Chhatrapati Sambhaji Maharaj
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Author:
Dr. Ismail PathanPublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
Historical-fiction₹
399
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डॉ. पठाण यांच्या संभाजी चरित्राचे वैशिष्ट्य काय? या प्रश्नाचे उत्तर शोधण्याचा जेव्हा आम्ही प्रयत्न केला तेव्हा आमच्या लक्षात आले की, एका धर्मनिरपेक्षवादी मुस्लीम लेखकाने लिहिलेले हे महाराष्ट्रातील पहिले संभाजी चरित्र आहे. आज समाजातील काही विशिष्ट गट संभाजी महाराजांनी दिलेल्या लढ्यास हिंदू विरुद्ध मुस्लीम असा रंग देऊन तो धार्मिक लढा होता, असे भासवून या राजास ‘धर्मवीर' म्हणून घोषित करीतअसताना या ग्रंथाने या घोषणेला छेद दिला आहे. औरंगजेबाने सुरु केलेले हे युद्ध खऱ्या अर्थाने साम्राज्यवादी होते व त्याला विरोध करून त्याच्याशी लढणाऱ्या मराठ्यांचे युद्ध हे त्याच अर्थाने स्वातंत्र्यवादी होते. इथे हिंदू विरुद्ध मुस्लीम असा धर्माचा काही प्रश्नच निर्माण होत नाही, हे ऐतिहासिक सत्य डॉ. पठाण यांच्या या ग्रंथातून दृग्गोचर होते आहे आणि हेच सत्यकथन या ग्रंथाचे यश आहे असे आम्हांस वाटते. - डॉ. जयसिंगराव पवार ज्येष्ठ इतिहासकार Chhatrapati Sambhaji Maharaj | Dr. Ismail Pathan छत्रपती संभाजी महाराज । डॉ. इस्माईल पठाण
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डॉ. पठाण यांच्या संभाजी चरित्राचे वैशिष्ट्य काय?
या प्रश्नाचे उत्तर शोधण्याचा जेव्हा आम्ही प्रयत्न केला
तेव्हा आमच्या लक्षात आले की,
एका धर्मनिरपेक्षवादी मुस्लीम लेखकाने
लिहिलेले हे महाराष्ट्रातील पहिले संभाजी चरित्र आहे.
आज समाजातील काही विशिष्ट गट
संभाजी महाराजांनी दिलेल्या लढ्यास हिंदू विरुद्ध मुस्लीम
असा रंग देऊन तो धार्मिक लढा होता,
असे भासवून या राजास ‘धर्मवीर' म्हणून घोषित करीतअसताना
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इथे हिंदू विरुद्ध मुस्लीम असा धर्माचा काही प्रश्नच निर्माण होत नाही,
हे ऐतिहासिक सत्य डॉ. पठाण यांच्या या ग्रंथातून दृग्गोचर होते आहे आणि
हेच सत्यकथन या ग्रंथाचे यश आहे असे आम्हांस वाटते.
- डॉ. जयसिंगराव पवार
ज्येष्ठ इतिहासकार
Chhatrapati Sambhaji Maharaj | Dr. Ismail Pathan
छत्रपती संभाजी महाराज । डॉ. इस्माईल पठाण
Book Details
-
ISBN9789363746237
-
Pages320
-
Avg Reading Time11 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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‘मांडवी’ रामकथा की स्त्री-चरित्रों को लेकर संवेदनशील रही आशा प्रभात की लेखनी का नया पड़ाव है। इससे पहले वह ‘मैं जनकनन्दिनी’ और ‘उर्मिला’ लिख चुकी हैं। ‘मांडवी’ भरत की पत्नी थीं जिनके विषय में न तो रामकथा में बहुत विस्तार से कुछ आता है, न ही बाद के विद्वानों-साहित्यकारों ने उन पर कुछ ख़ास ध्यान दिया, जबकि राम-वनवास के दौरान उन्होंने सम्भवतः लक्ष्मण की पत्नी उर्मिला से भी ज़्यादा पीड़ा का वहन किया होगा। आशा प्रभात एक सजग लेखिका के रूप में यह ठीक ही प्रश्न उठाती हैं कि रामायण के पुरुष-पात्र जहाँ इतने पराक्रमी, प्रज्ञावान और गुणवान थे, तो फिर स्त्री-पात्र क्या इतने संवेदनहीन और प्रज्ञाशून्य थे कि उनकी मनस्थिति का विस्तृत चित्रण करना कवियों की अनिवार्य नहीं लगा। इसी से प्रेरित होकर उन्होंने सीता और उर्मिला के बाद अब मांडवी को अपना विषय बनाया जो दुर्भाग्य से उस कैकेयी की बहू भी थी जिसके चलते राम को वनवास हुआ और उनसे जुड़े तमाम पात्रों, ख़ासकर स्त्रियों को इतना कुछ झेलना पड़ा। यह उपन्यास एक पौराणिक चरित्र की भावभूमि का अन्वेषण करते हुए स्त्री-मात्र की व्यथा को समझने का प्रयत्न करता है, और रामकथा के महत्त्वपूर्ण लेकिन उपेक्षित चरित्र को, उसके पूरे व्यक्तित्व के साथ रेखांकित करता है।
Rogues and Rajas: Dark Tales for Tumultuous Times
- Author Name:
S.V. Iyer
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THE OLD STORIES TEACH US HOW SOME CONQUER TEMPTATION, SIDESTEP MISFORTUNE AND RISE ABOVE THEMSELVES. AND HOW SOME LOSE THEIR DISPUTE WITH THE DEVIL... A prince so reviled that he is determined to become the monster everyone calls him. A queen who crushes every challenger who dares to rise. A craftsman who uses his divine talents to steal from the state treasury. An executioner whose paradisiacal garden veils macabre designs. Be it king or knave, queen or slave, minister or minion, the barbaric instinct that might is right echoes and re-echoes across lifetimes. Dramatically revealing the gambles, betrayals and plots of fierce and ferocious rulers of ancient India – from Ashoka of Magadha to Shashanka of Bengal and from Didda of Kashmir to Peruvalathan of Tamilakam – and of commonfolk no less menacing, these are tales of an age when intrigue was rife and offence was the first defence. Gripping and intense, Rogues and Rajas opens a rare window to a shadowy past, eloquently exposing the underside of the soul and questioning how far we have come today.
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