Kasheer
Author:
Sahana VijayakumarPublisher:
Prabhat PrakashanLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 280
₹
350
Unavailable
यह एक त्रासदी है कि कुछ कहानियाँ अनकही रह जाती हैं, प्रमुख कथाओं और जटिल वास्तविकताओं के कोलाहल में खो जाती हैं। कश्मीरी हिंदुओं की कहानी ऐसी ही एक कहानी है। जब यह उपन्यास जुलाई 2018 में मूल रूप से कन्नड़ में प्रकाशित हुआ था, तब धारा 370 लागू थी। अब, इसके निरस्त होने के बाद भी, उपन्यास बहुत प्रासंगिक है। कश्मीर की सृष्टि और प्रगति का परिचय, उसके सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक आयामों से कराते हुए, यह उपन्यास न केवल कश्मीर के समकालीन और ऐतिहासिक दोनों चित्रों की कल्पना करता है, बल्कि सनातन धर्म और सेमेटिक मतों के अंतर्निहित दर्शन की भी छानबीन करता है।
यह आवश्यक है कि आनेवाले दिन कश्मीर के लिए आशावाद से भरे हों। साथ ही कश्मीरी हिंदुओं की दुर्भाग्यपूर्ण कहानी को जानना भी उतना ही आवश्यक है, जो अपनी मातृभूमि से बेदखल किए गए हैं। यह उनकी कहानी है। यह कश्मीर की कहानी है।
ISBN: 9789390378104
Pages: 364
Avg Reading Time: 12 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Mrityunjayi Udham Singh
- Author Name:
Jiyalal Arya
- Book Type:

- Description: ‘मृत्युंजयी ऊधम सिंह’ अपने ढंग के अनूठे रचनाकार जियालाल आर्य का उपन्यास है, जिसे शहीद ऊधम सिंह का ज़िन्दगीनामा कहा जा सकता है। ऊधम सिंह के बचपन से लेकर उनकी शहादत तक की कहानी यहाँ क़िस्सागोई शैली में बयान की गई है। शहीद ऊधम सिंह का जन्म 26 दिसम्बर, 1899 को पंजाब के संगरूर जनपद के सुनाम गाँव में हुआ था। उनकी ज़िन्दगी काफ़ी जद्दोजहद-भरी रही। बचपन में ही अन्याय, अनीति और शोषण के प्रति उनके मन में तीव्र प्रतिकार-भाव था, जो आगे चलकर उन्हें देशभक्त क्रान्तिकारी बनाने में सहायक हुआ। सर्वधर्म-समभाव की वह ज़िन्दा मिसाल थे। उन्होंने अपना नाम ‘राम मुहम्मद सिंह आज़ाद’ रख लिया था। यही कारण रहा कि वह हर भारतीय के अपने थे—चाहे वो हिन्दू हो, मुसलमान हो या सिख। उन्हें 31 जुलाई, 1940 को फाँसी दे दी गई थी। उनकी शहादत के बाद हिन्दुओं ने अस्थि विसर्जन हरिद्वार में किया तो मुसलमानों ने फ़तेहगढ़ मस्जिद और सिखों ने करंत साहब में अपने-अपने रीति अनुसार उनकी अन्त्येष्टि सम्पन्न की थी। भाषा इतनी सहज कि बस्स पढ़ते चले जाएँ उपन्यास वर्क़-दर-वर्क़। इतिहास को पठनीय कैसे बनाया जाए—यह उपन्यास इसका जीवन्त साक्ष्य है।
Swadesh
- Author Name:
Mamta Chandrashekhar
- Book Type:

