The Doctor's Heart : A Chamber Of Sorrow
Author:
Mannit MannPublisher:
Author'S Ink PublicationsLanguage:
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Price: ₹ 221
₹
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Available
Should I enter this ward? Should | tend to the sick? Or should I succumb to the stark reality that surrounds us? Can a doctor have such thoughts? Does a doctor’s heart have the right to feel Low after choosing his profession? Aarav is equipped with knowledge and compassion, two qualities that make him an outstanding doctor. Hailing from Chandigarh, he is employed at the Medict Health Care Hospital as Assistant Clinical Coordinator, where he is trusted and loved by both his seniors and peers for his dedication to his work. He is engaged to Ishika, who is the cynosure of his life. But before they can marry, a catastrophic disease storms into their lives and turns it upside- down. Does Aarav handle this catastrophe, both at professional and personal levels? Or does he break down? What goes on in a doctor’s head when he pushes aside his personal life to give his all to his patients? This book is not a mere story; it’s an unforgettable journey into a doctor’s heart
ISBN: 9789392665387
Pages: 150
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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वैचारिक निष्ठा के आधार पर समाज और सम्बन्धों का विश्लेषण अक्सर ही यशपाल के उपन्यासों का विषय रहा है। लेखक के रूप में उनकी मान्यता थी कि साहित्य का उद्देश्य केवल मनोरंजन और प्रचलित मूल्यों का पिष्टपोषण नहीं, बल्कि उनके ऊपर प्रश्न उठाना और परिवर्तन को बल प्रदान करना है।
‘क्यों फँसें’ उपन्यास स्त्री-पुरुष सम्बन्धों की जटिल दुनिया का अन्वेषण है। अट्ठाईस वर्षीय युवा पत्रकार और मोती के रति-सम्बन्धों को आधार बनाकर लिखा गया यह वृत्तान्त स्त्री और पुरुष के रिश्तों में एक नई दिशा को खोजने की कोशिश करता है, और हमारे सामने विचार के लिए कई प्रश्न छोड़ जाता है।
Maharana Pratap
- Author Name:
Suryakant Tripathi 'Nirala'
- Book Type:

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महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास में वीरता और राष्ट्रीय स्वाभिमान के पर्याय हैं। वे एक कठिन और उथल-पुथल भरे काल-खंड में पैदा हुए थे, जब मुग़लों की सत्ता समूचे भारत पर छाई हुई थी और मुग़ल सम्राट अकबर अपनी विशिष्ट कार्य-शैली के कारण ‘महान’ कहा जा रहा था। लेकिन महाराणा प्रताप उसकी ‘महानता’ के पीछे छिपी उसकी साम्राज्यवादी आकांक्षा के विरुद्ध थे, इसलिए उन्होंने उसकी अधीनता स्वीकार नहीं की। परिणामस्वरूप अकबर उनके विरुद्ध युद्ध में उतरा। इस प्रक्रिया में महाराणा प्रताप ने जिस वीरता, स्वाभिमान और त्यागमय जीवन को वरण किया, उसी ने उन्हें एक महान लोकनायक और वीर पुरुष के रूप में सदा-सदा के लिए भारतीय इतिहास में प्रतिष्ठित कर दिया।
महाकवि निराला ने प्रताप के इसी प्रेरक चरित्र को तथ्यात्मक ढंग से चित्रित किया है।
मुख्य रूप से यह पुस्तक किशोर पाठकों को ध्यान में रखकर लिखी गई है, लेकिन इसकी प्रांजल भाषा-शैली और तथ्यपरकता इसे एक महापुरुष की ऐतिहासिक जीवनी का महत्त्व प्रदान कर देती है।
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