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"डायनासोर—विनोद कुमार मिश्र संसार के विलुप्‍त प्राणी डायनासोर के बारे में अब तक की गई खोजें दरशाती हैं कि पृथ्वी पर अलग-अलग प्रकार के प्राणियों का आधिपत्य रहा है। प्रकृति के कोप की विभिन्न मुद्राएँ भी सामने आई हैं—उल्काओं का गिरना, समुद्री तल का कभी ऊपर आ जाना तो कभी नीचे चला जाना, भयानक बाढ़, सुनामी आदि। डायनासोर अकेले प्राणी नहीं हैं, जो विलुप्‍त हुए। ऐसे और भी प्राणी होंगे। आगे होनेवाले अनुसंधानों में उनके बारे में भी अद‍्भुतजानकारियों का पिटारा खुलेगा। डायनासोर पर अनुसंधान अभी चल रहा है। आगे इसमें और रोचक मोड़ आएँगे। अब तक के अनुसंधानों पर आधारित हिंदी में यह सचित्र पुस्तक पाठकों की इससे संबंधित जानकारी में पर्याप्‍त वृद्धि करेगी। अभी भी डायनासोर के नए-नए जीवाश्म तलाशे जा रहे हैं। उन पर नई-नई मान्यताएँ सामने आ रही हैं। अत: यह कहा जा सकता है कि हिंदी में संभवत: यह इस विषय पर पहली पुस्तक तो है, पर अंतिम नहीं है। बच्चों ही नहीं, सभी आयु वर्ग के पाठकों में डायनासोर के बारे में जानने की अधिक जिज्ञासा रहती है। आशा है, यह पुस्तक अपने इस उद‍्देश्‍य को अवश्य पूरा करेगी।"

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"डायनासोर—विनोद कुमार मिश्र

संसार के विलुप्‍त प्राणी डायनासोर के बारे में अब तक की गई खोजें दरशाती हैं कि पृथ्वी पर अलग-अलग प्रकार के प्राणियों का आधिपत्य रहा है। प्रकृति के कोप की विभिन्न मुद्राएँ भी सामने आई हैं—उल्काओं का गिरना, समुद्री तल का कभी ऊपर आ जाना तो कभी नीचे चला जाना, भयानक बाढ़, सुनामी आदि। डायनासोर अकेले प्राणी नहीं हैं, जो विलुप्‍त हुए। ऐसे और भी प्राणी होंगे। आगे होनेवाले अनुसंधानों में उनके बारे में भी अद‍्भुतजानकारियों का पिटारा खुलेगा।
डायनासोर पर अनुसंधान अभी चल रहा है। आगे इसमें और रोचक मोड़ आएँगे। अब तक के अनुसंधानों पर आधारित हिंदी में यह सचित्र पुस्तक पाठकों की इससे संबंधित जानकारी में पर्याप्‍त वृद्धि करेगी।
अभी भी डायनासोर के नए-नए जीवाश्म तलाशे जा रहे हैं। उन पर नई-नई मान्यताएँ सामने आ रही हैं। अत: यह कहा जा सकता है कि हिंदी में संभवत: यह इस विषय पर पहली पुस्तक तो है, पर अंतिम नहीं है।
बच्चों ही नहीं, सभी आयु वर्ग के पाठकों में डायनासोर के बारे में जानने की अधिक जिज्ञासा रहती है। आशा है, यह पुस्तक अपने इस उद‍्देश्‍य को अवश्य पूरा करेगी।"

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Hardbound
Publisher
Prabhat Prakashan
Weight
175 grams
ISBN-13
9788177211443
Pages
120
Reading time
~4 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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