Shilakshar Ban Mere Man
(0)
Author:
Meena JhaPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
295
₹ 241.9 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
'शिलाक्षर बन मेरे मन' उपन्यास एक साथ स्त्री-संघर्ष और लड़ते-मरते कृषक समाज की आधुनिक महागाथा है। बिहार के 1967 के विश्व-व्यापी सूखे और अकाल की परिघटनाओं को लेकर मीना झा ने बहुत ही जीवंत और विश्वसनीय ढंग से इस उपन्यास के ताने-बाने को बुना है। अन्नदायिनी धरती की कोख में दरारें पड़ी हैं, खेत में खड़ी फसलें जल गई हैं या उसमें दाने नहीं हैं, नदियों का पानी सूख गया है, मछलियों के जीवन पर भी संकट आ गए हैं और छोटे बच्चों को स्कूलों में मिलने वाली खिचड़ी दुर्लभ पकवान से भी बढ़कर हो गई है और उसी समय सरकारी राशन की कालाबाज़ारी भी चरम पर—ऐसे अमानुषिक अकालबेला के जीवन का चित्रण कथाकार और यात्रा वृत्तांत की सिद्ध लेखिका मीना झा ने इस तरह किया है कि आप उस जीवन के तल में उतरने से खुद को रोक नहीं सकते। यहाँ सूखे और अकाल से जूझते लोगों की भीड़ से मीना झा ने कुछ ऐसे स्त्री-पुरुष, युवक-युवतियों और बच्चों को अपने कैनवस पर उतारा है जो उस समाज के प्रतिनिधि चरित्र के रूप में सामने आते हैं और जिनके दीर्घ काल तक पाठकों के मन-मस्तिष्क में टिके रहने की प्रबल संभावना है। मिथिला समाज के मिट्टी-पानी में लिथड़े ये पात्र महज़ औपन्यासिक पात्र नहीं, उस समाज के प्रतिनिधि चरित्र हैं—नागार्जुन के 'बलचनमा' और 'वरुण के बेटे' के चरित्रों की तरह। मास्टर काका, विजय, बुढिय़ा दादी, शंभू, रागिनी तक को आप विस्मृत नहीं कर पाएँगे; प्रधान नायिका कुसुम की तो बात ही मत कीजिए। बेहद पठनीय यह उपन्यास जितना ही जीवंत और चाक्षुष है, उतना ही विचारोत्तेजक भी। —श्रीधरम
Read moreAbout the Book
'शिलाक्षर बन मेरे मन' उपन्यास एक साथ स्त्री-संघर्ष और लड़ते-मरते कृषक समाज की आधुनिक महागाथा है। बिहार के 1967 के विश्व-व्यापी सूखे और अकाल की परिघटनाओं को लेकर मीना झा ने बहुत ही जीवंत और विश्वसनीय ढंग से इस उपन्यास के ताने-बाने को बुना है। अन्नदायिनी धरती की कोख में दरारें पड़ी हैं, खेत में खड़ी फसलें जल गई हैं या उसमें दाने नहीं हैं, नदियों का पानी सूख गया है, मछलियों के जीवन पर भी संकट आ गए हैं और छोटे बच्चों को स्कूलों में मिलने वाली खिचड़ी दुर्लभ पकवान से भी बढ़कर हो गई है और उसी समय सरकारी राशन की कालाबाज़ारी भी चरम पर—ऐसे अमानुषिक अकालबेला के जीवन का चित्रण कथाकार और यात्रा वृत्तांत की सिद्ध लेखिका मीना झा ने इस तरह किया है कि आप उस जीवन के तल में उतरने से खुद को रोक नहीं सकते। यहाँ सूखे और अकाल से जूझते लोगों की भीड़ से मीना झा ने कुछ ऐसे स्त्री-पुरुष, युवक-युवतियों और बच्चों को अपने कैनवस पर उतारा है जो उस समाज के प्रतिनिधि चरित्र के रूप में सामने आते हैं और जिनके दीर्घ काल तक पाठकों के मन-मस्तिष्क में टिके रहने की प्रबल संभावना है। मिथिला समाज के मिट्टी-पानी में लिथड़े ये पात्र महज़ औपन्यासिक पात्र नहीं, उस समाज के प्रतिनिधि चरित्र हैं—नागार्जुन के 'बलचनमा' और 'वरुण के बेटे' के चरित्रों की तरह। मास्टर काका, विजय, बुढिय़ा दादी, शंभू, रागिनी तक को आप विस्मृत नहीं कर पाएँगे; प्रधान नायिका कुसुम की तो बात ही मत कीजिए। बेहद पठनीय यह उपन्यास जितना ही जीवंत और चाक्षुष है, उतना ही विचारोत्तेजक भी। —श्रीधरम
Book Details
-
ISBN9789391925895
-
Pages152
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kaamnaon Ki Munder Par
- Author Name:
Geetashree
- Book Type:

- Description: ‘हंस’ में कहानी ‘अफ़सानाबाज़’ पढ़ी। दर्द को मन में पूरी तरह जज़्ब करके लिखी है यह कहानी जो कहानी नहीं, सच लगती रहती है बराबर। उनके पहाड़ जैसे सन्ताप के सामने हमारे अपने निजी दुख कितने छोटे नज़र आने लगते हैं। गीताश्री ने लिखी नहीं, कहानी जी है। मृदुला गर्ग,कथाकार गीताश्री की कहानियों में आधुनिक स्त्री की उन्मुक्त उड़ान है तो परम्पराओं में क़ैद नारी की यौनिक आज़ादी व स्वतंत्र अस्तित्व के लिए छटपटाहट भी। वे अपनी कहानियों में लोक कथाओं का बघार लगाना भी बख़ूबी जानती हैं। गीता की समस्या यह है कि वे साहित्य की मर्दवादी दुनिया में एक एनिग्मा की तरह देखी जाती हैं। जो भी हो, आप उनकी कहानियों की आलोचना कर सकते हैं, आप उनकी कहानियों की प्रशंसा कर सकते हैं किन्तु अप्रभावित नहीं रह सकते। संजय सहाय, सम्पादक-कथाकार गीताश्री हमारे समय की एक विशिष्ट रचनाकार हैं। पत्रकारिता के प्रशिक्षण ने उन्हें एक ऐसी सूक्ष्म दृष्टि प्रदान की है जो उनके थीम्स के चयन के मार्फ़त हमें चौंकाती है और एक नई दुनिया को बिना किसी मिलावट के हमारे सामने नग्न कर देती है। समाज की रूढ़ियों, वर्जित विषयों और हाशिये पर खड़े लोगों पर गीताश्री ने संवेदनशील कहानियाँ लिखी हैं। उनमें से कुछ उनके इस संग्रह में शामिल हैं। उसकी बानगी है ‘न्याय-चक्र’ कहानी। जाति व्यवस्था किस तरह सामूहिक वर्ग-भेद के भीतर बनी रहती है और हाशिये का समाज कैसे इस दोहरी मार से उबर नहीं पाता है, इसका अद्भुत विश्लेषण करती है यह कहानी। वन्दना राग,कथाकार
Hindi Kahani
- Author Name:
Rajeev kumar
- Book Type:

- Description: यूजीसी (नेट/जेआरएफ) पाठ्यक्रम पर आधारित हिंदी कहानियों का संग्रह|
A Green Warrior
- Author Name:
Amit Mahoday Arywarti
- Book Type:

- Description: 'अ ग्रीन वॉरियर' फिल्म अभिनेता तथा लेखक अमित महोदय आर्यावर्ती द्वारा लिखा गया उपन्यास है।
First Kiss - The Beginning
- Author Name:
Vishnu Nair
- Rating:
- Book Type:

- Description: Sunaina, Virat and DCP Vikrant Sharma are leading normal lives until fate decides to weave their paths into one. Little do they know that this path is nothing like they had ever imagined as it drags them into a tricky web of chaos. On a normal monsoon evening, Sunaina’s life breaks all ties with normalcy when she and her colleagues witness something they shouldn’t have, and that marks the beginning of a new story. But every beginning has its own end – sometimes, the end of a life. After almost getting caught, every day for them is hell on Earth, with death chasing at their heels. Now, they must spend days and nights looking over their shoulders. With the series of incidents that unfold, will Sunaina, Virat, and Vikrant’s lives ever be the same? Or will they collide with danger around every block?
Boond Aur Samudra
- Author Name:
Amritlal Nagar
- Book Type:

- Description: पठनीयता के बल पर हिन्दी उपन्यास को ख्याति और प्रतिष्ठा दिलानेवालों में अमृतलाल नागर का नाम अग्रणी है। कई पीढ़ियों ने उनकी क़लम से निकले हृदयग्राही कथा-रस का आस्वाद लिया है। कथा-साहित्य के कई अविस्मरणीय चरित्रों की सृष्टि का सेहरा भी नागरजी के ही सर बँधा है। डॉ रामविलास शर्मा ने लिखा, “हिन्दी के कुछ लेखक मार्क्सवाद पर पुस्तकें भी लिख चुके हैं लेकिन उनके पात्र वैसे सजीव नहीं होते, जैसे गाँधीवादी लेखक अमृतलाल नागर के ‘सेठ बाँकेमल’ या ‘बूँद और समुद्र’ की ताई। इसका कारण यह है की मार्क्सवाद या गांधीवाद ही किसी लेखक को कलाकार नहीं बना देता। कथाकार बनाने के लिए मार्मिक अनुभूति आवश्यक है जो जीवन के हर पहलू को देख सके। सामाजिक जीवन की जानकारी ही न होगी तो दृष्टिकोण बेचारा क्या करेगा?” लखनऊ के नागर, मध्यवर्गीय सामाजिक जीवन का अन्तरंग और सजीव चित्रण करनेवाला यह उपन्यास हिन्दी उपन्यास-परम्परा में एक कालजयी कृति माना जाता है।
AB KIS THANV CHALE, RAVIKANT
- Author Name:
Dinesh agrawal
- Book Type:

- Description: Novel
Aag
- Author Name:
Chandrarekha Dhadwal
- Book Type:

- Description: पहाड़, उसकी बर्फीली चोटियाँ और शांत वातावरण शुरू से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं लेकिन इस पर्यटकीय छवि से इतर पहाड़ की गोद में बसे सैकड़ों छोटे गाँवों की तरफ लोगों का ध्यान अपेक्षाकृत कम जाता है। अपने पहले उपन्यास 'समय मेरे अनुरूप हुआ' से ही चर्चा में आईं वरिष्ठ लेखिका चंद्ररेखा ढडवाल अपने नये उपन्यास 'आग' में हिमाचल प्रदेश के एक ऐसी ही पहाड़ी गाँव की कहानी कहती हैं, जिसमें ग्रामीण परिवेश का संघर्षों से भरा जीवन है। प्रेम है। बैर है। लोकगीत और किस्से-कहानियाँ हैं। पर्व-त्यौहार, मेले-ठेले और खान-पान हैं। एक खिलंदड़ और मनमौजी मिज़ाज की लड़की लोइना है। उसी घर में पला-बढ़ा खेत-खलिहान में काम करने के लिए रखा गया बाहर का एक लड़का प्रीतो है। दोनों के भीतर सुलगती एक प्रेम आग है। लेकिन इससे पहले कि इनके प्रेम को हवा मिलती, लोइना ब्याह दी जाती है। और यहीं से शुरू होती है, लोइना के जीवन की दुश्वारियाँ। फौजी पति शादी के दूसरे रोज़ ही मोर्चे पर चला जाता है और गायब हो जाता है। एक चुलबुली लड़की के लिए, जिसने अभी-अभी जवानी के आँगन में पैर रखे हैं, उसके जीवन की इससे बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है!... अपने भीतर ग्रामीण संस्कृति, विशेष बोली और आंचलिकता का प्रवाह समेटे यह एक ऐसा उपन्यास है, जिसे पढ़ते हुए लगता है, आप किसी पहाड़ी गाँव के मेंड़ों पर चलते हुए इसे सुन रहे हों। अपने सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ती लोइना, पीपल सरीखे छाया देने वाले शांत प्रीतो और प्यारी सास मस्या की एक रुला देने वाली कहानी है 'आग'। कथ्य के साथ-साथ यह उपन्यास में बरती गई लोकधर्मी भाषा की खूबी है कि बढ़ते पन्नों के साथ ही आप इसके चरित्रों की गर्माहट महसूस करने लग जाते हैं। —मिथिलेश प्रियदर्शी
Mantra-Viddh
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description: ‘मंत्र-विद्ध’ प्यार की खुरदरी कहानी है—आज की मूर्तिकला की तरह... तारक और सुरजीत कौर के बीच एक तीसरा ‘व्यक्ति’ और है, और वह है प्यार! तारक अपने को समझाते हुए, दूसरे आदमी की निग़ाह से सारी स्थिति को देखता है और स्वयं आतंकित रहता है कि क्या सचमुच वीरता का वह क्षण उसी ने धारण किया था...क्षण अथवा आवेश-भरे दबाव का शायद एक ऐसा विस्फोट, जिसका अनुभव केवल कायर ही कर सकता है। यानी परम वीरता के काम पक्के कायर के सिवा कोई दूसरा नहीं कर सकता! प्यार जैसे रिश्ते और मानवीय आशा-आकांक्षा के साथ प्रायः ही उठ खड़े होने वाले द्वन्द्व का एक अलग ही कोण दिखाती है यह कथाकृति। तारक स्वयं को जिस रूप में प्रस्तुत करता है, वास्तव में वह उसके विपरीत है अर्थात भीरु, शंकालु और जिम्मेदारियों से भागने वाला। उसके विपरीत स्वाभिमानी और जिम्मेदार सुरजीत सामन्ती घुटन से मुक्ति के लिए तारक का साथ स्वीकार करती है और अपनी शक्ति और अभावों की तरफ से आँखें मूँदकर प्रेम को हासिल कर लेने का स्वप्न देखती है। परस्पर विपरीत ध्रुवों की नजदीकी का यह त्रासद यथार्थ इस उपन्यास को प्रेम और व्यक्ति-सम्बन्धों के बारे में एक भिन्न ही कोण से सामने लाता है। अपने समय का एक चर्चित उपन्यास।
Kawale and Manas
- Author Name:
Uttam Kamble
- Book Type:

- Description: कावळे आणि माणसं... एक जमिनीवरून चालणारा आणि हवेत उडणारा पक्षी तर दुसरा जमिनीवरून चालणारा आणि कल्पनेचे पंख घेऊन उडणारा... दोघांचं भौतिक जग भिन्न वाटत असलं तरी मानसिक जग जवळपास जाणारं... काही वेळा कावळे माणसासारखं वागतात तर माणसं कावळ्यासारखं... कावळा माणसाचा बाप बनतो पण माणूस कावळ्याचा बाप नाही बनत... ज्या माणसाच्या सहवासात कावळा राहतो त्याचे गुण-दुर्गुण उचलतो... कधी कधी कावळा माणसापेक्षा शहाणा होतो तर कधी कधी असहाय्य माणूस कावळ्यासमोर हात जोडतो... कावळे, माणसं आणि स्मशान यांना शब्दात पकडण्याचा हा एक प्रयत्न... Kawale and Manas : Uttam Kamble कावळे आणि माणसं : उत्तम कांबळे
Friend Boyfriend Jaisa
- Author Name:
Sachin Tyagi
- Book Type:

- Description: बहुत दिनों बाद भी जब दोस्त से बात हो तो फिर से वही लहज़ा, वही शरारत सूझ जाती है। ऐसी ही थी मेरी वो दोस्त। लोग तो कहते हैं कि एक लड़का और लड़की फ़्रेंन्ड्स नहीं हो सकते, लेकिन हमारे दिल में क्या है? हम एक दूसरे के लिए क्या सोचते हैं ? ये मायने रखता है। न कि ये समाज हमें किस नज़र से देखता है और हमारे बारे में क्या सोचता है। ये सब बेमानी है। अगर हमारा मिलना एक इत्तफाक था तो बिछड़कर फिर मिल जाना खुशकिस्मती थी। हमारे आज के हालात में चाहे कितना भी बदलाव आया हो, लेकिन आज भी हम वही जिंदादिल दोस्त हैं, जो कल थे, जो आज हैं और हमेशा रहेंगे। पढ़िए, किशन और अन्वी की प्यारी सी दोस्ती की कहानी!
Tejo Tungabhadra
- Author Name:
Vasudhendra
- Rating:
- Book Type:

- Description: 15-16 ನೆಯ ಶತಮಾಮನದ ಲಿಸ್ಬನ್, ವಿಜಯನಗರ ಮತ್ತು ಗೋವಾ ನಗರಗಳ ಸಾಮಾಜಿಕ ಮತ್ತು ರಾಜಕೀಯ ಜೀವನವನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ಬರೆದ ಜನಸಾಮಾನ್ಯರ ಕಾದಂಬರಿ. ನಿಮ್ಮ ಹೊಸ ಕಾದಂಬರಿಯನ್ನು ಓದಿ ಮೂಕ ವಿಸ್ಮಿತನಾಗಿದ್ದೇನೆ. ಇಂತಹ ಶ್ರೇಷ್ಠ ಕೃತಿಯನ್ನು ಕನ್ನಡಿಗರಿಗೆ ಕೊಟ್ಟಿರುವ ನಿಮಗೆ ಹಾರ್ದಿಕ ಅಭಿನಂದನೆಗಳು. – ಡಾ. ಸಿ ಎನ್ ರಾಮಚಂದ್ರನ್
Baandi
- Author Name:
Bhairavprasad Gupt
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत उपन्यास ह्रासशील सामन्तवाद को उसके सम्पूर्ण घिनौने पहलुओं के साथ, बड़ी बारीकी से हमारे समक्ष पेश करता है। इस ह्रासशील सामन्तवाद को उसकी सारी सड़ांध के साथ हम बड़े सरकार के चरित्र, उनके क्रियाकलापों, जो उनके अन्तःपुर से लेकर बाहर के परिवेश तक फैले हुए हैं, सामन्ती साम्राजी साँठ-गाँठ और उसके शिकार साधारण जनों की ज़िन्दगी तथा नरक की इस ज़िन्दगी से मुक्त होने की उनकी कोशिशों तथा मुक्त न हो पाने की स्थिति में उनकी छटपटाहट, प्रतिहिंसा आदि में देखते हैं। भैरव जी ने इस सारे परिदृश्य को यथार्थ के सही आलोक में बारीकी के साथ देखा और चित्रित किया है।
The Girl With Unshed Tears And Other Short Stories
- Author Name:
Surya Bala
- Book Type:

- Description: Dr Suryabala is a highly established and widely acclaimed writer, endowed with creative talent, sensitivity and vision. The canvas of her writing encompasses villages, towns, metros and even foreign lands. She exhibits the open-mindedness required of a writer and rises above the narrow considerations of any particular ideology, class, or literary movement. Her creative genius thrives on newer milieus and themes with changing backgrounds and, consequently, enables her to break new ground in her stories and novels to bear the ever-present human afflictions and anguish. Stories in this collection draw inspiration from our inner emotions, which are far more profound, vigorous, comprehensive, and genuine than the ones we express. The anguish of deteriorating cultural and moral values pierces Suryabala to her very heart and is the main source of her creativity. Her craft and style of writing, enriched with lyrical language, are ever fresh and draw readers with their own magnetism.
Madar
- Author Name:
Subhash Chandra Yadav
- Book Type:

- Description: A Maithili Novel
Laltenganj
- Author Name:
Savhchidanand Sachchu
- Book Type:

- Description: 'लालटेनगंज' उपन्यासक लेखक सच्चिदानंद सच्चू दृष्टिवान पत्रकार छथि आ 'अल्लाह हो राम' हिनक पहिल उपन्यास। मैथिली उपन्यास 'लालटेनगंज' धनबाद-झरिया इलाकाक कोलियरी जीवनक कारी-स्याह साँच सँ आत्मसाक्षात्कार करबैत अछि। मैथिली उपन्यास परंपरा मे ई उपन्यास विषयक नवीनता आ ट्रीटमेंटक नवता लेल स्मरण कयल जायत। दू जून रोटीक लेल प्रतिक्षण अपन जिंदगी केँ दाव पर लगबै लेल विवश खदान मजूरक जिंदगीक संघर्षगाथा सोचबाक हेतु आमंत्रित करैत अछि। एहि खदान मे मृत्यु मड़ुआक दोबर भावे सहज, मुदा जीवन अत्यंत कठिनतम। #कमलानंदझा कसल कथानक, सहज कथा-प्रवाह, मजदूरक कहानी ओकरे जुबानी, अनेक गौण पात्र समग्रता मे एकर औपन्यासिक वितान केँ तनने छै। उपन्यास पढ़ैत सहजहि उन्नैसम शताब्दी मे फ्रेंच उपन्यासकार एमील जोलाक कोयला श्रमिकक समस्या पर लिखल उपन्यास 'जर्मिनल' मोन पडि़ गेल। #मीनाझा सच कही त' ई उपन्यास अपन कंस्ट्रक्ट आ संरचना मे बहुत लाजवाब अछि। कथा-भूमि बिल्कुल गर्म छै, आ ताहि पर प्रेम आ मित्रता सन मूल्यक पड़ैत फुहार एक टा अलग तरहक लोभ जगाबैत अछि... #अकबररिज्बी
Ordained by fate
- Author Name:
Avatar Singh Judge
- Rating:
- Book Type:

- Description: English translation of Rajinder Singh Bedi's Award-winning Urdu novel Ek Chadar Maili Si by Avatar Singh Judge.
Bhagirathi
- Author Name:
Jagdish Prasad Singh
- Book Type:

- Description: “हर दस-पन्द्रह मिनटों में पचास-सौ लोगों की भीड़ जमा हो जाती। तब प्रेमशंकर कुर्मी से खड़ा हो जाता और उन्हें सम्बोधित करता- भाइयो और बहनो, आज हमारा देश एक महान् संकट में पड़ा है। हमारा पवित्र हिमालय आज घायल है, और उत्तर दिशा से पापी दुश्मन हमारी मातृभूमि को कैद करने का प्रयास कर रहा है। भाइयो और बहनो, हम यह कदापि नहीं होने देंगे। हम दुर्योधन की बाँहें काटकर द्रौपदी की मर्यादा की रक्षा करेंगे। हम अपना सर्वस्व देकर दुश्मनों को मातृभूमि से खदेड़ेंगे। आज हमारे सैनिकों को हथियार की जरूरत है। उन्हें बन्दूक चाहिए, तोप चाहिए, बम चाहिए, टैंक और हवाई जहाज चाहिए। हम अपने सारे गहने, सारा सोना-चाँदी, बेचकर अपने सैनिकों के लिए अच्छे-से-अच्छे हथियार खरीदेंगे ताकि वे विदेशियों को अपनी पवित्र मातृभूमि की सीमा से बाहर खदेड़ सकें। आप के बीच एक वीरांगना ने प्रण किया है कि वह तब तक प्रतिदिन सिर्फ एक शाम खाना खाएगी जब तक एक-एक विदेशी इस देश की धरती से खदेड़ नहीं दिया जाता। ” —इसी पुस्तक से
LOVE WITH BENEFIT
- Author Name:
SARVESH MISRHA
- Book Type:

- Description: Novel
Go Back to Paris
- Author Name:
D. Jayakanthan +1
- Book Type:

- Description: In "Go Back to Paris," the renowned Tamil author Jayakanthan thoughtfully explores the tension between tradition and modernity in both art and personal life. Musician Sarangan returns to India infused with an idealistic zeal for modernized Carnatic music. However, he faces a significant challenge from his father, Seshiah, a vina virtuoso who views music as divine. Lalitha, a passionate writer, finds herself caught in a struggle between her deep love for Sarangan and her unwavering commitment to her noble husband. The conflict lies not between dharma and adharma but between different interpretations of dharma, resulting in a delicate balance.
Manrangi
- Author Name:
Garima Mudgal
- Book Type:

- Description: राख बनकर बिखरने से पहले ख़ुशबू बनकर महक जाऊँ बस, इसी मौज के साथ लिखने की शुरुआत की थी। वैसे तो जो कुछ कहना था, इस कहानी के माध्यम से कह चुकी हूँ पर ‘मनरंगी’ के बारे में यह ज़रूर बताना चाहूँगी कि यह कहानी किसी नदी की तरह आगे बढ़ती है और नदी के जैसे ही हर पड़ाव पर इसकी तासीर अलहदा है। कहीं यह कहानी पहाड़ों से गुज़रती नदी की तरह अल्हड़ जान पड़ेगी तो कहीं निर्झर की तरह आवेग से खिलखिलाती। कहीं यह गहरी और शांत भी दिखाई देगी। एक नदी के सागर से मिलने के मानिंद यह तो तय है कि कहानी भी अपनी मंज़िल से मिलेगी, पर ख़ास वे रास्ते होंगे जहाँ से यह होकर गुज़रती है। और जैसे नदी को अपने साथ रखने की क़वा’इद में हम अपने पात्रों मे थोड़ी-सी नदी भर लेते हैं वैसे ही अगर अंजुली भर कहानी आपके ह्रदय-पात्र में जगह बना पाई तो मुझे लगेगा कि किताब के पन्नों से निकलकर कहानी अपने मुकाम तक पहुंच गई। किताब आपको कैसी लगी, जानने की प्रतीक्षा में ....
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book