Epicurious: The Greatest Epics and Classics from India and around the World
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WHAT ARE THE WORLD'S MOST EXCITING STORIES MADE OF? Bloodthirsty demons and dragons snarling and spouting fire. Powerful gods swooping in to defend their fearsome heroes with blood-curdling ferocity. Ships being tossed about in terrible storms, perilous battles fought back-to-back, the rise and fall of cities and nations, and bouts of betrayal, war and tragedy. Now you can spin the wheel of time and be enchanted by more than 40 such famous ancient epics from Greece, England, France, Italy, Finland, Iran, Japan and many other cultures and countries, besides India, of course! From The Iliad, The Odyssey and The Argonautica to Beowulf, Paradise Lost and The Faerie Queene, from The Divine Comedy, The Aeneid and The Metamorphoses to The Shahnameh, The Kalevala and The Epic of Gilgamesh, and from the Ramayana, Mahabharata and Raghuvamsha to Silappadikaram, Kumarasambhavam and Jivaka Chintamani, these classic tales of super adventures take you to faraway lands of wonder where danger lurks round every bend, evil is a no-no, heroism a byword, duty a given and goodness a must. Retold with drama and humour for young readers, Epicurious breathes life into the longest-living and thrilling chronicles of the past. PLUS: Fun facts, trivia and much more!
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WHAT ARE THE WORLD'S MOST EXCITING STORIES MADE OF?
Bloodthirsty demons and dragons snarling and spouting fire.
Powerful gods swooping in to defend their fearsome heroes with blood-curdling ferocity.
Ships being tossed about in terrible storms, perilous battles fought back-to-back, the rise and fall of cities and nations, and bouts of betrayal, war and tragedy.
Now you can spin the wheel of time and be enchanted by more than 40 such famous ancient epics from Greece, England, France, Italy, Finland, Iran, Japan and many other cultures and countries, besides India, of course! From The Iliad, The Odyssey and The Argonautica to Beowulf, Paradise Lost and The Faerie Queene, from The Divine Comedy, The Aeneid and The Metamorphoses to The Shahnameh, The Kalevala and The Epic of Gilgamesh, and from the Ramayana, Mahabharata and Raghuvamsha to Silappadikaram, Kumarasambhavam and Jivaka Chintamani, these classic tales of super adventures take you to faraway lands of wonder where danger lurks round every bend, evil is a no-no, heroism a byword, duty a given and goodness a must.
Retold with drama and humour for young readers, Epicurious breathes life into the longest-living and thrilling chronicles of the past.
PLUS: Fun facts, trivia and much more!
Book Details
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ISBN9789393701930
-
Pages296
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Avg Reading Time10 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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पशुपति उपन्यास का आधार संस्कृति की स्थापना और विध्वंस है। इस उपन्यास के दो प्रमुख नायक हैं—वैदिककालीन महाअसुर वरुण व महारुद्र शिव। इस उपन्यास के ये दो महानायक भारतीय संस्कृति के इतिहास से सम्बन्ध रखते हैं। इनके आचरण से मिलनेवाली शिक्षा हर युग में युगपरक है।
जम्बूद्वीप के सर्वश्रेष्ठ देश भारत की पृष्ठभूमि पर लिखी गई कथा विश्व के किसी भी देश के लिए सत्य है। इस कथा से ज्ञात होता है कि विचारों की सरलता में, विषमता व जटिलता का समावेश सभ्यता के साथ होता जाता है। सीधी रेखाओं से किस प्रकार न सुलझने वाली गाँठ बन जाती है— ऐसी गाँठ, जो मानव को पग-पग पर अपने में बाँधती है? शिव, जिन्हें पुराणों में सृष्टि संहारक कहा गया है, उन्होंने विश्व की रक्षा के लिए हलाहल का पान किया। संहार व रक्षा एक-दूसरे के विपरीत हैं। जो संहार करता है, उसने विषपान क्यों किया? क्या था वह विषपान? आज विश्व पुनः उसी अवस्था में है जहाँ महारुद्र शिव का हलाहल-पान भी विध्वंस को नहीं रोक सका था।
यदि मानव मौलिक सरलता खोता है तो परिणाम विध्वंस है। जिस संस्कृति के विस्तार का स्वप्न इन युगपुरुषों ने देखा, वह आज हमारा दायित्व है। हम संस्कृति के मानवीय भाव व प्रकृति को समझें। इस कथा का प्रारम्भ प्रकृति करती है। वह मानव को यह समझाना चाहती है कि विध्वंस व विसर्जन में भेद है। समय मानव-मस्तिष्क की विभिन्न अवस्थाओं—कद्रू के स्वप्न, वराह की रेखाएँ और बाबा देवल की लोककथा—के माध्यम से कहता है। कद्रू अचेतन, वराह चेतन, बाबा देवल लोकमानस में चेतन-अचेतन से बननेवाली कहानी का प्रतीक हैं। इनके माध्यम से युग-विशेष के विचारों की दिशा व विषमता ज्ञात होती है।
Mohabbat Ki Dukaan
- Author Name:
Yashwant Vyas
- Book Type:

- Description: मोहब्बत की दुकान दुकान अगर हुई तो सौदे की रेट लिस्ट भी होगी। रेट लिस्ट है तो प्रॉफिट का हिसाब भी होगा। जो मोहब्बत में भी प्रॉफिट निकाल ले उसे इश्क़ की इल्लत पालने की बजाय परचून का धंधा खोल लेना चाहिए। एक सांस में पढ़ जाने लायक बतकहियों का खाता खोलती जुमलों के दौर की जानलेवा कहानियां यशवंत व्यास नए प्रयोगों के लिए चर्चित व्यंग्यकार पत्रकार. बोसकीयाना, कवि की मनोहर कहानियां, चिंताघर, कामरेड गोडसे, ख्वाब के दो दिन, अपने गिरेबान में, कल की ताज़ा ख़बर, अमिताभ का अ, अब तक छप्पन, इन दिनों प्रेम उर्फ लौट आओ नीलकमल, यारी दुश्मनी, जो सहमत हैं सुनें आदि किताबें. कई मीडिया उपक्रमों में प्रमुख रहे. कई सम्मान. डेढ़ दशक से प्रतिष्ठित अख़बार अमर उजाला के समूह सलाहकार नए माध्यमों पर कुछ अनूठे प्रयोगों में व्यस्त.
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