Jab Aadivasi Gata Hai

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Author:

Jamuna Bini

Language:

Hindi

Category:

Poetry

250

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जब आदिवासी गाता है की कविताओं में आदिम और आधुनिक, परम्परा और परिवर्तन, प्यार और प्रतिरोध तथा संगीत और सिसकी एक साथ उपस्थित हैं। पूर्वोत्तर के अरुणाचली-आदिवासी समाज और संस्कृति की नैसर्गिक धड़कन इन कविताओं में आसानी से महसूस की जा सकती है, साथ ही वह सोच भी जो कथित मुख्यधारा से परे, अब तक अलक्षित-उपेक्षित पड़े हाशिये के समाजों में अस्मिता की बढ़ती चेतना के साथ मुखर होती गई है। इन कविताओं का एक छोर प्रकृति से सुदीर्घ साहचर्य, और सहस्राब्दियों के अनुभव और यत्न से निर्मित संस्कृति के प्रति कवि के सहज गौरवबोध से बना है, जबकि दूसरा छोर उन सवालों से जो पूरी दुनिया को केवल मुनाफ़े की नज़र से देखने वाली शक्तियों को सम्बोधित हैं। जमुना बीनी की रचनात्मकता का यह वितान, वस्तुतः समकालीन हिन्दी कविता का एक नया प्रस्थान है।

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ISBN
9789347265334
Pages
128
Avg Reading Time
4 hrs
Age
18+ yrs
Country of Origin
India

Format:

Piracy Free

Express Delivery

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About the Book

जब आदिवासी गाता है की कविताओं में आदिम और आधुनिक, परम्परा और परिवर्तन, प्यार और प्रतिरोध तथा संगीत और सिसकी एक साथ उपस्थित हैं। पूर्वोत्तर के अरुणाचली-आदिवासी समाज और संस्कृति की नैसर्गिक धड़कन इन कविताओं में आसानी से महसूस की जा सकती है, साथ ही वह सोच भी जो कथित मुख्यधारा से परे, अब तक अलक्षित-उपेक्षित पड़े हाशिये के समाजों में अस्मिता की बढ़ती चेतना के साथ मुखर होती गई है। इन कविताओं का एक छोर प्रकृति से सुदीर्घ साहचर्य, और सहस्राब्दियों के अनुभव और यत्न से निर्मित संस्कृति के प्रति कवि के सहज गौरवबोध से बना है, जबकि दूसरा छोर उन सवालों से जो पूरी दुनिया को केवल मुनाफ़े की नज़र से देखने वाली शक्तियों को सम्बोधित हैं। जमुना बीनी की रचनात्मकता का यह वितान, वस्तुतः समकालीन हिन्दी कविता का एक नया प्रस्थान है।

Book Details

  • ISBN
    9789347265334
  • Pages
    128
  • Avg Reading Time
    4 hrs
  • Age
    18+ yrs
  • Country of Origin
    India

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• ‘जब आदिवासी गाता है’ समकालीन आदिवासी कविता की सर्वाधिक च‌र्चित कवियों में शुमार जमुना बीनी का कविता-संग्रह है।

• ‘जब आदिवासी गाता है’ हिन्दी में सम्भवतः पहला कविता-संग्रह होगा जिसमें पूर्वोत्तर के अरुणाचली आदिवासी समाज और संस्कृति की बहुतेरी अदेखी-अनजनी छवियाँ दर्ज हुई हैं। यह हिन्दी कविता की परिधि और विषयवस्तु को विस्तृत-संव‌र्धित करने वाला संग्रह है।

• ‘जब आदिवासी गाता है’ उन विशेष तत्वों को भारत के राष्ट्रीय परिदृश्य में रेखांकित भी करता है, जो देश के व्यापक और विविधतापूर्ण भूगोल और संस्कृति में पूर्वोत्तर, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश का योगदान है।

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