Mafi Kabhi Nahin
(0)
Author:
Renate DorresteinPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
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रेनाट डोरेस्टीन नीदरलैंड की सबसे अधिक पढ़ी जानेवाली उपन्यासकार हैं। 1983 में अपनी लेखन-यात्रा शुरू करनेवाली रेनाट ने कई उपन्यास लिखे, जिनमें ‘ए हर्ट ऑफ़ स्टोन’, ‘अननेचुरल मदर’, ‘फेटल लॉस’, ‘नो मर्सी’ प्रमुख हैं। ‘फेटल लॉस’ के लिए ‘गोल्डन आउल पुरस्कार’ सहित उन्हें लेखन में उनके योगदान के लिए विशिष्ट ‘एनी रोमेन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया।</p> <p>बेहतरीन कल्पना-जाल, मानसिक-द्वन्द्व और आश्चर्यचकित करनेवाले सस्पेंस अपने उपन्यासों में बुनने में रेनाट महारत रखती हैं। उनके उपन्यास अब तक अंग्रेज़ी और हिन्दी सहित कई भाषाओं में अनूदित हो चुके हैं। सस्पेंस और दर्द, कोमल मानवीय भावनाएँ, रिश्ते, भावनात्मक संघर्ष—सब कुछ अपने उपन्यासों में रेनाट एक मनोवैज्ञानिक की तरह अन्दरूनी सिलवटों के साथ उभार लाती हैं। रेनाट के मन पर उनकी बहन की आत्महत्या का बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा था, जो उनके अन्य उपन्यास पात्रों के साथ इस उपन्यास के मुख्य पात्र फीनुस और फ्रांका के दु:ख में भी छिपा दिखाई देता <br />है।</p> <p>‘विदाउट मर्सी’—‘माफी कभी नहीं’, रेनाट की सर्वाधिक चर्चित रचनाओं में से एक है। एक सम्पूर्ण और ख़ुशहाल परिवार—पति-पत्नी और एक बेटा, फिर एक दुर्घटना—जिसने सम्पूर्णता को तार-तार कर <br />दिया : स्त्री और पुरुष के बीच का भावनात्मक अन्तर इस उपन्यास में उभारा गया है। बेटे, येम की हत्या के बाद कैसे फीनुस और फ्रांका इस तकलीफ़ को अलग-अलग झेलते हैं, कैसे एक-दूसरे से दूर होते जाते हैं। एक तरफ़ फ्रांका येम को उसकी चीज़ों में जीवित रखना चाहती है, दूसरी तरफ़, फीनुस अलगाव ढूँढ़ता है। घरेलू ख़ुशहाली के नीचे की अनिश्चितता इस बार रेनाट की मनोविश्लेषक निगाह में आई है। उपन्यास में एक कोमल मोड़ भी आता है जब फीनुस और फ्रांका अपने टूटते रिश्ते को बचाने की कोशिश करते हैं।</p> <p>एहतियात से सधी हुई भाषा में उकेरा गया एक उपन्यास, धारदार, स्पष्ट पात्र-चित्रण...कभी न भूले जा सकनेवाली किताबों में से एक। ‘द बॉल्टीमॉर सन’ (प्रसिद्ध समाचार-पत्र)</p> <p>बेहतरीन ढंग से बुनी हुई...असाधारण...अविस्मरणीय लेखक</p> <p>—ग्वीन हाइमन रुबीयो (आइसी स्पार्क्स की लेखक)
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रेनाट डोरेस्टीन नीदरलैंड की सबसे अधिक पढ़ी जानेवाली उपन्यासकार हैं। 1983 में अपनी लेखन-यात्रा शुरू करनेवाली रेनाट ने कई उपन्यास लिखे, जिनमें ‘ए हर्ट ऑफ़ स्टोन’, ‘अननेचुरल मदर’, ‘फेटल लॉस’, ‘नो मर्सी’ प्रमुख हैं। ‘फेटल लॉस’ के लिए ‘गोल्डन आउल पुरस्कार’ सहित उन्हें लेखन में उनके योगदान के लिए विशिष्ट ‘एनी रोमेन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया।</p>
<p>बेहतरीन कल्पना-जाल, मानसिक-द्वन्द्व और आश्चर्यचकित करनेवाले सस्पेंस अपने उपन्यासों में बुनने में रेनाट महारत रखती हैं। उनके उपन्यास अब तक अंग्रेज़ी और हिन्दी सहित कई भाषाओं में अनूदित हो चुके हैं। सस्पेंस और दर्द, कोमल मानवीय भावनाएँ, रिश्ते, भावनात्मक संघर्ष—सब कुछ अपने उपन्यासों में रेनाट एक मनोवैज्ञानिक की तरह अन्दरूनी सिलवटों के साथ उभार लाती हैं। रेनाट के मन पर उनकी बहन की आत्महत्या का बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा था, जो उनके अन्य उपन्यास पात्रों के साथ इस उपन्यास के मुख्य पात्र फीनुस और फ्रांका के दु:ख में भी छिपा दिखाई देता <br />है।</p>