- Description: यह पुस्तक एक उपन्यास है, जो यथार्थ के पंख लगाकर काल्पनिकता के धरातल पर एक सशक्त भारत की आधारशिला रखता है। 16 भागों में विभाजित इस उपन्यास में एक ऐसे सेवानिवृत्त प्राध्यापक की जिद में लिपटी जीवंतता को समेटा गया है, जो बौद्धिक प्रतिभा पलायन (brain drain) के बहाव को रोकना अपना राष्ट्रधर्म मानते हैं। वैश्विक पटल पर भारतमाता के सम्मान की जीवंत गाथा को अमरत्व प्रदान करने के लिए नवयुवकों को स्वदेश में रहने के लिए एक वातावरण की संरचना करने का नवाचार करते हैं। वह शैक्षणिक संस्थाओं, नवयुवकों व भारतीय परिवारों की चिर-परिचित मान्यताओं को अपने लक्ष्य के अनुरूप ढालने की चुनौती का सामना करते हैं। जनसामान्य की मानसिकता को परिवर्तित करने के लिए संघर्ष करते हैं। उनका मानना है, भौतिक सुख-सुविधाओं की चाह में स्वदेश छोड़ परदेश की ओर आकर्षित होते नवयुवक विदेशी राज्यों का माथा ऊँचा करते हैं। वे वहाँ पर उस हुनर का इस्तेमाल करते हैं, जिसे भारतमाता ने अपने आँगन के संस्कारों से पोषित किया है, अपनी खाद-पानी से सिंचित किया है। प्राध्यापक अपना शेष जीवन स्वदेश आंदोलन को समर्पित कर देते हैं ताकि भारतमाता के माथे से पिछड़े राष्ट्र के चिह्न को मिटा सकें और बुढ़ापे से जूझते बूढ़े माँ-बाप को वृद्धाश्रम में न रहना पड़े; उन्हें परदेश में रहनेवाली अपनी संतान का मुँह देखे बिना तड़प-तड़पकर न मरना पड़े। अपनों से अपनों का अपनत्व बना रहे। इसके लिए प्रोफेसर एक मिशन छेड़ते हैं ‘स्वदेश’।
Vaishaka (The Tale of Lakka)
- Author Name:
Chaduranga +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel Vaishaka-(The Tale of Lakka) is a hit stodgy and incident—heavy in its weave. Yet in its blending of the complexity of detail and vitality of theme, in its delightfully graphic depiction of village Karnataka and finally in its suggestion that there is a Way out of the claustrophobia of caste, it contributes to Kannada and Indian literature.
Ijaazat
- Author Name:
Gulzar
- Book Type:

- Description: साहित्य में मंज़रनामा एक मुकम्मिल फ़ॉर्म है। यह एक ऐसी विधा है जिसे पाठक बिना किसी रुकावट के रचना का मूल आस्वाद लेते हुए पढ़ सकें। लेकिन मंज़रनामा का अन्दाज़े-बयान अमूमन मूल रचना से अलग हो जाता है या यूँ कहें कि वह मूल रचना का इन्टरप्रेटेशन हो जाता है। मंज़रनामा पेश करने का एक उद्देश्य तो यह है कि पाठक इस फ़ॉर्म से रू-ब-रू हो सकें और दूसरा यह कि टी.वी. और सिनेमा में दिलचस्पी रखनेवाले लोग यह देख-जान सकें कि किसी कृति को किस तरह मंज़रनामे की शक्ल दी जाती है। टी.वी. की आमद से मंज़रनामों की ज़रूरत में बहुत इज़ाफ़ा हो गया है। यह फ़िल्म ‘इजाज़त’ का मंज़रनामा है। इस फ़िल्म को अगर हम औरत और मर्द के जटिल रिश्तों की कहानी कहते हैं, तो भी बात तो साफ़ हो जाती है लेकिन सिर्फ़ इन्हीं शब्दों में उस विडम्बना को नहीं पकड़ा जा सकता, जो इस फ़िल्म की थीम है। वक़्त और इत्तेफ़ाक़, ये दो चीज़ें आदमी की सारी समझ और दानिशमंदी को पीछे छोड़ती हुई कभी उसकी नियति का कारण हो जाती हैं और कभी बहाना। पानी की तरह बहती हुई इस कहानी में जो चीज़ सबसे अहम है, वह है इंसानी अहसास की बेहद महीन अक्कासी जिसे गुलज़ार ही साध सकते थे। इस कृति के रूप में पाठक निश्चय ही एक श्रेष्ठ साहित्यिक रचना से रू–ब–रू होंगे।
Jalaanjali
- Author Name:
Pankaj Parashar
- Book Type:

- Description: Book
Manrangi
- Author Name:
Garima Mudgal
- Book Type:

- Description: राख बनकर बिखरने से पहले ख़ुशबू बनकर महक जाऊँ बस, इसी मौज के साथ लिखने की शुरुआत की थी। वैसे तो जो कुछ कहना था, इस कहानी के माध्यम से कह चुकी हूँ पर ‘मनरंगी’ के बारे में यह ज़रूर बताना चाहूँगी कि यह कहानी किसी नदी की तरह आगे बढ़ती है और नदी के जैसे ही हर पड़ाव पर इसकी तासीर अलहदा है। कहीं यह कहानी पहाड़ों से गुज़रती नदी की तरह अल्हड़ जान पड़ेगी तो कहीं निर्झर की तरह आवेग से खिलखिलाती। कहीं यह गहरी और शांत भी दिखाई देगी। एक नदी के सागर से मिलने के मानिंद यह तो तय है कि कहानी भी अपनी मंज़िल से मिलेगी, पर ख़ास वे रास्ते होंगे जहाँ से यह होकर गुज़रती है। और जैसे नदी को अपने साथ रखने की क़वा’इद में हम अपने पात्रों मे थोड़ी-सी नदी भर लेते हैं वैसे ही अगर अंजुली भर कहानी आपके ह्रदय-पात्र में जगह बना पाई तो मुझे लगेगा कि किताब के पन्नों से निकलकर कहानी अपने मुकाम तक पहुंच गई। किताब आपको कैसी लगी, जानने की प्रतीक्षा में ....
Tarka
- Author Name:
Supreeth K N
- Book Type:

- Description: Contemporary novel that deals with Advaitha philosophy, physics, Psychology and Srichakra Yantra. ಅದ್ವೈತ ತತ್ವಜ್ಞಾನವನ್ನು ಆಧರಿಸಿದ ಕಾದಂಬರಿ. ಭೌತಶಾಸ್ತ್ರ, ಮನೋವಿಜ್ಞಾನ ಮತ್ತು ಶ್ರೀಚಕ್ರ ಯಂತ್ರವನ್ನ ಕುರಿತ ಕಾದಂಬರಿ.
Microscope
- Author Name:
Rajendra Kumar Kanojiya
- Book Type:

- Description: The book titled MIcroscope is a Hindi novel based on a doctor living in a small town, works hard to become a doctor, gets a white coat, but later during working in the fields he finds different shades. How he struggles and ... Book is being written by a doctor himself with experience of the surroundings... He has written several books including few on medical subjects, he has books on poems, stories and articles on radio television too.
The Hidden Hindu
- Author Name:
Akshat Gupta
- Rating:
- Book Type:

- Description: इक्कीस साल का पृथ्वी एक अधेड़ और रहस्यमयी अघोरी ओम् शास्त्री की तलाश कर रहा है, जिसे पकड़कर भारत के एक सुनसान द्वीप पर अत्याधुनिक सुविधाओं के बीच भेज दिया गया | विशेषज्ञों की एक टीम ने जब उस अघोरी को नशे की दवा दी और पूछताछ के लिए सम्मोहित किया, तो उसने दावा किया कि वह सभी चार युगों-सतयुग, त्रेता, द्वापर व कलियुग–(हिंदू धर्म के अनुसार चार युग) को देख चुका है और रामायण तथा महाभारत की घटनाओं में हिस्सा ले चुका है | जीवन के बाद मृत्यु के नियम को भी बेअसर साबित करनेवाले ओम् के अविश्वसनीय अतीत से जुड़े खुलासे सभी को हैरान कर देते हैं। उस टीम को यह भी पता चला कि ओम् हर युग के दूसरे अमर लोगों की भी तलाश कर रहा है। ऐसे विचित्र रहस्य अगर सामने आ गए तो प्राचीन धारणाएँ हिल जाएँगी और भविष्य की दिशा ही बदल जाएगी। तो यह ओम् शास्त्री कौन है? उसे पकड़ा क्यों गया? पृथ्वी उसे क्यों ढूँढ़ रहा है? सवार हो जाइए ओम् शास्त्री के रहस्यों, पृथ्वी की तलाश और हिंदू पौराणिक कथाओं के रहस्यों से भरे अन्य अमर लोगों के कारनामों की इस नाव पर, और चलिए एक रोचक और रोमांचक यात्रा पर|
Rajabadal
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: हिन्दी और बांग्ला में समान रूप से लोकप्रिय कथाकार विमल मित्र के उपन्यास राजाबदल में न कोई राजा है और न कोई राज्य; सिर्फ एक स्कूल है—बलरामपुर हाई स्कूल और उस स्कूल के संस्थापक हैं—गौर पंडित। एक बाप जिस तरह अपने बेटे के निर्माण में अपना सर्वस्व लगा देता है उसी तरह गौर पंडित अपने खून-पसीने से सींच-सींचकर स्कूल का यह बिरवा खड़ा करते हैं। इसके लिए उन्होंने भीख माँगी, पत्नी के जेवर बेचे और क्या-कुछ नहीं किया! लेकिन जैसे-जैसे स्कूल का विस्तार होता गया, गौर पंडित के अधिकार कम होते गए और एक दिन उन्हें स्कूल की कमिटी से हट जाना पड़ा। अपने जीवन के अन्तिम दिनों में उन्होंने हैरानी से देखा कि मालिक बदलने के साथ-साथ जैसे स्कूल का सब-कुछ बदल गया है, भला और बुरा सब-कुछ। और तब जैसे वे तड़प उठे; उन्हें लगा कि उनका मानस-पुत्र पतन के रास्ते पर जा रहा है। वे इस सारी स्थिति को सह नहीं सके और एक अनिर्वचनीय पीड़ा मन में लिये गाँव से विदा हो जाते हैं। चलते समय बार-बार एक प्रश्न उनके मन में उठता है : राजा बदलने के साथ क्या राज्य भी पूरी तरह बदल जाता है? क्या राज्य के लोग तक बदल जाते हैं? इतना ही नहीं, उनका भला-बुरा, शुभ-अशुभ सब कुछ बदल जाता है? गौर पंडित के इस प्रश्न में लेखक ने आज की एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक समस्या को रूपायित किया है। सर्वथा रोचक और भावभीना उपन्यास।
God of Small Things
- Author Name:
Arundhati Roy
- Book Type:

- Description: Booker Prize winner ? God of Small Things? is a story about two children, Esthappen and Rahel. This was Arundhati Roy's debut novel, in which she sheds light on certain facets of life in Kerala, highlighting issues of the caste system, Keralite Syrian Christian lifestyle, and communism. Esthappen and Rahel, at a very young age, come to learn about the horrifying truth of life, as they are being tortured and blamed for every misfortune. Their less-than-perfect life gets affected by unexpected events. The novel begins with Esthappen and Rahel, but most of it contains wider stories of the political events shaping the state, their parents, and relatives. The darker undertones in the lives of the twins become more evident, as secrets, bitterness, and lies destroy their world. The heart-wrenching story of two innocent young children will surely keep you hooked till the end and leave you seeking more.
Digant Ki Oar
- Author Name:
Bipin Bihari Mishra
- Book Type:

-
Description:
उम्र की ढलती साँझ में अपने गाँव में, अपने लोगों के बीच, अपने घर में रहने की इच्छा हरेक मनुष्य की होती है। ‘अपना घर’! कितना प्यारा शब्द है यह। लेकिन क्या सबको नसीब होता है। घर बनाने और बसाने में कितनी मुश्किलें आती हैं, यह किसी भी मध्यवित्त व्यक्ति का सबसे तल्ख़ और संजीदा अनुभव होता है।
‘दिगन्त की ओर’ इन्हीं अनुभवों का प्रवाहपूर्ण भाषा में औपन्यासिक विस्तार है। यह जीवन और समाज की विडम्बनाओं और विद्रूपताओं पर तो प्रकाश डालता ही है, जीवन–संध्या में बुजुर्गों की उपेक्षाओं और उम्मीदों को भी रेखांकित करता है। ओड़िया भाषा के इस महत्त्वपूर्ण उपन्यास का सुजाता शिवेन द्वारा किया सर्जनात्मक अनुवाद निश्चय ही हिन्दी पाठकों को रुचिकर और पठनीय लगेगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Rudali
- Author Name:
Usha Ganguli
- Book Type:

- Description: ‘रुदाली’ बांग्ला की विख्यात लेखिका महाश्वेता देवी की एक प्रसिद्ध कहानी पर आधारित नाटक है। अनेक मंचों पर सफलतापूर्वक खेले जा चुके इस नाट्य रूपांतर की लोकप्रियता आज भी उतनी ही है। नाटक का केन्द्रीय चरित्र सनीचरी है जिसे शनिवार के दिन पैदा होने के कारण यह नाम मिला है और इसके साथ मिली हैं कुछ सजाएँ - समाज मानता है कि वह असगुनी है और इसीलिए उसके परिवार में कोई नहीं बच पाया। एक-एक करके सब काल की भेंट चढ़ गए। लेकिन सनीचरी की आँखें कभी नम न हुईं। वह कभी नहीं रोई, जब बेटा मरा तब भी नहीं। लेकिन अंततः उसे रुदाली का काम करना पड़ता है, रुदाली यानी वह स्त्री जो भाड़े पर रोती है, मेहनताना लेकर मातम करती है। एक पात्र के रूप में सनीचरी उस तबके का प्रतिनिधित्व करती है जिसके पास न चुनाव की स्वतंत्रता होती है, न निश्चिंत होने के साधन, लेकिन वह कभी टूटती नहीं, उसकी जिजीविषा बराबर उसके साथ होती है। वह अपना सहारा खुद बनती है, जो जाहिर है कि उसका अन्तिम विकल्प होता है। समाज के निम्नतम वर्ग में स्त्री-जीवन की एक लोमहर्षक विडम्बना को रेखांकित करता यह नाटक शिल्प के स्तर पर भी एक सम्पूर्ण नाट्य-कृति है।
Pebbles on the Sea-Shore
- Author Name:
S.K. Narang
- Book Type:

