Let The Heart Lead
Author:
Priyal BansalPublisher:
Inkfeathers PublishingLanguage:
EnglishCategory:
General-non-fiction0 Ratings
Price: ₹ 102
₹
120
Available
“There is mindfulness inside you; all it takes is a little exploring.”- Priyal Bansal
Forgetting the hustle-bustle of the regular world, let’s dive inside a deeper realm that has so many intriguing mysteries to offer. Our heart has a lot to teach us. This book will open your mind towards the untravelled purpose, the undetected significance and the unexplored value which lies within us and around us. LET THE HEART LEAD has everything it takes to make you acknowledge the spirituality that resides in all of our hearts. From “Self Ishq” to “Spirituality”, from Spirit Animals to Resonance and from soul mates to twin flames, this book has it all.
So get ready to dive deep within yourself and the universe within the book talking about concepts that feel like pure magic.
ISBN: 978-81-946199-5-6
Pages: 136
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 11-18
Country of Origin: India
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हमारे मौलिक सिद्धान्तों के अन्तर्गत सभी को विकास का समान अधिकार है। लेकिन आज़ादी के बाद के पहले पाँच वर्षों में लगभग ढाई लाख लोगों में से 25 प्रतिशत आदिवासियों को मजबूरन विस्थापित होना पड़ा। विकास के नाम पर लाखों लोगों को अपनी रोज़ी-रोटी, काम-धंधों तथा ज़मीनों से हाथ धोना पड़ा। उनको मिलनेवाले मूलभूत अधिकार जो उनकी ज़मीनों से जुड़े थे, वे भी उन्हें प्राप्त नहीं हुए।
आदिवासियों के प्रति सरकार तथा तथाकथित मुख्यधारा के समाज के लोगों का नज़रिया कभी संतोषजनक नहीं रहा। आदिवासियों को सरकार द्वारा पुनर्वसित करने का प्रयास भी पूर्ण रूप से सार्थक नहीं हो सका। अन्ततः अपनी ही ज़मीनों व संसाधनों से विलग हुए आदिवासियों का जीवन मरणासन्न अवस्था में पहुँच गया।
21वीं सदी में पहुँचकर भी हमारे देश का आदिवासी समाज जहाँ विकास की बाट जोह रहा है। वहीं दूसरी तरफ़ सरकार की उदासीन नीतियों के कारण उनकी स्थिति ज्यों की त्यों ही है।
विकास के नाम पर छले जा रहे आदिवासियों के पलायन और विस्थापन आदि समस्याओं पर केन्द्रित यह पुस्तक समाज और सरकार के सम्मुख कई सवाल खड़े करती है।
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