Odyssey
(0)
₹
399
₹ 319.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
विश्वप्रसिद्ध ट्रॉय-युद्ध के महान योद्धा ओडिसियस की घर वापसी का वृत्तान्त है—‘ओडिसी’। प्राचीन यूरोप के महान रचनाकार होमर की कथाकारिता का बेमिसाल नमूना है। यह ग्रन्थ जिसकी विशेषताओं की पुनरावृत्ति परवर्ती कथाकारों से सम्भव नहीं हो सकी।</p> <p>इस ग्रन्थ ने सम्पूर्ण विश्व के कथा साहित्य को प्रभावित किया है। इसका रचनाफलक व्यापक है जिसमें मानवीय सम्बन्ध, क्रिया-कलाप और समाज के सभी पक्षों का समावेश है।</p> <p>नित परिवर्तनशील विश्व के सुख-दु:ख और संघर्षों के चित्रण के माध्यम से ‘ओडिसी’ में होमर ने जीवन और जगत् के यथार्थ को उजागर करते हुए यह रेखांकित किया है कि साहस, उत्साह और जिज्ञासावृत्ति से ही मनुष्य सफलता के शिखर पर पहुँचता है।</p> <p>होमर के रचना-कौशल ने दृश्य-जगत् की वास्तविकताओं को कुछ इस तरह सहेजा है कि यह ग्रन्थ साहित्य ही नहीं अपितु इतिहास, पुरातत्त्व, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और मनोविज्ञान के खोजी विद्वानों के आकर्षण की वस्तु बन गया है।</p> <p>जटिल संरचना के बावजूद ‘ओडिसी’ का कथाप्रवाह पाठकों का औत्सुक्य बनाए रखता है। अपनी इन विशेषताओं के कारण ही ई.पू. 850 के आसपास जन्मे होमर की यह कृति आज भी प्रेरणादायी बनी हुई है।
Read moreAbout the Book
विश्वप्रसिद्ध ट्रॉय-युद्ध के महान योद्धा ओडिसियस की घर वापसी का वृत्तान्त है—‘ओडिसी’। प्राचीन यूरोप के महान रचनाकार होमर की कथाकारिता का बेमिसाल नमूना है। यह ग्रन्थ जिसकी विशेषताओं की पुनरावृत्ति परवर्ती कथाकारों से सम्भव नहीं हो सकी।</p>
<p>इस ग्रन्थ ने सम्पूर्ण विश्व के कथा साहित्य को प्रभावित किया है। इसका रचनाफलक व्यापक है जिसमें मानवीय सम्बन्ध, क्रिया-कलाप और समाज के सभी पक्षों का समावेश है।</p>
<p>नित परिवर्तनशील विश्व के सुख-दु:ख और संघर्षों के चित्रण के माध्यम से ‘ओडिसी’ में होमर ने जीवन और जगत् के यथार्थ को उजागर करते हुए यह रेखांकित किया है कि साहस, उत्साह और जिज्ञासावृत्ति से ही मनुष्य सफलता के शिखर पर पहुँचता है।</p>
<p>होमर के रचना-कौशल ने दृश्य-जगत् की वास्तविकताओं को कुछ इस तरह सहेजा है कि यह ग्रन्थ साहित्य ही नहीं अपितु इतिहास, पुरातत्त्व, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र और मनोविज्ञान के खोजी विद्वानों के आकर्षण की वस्तु बन गया है।</p>
<p>जटिल संरचना के बावजूद ‘ओडिसी’ का कथाप्रवाह पाठकों का औत्सुक्य बनाए रखता है। अपनी इन विशेषताओं के कारण ही ई.पू. 850 के आसपास जन्मे होमर की यह कृति आज भी प्रेरणादायी बनी हुई है।
Book Details
-
ISBN9788126721849
-
Pages352
-
Avg Reading Time12 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Ek Ummid Aur
- Author Name:
Abhimanyu Anat
- Book Type:

