Bhojan, Poshan Aur Swachchhata
Publisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Literary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 100
₹
125
Available
किसी भी व्यक्ति को स्वस्थ, स्फूर्तिमय और रोगमुक्त रहने के लिए स्वास्थ्यवर्धक भोजन, उत्तम पोषण और स्वच्छता का ध्यान सदैव रखना आवश्यक है। व्यक्ति प्रतिदिन संतुलित और पौष्टिक आहार लेकर, पर्याप्त जल एवं तरल पदार्थों का सेवन करके व्यक्ति कुपोषित होने से बच सकता है और रोगमुक्त होकर स्वस्थ जीवन जी सकता है। समाज में प्रचलित सामान्य गैर-संचारी बीमारियों, जैसे— डायबिटीज, उच्च रक्तचाप या अति तनाव, मोटापा या मेदुरता, कब्ज, अतिसार या डायरिया, टाइफायड या आंत्रज्वार के होने के कारण, बचाव और उपचार का ध्यान रखकर हम स्वयं तथा अपने परिवार और आसपास के इष्ट मित्रों को इन घातक बीमारियों से बचा सकते हैं।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्वीकृत राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों हेतु पुनर्गठित-एकीकृत सह-पाठ्यक्रम के सभी संकायों के स्नातक अर्थात् बी.ए., बी.एस-सी., बी.कॉम., बी.एस-सी. कृषि आदि के प्रथम सेमेस्टर या अन्य सेमेस्टर हेतु निर्धारित इस पाठ्यपुस्तक में भोजन, पोषण एवं स्वच्छता से संबंधित और पाठ्यक्रम में निर्धारित उपर्युक्त सभी क्षेत्रों के विषय में सरल, सहज व सुबोध भाषा में विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला गया है, ताकि प्रदेश सरकार द्वारा निर्धारित इस सह-पाठ्यक्रम के समस्त बिंदुओं को विद्यार्थी आसानी से समझ सकें।
ISBN: 9789355211668
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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बागी बलिया का कड़क लौंडा शिवेश वैलेंटाइन बाबा की मोहब्बत की मल्टी डायमेंशनल कम्पनी का फुल टाइम इम्प्लॉई है, जिसका एकमात्र धर्म है ‘काम’। ठीक इसके उलट है उसके बचपन का जिगरी यार, दिलदार, नाक की सीध में चलने वाला—मनीष, जिसकी सुबह है—सुजाता जिसका शाम है—सुजाता! जो ठीक-ठाक मॉडर्न है, थोड़ी स्टाइलिस्ट है, नई ज़बान में सेक्सी है, मस्ती की भाषा में बिन्दास है; लेकिन बलिया की यह ठेठ देसी लडक़ी कलेजे से ऐसी मज़बूत है कि अगर कोई उसे चिड़िया समझकर चारा चुगाने की कोशिश करने आगे बढ़े तो उसके इरादे का वह कचूमर बनाकर रख देती है। सुजाता की रूममेट है मोहिनी, जिसका दिल मोहब्बत के मीनाबाज़ार से बुरी तरह बेजार हो चुका है। लव-सव-इश्क़-विश्क की फ़िलॉसफ़ी को ठहाके में उड़ाती वह अक्सरहाँ कहने लगी है—जिसका जितना मोटा पर्स, वो उतना बड़ा आशिक़! सबकी ज़िन्दगी में कोई एक मक़सद है, सबको कुछ-न-कुछ मिलता है, लेकिन क्या ज़िन्दगी उन्हें वही देती है, जो वे चाहते थे?
चार नौजवान दिलों की हालबयानी है यह उपन्यास—‘वैलेंटाइन बाबा’! ढाई आखर वाले प्यार और वन नाइट स्टैंड वाले लस्ट की सोच का टकराव आख़िर किस मोड़ पर ले जाकर छोड़ेगा आपको, उपन्यास के आख़िरी पन्ने तक कायम रहेगा यह रहस्य! माना कि लाइफ़ में बहुत फ़ाइट है, सिचुएशन हर जगह, हर मोर्चे पर टाइट है तो क्या हुआ, दिल भी तो है! यक़ीनन, शशिकांत मिश्र का यह दूसरा उपन्यास बेलगाम बाज़ार की धुन पर ठुमकते हरेक दिल की ईसीजी रिपोर्ट है, इसे पढ़ना आईने के सामने होना है, जाने क्या आपको अपने-सा दिख जाए...!
Hidden From The World
- Author Name:
Ganga
- Book Type:

- Description: Penned thoughts, that travel beyond life and reality…!!! a book made out of few thoughts a young wanderer had and kept to herself, hidden from the world. Hope you will enjoy and like the aftertaste.
Suno Anand!
- Author Name:
Ramji Prasad 'Bhairav'
- Book Type:

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Description:
मैं महापरिनिर्वाण के समीप था। रात्रि का अन्तिम प्रहर चल रहा था। लोगों के दर्शनों का क्रम टूटा नहीं था। वे सब दुखी थे, पर व्यर्थ में मेरी आँखों के सामने कुछ पुराने दृश्य उभरे। वैशाली में प्रवास के दौरान आनन्द ने राहुल के निर्वाण की सूचना दी। गोपा का मुखमंडल उभरा। पिताश्री का मुस्कुराता हुआ मुख, माताश्री का मुख, सारिपुत्र और मौग्द, जाने कितने दृश्य स्मृति-पटल पर आए और चले गए।
मैंने आँखें खोलीं, “आनन्द!”
आनन्द रो रहा था, उसकी आँखें लाल थीं, कपोल आँसुओं से सिक्त थे। अन्य भिक्षु भी जो जहाँ था वह दुखी होकर अश्रु अर्घ्य दे रहा था।
मैंने पुनः कहा—“आनन्द।”
वह समीप आया, मैंने उसका हाथ अपने हाथों में लिया। वह फूट-फूटकर रो पड़ा।
“रोओ मत, आनन्द, जीवन का सत्य जानकर जब तुम रोते हो, तो भला इन सांसारिक लोगों को कौन सँभालेगा।”
मेरी जिह्वा फँसने लगी, होंठ सूख रहे थे।
मैंने जीभ होंठों पर फिराया, वह कुछ गीला हुआ।
“भगवन्! आपके बाद हम दुःख निवृत्ति के लिए किसके शरण में जाएँगे।” इतना कहकर वह पुनः रो पड़ा।
“सुनो आनन्द! मनुष्य मद के कारण पर्वत, वन, उद्यान, वृक्ष और चैत्य की शरण में जाता है। लेकिन यह उत्तम शरण नहीं है, यहाँ दुःख की निवृत्ति नहीं है। सर्वाधिक उत्तम शरण हैं—बुद्ध पुरुषों की शरण, उन्हीं की शरण में कल्याण है।”
—इसी पुस्तक से
Khalistan Shadyantra Ki Inside Story
- Author Name:
G.B.S. Sidhu
- Book Type:

- Description: आखिर 1 अकबर रोड ग्रुप पंजाब/खालिस्तान समस्या का क्या अंतिम समाधान चाहता था? अकाली दल के उदार नेताओं से बातचीत कर समझौते तक पहुँचने की संभावना को मई 1984 के आखिर तक क्यों अधर में रखा गया, जब ऑपरेशन ब्लू स्टार में कुछ ही दिन रह गए थे? आखिर कैसे, जिस रॉ के लिए सिख उग्रवाद और खालिस्तान 1979 के आखिर तक कोई मुद्दा नहीं था, वही 1980 के अंत में अचानक उससे निपटने में शामिल हो गया? आखिर क्यों स्वर्ण मंदिर परिसर से भिंडरावाले को पकड़ने के लिए सुझाए गए कम नुकसानदेह उपायों को ठुकरा दिया गया? लेखक भारत की बाह्य खुफिया एजेंसी रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (रॉ) के पूर्व स्पेशल सेक्रेटरी हैं, जो आपस में जुड़ी कई घटनाओं की समीक्षा करते हैं—खालिस्तान आंदोलन, ऑपरेशन ब्लू स्टार, 1984 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या और उसके बाद हुई सिख-विरोधी हिंसा। 1984 से सात साल पहले से लेकर उसके एक दशक बाद के घटनाक्रम का जिक्र करती यह पुस्तक उन महत्त्वपूर्ण सवालों के जवाब देने का प्रयास करती है जो आज भी बरकरार हैं। कहानी पंजाब से कनाडा, अमेरिका, यूरोप और दिल्ली तक घूमती है तथा राजनीतिक भ्रमजालों एवं अवसरवाद के बीच से सच को बाहर लाने की कोशिश करती है। हजारों बेकसूर लोगों की जिंदगी को निगल जानेवाली हृदय-विदारक हिंसा और सत्ताधारी दल की ओर से कथित तौर पर निभाई गई भूमिका की छानबीन करती है।
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