Bandhavarachi Zade
(0)
Author:
Dr. V. N. ShindePublisher:
Manovikas Prakashan LLPLanguage:
MarathiCategory:
General-non-fiction₹
260
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बोर, हादगा, जांभूळ, शेवगा, चिंच, आंबा, आवळा, कडुलिंब, बाभूळ, साग या झाडांविषयीच्या ज्ञानललित माहितीचा लेखसंग्रह म्हणजे ‘बांधावरची झाडे' हे पुस्तक.डॉ. व्ही. एन. शिंदे यांनी जाणीवपूर्वक घडविलेला हा विज्ञानललित बंध आहे. झाडांच्या शास्त्रीय माहितीबरोबर त्यांचा व्याप्ती-पसारा, भूगोल, भाषिक संज्ञेचा वर्णपट त्यामध्ये निवेदिला आहे. त्यामुळे त्यास वस्तुनिष्ठ वैज्ञानिक माहितीचे स्वरूप प्राप्त झाले आहे. त्यासाठी त्यांनी विविध ज्ञानशाखांमधील माहितीचा भरगच्च आधार घेतला आहे. झाडांचा अधिवास व परिसर विज्ञानाविषयीचे हे कथन आहे. त्यात शेतीज्ञानाबरोबर वनस्पतिविज्ञान आहे. त्या त्या झाडांची व्यावहारिक उपयोगिता सांगितली आहे. शिंदे यांच्या लेखनाचा महत्त्वपूर्ण विशेष म्हणजे झाडसृष्टीच्या मानवनिर्मित बांधकामाचे कथन. माणूस आपल्या कल्पनानिरीक्षणाने सृष्टिवाचन करत त्यास मानवी रंगरूप देत आला आहे. डॉ. शिंदे यांच्या लेखनात मानवाने आदिकाळापासून झाडांविषयीचे रचलेले विहंगदर्शन आहे. लोककथा, गाणी, दंतकथा, मिथके व आधुनिक साहित्यातील ही झाडदर्शने आहेत. लोक व लिखित परंपरेच्या झाडवाचनाचा त्यात धांडोळा आहे. एका अर्थाने मराठी संस्कृतीत उमटलेले झाडांचे हे बिलोरी रंगछायादर्शन आहे. डॉ. शिंदे यांच्या या झाडवाचनाला लेखकाच्या आत्मपरतेचे गहिरे रंग प्राप्त झाले आहेत. त्यामुळे बांधावरील हे झाडमायादर्शन मनोहारी ठरेल. - डॉ. रणधीर शिंदे
Read moreAbout the Book
बोर, हादगा, जांभूळ, शेवगा, चिंच, आंबा, आवळा, कडुलिंब, बाभूळ,
साग या झाडांविषयीच्या ज्ञानललित माहितीचा लेखसंग्रह म्हणजे ‘बांधावरची
झाडे' हे पुस्तक.डॉ. व्ही. एन. शिंदे यांनी जाणीवपूर्वक घडविलेला हा विज्ञानललित
बंध आहे. झाडांच्या शास्त्रीय माहितीबरोबर त्यांचा व्याप्ती-पसारा, भूगोल,
भाषिक संज्ञेचा वर्णपट त्यामध्ये निवेदिला आहे. त्यामुळे त्यास वस्तुनिष्ठ
वैज्ञानिक माहितीचे स्वरूप प्राप्त झाले आहे. त्यासाठी त्यांनी विविध
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व परिसर विज्ञानाविषयीचे हे कथन आहे. त्यात शेतीज्ञानाबरोबर वनस्पतिविज्ञान
आहे. त्या त्या झाडांची व्यावहारिक उपयोगिता सांगितली आहे. शिंदे यांच्या लेखनाचा
महत्त्वपूर्ण विशेष म्हणजे झाडसृष्टीच्या मानवनिर्मित बांधकामाचे कथन. माणूस आपल्या
कल्पनानिरीक्षणाने सृष्टिवाचन करत त्यास मानवी रंगरूप देत आला आहे. डॉ. शिंदे
यांच्या लेखनात मानवाने आदिकाळापासून झाडांविषयीचे रचलेले विहंगदर्शन आहे.
लोककथा, गाणी, दंतकथा, मिथके व आधुनिक साहित्यातील ही झाडदर्शने आहेत.
