Zaharbaad
Author:
Abdul BismillahPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 159.2
₹
199
Available
‘झीनी-झीनी बीनी चदरिया’ के प्रख्यात रचनाकार अब्दुल बिस्मिल्लाह का यह उपन्यास प्रकाशन-क्रम की दृष्टि से तीसरा किन्तु लेखन-क्रम से पहला है। इसकी कथाभूमि मध्य प्रदेश के एक पूर्वी छोर पर स्थित मंडला अंचल है। वहाँ के ग्रामीण परिवेश में रचे गए इस उपन्यास में ऐसे चरित्रों का निरूपण हुआ है जो आज़ाद हिन्दुस्तान की बड़ी-बड़ी विकास योजनाओं से एकदम अछूते और अपरिचित हैं और ग़रीबी की रेखा के बहुत नीचे का जीवन जी रहे हैं। उनके माध्यम से लेखक ने समाज की विसंगतियों, वर्जनाओं और दारुण विषमताओं को मार्मिक ढंग से उकेरा है। संक्षेप में कहें तो यह उपन्यास रोज़-रोज़ मरकर जीनेवाले अनगिनत पति-पत्नियों, पुत्रों और प्रेमी-प्रेमिकाओं की, उनके दुःख-दर्द की ऐतिहासिक महागाथा है। साथ ही लेखक ने ग्रामीण परिवेश का चित्रण इतनी सशक्त भाषा में किया है कि वह सब आँखों के सामने से गुज़रता हुआ प्रतीत होता है। संवादों में मंडला की बोली के प्रयोग ने पात्रों को सम्भव और विश्वसनीय बनाया है।
ISBN: 9788171783144
Pages: 104
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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Alexander Fadeyev
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- Description: ‘पराजय’ अलेक्सान्द्र फ़देयेव का पहला उपन्यास है। क्रान्ति-विरोधियों के विरुद्ध क्रान्तिकारियों के छापामार युद्ध का इसमें व्यापक, गहन और प्रामाणिक चित्र प्रस्तुत किया गया है। वास्तविक जीवन का सहज वर्णन करते हुए लेखक ने चरित्रों के नैतिक विकास पर ज़ोर दिया है। फ़देयेव स्वयं छापामार रहे थे, जिस कारण इस उपन्यास का कथानक न केवल विश्वसनीय बन पड़ा है, बल्कि रूसी क्रान्ति में लेखक की आस्था को भी सच्चे, सटीक ढंग से सम्प्रेषित करता है।
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