Shahanshah Akbar : Ek Anmol Virasat
Author:
Pradeep GargPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 520
₹
650
Available
यह उस शख़्स की कहानी है जिसके बारे में छत्रपति शिवाजी महाराज ने अपने पत्र में मुग़ल बादशाह औरंगजेब को लिखा था : साम्राज्य का वह शिल्पकार जिसने सभी धर्मों के लिए सद्भाव की सुलह-कुल नीति अपनाई; उसके उदारचेता हृदय की चाहत थी सभी लोगों का पोषण करना व उन्हें सुरक्षा देना। लिहाजा वह जगत गुरु के नाम से मशहूर हुआ।</p>
<p>जिस शख़्स के बारे में मुंशी प्रेमचन्द ने लिखा : यह उसके प्रयासों का ही का सुफल था कि हिन्दू-मुसलमान कई शताब्दियों तक बहुत ही मेल-मिलाप के साथ रहे।</p>
<p>जिस शख़्स का ज़िक्र करते हुए महापंडित राहुल सांकृत्यायन यह दावा करते हैं : अशोक और गांधी के बीच में उनकी जोड़ी का एक ही पुरुष हमारे देश में पैदा हुआ—वह अकबर था।
ISBN: 9788119996537
Pages: 632
Avg Reading Time: 21 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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सुन्दर चन्द ठाकुर ने इस कथानक को मुम्बई पर हुए आतंकी हमलों से निपटने के लिए की गई कमांडो कार्रवाई से जोड़कर एक समकालीन शक्ल दे दी है। घर-परिवार से विच्छिन्न होता हुआ और पिता और प्रेमिका को खो चुका यह नौजवान कमांडो जिस जाँबाजी का प्रदर्शन करता है, उसके फल से भी वह वंचित रहता है। इसके बावजूद वह किसी त्रासदी का नायक नहीं है, बल्कि हमारे युग का एक ऐसा प्रतिनिधि है जो एक सफ़र और एक अध्याय के पूरा होने पर किसी ऐसी जगह और ऐसे धुँधलके में खड़ा है जहाँ से उसे आगे जाना है और अगली यात्रा करनी है जिसका गन्तव्य भले ही साफ़ न दिखाई दे रहा हो।
सुन्दर चन्द ठाकुर इससे पहले अपने दो कविता-संग्रहों—‘किसी रंग की छाया’ और ‘एक दुनिया है असंख्य’—से एक महत्त्वपूर्ण कवि के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उनकी कई कहानियाँ भी चर्चित हुई हैं और अब उनका पहला उपन्यास उनकी रचनात्मक प्रतिभा और सामर्थ्य के एक उत्कृष्ट नमूने के रूप में सामने है।
किसी रचना का पठनीय होना कोई अनिवार्य गुण नहीं होता, लेकिन अगर अच्छे साहित्य में पाठक को बाँधने और अपने साथ ले चलने की क्षमता भी हो तो उसकी उत्कृष्टता बढ़ जाती है। ‘पत्थर पर दूब’ के शिल्प में पहाड़ी नदियों जैसा प्रवाह है जिसमें पाठक बहने लगता है और भाषा में ऐसी पारदर्शिता है कि कथावृत्त में घटित होनेवाले दृश्य दिखने लगते हैं। उपन्यास जीवन की कथा के साथ-साथ मनुष्य के मन और मस्तिष्क की कथा भी कहता है और इस लिहाज़ से ‘पत्थर पर दूब’ एक उल्लेखनीय कृति बन पड़ी है।
—मंगलेश डबराल
Ekda Naimisharanye
- Author Name:
Amritlal Nagar
- Book Type:

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Description:
एक पुण्य-स्थान के रूप में नैमिषारण्य का उल्लेख बहुत सारे पुराणों में प्राप्त होता है। यही वह स्थान है जहाँ ऋषि-मुनि, कोई समस्या उपस्थित होने पर सभा करते थे। यहीं अधिक यज्ञ-यजन हुए।
यह नागर जी की एकमात्र पौराणिक, पर श्रेष्ठ कृति है। सारे पात्र पौराणिक हैं, कल्पित और अकल्पित भी। पौराणिक गाथाओं का ही इसमें उद्घाटन हुआ है। पौराणिक और सर्वख्यात नारद तो इसके मुख्य पात्रों में हैं। नारद इसमें वेद-वेदान्तों, ज्योतिष, व्याकरण, छन्द-शास्त्र स्मृति-ग्रन्थों यहाँ तक कि गान और नृत्य के अद् भुत ज्ञाता के रूप में प्रस्तुत हुए हैं।
नारद का ज्ञान नागर का ही ज्ञान है, और यह तथ्य इस प्रसिद्ध उपन्यासकार के असामान्य स्वाध्याय और ज्ञान-गरिमा को प्रकाश में लाता है।
उपन्यास पुनर्जागरण का सन्देशवाहक है। मुख्य पात्र हैं भार्गव सोमाहुति।
Bidhar
- Author Name:
Bhalchandra Nemade
- Book Type:

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Description:
‘बिढार’ का मतलब है—अपने कन्धे पर अपनी गृहस्थी का बोझ लादे हुए भटकना। इस दिक्-काल से परे की भटकन का मक़सद है, शायद, गौतमबुद्ध की तरह संबोधि प्राप्त करना। अपने आपको, अपनों को, अपनापे को पाना। बिढार के चांगदेव की यह भटकन, भाषा-प्रदेश और काल को लाँघकर सार्वजनीन और बीसवीं शताब्दी के डॉक्यूमेन्ट्स को लेकर सार्वकालिक बन जाती है। यह कहीं भी ख़त्म न होनेवाली भटकन, जिसका प्रारम्भ 1962 में हुआ था, वह ‘बिढार’ (1975), ‘जरीला’ (1977) और ‘झूल’ (1979) को पार कर अब अपने आगे के मुकाम ‘हिन्दू’ की ओर अग्रसर है। यह परकाया प्रवेश करनेवाले एक की आपबीती है जो अपने विस्तार में अनेक को समाहित करने का सामर्थ्य रखती है।
यह मानव-सभ्यता की कैसी विडम्बना है कि सृजन-क्षमता के विनाश को स्वीकार किए बिना मनुष्य
को समाज में प्रतिष्ठा प्राप्त नहीं होती। विपात्र बनो और प्रतिष्ठा प्राप्त करो। सत् (बीइंग) और कर्तृत्व (बिकमिंग) का घोर कुरुक्षेत्र नेमाड़े जी के उपन्यास—‘चतुष्ट्य’ का दहला देनेवाला अन्तःसूत्र है। जीवन के नैतिक और सांस्कृतिक दायित्व की व्यग्रता का भाव नेमाड़े जी के ‘बिढार’ में जिस अभिनिवेश शून्य परन्तु रचनात्मक स्वरूप में पाया जाता है, वह अन्यत्र दुर्लभ है।
—रंगनाथ तिवारी
Nai Paudh
- Author Name:
Nagarjun
- Book Type:

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Description:
‘नई पौध’ की कहानी अति सरल है। गाँव के बड़े-बूढ़ों की ज़िद तोड़कर तरुणों ने एक लड़की के जीवन को चौपट होने से बचा लिया—बे-मेल शादियों की यह समस्या हमारे ग्रामीण समाज में आज भी विकराल रूप में मौजूद है। इस समस्या का विप्लवी समाधान नई पीढ़ी ही दे सकती है...
नागार्जुन का यह उपन्यास, आकार में लघु होने पर भी, प्रभाव के लिहाज़ से बड़ा ही व्यापक साबित हुआ है...प्रकृति की मनोरम पट-भूमि पर कथाकार ने घटनाओं का मोहक ताना-बाना सजाया है। विशिष्ट आलोचकों ने नागार्जुन की इस कथाकृति की भूरि-भूरि सराहना की है और साधारण पाठकों ने भी इसे बेहद पसन्द किया है।
Thistle & Weeds
- Author Name:
Prachi Priyanka
- Book Type:

- Description: Thistle and weeds is an enjoyable collection of eleven stories that explore love, lust and loyalties from surprising perspectives. These stories celebrate the mysterious inner lives of ordinary people who are stuck in moments of crisis and struggle to unravel their lives in a world where certainties are tested and often found wanting. A young girl locates the defiant undercurrent of individual expression shackled by societal norms; a Lonely old widow finds a Ray of hope; a disillusioned wife redefines notions of fidelity; an agonised husband chooses freedom over his wife; a woman encounters love from her past; a rapist feels the need to unburden... Binding these acutely observed and emotionally intelligent stories are complex, confused and yet beautifully fascinating characters. Prachi Priyanka subverts the familiar themes of family, love and cultural identity and provides a rare glimpse into the strange workings of the human heart.
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