- Description: Emotions form an integral part of human heart and become genesis of great pieces of literature. Present book has developed into socially purposeful stories out of such thoughts. Tragedy of India’s partition is a hair-raising story but is softened by the balm of love. Pure love sometimes results in pain of separation and is a heart wrenching tragedy of a love story. Children, a source of great strength for their parents, sometimes become cause of grave pain on account of their insatiable ambitions. Story of a simple housing problem brings out scores of problems of our sick and ailing social and democratic systems. Caste still continues to be a bane in our marriage system. This social evil has been woven into the problems of our judicial system. How a poor innocent girl brings joy and happiness to an old pilgrim who is handicapped by the language problem is a subject matter of an interesting story. Pure love and desire to raise a happy family lands a poor fisherwoman in jail. Humour, a part of our life, has been built as an integral part of some stories to lighten the impact of seriousness yet retaining the purpose and essence of narration. In short, real and imaginary ideas form the core of the stories that leave food for thought for the reader to ponder over long afterwards.
Bhulan Kanda
- Author Name:
Sanjeev Buxy
- Book Type:

- Description: novel
Two Letters - Du Patra - Award Winning Maithili novel
- Author Name:
Upendra Nath Jha 'Vyas'
- Rating:
- Book Type:

- Description: "Two Letters" is an award-winning Maithili novel, "Du Patra," translated into English. The novel is structured around two letters, each written by a different woman to a different man. The story revolves around four characters, including the two men who receive the letters. The women, who come from different cultural backgrounds and value systems, attempt to reconcile the differences between Western and Indian cultures while grappling with their own personal tragedies. Additionally, the novel delves deeply into the inner selves and psyches of the female characters.
Parva - Malayalam
- Author Name:
S.L. Bhyrappa
- Rating:
- Book Type:

- Description: Parva is a novel written by S. L. Bhyrappa in the Kannada language. It is a retelling of the Sanskrit epic Mahabharata, narrated through the personal reflections of the principal characters. The novel is widely acclaimed as a modern classic. Parva is among Bhyrappa's most widely debated and popular works and is considered by many to be his greatest.
Naya Nagar
- Author Name:
Tasneef Haidar
- Book Type:

- Description: ये नया नगर है जहाँ सड़क पर आँखों के सामने हुए एक्सीडेंट को लोग उतनी जल्दी तवज्जो नहीं देते जितनी जल्दी अचानक कानों में पड़ गए किसी शे'र और वाह-वाह को देते हैं। ग़ज़लें यहाँ परिन्दों की तरह उड़ती हैं, बरसाती पानी की तरह गलियों में बहती हैं और जहाँ चाहे वहाँ बैठकर नशिस्त जमा देती हैं। यहाँ जो लोग हैं, वे शायरी को ईमान की तरह जीते हैं; ऐसा अक्सर नहीं होता कि ज़िन्दगी की बाहरी ज़रूरतें उन्हें भटकाकर किसी दफ़्तर में ले जाकर बिठा दें; बिठा भी दें तो वहाँ से उठाकर वे फिर किसी शे'री नशिस्त में आकर बैठ जाते हैं; या किसी रेस्तराँ या चाय की टपरी पर जम जाते हैं। ये कहानी इसी नगर की है। उर्दू के सुपरिचित युवा शायर-कथाकार तसनीफ़ हैदर का यह उपन्यास हिन्दी पाठकों को एक ताज़ा हवा की तरह महसूस होगा। कहानी की रवानी और तंज़-ओ-मिज़ाह की तुर्श छौंक के साथ यह कहानी पढ़नेवाले को बाँध लेती है। और हाँ क्योंकि यह नगर ग़ज़लों से बसा है तो इसमें उर्दू शायरी से जुड़ी कुछ तकनीकी पेचीदगियाँ भी आपको जानने को मिलेंगी, कुछ क़िस्से और बहसें भी, मुस्लिम समाज के सामाजिक-आर्थिक हालात भी; मौजूदा भारतीय राजनीति के हवाले भी; और हाँ मुहब्बत का एक नाकाम क़िस्सा भी।
Kya Main Andar Aa Sakta Hoon
- Author Name:
Arun Kumar Asafal
- Book Type:

- Description: Novel
Rang Zindagi Ke
- Author Name:
Mukesh Dubey
- Book Type:

- Description: Book
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book