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दूर नीड़ के पक्षी' जय प्रकाश पांडेय का प्रथम कहानी-संग्रह है, जिसमें पच्चीस कहानियाँ संकलित हैं। सभी कहानियों का विषय पृथक्‌-पृथक्‌ है। इन कहानियों में लेखक ने हिंदी साहित्य के कुछ अनछुए विषयों को चुना है। 'दूर नीड़ के पक्षी ' पुस्तक की प्रतिनिधि रचना है, जिसमें टूटते, पारिवारिक नाते-रिश्ते और संस्कारों के बदलाव की आहट है। अरमान, पुनर्विवाह, जीवन-संघर्ष, रेत का साम्राज्य जैसी कहानियाँ मानव-मन की अनेक परतों को प्रतिबिंबित करती हैं। यंत्रवत्‌ बाजार व्यवस्था, प्लेटिनम जुबली, बर्थ नंबर पच्चीस, आवास जैसी कहानियाँ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को उसके वास्तविक स्वरूप में उजागर करती हैं। अधूरा समर्पण, बिंदास और बदलाव जैसी कहानियों में स्त्री-पुरुषों की ग्रंथियों, उनके संबंधों, परंपप और बदलते परिवेश की बयार को महसूस करने की कोशिश है। लाल अंगारे और दाखिला कहानी में मध्यम वर्ग की छोटी-छोटी खुशियों के लिए जीवन-रूपी सागर में डूबने-उतारने का सजीव और मार्मिक चित्रण है। कहानी-संग्रह की सभी कहानियों में समाज और व्यक्ति के बीच हिचकोले खाता जीवन अपने विविध रूपों और अनेकानेक विरोधाभासों में रूपायित हुआ है। हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए एक पठनीय एवं मनोरंजक कहानी-संग्रह ।

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दूर नीड़ के पक्षी' जय प्रकाश पांडेय का प्रथम कहानी-संग्रह है, जिसमें पच्चीस कहानियाँ संकलित हैं। सभी कहानियों का विषय पृथक्‌-पृथक्‌ है। इन कहानियों में लेखक ने हिंदी साहित्य के कुछ अनछुए विषयों को चुना है। 'दूर नीड़ के पक्षी ' पुस्तक की प्रतिनिधि रचना है, जिसमें टूटते, पारिवारिक नाते-रिश्ते और संस्कारों के बदलाव की आहट है। अरमान, पुनर्विवाह, जीवन-संघर्ष, रेत का साम्राज्य जैसी कहानियाँ मानव-मन की अनेक परतों को प्रतिबिंबित करती हैं। यंत्रवत्‌ बाजार व्यवस्था, प्लेटिनम जुबली, बर्थ नंबर पच्चीस, आवास जैसी कहानियाँ वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों को उसके वास्तविक स्वरूप में उजागर करती हैं। अधूरा समर्पण, बिंदास और बदलाव जैसी कहानियों में स्त्री-पुरुषों की ग्रंथियों, उनके संबंधों, परंपप और बदलते परिवेश की बयार को महसूस करने की कोशिश है। लाल अंगारे और दाखिला कहानी में मध्यम वर्ग की छोटी-छोटी खुशियों के लिए जीवन-रूपी सागर में डूबने-उतारने का सजीव और मार्मिक चित्रण है। कहानी-संग्रह की सभी कहानियों में समाज और व्यक्ति के बीच हिचकोले खाता जीवन अपने विविध रूपों और अनेकानेक विरोधाभासों में रूपायित हुआ है। हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए एक पठनीय एवं मनोरंजक कहानी-संग्रह ।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Hardbound
Publisher
Prabhat Prakashan
Weight
200 grams
ISBN-13
9789394534230
Pages
168
Reading time
~6 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
14 × 21.5 cm
Language
Hindi

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