<p>‘विदाउट मर्सी’—‘माफी कभी नहीं’, रेनाट की सर्वाधिक चर्चित रचनाओं में से एक है। एक सम्पूर्ण और ख़ुशहाल परिवार—पति-पत्नी और एक बेटा, फिर एक दुर्घटना—जिसने सम्पूर्णता को तार-तार कर <br />दिया : स्त्री और पुरुष के बीच का भावनात्मक अन्तर इस उपन्यास में उभारा गया है। बेटे, येम की हत्या के बाद कैसे फीनुस और फ्रांका इस तकलीफ़ को अलग-अलग झेलते हैं, कैसे एक-दूसरे से दूर होते जाते हैं। एक तरफ़ फ्रांका येम को उसकी चीज़ों में जीवित रखना चाहती है, दूसरी तरफ़, फीनुस अलगाव ढूँढ़ता है। घरेलू ख़ुशहाली के नीचे की अनिश्चितता इस बार रेनाट की मनोविश्लेषक निगाह में आई है। उपन्यास में एक कोमल मोड़ भी आता है जब फीनुस और फ्रांका अपने टूटते रिश्ते को बचाने की कोशिश करते हैं।</p>
<p>एहतियात से सधी हुई भाषा में उकेरा गया एक उपन्यास, धारदार, स्पष्ट पात्र-चित्रण...कभी न भूले जा सकनेवाली किताबों में से एक। ‘द बॉल्टीमॉर सन’ (प्रसिद्ध समाचार-पत्र)</p>
<p>बेहतरीन ढंग से बुनी हुई...असाधारण...अविस्मरणीय लेखक</p>
<p>—ग्वीन हाइमन रुबीयो (आइसी स्पार्क्स की लेखक)
Book Details
-
ISBN9788126716784
-
Pages228
-
Avg Reading Time8 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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मनोज भक्त के पास बहुत समृद्ध और चाक्षुष भाषा है। वे स्थितियों को बिलकुल सजीव कर देना जानते हैं। लेकिन यह भाषा की नहीं, उस वृत्तान्त की भी ताक़त है जिसे मनोज भक्त कई स्तरों पर इस उपन्यास में घटित होने देते हैं। हिन्दी के समकालीन संसार में एक जनजातीय राज्य के बहुफलकीय यथार्थ को इस महीनी से उकेरने वाली रचनाएँ कम हैं। निस्सन्देह यह कृति अपनी विशिष्ट जगह बनाने में सक्षम है।
—प्रियदर्शन
Wapsi
- Author Name:
William Sorayan
- Book Type:

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Description:
विलियम सोरायाँ के विश्वविख्यात उपन्यास ‘द ह्यूमन कॉमेडी’ का यह अनुवाद होमर मैकाले नाम के एक चौदह वर्षीय लड़के के इर्द-गिर्द घूमता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान जब उसका बड़ा भाई मारकस लड़ाई के मोर्चे पर चला जाता है तो होमर, यह समझते हुए कि अब घर की ज़िम्मेदारी उसी के ऊपर है, तार-घर में अंशकालिक नौकरी कर लेता है। काम है लोगों के घरों तक चिट्ठियाँ पहुँचाना।
अपने इसी काम को करते हुए उसे जीवन, मृत्यु, अकेलेपन और मानव-अस्तित्व से सम्बन्धित अनेक ऐसी सच्चाइयों का सामना करना पड़ता है, जो उसे एक अनुभवी व्यक्ति बनने में मदद करती हैं।
उपन्यास में होमर की ‘ओडिसी’ के भी अनेक सन्दर्भ बुने गए हैं। ओडिसी की तरह इस उपन्यास के केन्द्र में भी घर वापसी है।
इस उपन्यास के विश्व में अनेक फ़िल्म तथा रंगमंचीय रूपान्तरण हो चुके हैं।
Evening
- Author Name:
Neeraj
- Rating:
- Book Type:

- Description: It is a story of an Indian boy--his innocent childhood, his fascinating family, his adventurous friendship, his adorable first crush, his struggles, his pain, and his journey to the ??? Let's keep it a suspense, shall we??? It is a touching story based on real life. and it gives its readers a meaningful experience. Nikhil is a small town boy, who is enjoying his childhood with his best friend, Akshay. He has a loving family and shares a special bond with his grandfather. As the kids grow up, they face their ups and downs, failure and success, pain and wisdom. It is a cute and fascinating story about childhood , friendship and love. It's a story about school life, and all the fun and drama associated with it. So, grab a copy and relive those innocent childhood moments! A good story leaves its readers with a beautiful experience, and justifies their effort of reading it. --- NEERAJ