-
Description:
चर्चित और यशस्वी उपन्यासकार अभिमन्यु अनत का यह उपन्यास समकालीन उपन्यासों की धारा से कुछ हटकर है जो सहज ही पठनीयता को आमंत्रित करता है। पुनर्जन्म की अवधारणा पर आधारित इस उपन्यास में गर्भस्थ शिशु को नैरेटर बनाकर कथानक का ताना-बाना सिरजा गया है जिसके माध्यम से समकालीन जीवन में बन रहे सामाजिक और प्राकृतिक पर्यावरण के प्रदूषण पर न केवल गहरी और सार्थक चिन्ता है, बल्कि उससे निजात पाने के आवश्यक संकेत भी।
बढ़ते शहरीकरण ने जहाँ प्रकृति की सुन्दरता को विनष्ट किया है, वहीं सियासतदानों की स्वार्थपरता ने मानव-मानव के बीच नफ़रत और हिंसा की गहरी खाई पैदा कर दी है। आम आदमी जो कि इन राजनीतिज्ञों और मज़हबी, साम्प्रदायिक ताक़तों की इस चाल को नहीं समझते हैं, वे इनके झाँसे में आकर इस धरती की सुन्दरता को और इंसानियत के निरन्तर प्रवाह को क्षति पहुँचाते हैं, लेकिन जब एक शिशु के जन्म की वेला आती है तो फिर दुखी और पीड़ित इंसानों के मन में ‘एक और उम्मीद’ की कोंपल फूटती है।
यह उपन्यास इंसानियत की इसी उम्मीद की कोंपल के खिलने की दास्तान है जो अपनी रचनात्मक विशिष्टता और सहज प्रवाह के कारण न केवल पाठकीय संवेदना को स्पन्दित करता है, बल्कि वैचारिक उत्तेजना को भी नया आयाम प्रदान करता है।
Kalindi
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

-
Description:
...“एक बुज़ुर्ग ने मुझे रोककर कहा—‘कालिंदी’ पढ़ रहा हूँ!...अहा कैसा चित्र खींचा है उन दिनों का। लगता है एक बार फिर उसी अल्मोड़ा में पहुँच गया हूँ।”
“मुझे लगा मुझे कुमाऊँ का सर्वोच्च साहित्य पुरस्कार मिल गया।”...शिवानी के यह शब्द उपन्यास की पाठकों तक सहज पहुँच और स्वयं उनकी अपने लाखों सरल, अनाम पाठकों के प्रति अगाध समर्पण भाव का आईना है।
डॉक्टर कालिंदी एक स्वयंसिद्धा लड़की है, जिसने अपने जीवन के झंझावातों से अपनी शर्तों पर मुक़ाबला किया। कुमाऊँ की स्त्री-शक्ति के सुदीर्घ शोषण और उसकी अदम्य सहनशक्ति और जिजीविषा का दस्तावेज़ यह उपन्यास नए और पुराने के टकराव और पुनर्सृजन की गाथा भी है। शिवानी की मातृभूमि अल्मोड़ा और उस अंचल के गाँवों की मिट्टी-बयार की गन्ध से भरी कालिंदी की व्यथा-कथा भारत की उन सैकड़ों लड़कियों की महागाथा है, जो आधुनिकता का स्वागत करती हैं, लेकिन परम्परा की डोर को भी नहीं काट पातीं। अपने पुरुष उत्पीड़कों और शोषकों के प्रति भी अनथक स्नेह-ममत्व बनाए रखनेवाली कालिंदी और उसकी एकाकिनी माँ अन्नपूर्णा क्या आज भी देश के हर अंचल में मौजूद नहीं?
Voh Apana Chehra
- Author Name:
Govind Mishra
- Book Type:

-
Description:
क़रीब-क़रीब अमानवीय और जड़ होता जाता संसार गोविन्द मिश्र के लेखन की मुख्य चिन्ताओं में से है। जहाँ वे एक परिवेश का केवल भीतरी-बाहरी कच्चा चिट्ठा-भर प्रस्तुत करते हैं, वहाँ भी सर्जनात्मक व्यथा मानवीयता और मूल्यों के न होने की ही होती है। गोविन्द मिश्र के लेखन का मूल स्वर सकारात्मक है जो उनकी रचनाओं में उत्तरोत्तर साफ़ होता चला गया है।
'वह अपना चेहरा’ एक तलाश है जो चेहरों से शुरू होकर जीवन-पद्धति एवं मान्यताओं से होती हुई नैतिकता और मूल्यों तक जाती है। नौकरशाही का परिवेश, दफ़्तरी मानसिकता, फ़ाइलों-इमारतों की दुनिया यहाँ एक ऐसे तनाव के माध्यम से उभारे गए हैं जो जितना उग्र है, उतना ही फ़िज़ूल—लालफीताशाही के अपने स्वभाव की तरह। यहाँ चेहरे भी फ़ाइलों की तरह घूम रहे हैं, 'अपना’ चेहरा 'वह’ हो जाता है, वही जिसके ख़िलाफ़ उसकी लड़ाई थी। चरित्रों की गहरी पकड़, कलात्मकता और भाषा का एक अपने ढंग का खुरदुरापन इस उपन्यास को विशिष्ट बनाते हैं।
Bharat Kokila Sarojini Naidu
- Author Name:
Disha Gulati
- Book Type:

