Mahamuni Agastya
Author:
Ramnath NeekharaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 556
₹
695
Available
“वृत्तेन भवति आर्येण विद्यया न कुलेन च के सिद्धान्तानुसार ऋषित्व व महानता कुल तथा विद्या की उच्चता पर नहीं, कर्म एवं आचरण की श्रेष्ठता पर निर्भर करती है; अतः यह प्रश्न नहीं उठता कि किसने किससे जन्म ग्रहण किया, प्रश्न यह आता है कि गुण व कर्म की श्रेष्ठता किसमें कम है और किसमें अधिक है।” इस पौराणिक सिद्धांत को आधार बनाकर तर्कसंगत नया आख्यान रचा है हिंदी के जाने-माने विद्वान रामनाथ नीखरा ने अपनी इस पुस्तक ‘महामुनि अगस्त्य’ में! महामुनि अगस्त्य समाज, राष्ट्र व संसार से पूर्णतः उदासीन निरे वैरागी नहीं थे, वह मंत्र-स्रष्टा तो थे ही, क्रान्ति-द्रष्टा भी थे। वह सामाजिक, सांस्कृतिक व धार्मिक गरिमा के संवाहक ही नहीं थे; राष्ट्रीय अस्मिता, एकता व अखंडता के संरक्षक भी थे, और वे राष्ट्रहिताय आयोज्य कर्म-यज्ञ के सच्चे अर्थ में प्रणेता, होता व पुरोधा थे। किन्तु पुराणकर्ताओं ने उनकी इस महत्ता को रहस्यात्मक ढंग से प्रस्तुत कर अनुद्घाटित ही रहने दिया है। प्रस्तुत उपन्यास ‘महामुनि अगस्त्य’ उनकी इसी महानता को उद्घाटित करने का तर्कसंगत, सार्थक एवं प्रामाणिक प्रयास है।
ISBN: 9788171194094
Pages: 219
Avg Reading Time: 7 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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- Description: सुखी और दुखी, सहयोगी और विरोधी, उत्कर्ष और पतन, आदर्श और व्यवहार, व्यावसायिक और मानवीय—बहुविध मानव चरित्रों की कथा है यह उपन्यास ‘चौरंगी’। शाहजहाँ होटल के माध्यम से लेखक केवल कलकत्ता का चित्र नहीं, बल्कि सम्पूर्ण मानव व्यवहार का चित्र प्रस्तुत करता है। इस उपन्यास में इतने अधिक विविधरंगी चरित्र हैं कि इसे सहज ही मानव जीवन की महागाथा कहा जा सकता है पर महागाथाओं की तरह इसमें कोई महानायक नहीं है, इसीलिए यह उपन्यास कोई आदर्श भी नहीं रचता। यह केवल परत-दर-परत मानवीय व्यवहार के विभिन्न पहलुओं को खोलता चलता है। यही वजह है कि कई बार एक ही व्यक्ति के चरित्र के दो रूप उभरकर सामने आते हैं। महानगरीय जीवन की महत्त्वाकांक्षाओं के बीच किस तरह से इच्छाएँ और सम्बन्ध दम तोड़ जाते हैं, यह इसमें बख़ूबी देखा जा सकता है। परन्तु कभी भी सब कुछ नहीं टूटता, कभी भी सब कुछ नष्ट नहीं होता। नष्ट होने के बीच बहुत कुछ ऐसा बचा रहता है जो नए निर्माण की आशा को जीवित रखता है। बहुरंगी चरित्रों की इस महागाथा को बाँधे रखनेवाला एकमात्र सूत्र है, सहज मानवीय स्नेह। शाहजहाँ होटल में काम करते हुए नायक को सबसे अधिक ऐश्वर्य जो मिला वह था साथ काम करनेवालों का स्नेह। और यही स्नेह सब कुछ नष्ट हो जाने के बीच भी निर्माण की आशा को बरकरार रखता है।
Salt And Pepper
- Author Name:
Achal Mogla
- Book Type:

- Description: Salt and Pepper is a collection of 7 thought-provoking short stories that attempt to touch the reader's heart. In today’s world, where time has become a scarcity and maintaining relationships is an art, the stories written here explore various emotions like sacrifice, love, hatred, and helplessness through their multiple characters in various forms. The feelings in the stories add a tinge of colours in numerous shades and add to the life recipe. This precisely a similar situation where just salt and Pepper, when added to food, change their taste altogether if in less or more. Sometimes the addition of both ingredients in the right proportions creates a perfect recipe, and if either one of them, salt or Pepper, is added in excess or fewer amounts can alter the taste of a recipe entirely. All the stories are bonded together where in the standard part are the range of emotions that are depicted, and the characters, while living out their lives daily, also go through the turmoil that their adventures bring along with them. The characters are complex, intriguing and yet beautiful in their way. A wife’s struggle and hard work for maintaining her pride and dignity intact.., a soldier’s sacrifice for his country and his family are coming to terms with that, a gift made by a young girl of her love without any conditions/strings attached, story of 2 people in love being United again by fate under different situations, misunderstanding between 2 people how it brings them closer to each other…..
The Adventures Of Huckleberry Finn
- Author Name:
Mark Twain
- Book Type:

- Description: Adventures of Huckleberry Finn is a novel by Mark Twain, first published in the United Kingdom in December 1884. It is an incredible tale of a boy, Huckleberry Finn, from a Mississippi River town who narrates his adventures with Tom Sawyer and how he gets into trouble for helping a runaway slave Jim.
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