लोक व लिखित परंपरेच्या झाडवाचनाचा त्यात धांडोळा आहे. एका अर्थाने मराठी
संस्कृतीत उमटलेले झाडांचे हे बिलोरी रंगछायादर्शन आहे. डॉ. शिंदे यांच्या या
झाडवाचनाला लेखकाच्या आत्मपरतेचे गहिरे रंग प्राप्त झाले आहेत. त्यामुळे
बांधावरील हे झाडमायादर्शन मनोहारी ठरेल.
- डॉ. रणधीर शिंदे
Book Details
-
ISBN9789363740167
-
Pages200
-
Avg Reading Time7 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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- Description: ख्यात दलित लेखक ओमप्रकाश वाल्मीकि की इस पुस्तक में देश-समाज के सबसे उपेक्षित तबक़े भंगी या वाल्मीकि की ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य के साथ मौजूदा वास्तविक स्थिति का सप्रमाण वर्णन करने का प्रयास किया गया है। ‘भंगी’—शब्द सुनकर ही लोगों की भौंहें तन जाती हैं। समाज की उपेक्षा और प्रताड़ना ने उनमें इस हद तक हीनताबोध भर दिया है कि वाल्मीकि समाज के उच्च शिक्षित लोग भी अपनी पहचान छुपाते फिरते हैं। दलितों में दलित यह तबक़ा आर्थिक विपन्नता की दलदल में फँसा है। पुनर्वसन की राजनीति करनेवाले इस तंत्र में इन सफ़ाई कर्मचारियों के पुनर्वसन की ज़रूरत कभी किसी ने महसूस नहीं की। उच्चवर्गीय, ब्राह्मणवादी मानसिकता और सामन्ती सोच-विचार के लोग इन्हें कोई भी सामाजिक अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। इस पुस्तक का उद्देश्य ऐतिहासिक उत्पीड़न, शोषण और दमन का विश्लेषण करना है। उसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का आकलन करना है, और उसके सामने खड़ी समस्याओं का विवेचन करना है। इसके लिए ऐतिहासिक विवरण ही काफ़ी नहीं हैं, वर्तमान का मूल्यांकन भी उतना ही आवश्यक है। लेखक का उद्देश्य लम्बे भीषण, नारकीय दौर में वाल्मीकि समाज की उपलब्धियों, संघर्षों की खोज कर, ऐसी मिसाल पेश करना है जो भविष्य के अन्धकार से उसे बाहर निकलने की प्रेरणा दे सके।
Sankalp Vijay Ka
- Author Name:
Manju Prabha
- Book Type:

- Description: जीवन के उतार-चढ़ावों के बीच व्यक्ति अपने आसपास की बहुविध परिस्थितियों को देखकर आश्वस्त होता है और आगे बढ़ता है। पर कोई ऐसी भयावह परिस्थिति, जो केवल कहानियों में सुनी हो, सब तरफ का वातावरण नकारात्मकता से भरा हुआ हो, उसको सहने के लिए तो कोई मानवेतर शक्ति ही संबल बनती है। कोरोना काल में इन मानवेतर शक्तियों को जगाने के लिए श्रेष्ठ व्यक्तियों ने आह्वान किए। कुछ अदम्य साहसी पुण्यात्माओं ने कोरोना के वातावरण में भी मानव-मूल्यों का परिचय दिया। यही विषय-वस्तु इस पुस्तक में संकलित है। सामान्य परिस्थितियों में भी देहदान-अंगदान के विषय में संकल्पपूर्वक कुछ व्यक्ति मानव-मूल्यों को जीवित रख रहे हैं। मानव सेवा की यह प्रेरक कहानी इस पुस्तक के माध्यम से आप तक पहुँचाने का विनग्र प्रयास है।
A Bouquet of Flowers
- Author Name:
Dr. Krishna Saksena
- Book Type:

- Description: Dr. Krishna Saksena is a well known author of unbound name and fame. She has written a number of books which include novels, stories & essays. Her works have a unique blend of modernity with tradition. Her language is too simple, her style attractive and contents are dealt with ease and sharpness. She offers to her readers difficult problems solved in an easy and convincing way. The three generations that she takes up are presented in the form of a critical story looking to the interest of the reader.
