Massacre At Midnight
(0)
Author:
Chaudhary Kaushal Kishor ThakurPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
EnglishCategory:
Historical-fiction₹
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Massacre at Midnight is a fascinating tale of medieval intrigue and revenge in the best traditions of ‘magic realism’ with a touch of the divine. Set in the Mughal era, the story opens with the covetous Nawaab of Waariaul locking horns with the principled estate owner of Singhwaar over the possession of LaaDlii and Pyaare, a famed pair of hunting dogs. The Nawaab enlists the support of the Mughal army under false pretences, portraying Singhwaar’s Thaakur as a seditious renegade. The family is massacred to the last man, and Singhwaar is laid waste. The widow gives birth to a male heir in a fugue, abandoning the infant in the wilderness. The child is miraculously saved by the benevolent goddess Vana-Durgaa and becomes her favourite. When he comes of age, Destiny takes him to the imperial court at Delhi for a showdown with his father’s murderer, witnessed by the Great Mughal himself. Mainly based on folklore, ‘Massacre at Midnight’ is replete with enchanting old-world belief in miracles, spirits protecting family fortunes and poetic justice for the unjust, as well as glimpses of life in medieval Mithilaa.
Read moreAbout the Book
Massacre at Midnight is a fascinating tale of medieval intrigue and revenge in the best traditions of ‘magic realism’ with a touch of the divine. Set in the Mughal era, the story opens with the covetous Nawaab of Waariaul locking horns with the principled estate owner of Singhwaar over the possession of LaaDlii and Pyaare, a famed pair of hunting dogs. The Nawaab enlists the support of the Mughal army under false pretences, portraying Singhwaar’s Thaakur as a seditious renegade. The family is massacred to the last man, and Singhwaar is laid waste. The widow gives birth to a male heir in a fugue, abandoning the infant in the wilderness. The child is miraculously saved by the benevolent goddess Vana-Durgaa and becomes her favourite. When he comes of age, Destiny takes him to the imperial court at Delhi for a showdown with his father’s murderer, witnessed by the Great Mughal himself.
Mainly based on folklore, ‘Massacre at Midnight’ is replete with enchanting old-world belief in miracles, spirits protecting family fortunes and poetic justice for the unjust, as well as glimpses of life in medieval Mithilaa.
Book Details
-
ISBN9789351867357
-
Pages272
-
Avg Reading Time9 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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Pirimqul Qadyrov
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- Description: बाबर एक ऐतिहासिक उपन्यास है। इसका मुख्य पात्र मुगल सल्तनत का संस्थापक जहीरुद्दीन मोहम्मद बाबर है जो शासक होने के साथ-साथ अपने समय के सबसे प्रबुद्ध व्यक्तियों में से एक था। लेखक ने तत्कालीन सामन्ती परिवेश और फ़रगना व समरकन्द में गृहयुद्ध का विशद चित्रण करते हुए युद्धों और उत्पीड़कों के प्रति जनता की भूमिका और उनके दृष्टिकोण की पड़ताल कर इस उपन्यास को अविस्मरणीय बना दिया है।
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