त करती हैं बोधिसत्व की कविताएँ।
बोधिसत्व की कविताएँ कविता की एक नयी भाषा की खोज में पैदा हुई हैं। गढ़ी हुई, उपलब्ध काव्य-भाषा के नकार और गैरपहचान से बोधिसत्व की काव्य-भाषा का निर्माण हुआ है। नये ढंग की अछूती बिम्ब-मालाओं के माध्यम से यह कवि अपनी बात कहता है। ऐसे शब्दों का प्रयोग कवि करता है जो हमारी संस्कृति के अछूते कोनों से आकर सहसा कविता में एक बिल्कुल नये सांस्कृतिक व्यक्तित्व की रचना करते हैं। इस तरह बोधिसत्व की कविताएँ ‘कविता के एक नये संसार को जन्म देती हैं। निपट भोलेपन के बीच एक तार्किक और जनोन्मुखी अन्तर्दृष्टि सम्पन्न ये कविताएँ अपनी विविधता में एक अद्भुत ‘कोलाज़’ की रचना करती हैं।

Book Details

  • ISBN
    9789392186776
  • Pages
    116
  • Avg Reading Time
    4 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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