Bhartiya Sikkon Ka Itihas
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: 'विश्व संस्कृति को भारत की एक महानतम देन है–दस अंक-संकेतों पर आधारित स्थानमान अंक-पद्धति। आज सारे सभ्य संसार में इसी दशमिक स्थानमान अंक-पद्धति का इस्तेमाल होता है। न केवल यह अंक-पद्धति बल्कि इसके साथ संसार के अनेक देशों में प्रयुक्त होने वाले 1, 2, 3, 9...और शून्य संकेत भी, जिन्हें आज हम ‘भारतीय अन्तरराष्ट्रीय अंक’ कहते हैं, भारतीय उत्पत्ति के हैं। देवनागरी अंकों की तरह इनकी व्युत्पत्ति भी पुराने ब्राह्मी अंकों से हुई है। भारतीय अंक-पद्धति की कहानी में भारतीय प्रतिभा की इस महान उपलब्धि के उद्गम और देश-विदेश में इसके प्रचार-प्रसार का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, अपने तथा दूसरे देशों में प्रचलित पुरानी अंक-पद्धतियों का भी संक्षिप्त परिचय दिया गया है। अन्त में, आजकल के इलेक्ट्रॉनिक गणक-यंत्रों में प्रयुक्त होनेवाली द्वि-आधारी अंक-पद्धति को भी समझाया गया है। इस प्रकार, इस पुस्तक में आदिम समाज से लेकर आधुनिक काल तक की सभी प्रमुख गणना-पद्धतियों की जानकारी मिल जाती है। विभिन्न अंक-पद्धतियों के स्वरूप को भली-भाँति समझने के लिए पुस्तक में लगभग चालीस चित्र हैं। न केवल विज्ञान के, विशेषतः गणित के विद्यार्थी, बल्कि भारतीय संस्कृति के अध्येता भी इस पुस्तक को उपयोगी पाएँगे। हमारे शासन ने ‘भारतीय अन्तरराष्ट्रीय अंकों’ को ‘राष्ट्रीय अंकों’ के रूप में स्वीकार किया है। फिर भी, कइयों के दिमाग़ में इन ‘अन्तरराष्ट्रीय अंकों’ के बारे में आज भी काफ़ी भ्रम है–विशेषतः हिन्दी-जगत में। इस भ्रम को सही ढंग से दूर करने के लिए हमारे शासन की ओर से अभी तक कोई पुस्तक प्रकाशित नहीं हुई है। ‘भारतीय अन्तरराष्ट्रीय अंकों’ की उत्पत्ति एवं विकास को वैज्ञानिक ढंग से प्रस्तुत करनेवाली यह हिन्दी में, सम्भवतः भारतीय भाषाओं में, पहली पुस्तक है। भारतीय अंक-पद्धति की कहानी एक प्रकार से लेखक की इस माला में प्रकाशित भारतीय लिपियों की कहानी की परिपूरक कृति है। अतः इसे भारतीय इतिहास और पुरालिपि-शास्त्र के पाठक भी उपयोगी पाएँगे।
Sava Arab Bharatiyon Ka Sapna
- Author Name:
Uday Mahurkar
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- Description: क्या मोदी शासन के लिटमस टेस्ट को पास कर पाएँगे? क्या उनका प्रदर्शन उनके वादों के अनुरूप है? ‘सवा अरब भारतीयों का सपना’ में उदय माहुरकर ने मोदी सरकार के तीन साल के कार्यकाल का विश्लेषण मोदी के सत्ता में आने से पहले के नीति पक्षाघात तथा भ्रष्टाचार की पृष्ठभूमि में किया है, जिससे देश को उबारने की उनके सामने कठिन चुनौती थी। शासन के प्रमुख क्षेत्रों, जैसे बुनियादी संरचना, विदेश मामले, बिजली, सामाजिक क्षेत्र, वित्त, डिजिटल प्रौद्योगिकी और कृषि पर ध्यान केंद्रित करते हुए माहुरकर ने वर्तमान सरकार के कार्य तथा प्रधानमंत्री की ओर से किए गए यादगार परिवर्तनों का वर्णन किया है। डिजिटल नवीनीकरण करना तथा बिचौलियों को जड़ से उखाड़ना प्रमुख है, जिनका परिणाम अभूतपूर्व पारदर्शिता और गरीबी पर जबरदस्त हमले के रूप में सामने आया है। उन्होंने मोदी सरकार की कुछ कमियों को गिनाने के साथ ही, उनका आलोचनात्मक मूल्यांकन भी किया है। क्या मोदी एक महान् संस्थान निर्माता बन पाएँगे, जो एक महान् राष्ट्र निर्माता के लिए आवश्यक शर्त होती है? अर्थव्यवस्था पर विमुद्रीकरण का कितना दूरगामी प्रभाव पड़ेगा? यह पुस्तक ऐसे अनेक प्रश्नों का अत्यंत व्यावहारिकता और वस्तुनिष्ठता के साथ उत्तर देती है।
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