Ek Hathi Ka Safarnama
(0)
Author:
Jose SaramagoPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction₹
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दो साल से लिस्बन में रह रहे हाथी सोलोमन को अब एक लम्बे सफ़र पर जाना है। राजा डोम जुआँऊ तृतीय वियना के हैप्सबर्ग के एक आर्चदुक को उसे शादी के तोहफ़े के रूप में भेंट करना चाहता है। अपने नए ठिकाने तक पहुँचने के लिए हाथी को पैदल ही पहुँचना है। इस तरह शुरू होता है वह दिलचस्प सफ़र जो इस बहादुर हाथी को कास्टील के धूल-भरे मैदानों से होते हुए समुद्र पार जेनोआ और उत्तरी इटली तक ले जाएगा। वहाँ उसे बर्फीले आल्प्स को पार करना होगा जैसे सदियों पहले हानिबल के योद्धा हाथियों ने किया था।</p> <p>यह उपन्यास एक सच्ची घटना पर आधारित है जिसमें लेखक ने तथ्यों, किंवदन्तियों और कल्पना का अद्भुत मिश्रण किया है।
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दो साल से लिस्बन में रह रहे हाथी सोलोमन को अब एक लम्बे सफ़र पर जाना है। राजा डोम जुआँऊ तृतीय वियना के हैप्सबर्ग के एक आर्चदुक को उसे शादी के तोहफ़े के रूप में भेंट करना चाहता है। अपने नए ठिकाने तक पहुँचने के लिए हाथी को पैदल ही पहुँचना है। इस तरह शुरू होता है वह दिलचस्प सफ़र जो इस बहादुर हाथी को कास्टील के धूल-भरे मैदानों से होते हुए समुद्र पार जेनोआ और उत्तरी इटली तक ले जाएगा। वहाँ उसे बर्फीले आल्प्स को पार करना होगा जैसे सदियों पहले हानिबल के योद्धा हाथियों ने किया था।</p>
<p>यह उपन्यास एक सच्ची घटना पर आधारित है जिसमें लेखक ने तथ्यों, किंवदन्तियों और कल्पना का अद्भुत मिश्रण किया है।
Book Details
-
ISBN9789360868840
-
Pages208
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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P. Vatsala +1
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- Description: కథాంశము: నంగేమ అంతర్జనం అనే అభ్యుదయ భావాలు కలిగిన ఒక నంబూద్రి మహిళ కథ ఇది. భర్త సమాజం కోసం సర్వస్వాన్ని త్యాగం చేసి తన ఆశయాలేవీ సాకారం కాకుండానే, పసివాళ్ళను దారిద్ర్యంలో వదిలేసి మరణించినాడు. కష్టాలను అధిగమించటానికి తన తమ్ముడితో కలిసి పరాయి ప్రదేశమైన వయనాడుకు వలస వెళ్తుంది నంగేమ. చిన్నగా అక్కడి గిరిజన స్త్రీలకు, కూలీలకు అవసరమైన నిత్యావసర వస్తువుల వ్యాపారాన్ని ప్రారంభిస్తుంది. తన సంపాదనతో పాటు కొంత అప్పు చేసి పొలాన్ని కొని స్వయంగా పర్యవేక్షిస్తూ ఎంతో సాహసంతో వ్యవసాయాన్ని నిర్వహిస్తుంది. స్వంత ఇంటిని నిర్మించుకుంటుంది. ఆమె ఎంతో వద్దనుకున్నా కొడుకు కూడా తండ్రి లాగే విప్లవపు బాటలో నడుస్తాడు. పోలీసుల చెరలో చిక్కుతాడు. చివరికి అన్నింటినీ వదిలేసుకుని నంగేమ తిరిగి తన స్వంత ఊరికి వెళ్ళిపోతుంది.
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