- Description: "सरोजिनी नायडू का जन्म 13 फरवरी, 1879 को हैदराबाद में हुआ। उनके पिता अघोरनाथ चट्टोपाध्याय एक प्रसिद्ध विद्वान् तथा माँ कवयित्री थीं और बँगला में लिखती थीं। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि होने के कारण उन्होंने 12 वर्ष की छोटी उम्र में 12वीं की परीक्षा अच्छे अंकों के साथ उत्तीर्ण की और 13 वर्ष की उम्र में ‘लेडी ऑफ द लेक’ कविता रची। सन् 1895 में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए वे इंग्लैंड चली गईं। सन् 1898 में सरोजिनी नायडू डॉ. गोविंदराजुलु नायडू की जीवन-संगिनी बनीं। सन् 1914 में इंग्लैंड में वे पहली बार गांधीजी से मिलीं और उनके विचारों से प्रभावित होकर देश के लिए समर्पित हो गईं। स्वाधीनता आंदोलन में उन्होंने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपनी लोकप्रियता और प्रतिभा के कारण सन् 1925 में कानपुर में हुए कांग्रेस अधिवेशन की अध्यक्षा बनीं और 1932 में भारत की प्रतिनिधि बनकर दक्षिण अफ्रीका भी गईं। भारत की स्वतंत्रता-प्राप्ति के बाद वे उत्तर प्रदेश की पहली राज्यपाल बनीं। श्रीमती एनी बेसेंट की प्रिय मित्र और गांधीजी की इस प्रिय शिष्या ने अपना सारा जीवन देश के लिए अर्पण कर दिया। 2 मार्च, 1949 को उनका देहांत हुआ। ‘स्वर कोकिला’ के नाम से विख्यात महान् नेत्री सरोजिनी नायडू की प्रेरणाप्रद जीवन-गाथा।
Ajnabi
- Author Name:
Albert Camus
- Rating:
- Book Type:

-
Description:
फ्रांस के अमर लेखक, नोबेल पुरस्कार-विजेता अल्बैर कामू मानव-अन्तर्मन के संवेगों और कुंठाओं को अनावृत करने में पटु हैं। नियति में उनका विश्वास है और कृत्य की स्वतंत्रता एक निर्दिष्ट परिधि में ही वह मानते हैं। आरम्भ से अन्त तक पाठक की रुचि को साधे रखनेवाले इस उपन्यास में नायक के समस्त क्रिया-कलाप और उसके साथ घटी घटनाओं में उनका यही जीवन-दर्शन व्यक्त हुआ है।
विश्व के विशिष्ट उपन्यास-साहित्य में स्थान पानेवाले उपन्यास ‘अजनबी’ की कथा-वस्तु न केवल हमारे मर्म को मथ देने में सफल होती है, वरन् हमें जीवन और कर्म, और इन दोनों के उद्देश्यों के सम्बन्ध में भी सोचने पर विवश करती है।
सन् 1942 में प्रकाशित इस उपन्यास को द्वितीय विश्वयुद्ध से उत्पन्न हताशा और विसंगतियों को अभिव्यक्त करनेवाली कृति माना जाता है। उपन्यास के नायक से कामू यहाँ जीवन की निरुद्देश्यता और मृत्यु की अनिवार्यता को रेखांकित करते हैं; नायक की समाज से विरक्ति और उदासीनता का जैसा मार्मिक चित्रण कामू ने इस उपन्यास में किया है, वह आज भी स्तब्ध कर देता है।
Song of A Flying Sparrow
- Author Name:
Rajeev Pundir
- Book Type:

- Description: Chiya was born and brought up in a wealthy business-class family. When her mom Rini, a highly ambitious woman, tries to fix her marriage with a millionaire divorcee, relatively senior to her age, she refuses categorically. As a result, an ugly argument ensues between them. Chiya’s life turns upside down when Rini reveals an unpleasant secret about her life during the heat of the conflict. Then she embarks on a mission—the sole aim of her life. What was that secret and the mission thereupon? To find, explore the novel—Song of A Flying Sparrow—a tale of emotions, love, betrayal, ambitions, greed, cynicism and twisted relations.
keertigaan
- Author Name:
Chandan Pandey
- Book Type:

-
Description:
उन्माद के जाल की पैमाइश में जुटे एक पत्रकार की उथल-पुथल भरी ज़िन्दगी की कथा है—‘कीर्तिगान’, जो उस वक़्त और उलझ जाती है जब भीड़-हत्याओं और उनसे जुड़े लोगों से मिलते हुए उसके लिए प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष का भेद मिट जाता है। उसकी दुनिया उन लोगों से भर जाती है जो या तो इस दुनिया में नहीं हैं या उन भीड़-हत्याओं से जुड़े हैं।
उसकी ज़िन्दगी का एक सिरा उस स्त्री से जुड़ता है जो भीड़-हत्याओं की रिपोर्टिंग के अभियान में उसके साथ काम कर रही है और ऐसी हर घटना के साथ अपने उस अतीत के निकट पहुँच जाती है जिसकी ज़मीन एक त्रासदी की स्याही से अब तक गीली है।
अपनी नौकरी को बचाए रखने भर के लिए इस अभियान से जुड़ा पत्रकार और अपने काम को पसन्द करने वाली उसकी सहकर्मी, दोनों की अपनी-अपनी त्रासदियाँ उस समय व्यक्तिगत नहीं रह जातीं जब वे रिपोर्टिंग के दौरान समाज में अकल्पनीय ढंग से जड़ जमा चुकी उन्मादी मानसिकता से रू-ब-रू होते हैं।
इसमें जीवन से वाचक का पुनर्जागृत प्रेम है और विकसित होती हुई एक प्रेम कहानी भी, जिनसे कथा विरल ढंग से पठनीय हो उठती है।
Apsara Ka Shap
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

-
Description:
स्वातंत्र्योत्तर भारत के शिखरस्थ लेखकों में प्रमुख यशपाल ने अपने प्रत्येक उपन्यास को पाठक के मन-रंजन से हटाकर उसकी वैचारिक समृद्धि को लक्षित किया है। विचारधारा से उनकी प्रतिबद्धता ने उनकी रचनात्मकता को हर बार एक नया आयाम दिया, और उनकी हर रचना एक नए तेवर के साथ सामने आई ! 'अप्सरा का शाप' में उन्होंने दुष्यन्त-शकुन्तला के पौराणिक आख्यान को आधुनिक संवेदना और तर्कणा के आधार पर पुनराख्यायित किया है।
यशपाल के शब्दों में : 'शकुन्तला की कथा पतिव्रत धर्म में निष्ठा की पौराणिक कथा है। ‘महाभारत’ के प्रणेता तथा कालिदास ने उस कथा का उपयोग अपने-अपने समय की भावनाओं, मान्यताओं तथा प्रयोजनों के अनुसार किया है। उन्हीं के अनुकरण में 'अप्सरा का शाप' के लेखक ने भी अपने युग की भावना तथा दृष्टि के अनुसार शकुन्तला के अनुभवों की कल्पना की है। उपन्यास की केन्द्रीय वस्तु दुष्यन्त का शकुन्तला से अपने प्रेम सम्बन्ध को भूल जाना है, इसी को अपने नज़रिए से देखते हुए लेखक ने इस उपन्यास में नायक 'दुष्यन्त' की पुनर्स्थापना की है और बताया है कि नायक ने जो किया, उसके आधार पर आज के युग में उसे धीरोदात्त की पदवी नहीं दी जा सकती।
Compass In Murky Waters
- Author Name:
Stefy Arul Brabhaher
- Rating:
- Book Type:

- Description: I don’t know why you complain, for the dismal nights, and the anguished seas, have always been My muse.
Raag Darbari (Deluxe Edition)
- Author Name:
Shrilal Shukla
- Book Type:

-
Description:
वर्ष 1968 में प्रकाशित 'राग दरबारी' आज भी हिन्दी का 'बेस्ट सेलर' है।
इन पचपन सालों में इस उपन्यास ने हर दिन नए पाठक जोड़े हैं। इस किताब के कारण दुनिया के अनेक भाषाभाषियों ने हिन्दी की रचनात्मकता का लोहा माना।
साहित्य के अलावा अन्य अनुशासनों के अध्येताओं में भी यह उपन्यास अपनी भाषा और समाजशास्त्रीय अहमियत के कारण लोकप्रिय रहा है।
यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि हर पीढ़ी का नया पाठक सबसे पहले 'राग दरबारी' पढ़ने की इच्छा रखता है।
यह 'राग दरबारी' का विशेष एवं संग्रहणीय संस्करण है जिसे आप अपनी बुकशेल्फ में जरूर रखना चाहेंगे और अपने प्रियजनों को उपहार में भी देना चाहेंगे।
Khwab Ke Do Din
- Author Name:
Yashwant Vyas
- Book Type:

-
Description:
मैं बुरी तरह सपने देखता रहा हूँ। चूँकि सपने देखना-न-देखना अपने बस में नहीं होता, मैंने भी इन्हें देखा। आप सबकी तरह मैंने भी कभी नहीं चाहा कि स्वप्न फ़्रायड या युंग जैसों की सैद्धान्तिकता से आक्रान्त होकर आएँ या प्रसव पीड़ा की नीम बेहोशी में अखिल विश्व के पापनिवारक-ईश्वर के नए अवतार की सुखद आकाशवाणी के प्ले-बैक के साथ।
मीडिया के ईथर में तैरते हुए 1992 की नीम बेहोशी में ‘चिन्ताघर’ नामक लम्बा स्वप्न देखा गया था और चौदह बरस बाद अपने सिरहाने रखी 2006 की डायरी में जो सफे मिले, उनका नाम था—‘कॉमरेड गोडसे’। ऐसे जैसे एक बनवास से दूसरे बनवास में जाते हुए ख़्वाब के दो दिन।
कुछ लोग कहते हैं, तब अख़बारों के एडीटर की जगह मालिक के नाम ही छपते थे, चौदह साल बाद कहने लगे इश्तहारों और सूचनाओं के बंडलों पर जो एडीटर का नाम छपता है, वह मालिक के हुक्म बिना इंच भर न इधर हो, न उधर। कुछ लोग कहते हैं, बड़ा ईमान था जो हाथ से लिखते थे, चौदह साल बाद कहने लगे छोटा कम्प्यूटर है लाखों-लाख पढ़ते हैं।
तब एक लड़का था जो ‘चिन्ताघर’ में घूमता, मुट्ठियों में पसीने को तेजाब बनाता, दियासलाई उछालना चाहता था। चौदह साल बाद दो हो गए, जो ज़ोरदार मालिक और चमकदार एडीटर के चपरासी और साथी की शक्ल में आत्माओं के छुरे उठाए फिरते हैं। पहले दिन से चौदह बरस बाद के बनवासी दिन टकरा-टकरा कर चिंगारियाँ फेंकते हैं। इन चिंगारियों में हुई सुबह ख़्वाबों को खोल-खोल दे रही है।
आज इस सुबह सपनों की प्रकृति के अनुरूप भयंकर रूप से एक-दूसरे में गुम काल, स्थान और पात्रों के साथ मैं अपने सपनों की यथासम्भव जमावट का एक चालू चिट्ठा आपको पेश करता हूँ।
Panchwan Pahar
- Author Name:
Gurdayal Singh
- Book Type:

-
Description:
सुविख्यात पंजाबी कथाकार गुरदयाल सिंह का यह महत्त्वपूर्ण उपन्यास एक विधवा स्त्री के अनथक जीवन-संघर्ष को यथार्थवादी फलक पर उकेरता है। भारतीय समाज में सामन्ती संस्कारों का सबसे बड़ा शिकार नारी ही रही है। उसकी कोई स्वतंत्र सत्ता नहीं, कोई पहचान नहीं, और अगर वह विधवा या पुनर्विवाहिता है तो न उसके जीवन में मानवीय भावनाओं का कोई स्थान है और न प्राणिक संवेदनाओं का। समाज में वह सिर्फ़ पाषाण-प्रतिमा की तरह जीवित रह सकती है अथवा ‘देवी’ की तरह मात्र पूजनीय बने रहकर। यही कारण है कि जब तक हीरा देवी समाज के इस जड़ परम्परावादी चौखटे में जड़ी रही, तब तक तो वह 'देवी' थी, पर जैसे ही उसने उसे तोड़ा, वैसे ही ‘कुलटा’ और ‘कुलबोरनी’ हो गई। इसके बावजूद, हीरा एक अपराजेय नारी-चरित्र है, और लेखक ने उसे अपनी गहरी प्रगतिशील जीवन-दृष्टि और पैने इतिहास-बोध के सहारे रचा है। हीरा देवी के अतिरिक्त केसरी, मदन मोहन और सुरेन्द्र इस कथाकृति के दूसरे ऐसे जीवन्त चरित्र हैं, जो कि हीरा के संघर्ष में प्रेरक और सहायक की भूमिका निभाते हैं।
पंजाबी से इस उपन्यास का हिन्दी अनुवाद स्वयं लेखक ने किया है, इसलिए मूल कृति का समूचा साहित्यिक और सांस्कृतिक वैभव इसमें सहज सुरक्षित है।
Mafi Kabhi Nahin
- Author Name:
Renate Dorrestein
- Book Type:

-
Description:
रेनाट डोरेस्टीन नीदरलैंड की सबसे अधिक पढ़ी जानेवाली उपन्यासकार हैं। 1983 में अपनी लेखन-यात्रा शुरू करनेवाली रेनाट ने कई उपन्यास लिखे, जिनमें ‘ए हर्ट ऑफ़ स्टोन’, ‘अननेचुरल मदर’, ‘फेटल लॉस’, ‘नो मर्सी’ प्रमुख हैं। ‘फेटल लॉस’ के लिए ‘गोल्डन आउल पुरस्कार’ सहित उन्हें लेखन में उनके योगदान के लिए विशिष्ट ‘एनी रोमेन पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया गया।
बेहतरीन कल्पना-जाल, मानसिक-द्वन्द्व और आश्चर्यचकित करनेवाले सस्पेंस अपने उपन्यासों में बुनने में रेनाट महारत रखती हैं। उनके उपन्यास अब तक अंग्रेज़ी और हिन्दी सहित कई भाषाओं में अनूदित हो चुके हैं। सस्पेंस और दर्द, कोमल मानवीय भावनाएँ, रिश्ते, भावनात्मक संघर्ष—सब कुछ अपने उपन्यासों में रेनाट एक मनोवैज्ञानिक की तरह अन्दरूनी सिलवटों के साथ उभार लाती हैं। रेनाट के मन पर उनकी बहन की आत्महत्या का बड़ा गहरा प्रभाव पड़ा था, जो उनके अन्य उपन्यास पात्रों के साथ इस उपन्यास के मुख्य पात्र फीनुस और फ्रांका के दु:ख में भी छिपा दिखाई देता
है।‘विदाउट मर्सी’—‘माफी कभी नहीं’, रेनाट की सर्वाधिक चर्चित रचनाओं में से एक है। एक सम्पूर्ण और ख़ुशहाल परिवार—पति-पत्नी और एक बेटा, फिर एक दुर्घटना—जिसने सम्पूर्णता को तार-तार कर
दिया : स्त्री और पुरुष के बीच का भावनात्मक अन्तर इस उपन्यास में उभारा गया है। बेटे, येम की हत्या के बाद कैसे फीनुस और फ्रांका इस तकलीफ़ को अलग-अलग झेलते हैं, कैसे एक-दूसरे से दूर होते जाते हैं। एक तरफ़ फ्रांका येम को उसकी चीज़ों में जीवित रखना चाहती है, दूसरी तरफ़, फीनुस अलगाव ढूँढ़ता है। घरेलू ख़ुशहाली के नीचे की अनिश्चितता इस बार रेनाट की मनोविश्लेषक निगाह में आई है। उपन्यास में एक कोमल मोड़ भी आता है जब फीनुस और फ्रांका अपने टूटते रिश्ते को बचाने की कोशिश करते हैं।एहतियात से सधी हुई भाषा में उकेरा गया एक उपन्यास, धारदार, स्पष्ट पात्र-चित्रण...कभी न भूले जा सकनेवाली किताबों में से एक। ‘द बॉल्टीमॉर सन’ (प्रसिद्ध समाचार-पत्र)
बेहतरीन ढंग से बुनी हुई...असाधारण...अविस्मरणीय लेखक
—ग्वीन हाइमन रुबीयो (आइसी स्पार्क्स की लेखक)
Radheya
- Author Name:
Ranjeet Desai
- Book Type:

-
Description:
‘कर्ण’ के जीवन की विडम्बनाएँ और उसके चरित्र की उदात्तता बार-बार आधुनिक रचनाकारों को आकर्षित करती रही हैं। उसका जीवन-चरित बार-बार नाटकों, खंड-काव्यों और उपन्यासों का विषय बनता रहा है। यह उपन्यास भी कर्ण के जीवन पर आधारित है।
ऐतिहासिक-पौराणिक कथानकों पर प्रभावशाली औपन्यासिक सृष्टि करने में सिद्धहस्त लेखक रणजीत देसाई ने अपनी इस कृति में कर्ण की एक व्यक्ति और एक परिस्थिति, दोनों रूपों में व्याख्या की है। माता-पिता के स्नेह से वंचित, सतत उपेक्षित और अपमानित कर्ण जीवन-भर किसी ऐसे अपराध की सज़ा भोगता रहता है, जिसमें वह कहीं शामिल नहीं था। क़दम-क़दम पर उससे उसकी जातिगत श्रेष्ठता का प्रमाण माँगा जाता है, जो वह नहीं दे पाता, जिसके कारण उसके व्यक्तित्व का प्राकृतिक तेज धूमिल पड़ जाता है। वह अकेला पड़ जाता है। ‘महाभारत’ के इतने विस्तृत फलक पर जिस तरह का अकेलापन कर्ण झेलता है, वह और कोई पात्र नहीं।
प्रस्तुत उपन्यास में गंगा के किनारे जाकर कर्ण को ध्यानस्थ होते देखना सचमुच उसे उस करुणा और सहानुभूति का अधिकारी बनाता है जिसे उसका देश-काल अपनी धार्मिक-सामाजिक सीमाओं के चलते नहीं दे पाया।
Bahati Ganga
- Author Name:
Shivprasad Mishra 'Rudra'
- Book Type:

- Description: 'बहती गंगा' अपने ढंग की अनूठी रचना है। यह अकेली रचना इसके लेखक शिवप्रसाद मिश्र ‘रुद्र’ काशिकेय को अक्षय कीर्ति दे गई है। भिन्न-भिन्न शीर्षकों से सत्रह अध्यायों में विभक्त यह कृति आख्यान और किंवदंतियों का एक अद्भुत मिश्रण वाला उपन्यास है। अलग-अलग अध्याय अपने आप में पूर्ण एक कथा होने के साथ-साथ किसी चरित्र के माध्यम से विकसित होकर परवर्ती अध्याय की कथा से जुड़ते दिखाई पड़ते हैं। परम्परागत अर्थों में किसी केन्द्रीय चरित्र या कथानक की जगह सारे चरित्र और सभी आख्यान बनारस की भावभूमि, उसके इतिहास, भूगोल, उसकी संस्कृति और उत्थान-पतन की महागाथा बनते हैं। अध्यायों के शीर्षक ही नहीं, भाषा, मानवीय व्यवहार और वातावरण का चित्रण बेहद सटीक और मार्मिक है। सबसे बड़ी बात यह है कि रचनाकार यथार्थ और आदर्श, दंतकथा और इतिहास मानव-मन की दुर्बलताओं और उदात्तताओं को इस तरह मिलाता है कि उससे जो तस्वीर बनती है वह एक पूरे समाज, की खरी और सच्ची कहानी कह डालती है।
Sanyasi
- Author Name:
Ilachandra Joshi
- Book Type:

-
Description:
इलाचन्द्र जोशी मनोवैज्ञानिक यथार्थवाद को अपने लेखन का विषय बनानेवाले ऐसे प्रमुख लेखक थे, जिनकी कृतियों की लोकप्रियता आज भी बनी हुई है। यह उपन्यास ‘संन्यासी’ इस बात का एक महत्त्वपूर्ण साक्ष्य है। आत्मकथात्मक शैली में लिखा गया यह उपन्यास सामाजिक और प्रगतिशील तत्त्वों की उपादेयता से पूर्ण एक ऐसा चरित्र प्रश्न उपन्यास है जो पुरुष और स्त्री के द्वन्द्व–अन्तर्द्वन्द्व का अपने समय की व्यापकता में विश्लेषण और विवेचन प्रस्तुत करता
है।‘संन्यासी’ युवा प्रेम के अन्तर्लोक का एक अद्भुत आख्यान है, जिसके ज़रिए लेखक का उद्देश्य पितृसत्तात्मक समाज की उस संरचना पर प्रहार भी करना है, जो मनुष्य के निर्माण में अतीत की ख़ामियों के साथ ऐसी भूमिका निभाता है कि कुछ भी अछूता नहीं रह जाता, यहाँ तक कि प्रेम भी। और इसी जटिलता को सुलझाने के लिए लेखक ने उपन्यास में जैसे ख़ुद त्रासदियों को जीते हुए अपना भूगोल पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ रचा है।
अपनी तमाम ख़ूबियों के बीच ‘संन्यासी’ संवेदना, सौन्दर्य और दृढ़ता की प्रतीक अपनी नायिकाओं शान्ति और जयन्ती के कारण सदा अविस्मरणीय बने रहनेवाला उपन्यास है। भाषा में अद्भुत कलात्मक चेतना के साथ रची गई इस कृति की पठनीयता बार–बार एक नए आस्वाद को जन्म देती है।
Coronasur
- Author Name:
Satish Jadhav
- Book Type:

- Description: Coronasur by Satish Jadhav
Saat Aasmaan
- Author Name:
Asghar Wajahat
- Book Type:

-
Description:
यह उपन्यास लम्बे कालखंड, लगभग चार सौ साल के दौरान एक परिवार की कहानी है। इसमें मौखिक परम्परा, कहीं-कहीं वातावरण बनाने के लिए इतिहास और कहीं निजी अनुभवों का सम्मिश्रण है। एक तरह से यह लम्बा बयान है जो पात्र स्वयं देते हैं। लेखक भी एक द्रष्टा है। पात्र न तो उसके बनाए हुए हैं और न उसके वश में हैं। अपनी गति और स्थितियों के अनुसार वे जो अनुभव करते हैं, जैसा व्यवहार करते हैं, वह उपन्यास में उन्ही की जुबानी आया है। एक तरह से इस उपन्यास को शास्त्रीय परिभाषा के अन्तर्गत भी नहीं रखा जा सकता क्योंकि इसमें वह एकसूत्रता नहीं है जो प्रायः उपन्यासों में होती है। यदि इसका कोई सूत्र है तो वह जीवन है जो लगातार बदल रहा है और नए-नए साँचों में ढल रहा है।
लम्बे विवरण और संवाद या पात्रों की सोच उन्हें उधेड़ती चली जाती है। अच्छा क्या है? बुरा क्या है? जीवन जीने का सही तरीक़ा क्या है? जीवन क्या है? वे लोग कैसे थे जिनकी आज कल्पना भी नहीं की जा सकती? —आदि सवालों के जवाब उपन्यास नहीं देता, न उन पर कोई ‘वैल्यू जजमेंट’ देता है। वह केवल पात्रों और परिस्थितियों को उद्घाटित करने में ही व्यस्त है।
‘सात आसमान’ भारत के सामन्ती समाज के कई युगों को उद्घाटित करता है। इसके साथ-साथ हर युग के मनुष्य और उसके सरोकारों को समझना ही उपन्यास का विषय है। न तो इसमें किसी को गौरवान्वित किया गया है और न किसी को निन्दनीय माना गया है। कहीं मानवीय सम्बन्ध बहुत सशक्त और गहरे दिखाई देते हैं तो कहीं पतनशीलता की चरम सीमा तक पहुँच गए हैं।
उपन्यास में अतीत के प्रति कोई मोह नहीं है। यह अतीत को वर्तमान के सन्दर्भ में या एक लम्बी यात्रा के पिछड़े पड़ावों को समझने के रूप में ही लेता है। उपन्यास में ‘नास्टैल्जिया’ भी नहीं है। हो सकता है कि पात्रों के अन्दर जाने की कोशिश यह दिखाए कि लेखक पात्रों की परतें उघाड़ते हुए निर्मम ज़रूर हो गया है, लेकिन वह सब जो कुछ हुआ है इसे न तो लेखक बदल सकता था और न बदलना चाहता ही था।
किसी प्रकार की वैचारिकता या बौद्धिकता या दार्शनिकता या प्रतिबद्धता को आरोपित न करते हुए भी यह उपन्यास निश्चय ही दृष्टिसम्पन्न उपन्यास है क्योंकि यह यथार्थ को उसकी पूरी समग्रता और गतिशीलता में पकड़ता है। चाहें तो इसके माध्यम से सामाजिक रिश्तों, राजनीतिक हलचलों और सांस्कृतिक विकास के बिन्दुओं को रेखांकित किया जा सकता है। पर यह सब पाठकों या आलोचकों पर निर्भर है। यानी यह ‘इंटरप्रेटेशन’ के खुला हुआ है।
Divergence
- Author Name:
Nupur Luthra
- Book Type:

- Description: Hermann Hesse once said “every age, every culture and tradition has its own character, its own strengths, its own weakness and its beauties and cruelties” who would we be if it weren’t for our customs, cultures and traditions. Anu, a young girl of Mumbai, felt the same way. She was born and raised in Mumbai, did her schooling in Delhi and college in the U.S. She had never understood what the customs and traditions of every religion was all about? She failed to recognize why most religions had such strict customs and why most people were orthodox and most modern. She gets into a fight with her husband on Diwali as why they should have the Diwali Pooja. They have a major argument and Anu leaves the house and goes lives with her parents. Her parents had warned her Rajesh’s customary beliefs and customs. Anu refuses to go back to her house and decides she needs a holiday to get away from everyone. During her journey, she bumps into one of her old school friends, Rahul. They catch up on old times and have a lot of fun together. Anu asks him to go on this journey with her. Things take an interesting turn on this journey. This is a story about Anu who takes this journey to understand the customs and traditions of every religion. She travels to places like Jammu and Kashmir, the U.S.A, Africa and many more.
90ml Samundar
- Author Name:
Sunil Sahil
- Book Type:

- Description: सुनील साहिल टीवी कॉमेडी शो लेखक एवं कवि-सम्मेलन मंचों पर हास्य-व्यंग्य कवि के रूप में सक्रिय हैं, इंग्लैंड के कई शहरों में काव्य-पाठ का आमंत्रण, रेडियो सनराइज, लन्दन और रेडियो एक्सेल, बिर्मिंघम पर इंटरव्यू प्रसारित, ऍम ए टीवी, लन्दन पर कविताएँ प्रसारित, सब टीवी के शो ‘वाह-वाह’ में आमंत्रण. ‘ये कविताएँ मैंने नहीं लिखी हैं, ये कविताएँ मुझसे अभिव्यक्त हुई हैं, अस्तित्व ने मुझे चुना इन शब्दों, इन भावों का जरिया बनने को, माध्यम बनने को, साधन बनने को, जब मैं मिट गया तो लगा कि अस्तित्व और मुझमें संवाद हो रहा है, एक सम्बन्ध घट रहा है जिसमें ये कुछ सहज अभिव्यक्तियाँ प्रकट हुई, आप हमेशा ‘कवि’ बने नहीं रह सकते हैं, शायद कुछ पल आप कवि हो जाते हैं जब कविता आपकी रूह की जमीन पर उतरती है, तब आपको अनुभूति होती है कि आपकी देह, आपका मन, आपका जेहन भीतर की यात्रा पर निकला है- बस एक झलक मिलती है सम्बुद्ध होने की और फिर खो जाती है, बस उन्हीं चंद लम्हों का जमावड़ा है – 90 ml समंदर’
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book