Mahua Ka Ped
Author:
P. BaidyanathPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Reviews
Price: ₹ 159.2
₹
199
Available
‘महुआ का पेड़’ गाँव और शहर के विरोधाभास और उनके बीच आवाजाही करते सीधे-सादे पात्रों की ऐसी कहानियों का संग्रह है जो हमारे समय के यथार्थ को एकदम सरल और सहज भाषा में रेखांकित करती हैं। सरल हृदय लोगों की उदारता और स्वार्थ में अन्धे हुए लोगों की विद्रूपता के कई लोमहर्षक चित्र ये कहानियाँ हमारे सामने उपस्थित करती हैं।
मनुष्यता को लेकर एक अन्तहीन उम्मीद इन कहानियों का वह आधार है जो कहीं कमजोर नहीं पड़ता। राबिया का सरल समर्पण हो या सुकुल बाबू और सुलक्षणा का मानवता के प्रति उदात्त व्यवहार; लेखक की निगाह अपने सूक्ष्म पर्यवेक्षण से जीवन में उन तन्तुओं की तलाश कर ही लेती है, जिनसे मनुष्य समाज प्रेरणा ग्रहण कर सकता है, और हताशा के अँधेरों में भी अपनी राह पा सकता है।
‘झूठी शान’ कहानी के नितेश और चन्दा अपने समाज की रूढ़ियों को ही किस तरह एक आधुनिक मोड़ देते हैं, यह देखने लायक है, इसी तरह जुम्मन द्वारा अपनी बकरी और उसके बच्चों को बचाने का संघर्ष मानव-मन की जटिल प्रकृति के उजले पक्ष को दिखाता है।
इन कहानियों की एक उल्लेखनीय विशेषता इनकी सरल संरचना है जो इन्हें हर पाठक के लिए पठनीय बनाती है। कथाकार ने कहीं भी उपदेश देने का प्रयास नहीं किया, बल्कि जीवन के यथार्थ को एक सुन्दर कथा के रूप में ढालते हुए वे पाठक को सोचने के लिए प्रेरित करते हैं, ताकि वह अपने परिवेश के स्याह-सफ़ेद को स्वयं देख सके।
ISBN: 9788199312272
Pages: 104
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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