Jab Aadivasi Gata Hai
Author:
Jamuna BiniPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Poetry0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
जब आदिवासी गाता है की कविताओं में आदिम और आधुनिक, परम्परा और परिवर्तन, प्यार और प्रतिरोध तथा संगीत और सिसकी एक साथ उपस्थित हैं। पूर्वोत्तर के अरुणाचली-आदिवासी समाज और संस्कृति की नैसर्गिक धड़कन इन कविताओं में आसानी से महसूस की जा सकती है, साथ ही वह सोच भी जो कथित मुख्यधारा से परे, अब तक अलक्षित-उपेक्षित पड़े हाशिये के समाजों में अस्मिता की बढ़ती चेतना के साथ मुखर होती गई है। इन कविताओं का एक छोर प्रकृति से सुदीर्घ साहचर्य, और सहस्राब्दियों के अनुभव और यत्न से निर्मित संस्कृति के प्रति कवि के सहज गौरवबोध से बना है, जबकि दूसरा छोर उन सवालों से जो पूरी दुनिया को केवल मुनाफ़े की नज़र से देखने वाली शक्तियों को सम्बोधित हैं। जमुना बीनी की रचनात्मकता का यह वितान, वस्तुतः समकालीन हिन्दी कविता का एक नया प्रस्थान है।
ISBN: 9789347265334
Pages: 128
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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—नन्दकिशोर नवल (निराला रचनावली की भूमिका से)।
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- Description: When your soul is feeling dark, And you’ve lost your inner spark, Then this book might be for you, Since I’ve felt this feeling, too. When your heart is all but broken, And it’s too hard to be open, Open this, and take a look, Here’s my soul inside a book. Dark – Night – Of – My – Soul Even the most beautiful of skies has to let go of the sunshine each night to experience the darkness, but without that darkness, we cannot appreciate the moon and the stars. Every human being is no exception. Just like the sky, we all go through our dark stages, but without that darkness, we would not appreciate the light in our lives as much. To those of you who are experiencing that darkness from within you right now, I hope my book of rhyming poetry can reach out to you and relate to how you are feeling and bring some light back into your life. Remember, the most amazing of fireworks cannot be appreciated without the darkness, so don’t you ever let go of your inner spark.
Rekhta ke Zauq
- Author Name:
Sheikh Ibrahim 'Zauq'
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- Description: "रेख़्ता क्लासिक्स" सीरीज़ उर्दू के क्लासिकी शायरों के प्रतिनिधि शायरी को नए पाठकों तक पहुँचाने के एक अनूठा प्रयास है। प्रस्तुत किताब में शेख़ इब्राहीम ज़ौक़ की प्रतिनिधि शायरी है जिसका संकलन फ़रहत एहसास साहब ने किया है।
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Book
• ‘जब आदिवासी गाता है’ समकालीन आदिवासी कविता की सर्वाधिक चर्चित कवियों में शुमार जमुना बीनी का कविता-संग्रह है।
• ‘जब आदिवासी गाता है’ हिन्दी में सम्भवतः पहला कविता-संग्रह होगा जिसमें पूर्वोत्तर के अरुणाचली आदिवासी समाज और संस्कृति की बहुतेरी अदेखी-अनजनी छवियाँ दर्ज हुई हैं। यह हिन्दी कविता की परिधि और विषयवस्तु को विस्तृत-संवर्धित करने वाला संग्रह है।
• ‘जब आदिवासी गाता है’ उन विशेष तत्वों को भारत के राष्ट्रीय परिदृश्य में रेखांकित भी करता है, जो देश के व्यापक और विविधतापूर्ण भूगोल और संस्कृति में पूर्वोत्तर, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश का योगदान है।