Lakh Ki Naak
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Author:
Sarveshwardayal SaxenaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction₹
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लाख की नाक’ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखा गया बाल नाटक है। इस नाटक के विषय में सर्वेश्वर कहते हैं, यदि आप बच्चों के साथ खेल नहीं सकते तो बच्चों के लिए लिख भी नहीं सकते, चाहे नर्सरी कविता हो चाहे नाटक। बच्चों के अनुभव संसार से जुड़कर ही किसी भी आयु वर्ग का अनुभव बच्चों का अपना अनुभव बन पाता है जिसमें तर्क से अधिक बाल अभिरुचि का महत्त्व है। ‘लाख की नाक’ एक ऐसा ही नाटक है। यह नाटक बाल-गीतों के प्रवाह में अपने संवादों को पूर्ण बनाता है।
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लाख की नाक’ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखा गया बाल नाटक है। इस नाटक के विषय में सर्वेश्वर कहते हैं, यदि आप बच्चों के साथ खेल नहीं सकते तो बच्चों के लिए लिख भी नहीं सकते, चाहे नर्सरी कविता हो चाहे नाटक। बच्चों के अनुभव संसार से जुड़कर ही किसी भी आयु वर्ग का अनुभव बच्चों का अपना अनुभव बन पाता है जिसमें तर्क से अधिक बाल अभिरुचि का महत्त्व है। ‘लाख की नाक’ एक ऐसा ही नाटक है। यह नाटक बाल-गीतों के प्रवाह में अपने संवादों को पूर्ण बनाता है।
Book Details
-
ISBN9788183618182
-
Pages24
-
Avg Reading Time1 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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