Paapoo
Author:
Rita IndianaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
आठ साल की एक लड़की सांतो दोमिंगो में अपने पिता–पापू–का इन्तज़ार करती है। यह इन्तज़ार उसे एक लम्बी और दर्दनाक मौत जैसा लगता है लेकिन वह राह देखती है कि पापू अमेरिका से आएँगे और अपनी दौलत और शोहरत की शानदार उपलब्धियों—चमचमाती नई कारों, पोलो शर्टों, सोने की चेन और सुन्दर जूतों से उसे अभिभूत कर देंगे।
जब पापू आते हैं तो वह उसे फ़िल्म ‘फ़्राइडे द थर्टींथ’ के जेसन जैसे मालूम पड़ते हैं—स्मार्ट, चतुर और निर्मम। वे एक डोमिनिकन माफ़िया बॉस हैं, एक ड्रग डीलर, एक ऐसा शख़्स जो अविश्वसनीय रूप से ख़तरनाक है, लेकिन इससे उसकी बेटी ख़ुद को बेहद ताक़तवर और जीवन्त महसूस करती है। लड़की के जीवन में पापू आते हैं, ग़ायब हो जाते हैं और फिर एक बार और प्रकट होते हैं पैसे, गाड़ियों और मार-तमाम तोहफ़ों से लदे हुए, प्रेमिकाओं से घिरे हुए।
सांतो दोमिंगो और अपने पिता के साथ की गई अमेरिका की जगर-मगर यात्राओं के बीच विभाजित, एक लड़की की बचपन की यादों को समेटे यह उपन्यास एक बेटी के प्यार के अलावा अपराध और मर्दानगी के आकर्षण और बड़ों की दुनिया की हिंसा का कभी न भूलने वाला चित्र पेश करता है। एक बच्ची की कल्पना के साथ व्यंग्य और विज्ञान-कथा के साथ ख़ौफ़ का कुशल मिश्रण, कैरेबियाई संस्कृति की पृष्ठभूमि में बुनी गई इस कहानी को अत्यन्त प्रभावी बना देता है।
ISBN: 9789360868666
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Laltenganj
- Author Name:
Savhchidanand Sachchu
- Book Type:

- Description: 'लालटेनगंज' उपन्यासक लेखक सच्चिदानंद सच्चू दृष्टिवान पत्रकार छथि आ 'अल्लाह हो राम' हिनक पहिल उपन्यास। मैथिली उपन्यास 'लालटेनगंज' धनबाद-झरिया इलाकाक कोलियरी जीवनक कारी-स्याह साँच सँ आत्मसाक्षात्कार करबैत अछि। मैथिली उपन्यास परंपरा मे ई उपन्यास विषयक नवीनता आ ट्रीटमेंटक नवता लेल स्मरण कयल जायत। दू जून रोटीक लेल प्रतिक्षण अपन जिंदगी केँ दाव पर लगबै लेल विवश खदान मजूरक जिंदगीक संघर्षगाथा सोचबाक हेतु आमंत्रित करैत अछि। एहि खदान मे मृत्यु मड़ुआक दोबर भावे सहज, मुदा जीवन अत्यंत कठिनतम। #कमलानंदझा कसल कथानक, सहज कथा-प्रवाह, मजदूरक कहानी ओकरे जुबानी, अनेक गौण पात्र समग्रता मे एकर औपन्यासिक वितान केँ तनने छै। उपन्यास पढ़ैत सहजहि उन्नैसम शताब्दी मे फ्रेंच उपन्यासकार एमील जोलाक कोयला श्रमिकक समस्या पर लिखल उपन्यास 'जर्मिनल' मोन पडि़ गेल। #मीनाझा सच कही त' ई उपन्यास अपन कंस्ट्रक्ट आ संरचना मे बहुत लाजवाब अछि। कथा-भूमि बिल्कुल गर्म छै, आ ताहि पर प्रेम आ मित्रता सन मूल्यक पड़ैत फुहार एक टा अलग तरहक लोभ जगाबैत अछि... #अकबररिज्बी
SAMVAD KA SWARAJ
- Author Name:
Braj Kishore Kuthiala
- Book Type:

- Description: वर्तमान में भारतीय संस्कृति, सभ्यता एवं दर्शन की उपयोगिता को समस्त संसार स्वीकार कर रहा है और भारतीय मनीषा को आधुनिक संदर्भों में सरलता से प्रस्तुत करने का महत्त्वपूर्ण कार्य विद्वानों से अपेक्षित है। संचार विज्ञान एवं मीडिया के संदर्भ में भारतीय सोच एवं दृष्टि पर गिने-चुने विद्वानों ने ही लिखा है। संचारविज्ञानी प्रो. बृज किशोर कुठियाला किसी भी समाज में संचार को आधारभूत एवं सहज गतिविधि मानते हैं और वे समाज-केंद्रित व समाज हितैषी मीडिया के पक्षधर हैं। उनके लेख भारतीय पौराणिक ग्रंथों का संदर्भ लेकर आधुनिक संचार माध्यमों को न केवल नई दृष्टि प्रदान करते हैं बल्कि मीडिया और समाज के बीच के संबंधों को नए संदर्भों में पुनर्भाषित करते हैं। मीडिया के लिए नूतन आदर्शों की रूपरेखा तैयार करते हुए ये लेख मानव उत्थान एवं सनातन सरोकारों की बात करते हैं। पुस्तक में रामायण, महाभारत, भगवद्गीता, उपनिषद, पुराण, स्मृतियों एवं लोक जीवन के विभिन्न चरित्रों, श्लोकों, घटनाओं इत्यादि की आधुनिक संदर्भों में सरल व्याख्या की गई है। विस्तृत साक्षात्कार समकालीन विषयों पर उनके प्रेरक विचारों को जानने का अवसर प्रदान करता है। इस संग्रह के सारगर्भित लेख मीडिया शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं उन सभी पाठकों के लिये उपयोगी व रोचक साबित होंगे जिनकी भारतीय सोच में रुचि है। —प्रो. देवव्रत सिंह
Main Nastik Hoon
- Author Name:
Rajesh Sonwar
- Book Type:

- Description: Book
Imartiya
- Author Name:
Nagarjun
- Book Type:

- Description: प्रगतिशील कवि-कथाकार नागार्जुन का यह उपन्यास माई इमरतीदास उर्फ इमरतिया नामक एक युवा अवधूतिन के बहाने भारतीय समाज में व्याप्त धार्मिक जड़वाद और पाखण्ड को अत्यन्त गहराई से उघाड़ता है। पूर्वोत्तर भारतीय सीमा के निकट एक गाँव से जुड़े जिस मठ को नागार्जुन ने इस कथा का केन्द्र बनाया है, उसी से अनपढ़ और धर्मभीरु ग्रामीण जन के शोषण के तमाम सूत्र आकर जुड़ते हैं। बड़े भूमिपति हों या धनपति, प्रशासक हों या स्मगलर, अफीम चरस के शौकीन हों या औरत के—वह मठ सभी का स्वर्ग है। सभी उससे जुड़े हैं, सभी उससे समृद्ध हो रहे हैं, इसीलिए उसकी समृद्धि चाहते हैं। लेकिन ‘लाल झंडावालों’ के इशारे पर घटी एक घटना ने उस स्वर्ग के समूचे नरक को उजागर कर दिया और उसका सारा तिलिस्म टूटने लगा। इसके बावजूद इमरतिया इसी नरक की ‘देवी’ है। एक ऐसी मानवी, जो दानवों के साथ रहते हुए भी अपनी तमाम मानवीय संवेदनाओं को बचाए हुए है और अन्ततः मस्तराम जैसे युवा अवधूत की प्रेम-प्रतीक्षा में तीर्थाटन को निकल जाती है।
Vinayak - Award Winning Novel
- Author Name:
Ramesh Chandra Shah +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Vinayak, a Sahitya Akademi-award winning Hindi Novel, as a sequel to the author;s first novel 'Gobar Ganesh', according to the novelist, is the "pratismriti" (remembrance of our national-cultural memories) and the katha or narrative of India as a civilizational state. Its multi-perspectiveal, multi-centric kathana (plot), involving characters representing a cross section of Indian Society, is marked by engaging and interesting debates on such issues as gender-politics, culturalimperialism, casteism, communalism, the Kashmir-question and the condition of Kashmiri Pundits, sustainable development, ecological consciouness, swaraj or decolonization of mind, role of "Breaking India" forces comouflaged as NGO-activism, and the all0embracing nature of the spiritual that subsumes the secular, the significance of purusharthas or cardinal principles of life, etc. A sahridaya or cultivaed reader whould also relish how deftly the narrative echoes the voices of such great masters as Valmiki, Vyas, Krishna, Keats, Rike, Yeats, Eliot, Naipaul, Proust, Prasad and others.
Kisani Ki Kahani: Beti Ke Liye
- Author Name:
Sorit Gupto
- Book Type:

- Description: किसान नहीं होंगे तो हम नहीं होंगे। खेती नहीं होगी तो ये शहर नहीं होंगे जहाँ हम उस विशाल आबादी से आँखें चुराए इत्मीनान से रहते हैं, जिस आबादी का सब कुछ खेती पर निर्भर है, वे लोग जो अन्न उगाते हैं, लेकिन अकसर खाली पेट सोते हैं, कर्ज लेते हैं और फिर आत्महत्या कर लेते हैं। हैरानी की बात है कि इतने महत्त्वपूर्ण क्षेत्र पर न तो नीति-निर्माताओं का फोकस है, न ही नागरिक चेतना का। ‘किसानी की कहानी : बेटी के लिए’ हमारा ध्यान उस ओर खींचती है, और एकदम अलग और नए ढंग से। किताबों, खबरों और निजी अनुभवों के माध्यम से आजादी से पहले और बाद के वक्तों पर नजर डालते हुए यह किताब भारतीय किसान और खेती की पीड़ा को हमारी सोच के केन्द्र में ला देती है।
Etawah Files
- Author Name:
Brij Lal
- Book Type:

- Description: मैंने नेताजी से कहा कि इंटर स्टेट गैंग के कुख्यात इनामी डकैत भूरा यादव मारा गया है और 4 लोगों की जान बचाई गई है। यदि मैंने इस साहसिक मुठभेड़ के बाद पूरे थाने को निलंबित कर दिया तो पुलिस का मनोबल टूटेगा और ऐसी स्थिति में वे राम आसरे चौबे उर्फ फक्कड़ गैंग पर कैसे कार्रवाई करेंगे। मुख्यमंत्रीजी नाराज होकर मीटिंग से उठ गए। डी.जी.पी. घबराकर कहने लगे कि मैं सबको निलंबित करता हूँ। मैंने पुलिस महानिदेशक को साफ-साफ बता दिया कि मैं पुलिसजनों को निलंबित नहीं करूँगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने वर्ष 2013 में एक ही दिन आतंकवादियों के मुकदमों की 14 चार्जशीटों को न्यायालय से वापस लेने के आदेश दिए थे, परंतु इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने उन्हें झटका दे दिया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति आर.के. अग्रवाल और न्यायमूर्ति आर.एस.आर. मौर्या की पीठ ने निर्णय दिया कि आज आप आतंकवादियों को रिहा कर रहे हैं, कल आप उन्हें पद्मभूषण भी दे सकते हैं। इस पूरे घटनाक्रम के विश्लेषण से पता चलता है कि गोली शिवपाल सिंह के गनर राजेश की कार्बाइन से चली थी, जिसमें एस.आई. आर.पी. सिंह मारे गए और हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह घायल हो गए। साक्ष्य को मिटाने के लिए शिवपाल सिंह के गनर द्वारा कार्बाइन और 192 कारतूस इटावा पुलिस लाइन की आर्मरी में जमा कर दिए गए।
O je Kahiyo Gaam Chhalai
- Author Name:
Shubhendu Shekhar
- Book Type:

