Vaya Gurgaon
Author:
DushyantPublisher:
PustaknamaLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 98.4
₹
120
Available
सुमन ने कहा कि कर दी ना सीधी सट्ट जाटोंवाली बात! महेंद्र ने कहा– क्यों जची नहीं क्या, सुमन ने कहा– जाटणी हूं, जी में आ जाए तो क्या नी जचे। और ना जचे तो भगवान भी नहीं जचा सके। वैसे बात तो सयाणी करी है। सोचने दो महेंद्र सिहाग जी। वैसे, गोदारों का जवाईं बनने का सुख भी आसानी से नहीं मिलता। –इसी उपन्यास से
ISBN: 9789392581267
Pages: 88
Avg Reading Time: 3 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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