Uttar Bayan Hai
- Author Name:
Vidya Sagar Nautiyal
- Book Type:

- Description: “अपने लोगों की यह कथा जिसे अनेक वर्षों तक मैंने अपने भीतर जिया है...”—विद्यासागर नौटियाल ‘उत्तर बायां है’ हिमाच्छादित बुग्यालों और ऊँचे, विस्तृत चरागाहों में बरसात के दौरान बर्फ़ के पिघलने के बाद उग आनेवाली मखमली घास और असंख्य ख़ूबसूरत फूलों की ख़ुशबू के बीच अपने पशुओं के साथ विचरण करनेवाली घुमन्तू जाति गूजर और पर्वतीय क्षेत्र के भेड़पालकों और भैंसवालों के समूहों के आपसी सम्बन्धों और परिधि पर बसर कर रहे लोगों के जीवन का साक्षात्कार है। पर्वत शृंग पर बसे भेड़पालकों के गाँव चाँदी और उसकी घाटी में बसे रैमासी के निवासियों के पेशों, रीतियों और प्रथाओं में पर्याप्त भिन्नता हो जाती है। चाँदी के आकाश में चाँद खुलकर प्रकट होकर कभी अपनी आभा नहीं फैला पाता। चाँदीवासियों का आदिकाल से यह विश्वास चला आया है कि कुछ दुष्ट ग्रह, जो उनके आकाश में विचरण करते हैं, उनके चाँद को हमेशा अपने दबाव में रखते आए हैं, जैसे राहु पूर्णमासी के चाँद को अपने दबाव में कर लेता है। उन दुष्ट ग्रहों के संचालक रैमासी में निवास करते हैं। दिन-रात अथक परिश्रम करनेवाले चंदवालों की कमाई को सदियों से निठल्ले रैमासीवाले हड़प करते आए हैं। सदरू, करणू, हुकम के जीवन में खीजी, कन्हैया, देवीप्रसाद, धनसिंह और रथी सेठ जैसे लोग हमेशा संकट पैदा करते आए हैं, और इन निरीह चंदवालों की क़ीमत पर राजकीय कर्मचारियों, अधिकारियों की मौज-मस्ती, बेकसूर लोगों पर सत्ता के अत्याचार, न्यायालयों की हास्यास्पद भूमिका, भेड़पालकों, ग्रामवासियों, गूजरों के पशुवत् जीवन की झलकियाँ; आयशा, सकीना और हसीना की बेबस ज़िन्दगी के चित्र, हाशिए पर पड़े लोगों के अनवरत संघर्ष, ग़रीबी, उनके सपने, सभ्य तथा कथित विकसित समुदायों द्वारा उनका बाहरी-भीतरी विनाश! ‘उत्तर बायां है’ में अपने मर्मांतक वर्णन से विद्यासागर नौटियाल इन घुमन्तू और सीमान्त लोगों के जीवन का प्रामाणिक तथा ज़िन्दगी से भरपूर सन्धान करते हैं। उपन्यास बेचैन करनेवाले यथार्थ और ज़मीनी सच्चाइयों, आपसी रिश्तों को मानवीय गरिमा देने के बीच एक संयत भाषा में आन्दोलित होता रहता है और इन ‘उपेक्षितों’ की पीड़ा से ‘मुख्यधारा’ को आत्यन्तिक मार्मिकता से साक्षात्कार कराता है। —हम्माद फ़ारूक़ी।
Teen Saal
- Author Name:
Anton Chekhav
- Book Type:

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Description:
‘तीन साल’ आदर्श और यथार्थ के द्वन्द्व से परिपूर्ण एक मर्मस्पर्शी उपन्यास है, जिसका कथानायक एक ऐसा नौजवान है जो संस्कारों की घुटन और थोथे हवाई आदर्शों की दुनिया में पला होने के कारण कभी अपने वातावरण से समझौता नहीं कर पाता। 'विवाह और प्रेम', 'प्रेम और विवाह', 'सुखी गृहस्थ जीवन'—आख़िर ये सब भ्रमोत्पादक विचार ही हैं जिनमें वह काफ़ी समय तक उलझा रहता है, और अन्तत: इस निष्कर्ष पर पहुँचता है कि 'व्यक्ति को ख़ुशी के विचारों को हमेशा के लिए त्याग देना चाहिए...सुख नाम की कोई चीज़ नहीं है...।' और तब वह पुराने ढर्रे के जीवन का आदि होते हुए भविष्य का इन्तज़ार करने लगता है; क्योंकि 'कौन जानता है कि भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है!' इस उपन्यास के ज़रिए लेखक ने परम्परा से चली आती आदर्शमूलक भ्रान्तियों पर तीव्र प्रहार किया है।
‘तीन साल’ उन्नीसवीं सदी के महान रूसी उपन्यासकार एन्तोन चेख़व की अमर कृति है, जिसका विश्व-साहित्य में सानी नहीं...।
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