- Description: धर्म आ दर्शनक स्तर पर बहुलता भारतीय सभ्यता आ संस्कृतिक प्रमुख विशेषता रहल अछि। भारतीय समाज मे परस्पर विरोधी विचारधारा आपस मे टकराइत-मिलैत, सहअस्तित्वक संग समानान्तर गति सँ आगाँ बढ़ैत रहल। मुदा सत्ता-पोषित आ प्रायोजित धर्मक टारगेट पर सदिखन लोकधर्म आ सहिष्णु-समावेशी विचारधारा रहल। शुभेन्दु शेखरक विमर्शपरक उपन्यास 'ओ जे कहियो गाम छलै’ एहि साम्प्रदायिक घृणा मे अमानुष आ नृशंस होइत मिथिलाक गाम केँ बचेबाक आकांक्षा थिक। शुभेन्दु शेखरक दृष्टि वैज्ञानिक आ मानवीय छनि। ओ साम्प्रदायिकता केँ शहरी मध्यवर्गक बीमारी बुझैत छथि जे आब गामो मे नीक जकाँ पसरि चुकल अछि। सब प्रकारक दाओ-पेंच, घृणा, हिंसाक बीच रामगुलाम सन पात्र ओहि समन्वय परंपराक अंतिम कड़ी अछि जे सैकड़ो वर्ष मे निर्मित भेल छल। शुभेन्दु 'धर्म, आस्था, रूढि़ आ अंधविश्वासक बीचक मेंही रेहा’ केँ बचा लेब’ चाहैत छथि। समाज मे धार्मिक वैमनस्य पसारि क’ जंगल बनाब’वला राजनीतिक खिलाड़ीक लेल लेखकक ई चेतावनी—'जंगल के एक टा खूबी होइत छै जे एहि मे केम्हरो सँ घूसल जा सकैत छै,’ भविष्यक प्रति आशा जगबैत अछि। सम्पूर्ण उपन्यास मानवीय विवेकक धुरी पर केन्द्रित अछि। लोकोक्ति आ मुहावरा सँ गूँथल, किस्सागोईपूर्ण एहि उपन्यासक इंद्रधनुषी भाषाक छटा पाठक केँ बान्हैत अछि, संगहि मनुक्ख बनल रहबाक लेल उद्वेलित सेहो करैत अछि। —श्रीधरम
Parva - Malayalam
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: Parva is a novel written by S. L. Bhyrappa in the Kannada language. It is a retelling of the Sanskrit epic Mahabharata, narrated through the personal reflections of the principal characters. The novel is widely acclaimed as a modern classic. Parva is among Bhyrappa's most widely debated and popular works and is considered by many to be his greatest.
Aadmi Ki Nigah Mein Aurat
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

- Description: यशस्वी कथाकार-सम्पादक राजेन्द्र यादव की इस किताब में स्त्रियों की मुक्ति की राह में मौजूद अनगिनत गुत्थियों पर लिखे लेखों में अनेक कोणों से विचार किया गया है। बीते लगभग चार दशकों में विभिन्न विचारोत्तेजक मसलों पर स्त्रियों के पक्ष में दी गई दलीलों के साथ-साथ इन लेखों में बार-बार उन पेचीदगियों की तरफ़ भी इशारा किया गया है, जिन पर हमारा रूढ़िबद्ध मन सोचना नहीं चाहता। कहते हैं कि दुनिया अगर चार पहाड़ों के बोझ तले पिस रही है तो औरतों पर पाँच पहाड़ों का बोझ है—पाँचवा पहाड़ पुरुष सत्तात्मक विधान का है। आज जबकि पुनरुत्थानवादी शक्तियाँ भारतीय समाज में बड़े ठस्से के साथ घूम रही हैं, यह छिपा नहीं रह गया है कि धर्म और नैतिकता की आड़ में सबसे ज़्यादा अत्याचार औरतों पर ही हो रहे हैं। भूलना नहीं चाहिए कि धर्म के तालिबान हर युग में औरत की नाकेबन्दी करते आए हैं। इस किताब में दो खंड हैं। पहला खंड स्त्री-दासता के रगो-रेशे उधेड़ते हुए उसके ऐतिहासिक सन्दर्भों की पड़ताल करता है जबकि दूसरे खंड में स्त्री विषयक चुनिन्दा रचनात्मक साहित्य को परत-दर-परत टटोलते हुए उसकी सीमाओं और सम्भावनाओं पर उँगली रखने का जोखिम लिया गया है। पूछने को तो आप पूछ सकते हैं कि यह ‘आदमी की निगाह में औरत’ नाम की किताब भी तो आख़िर एक आदमी की ही लिखी हुई किताब है—एक और पुरुष दृष्टिकोण? जवाब में यही कहना पड़ेगा कि आइए पढक़र देखें...!
Rudali
- Author Name:
Usha Ganguli
- Book Type:

- Description: ‘रुदाली’ बांग्ला की विख्यात लेखिका महाश्वेता देवी की एक प्रसिद्ध कहानी पर आधारित नाटक है। अनेक मंचों पर सफलतापूर्वक खेले जा चुके इस नाट्य रूपांतर की लोकप्रियता आज भी उतनी ही है। नाटक का केन्द्रीय चरित्र सनीचरी है जिसे शनिवार के दिन पैदा होने के कारण यह नाम मिला है और इसके साथ मिली हैं कुछ सजाएँ - समाज मानता है कि वह असगुनी है और इसीलिए उसके परिवार में कोई नहीं बच पाया। एक-एक करके सब काल की भेंट चढ़ गए। लेकिन सनीचरी की आँखें कभी नम न हुईं। वह कभी नहीं रोई, जब बेटा मरा तब भी नहीं। लेकिन अंततः उसे रुदाली का काम करना पड़ता है, रुदाली यानी वह स्त्री जो भाड़े पर रोती है, मेहनताना लेकर मातम करती है। एक पात्र के रूप में सनीचरी उस तबके का प्रतिनिधित्व करती है जिसके पास न चुनाव की स्वतंत्रता होती है, न निश्चिंत होने के साधन, लेकिन वह कभी टूटती नहीं, उसकी जिजीविषा बराबर उसके साथ होती है। वह अपना सहारा खुद बनती है, जो जाहिर है कि उसका अन्तिम विकल्प होता है। समाज के निम्नतम वर्ग में स्त्री-जीवन की एक लोमहर्षक विडम्बना को रेखांकित करता यह नाटक शिल्प के स्तर पर भी एक सम्पूर्ण नाट्य-कृति है।
Purnamadah
- Author Name:
Saroj Kaushik
- Book Type:

- Description: प्रेम की न कोई भाषा होती है, न परिभाषा, न सीमाएँ उसे सीमित करती हैं, न दूरियाँ उसे ओझल करती हैं, वह दूरी जीवन और मृत्यु भी क्यों न हों! ‘पूर्णमिदम्’ के बाद सरोज कौशिक का यह उपन्यास ‘पूर्णमदः’; अलग-अलग होते हुए भी ये दोनों उपन्यास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। वह अध्यात्म के आलोक में प्रकाशमान, तो यह जीवन के संघर्षों ने बीच के पवित्र दीप को अपने सचेत आत्मबोध की ओट में बचाते हुए एक सघन यात्रा। ‘पूर्णमदः’ में पीड़ा है, अतीत के दुखते घाव हैं, स्मृति में कौंधती विविधवर्णी छवियाँ हैं, चहुँओर व्याप्त कालिमा में अपने अन्तस की पवित्रता को निष्कलंक रखते अपने मूल्यों को बचाने का संघर्ष है; और जीवन तथा समाज में मनुष्य की आत्मा को कचोटतीं, खोखला करतीं अपूर्णताओं के बरक्स पूर्ण को बचाने और अगली पीढ़ियों के लिए संरक्षित रखने की कामना है। भावनाओं के सघन चित्रों से परिपूर्ण एक पठनीय औपन्यासिक कृति।
Wah Phir Nahin Aai
- Author Name:
Bhagwaticharan Verma
- Book Type:

- Description: "लेकिन शायद हम झूठ से अलग रह ही नहीं सकते। हमारा सामाजिक जीवन भी तो एक तरह का व्यापार है—आर्थिक न भी सही, भावनात्मक व्यापार, यद्यपि यह अर्थ हमारे अस्तित्व से ऐसे बुरी तरह चिपक गया है कि हम इससे भावना को मुक्त रख ही नहीं पाते। इस व्यापार में माल नहीं बेचा जाता या ख़रीदा जाता, बल्कि भावना का क्रय-विक्रय होता है। हमारा समस्त जीवन ही लेन-देन का है, और इसलिए झूठ की इस परम्परा को तोड़ सकने की सामर्थ्य मुझमें नहीं है। सामाजिक शिष्टाचार निभाने के लिए मैं निकल पड़ा। और कोई काम भी तो नहीं था मेरे पास।" नारी सनातन काल से पुरुष की लालसा का केन्द्र है। जीवन के संघर्षों में फँसकर अभागी नारी को संसार के प्रत्येक छल-कपट का सहारा लेना पड़ता है। किन्तु आधुनिक जीवन-संघर्षों की विषमता में ममता का सम्बल जीवन-नौका के लिए महान आशा है। भगवती बाबू का यह उपन्यास आकार में छोटा होकर भी अपनी प्रभावशीलता में व्यापक है, जिसकी गूँज देर तक अपने भीतर और बाहर महसूस की जा सकती है।
Rajasthani Ranivas
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
- Book Type:

- Description: ‘राजस्थानी रनिवास’ राहुल सांकृत्यायन की एक बहुचर्चित कृति है। भारतीय समाज से जुड़ा एक अत्यन्त प्रासंगिक प्रश्न इसके केन्द्र में है—पुरुष प्रधान सामन्ती समाज में स्त्रियों की परवशता। राहुल उन लेखकों में से थे जो लेखन को सामाजिक परिष्कार की संगति में देखते थे। इसलिए उन्होंने चुन-चुनकर उन विषयों पर लिखा जिनकी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित करना वे आवश्यक समझते थे। ऐसे विषयों में एक तरफ इतिहास और संस्कृति की गौरवशाली चीजें थीं तो दूसरी तरफ वे चीजें जो हमारी उन्नति की राह में बाधा। प्रस्तुत पुस्तक में राहुल ने जो विषय उठाया है वह दूसरे प्रकार का है। पुस्तक की नायिका गौरी के मुख से वे राजस्थानी रनिवासों के सात पर्दों में रहने वाली रानियों-ठकुरानियों की दुःख भरी कहानी और वहां के पुरुषों की स्वेच्छाचारिता को वे पूरी साफगोई से उजागर करते हैं। स्त्रियों पर पुरुषों के नियंत्रण को सामन्ती समाज अपने वैभव और गौरव के रूप में पेश करता रहा है, लेकिन उसकी अमानवीय वास्तविकता किसी भी सहृदय व्यक्ति को बेचैन कर देगी। ‘राजस्थानी रनिवास’ इसी बेचैनी को बढ़ाने के उद्देश्य से रची गयी कृति है जिसका सन्देश आज भी उतना ही प्रासंगिक है।
The Last Wish
- Author Name:
Abhishek Kumar
- Book Type:

- Description: Tommy (Tom), an Indian breed dog, was adopted by Amit who lived in Delhi in a rented house. Tommy was deeply connected with his master and the people in the colony he lived. Amit once left the home and Tommy was left alone in the colony. Tommy was not used to live like usual street dogs. He waited for his master for days and months but he didn't return back. Slowly he started getting involved with the other street dogs in the colony and discovered his parents living there. He also realized that he had a special talent of reading which he probably learnt by chewing the newspaper rolls daily. He got enough of love and care from his parents but his love for his master was never replaced. One day he saw a letter from his master which he wrote to the landlord. Tommy read the address and decided to go to his master's place- Gujarat. Although, he didn't had an idea about the distance, he left his parents to meet his master. Here's where Tommy's journey begins. He crosses the colony of a notorious dog named sultan and loses his parents during the course. He then gets picked up by a municipality bus and gets dropped in an unknown market. He meets a dog named Julie and falls in love with her. He discusses his desire to meet his master and learns that the place his master lives is very far away from there.
Satrupa
- Author Name:
Shivendra
- Book Type:

- Description: समकालीन लेखन में शिवेन्द्र की विशिष्ट पहचान ऐसे कहानीकार के रूप में है जो चित्र-विचित्र घटनाओं वाली पुराकथाओं और परीकथाओं के ढब-ढाँचे में ठेठ आधुनिक जीवन के प्रश्नों और संकटों से हमें रू-ब-रू कराता है। पिछले लगभग सवा सौ सालों से हिन्दी कहानी अपनी बात कहने के लिए जिस ‘वेरिसिमिलीट्यूड’ पर, विश्वसनीय अंकन की जिस विधि पर भरोसा करती आई है, उसे तोड़ या छोड़ कर शिवेन्द्र एक वयस्क आधुनिक पाठक को झटका देते हैं; ऐसा लगता है कि वे उसे एकबारगी आधुनिक के मुक़ाबले पुरातन या वयस्क के मुक़ाबले बालसुलभ कथा-आस्वाद की ओर ले जाना चाहते हैं, लेकिन उनके द्वारा सम्बोधित सवाल इस भ्रम की गुंजाइश नहीं रहने देते। उनके यहाँ अपनी जाति बताकर प्यार से वंचित हो जाने वाले और सीवर में ही ज़िन्दगी खपा देने वाले दलित हैं; ‘किसी ऊबे हुए बन्दर की तरह फ़ेसबुक की एक दीवाल से दूसरी दीवाल पर यूँ ही कूदने’ वाले बेरोज़गार हैं; गेम न खेलने पर गोली मार देने वाले कमांडोज़ से डर कर अपने-अपने मोबाइल में घुसे, अपने आसपास की दुनिया से नावाक़िफ़ लोग हैं; आज़ादी प्रतीत होने वाली नई ग़ुलामी है; ऐसे चुनाव हैं जिनमें जनता उन्हीं को चुनती है जिनकी सरकार बनाने का ठेका बड़ी कम्पनियों ने लिया है; ‘बिना कुछ सोचे-समझे ऐसी चीज़ों को पाने में नष्ट होती’ ज़िन्दगियाँ हैं ‘जिनकी असल में कोई ज़रूरत ही नहीं’; और सबसे बड़ी बात, दूसरों की आज़ादी छीनने वालों और आज़ादी चाहने वालों के बीच का संघर्ष है जिसमें एक ओर तानाशाहों से लेकर उनके पक्ष के विचारक, हत्यारे और आज की दुनिया में मसीहा की तरह पूजे जानेवाले धनकुबेर तक हैं, तो दूसरी ओर बेरोज़गार, मज़लूम और अपने को बेचने के लिए तैयार न होने वाले चैतन्य लोग। हमारे इस वर्तमान को शिवेन्द्र जिस कल्पनाशीलता के साथ कहानी में लाना सम्भव करते हैं, वह आपको बार-बार चकित करती है और आप साश्चर्य कहानी के इस आदिम गुण की वापसी के साक्षी बनते हैं। वे निस्सन्देह हमारे समय के सबसे उर्वर रचनात्मक मस्तिष्कों में से एक हैं। —संजीव कुमार
Hindi Kahani
- Author Name:
Rajeev kumar
- Book Type:

- Description: यूजीसी (नेट/जेआरएफ) पाठ्यक्रम पर आधारित हिंदी कहानियों का संग्रह|
Hash Tag Zindagi
- Author Name:
Shyam Chandele
- Book Type:

- Description: Book
Kaniya ek ghunghruawali
- Author Name:
Vibha Rani
- Book Type:

- Description: मैथिली मे नवम दशक सँ लेखनरत विभा रानी (1959) हिन्दी मे सेहो सक्रिय छथि। कथा, नाटक आ अनुवाद मे हुनक बहुत रास काज छनि। हिनक मौलिक सैंतीस टा आ अनूदित दस टा किताब प्रकाशित। विभा रानीक नवीनतम उपन्यास 'कनियाँ एक घुँघरुआवाली’क मादे मंतव्य: उपन्यास, जटिल आ स्त्री-मोनक लेल दमनकारी परिस्थितिक बीच कामनाक प्रतिफलन हेतु मर्म मे बसल संघर्षक निरंतरताक कथा कहैए। ई मिथिला-केंद्रित, स्त्री-प्रतिभाक प्रतिमान बनबाक कथा सेहो छी जे विडंबनाग्रस्त पितृ-सत्ताक अनवरत अवरोध, विरोध, छल-छद्मक अविराम प्रतिरोध करैए आ डोमकछ कें विस्तार दैए। —कुणाल नृत्य-संगीतक प्रति मैथिल समाज मे घोर उपेक्षा भाव कें उपन्यास मे आलोचनात्मक दृष्टिएँ दर्शाओल गेल अछि। मैथिल लोकनि गीत-नृत्यक रसिया होइत छथि ओकरा ई खूब नीक लगैत छनि, मुदा दोसरक बेटी-पुतोहु द्वारा कयल गेल नृत्य आ गाओल गेल गीत। —कमलानंद झा उपन्यास मे सामाजिक वातावरण, परिवेश, स्त्री-पुरुष लोकनिक संवाद उपन्यास कें सजीव रूप प्रदान करैत अछि। —बिभा कुमारी
Haril
- Author Name:
Hitendra Patel
- Book Type:

- Description: Novel
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book