Gadiwalon Ka Katra
Author:
Aleksandr KuprinPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 319.2
₹
399
Available
गाड़ीवालों का कटरा जारकालीन रूस की पृष्ठभूमि में वेश्यावृत्ति की ज्वलन्त समस्या का हृदयविदारक चित्र प्रस्तुत करता है। कुप्रिन सामाजिक बीमारियों को छिपाने में विश्वास नहीं रखते थे और मानते थे कि भयंकर से भयंकर सत्य को उजागर करना मनुष्य के हित में है। इसी कारण उन्होंने इस उपन्यास में वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर स्त्रियों की दारुण कथा के जरिये मानव-समाज के अकल्पनीय पतन का ऐसा हाल बयान किया जिसे वेश्यावृत्ति के विषय पर पहला और अन्तिम ईमानदार काम माना जाता है। इस उपन्यास ने प्रेमचन्द को भी गहरे प्रभावित किया था।
ISBN: 9789360868642
Pages: 422
Avg Reading Time: 14 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
The Untold Story of Kashmeer
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Revolution And Counter-Revolution In Ancient India
- Author Name:
DR. B.R. Ambedkar
- Book Type:

- Description: "In Revolution and Counter-Revolution in Ancient India, Dr. B.R. Ambedkar presents a sweeping and insightful historical analysis of social and religious dynamics in ancient Indian society. This work examines the ideological and power struggles that shaped India's history, focusing on the conflicts between Buddhism and Brahmanism. The book highlights how this conflict influenced India's cultural and religious landscape, ultimately leading to the decline of Buddhism in the land of its birth. Ambedkar explores how Buddhism brought revolutionary social changes that challenged the caste hierarchy and promoted values of equality, compassion and rationalism, in contrast to the caste-based system upheld by Brahmanism."
Samandar
- Author Name:
Milind Bokil
- Book Type:

- Description: Novel
Rajabadal
- Author Name:
Bimal Mitra
- Book Type:

- Description: हिन्दी और बांग्ला में समान रूप से लोकप्रिय कथाकार विमल मित्र के उपन्यास राजाबदल में न कोई राजा है और न कोई राज्य; सिर्फ एक स्कूल है—बलरामपुर हाई स्कूल और उस स्कूल के संस्थापक हैं—गौर पंडित। एक बाप जिस तरह अपने बेटे के निर्माण में अपना सर्वस्व लगा देता है उसी तरह गौर पंडित अपने खून-पसीने से सींच-सींचकर स्कूल का यह बिरवा खड़ा करते हैं। इसके लिए उन्होंने भीख माँगी, पत्नी के जेवर बेचे और क्या-कुछ नहीं किया! लेकिन जैसे-जैसे स्कूल का विस्तार होता गया, गौर पंडित के अधिकार कम होते गए और एक दिन उन्हें स्कूल की कमिटी से हट जाना पड़ा। अपने जीवन के अन्तिम दिनों में उन्होंने हैरानी से देखा कि मालिक बदलने के साथ-साथ जैसे स्कूल का सब-कुछ बदल गया है, भला और बुरा सब-कुछ। और तब जैसे वे तड़प उठे; उन्हें लगा कि उनका मानस-पुत्र पतन के रास्ते पर जा रहा है। वे इस सारी स्थिति को सह नहीं सके और एक अनिर्वचनीय पीड़ा मन में लिये गाँव से विदा हो जाते हैं। चलते समय बार-बार एक प्रश्न उनके मन में उठता है : राजा बदलने के साथ क्या राज्य भी पूरी तरह बदल जाता है? क्या राज्य के लोग तक बदल जाते हैं? इतना ही नहीं, उनका भला-बुरा, शुभ-अशुभ सब कुछ बदल जाता है? गौर पंडित के इस प्रश्न में लेखक ने आज की एक महत्त्वपूर्ण सामाजिक-सांस्कृतिक समस्या को रूपायित किया है। सर्वथा रोचक और भावभीना उपन्यास।
Lakh Ki Naak
- Author Name:
Sarveshwardayal Saxena
- Book Type:

- Description: लाख की नाक’ सर्वेश्वरदयाल सक्सेना द्वारा लिखा गया बाल नाटक है। इस नाटक के विषय में सर्वेश्वर कहते हैं, यदि आप बच्चों के साथ खेल नहीं सकते तो बच्चों के लिए लिख भी नहीं सकते, चाहे नर्सरी कविता हो चाहे नाटक। बच्चों के अनुभव संसार से जुड़कर ही किसी भी आयु वर्ग का अनुभव बच्चों का अपना अनुभव बन पाता है जिसमें तर्क से अधिक बाल अभिरुचि का महत्त्व है। ‘लाख की नाक’ एक ऐसा ही नाटक है। यह नाटक बाल-गीतों के प्रवाह में अपने संवादों को पूर्ण बनाता है।
Haril
- Author Name:
Hitendra Patel
- Book Type:

- Description: Novel
Swarg Dadda! Pani, Pani
- Author Name:
Vidya Sagar Nautiyal
- Book Type:

- Description: Novel
Konncigeya sahasa
- Author Name:
Anupama K Benachinamardi
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಮಕ್ಕಳ ತಲೆಗೆ ಹಾಕುವ ಟೋಪಿ, ಕೊಂಚಿಗೆಯು ಒಂದು ದಿನ ಗಾಳಿಯಲ್ಲಿ ಹಾರಿ ಹೋಯಿತು. ಹಾಗೆ ಹಾರಿ ಹೋದಾಗ ಏನೇನು ಸಾಹಸ ಮಾಡಿತು? ಎಂಬುದನ್ನು ಕಥೆ ಹೇಳುತ್ತದೆ.
Rushyashrunga
- Author Name:
Harisha Hagalawadi
- Book Type:

- Description: ತಿಗೆ ಬೆನ್ನುಡಿ ಬರೆದಿರುವ ನಾಗರಾಜ ವಸ್ತಾರೆ ಅವರು “ಈ ಬೆಂಗಳೂರು ನಿನ್ನನ್ನು ಕಾಡಿರುವಷ್ಟೇ- ಬಹುಶಃ ಇನ್ನೂ ಹೆಚ್ಚು, ನನ್ನನ್ನು ಕೆಣಕಿರುವುದು ಹೌದು. ಆದರೆ, ಇನ್ನೂ ಮದುವಣಿಗನಾಗದ ಅವಸ್ಥೆಯಲ್ಲಿರುವ ನೀನು, ನಿನ್ನಂಥವರು ಕಾಣುವ ಈ ಶಹರ, ಶಾಹರಿಕತೆ ನನ್ನಲ್ಲಿ ಬೆರಗು ಹುಟ್ಟಿಸುತ್ತದೆ. ಉದ್ಯೋಗದೊಡನೆ ದುಡ್ಡು ಕೊಡುವ ಈ ಊರು ಜೀವನಕ್ಕೊಂದು ಕ್ರಮವನ್ನೂ ಕೊಡುತ್ತದೆನ್ನುವ ನಿನ್ನ ಮಾತಿಗೆ ಸಲಾಮು. ಇಷ್ಟಿದ್ದೂ, `ಇದು ಅರ್ಥವಾಗದ ಯಕ್ಷಿಣಿ' ಅಂತನ್ನುವುದು ನಿನ್ನದೇ ಇನ್ನೊಂದು ಮಾತು. ಇಲ್ಲಿನ ಬದುಕನ್ನು ಜೇನುಗೂಡು, ರೇಶ್ಮೆಗೂಡುಗಳಂತೆ ಗ್ರಹಿಸಿರುವುದು ಇಷ್ಟವಾದ ಇನ್ನೊಂದು ಸಂಗತಿ. ಏನೇ ಇರಲಿ, ನಿನ್ನ ಗ್ರಹಿಕೆ ನಿನ್ನ ಕಾಣ್ಕೆ. ಆದರೆ, ನಿನ್ನ ನೋಟವನ್ನು ಸಾರ್ವತ್ರಿಕ-ಸಾರ್ವಕಾಲಿಕ ಸಂಗತಿಯೆಂಬಂತೆ ಮನ್ನಣೆಗಿಡುತ್ತೀಯಲ್ಲ, ಅದು ಇಷ್ಟವಾಗದಿದ್ದರೂ, ನಿನ್ನ ಎದೆಗಾರಿಕೆಗೆ ಜೈ. ವಯಸ್ಸಿಗೆ ತಕ್ಕ ಲಂಪಟತನಕ್ಕೆ ಚೌಕಟ್ಟು ಹಾಕುವ ನಿನ್ನ ಹುಂಬತನಕ್ಕೆ ತುಸು ಇರುಸುಮುರುಸಾಯಿತಾದರೂ ಇದು ನಿನ್ನ ಮೆಥಡೆಂದು ಸುಮ್ಮನಾಗಿದ್ದೇನೆ. ಇನ್ನು, ನಿನ್ನ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯ ಬಗ್ಗೆ ಕಡೆಯಲ್ಲಿ ಹೇಳಿದ್ದು ಮನಸ್ಸು ನಾಟಿತು. ಬಹುಶಃ, ಇದು ನಮ್ಮೆಲ್ಲರ ಋಷ್ಯಶೃಂಗ-ತೆಯೂ ಹೌದು. `ವಿ ಸ್ಟಾರ್ಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮಿಂಗ್ ವಾಟೆವರ್ ಕಮ್ಸ್ ಇನ್ ಅವರ್ ವೇ...' ಅನ್ನುವ ಮಾತಿನ ಹಿಂದೆಯೇ, ಪರಾವರ್ತಿತ ರಿಫ್ಲೆಕ್ಸಿನಂತೆ ಅನಿಸಿದ್ದು- `ವಾಟ್ ಇಫ್ ಇಟ್ ಕನ್ಸ್ಯೂಮ್ಸ್ ದಿ ಸೆಲ್ಫ್?' ಅನ್ನೋದು. ಹೋಪ್ ದಟ್ ವೋಂಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಅಂಡ್, ಯೂ ವೋಂಟ್ ಲೆಟ್ ದಟ್ ಹ್ಯಾಪನ್. ಒಂದಷ್ಟು ಚಿಯರುಗಳು” ಎಂದಿದ್ದಾರೆ.
Apharan
- Author Name:
Ramdev Shukla
- Book Type:

- Description: हम लोग अपनी शैक्षिक योग्यता प्रमाणित कर चुके हैं। जवान हैं, मेहनत कर सकते हैं। कोई कमी नहीं है, किंतु आपकी महान् व्यवस्था हमारे लिए दैनिक मजूर के बराबर वेतन का भरोसा भी तो हमें नहीं दे पाती। हम क्या करें अपनी योग्यता का? हम क्या करें अपनी ऊर्जा का? क्या करें अपने खौलते लहू का? और अपने उबलते हुए गुस्से का क्या करें? हमारे साथ पढ़नेवाले फिसड्डी लड़के पाँच सितारा जिंदगी जी रहे हैं, सिर्फ इसलिए कि वे किसी मंत्री के बेटे हैं या आई.ए.एस. अफसर के दामाद हैं या बड़े तस्कर के सपूत हैं!’ ‘जिन्होंने हमें पहचाना, हमारे माथे पर लगा बेरोजगार का दाग पोंछ दिया, हमें बीस, तीस, कभी-कभी चालीस हजार रुपए महीने तक वेतन देते हैं, वे कौन हैं, हम नहीं जानते? जानने की उत्सुकता न रखना ही हमारी ‘योग्यता’ है। आपकी न्याय-व्यवस्था देश को बेचकर स्विस बैंक भरनेवालों को गंदा नहीं कहती। भूख से बिलबिलाता बच्चा होटल से रोटी चुराकर खा ले तो उसके लिए जेल की सजा है और देश को हर तरह से लूटनेवालों के लिए है सार्वजनिक अभिनंदन-समारोह।’ —इसी संग्रह से ‘अपहरण’ की कहानियाँ समाज में व्याप्त सामाजिक-आर्थिक असमानता, कुरूपता और विसंगतियों को तो उजागर करती ही हैं, साथ ही राजनीति, चुनाव और मानवीय संबंधों का गहराई से विश्लेषण करती हैं। पठनीयता से भरपूर सुरुचिपूर्ण कहानियाँ।
Water For The Roots
- Author Name:
Pattu M.Bhoopathi
- Rating:
- Book Type:

- Description: Translation into English by Pattu M Bhoopathi of Sahitya Akademi Award winning Tamil Novel by Rajan Krishnan entitled Verukku Neer.
Kamini Kay Kantare Vol-I
- Author Name:
Mahesh Katare
- Book Type:

- Description: कामिनी काय कांतारे’ अर्थात कामिनी काया के जंगल में! राजा भर्तृहरि, गृहस्थ भर्तृहरि, प्रेमी भर्तृहरि, कवि भर्तृहरि, वैयाकरण भर्तृहरि, योगी भर्तृहरि! बहुमखी प्रतिभा के धनी विविध रूप-गुणों से संपन्न भर्तृहरि के जीवन पर आधारित यह उपन्यास कामिनी कंचन के बीच से ही नहीं गुजरता, कामिनी काया के जंगल से भी गुजरता है और कथा, इतिहास, मिथक के बल पर एक महान क्लासिक रचना वरिष्ठ कथाकार-उपन्यासकार महेश कटारे की कलम से पूर्णता को प्राप्त करती है। यह उपन्यास न मात्र बेहद पठनीय और रोचकता के लिहाज से महत्त्वपूर्ण है, ज्ञान को दीप्त करने वाली विशिष्ट कृति है। भारतीय परंपरा की थाती। उपन्यासकार के शब्दों में, ''भरथरी गाने वालों की कथा में बीवी की बेवफाई से दुखी राजा भरथरी जोगी बनकर महल, हवेली, राजपाट छोड़कर निकल गए। गुरु गोरखनाथ के कहने पर वह अपनी उसी पत्नी रानी पिंगला से भीख माँगने द्वार पर पहुँचे तो राजा को जोगी के भेष में देख रानी पछाड़ खाकर गिर पड़ी। 'भरथरी’ सुनती स्त्रियों की भीड़ राजा के घर से निकलते ही आँसू बहाने लगती और रानी के पछाड़ खा गिरने पर तो अनेक की 'कीक’ फूट जाती। इस भर्तृहरि से मेरा बचपन का परिचय था। बाद में सरसरी दृष्टि से शतकत्रय भी पढ़े थे तो उस रात मैंने मित्रों को दो-तीन श्लोक सुना डाले। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि भर्तृहरि बहुत बड़ा कवि है। हमारे यहाँ ऐसे लोगों पर बहुत कम काम हुआ है, सो मैं एक उपन्यास लिखूँ।...’’ और अब यह उपन्यास दो खण्डों में आपके सामने है। हिंदी की एक अनमोल कृति के रूप में!...
Bhulan Kanda
- Author Name:
Sanjeev Buxy
- Book Type:

- Description: novel
Tapas
- Author Name:
Varun Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: तापस' केवल एक उपन्यास नहीं है; यह व्यक्ति के अंतःकरण के समूल परिवर्तन की एक यात्रा है। यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास के गहरे संगम की खोज करता है, यह दरशाते हुए कि कैसे ये तत्त्व आपस में मिलकर युवाओं के बीच एक गहरे उद्देश्य और जुड़ाव की भावना को बढ़ावा दे सकते हैं। यह उपन्यास वर्तमान समय की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहाँ परंपरा नवाचार से मिलती है और प्राचीन ज्ञान समकालीन चुनौतियों का सामना करता है। कहानी रवि और सीमा पर केंद्रित है, जो युवा और अत्यधिक सफल व्यवसायी हैं। उनकी यात्रा के माध्यम से पाठकों को यह देखने का अवसर मिलता है कि कैसे सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक खोज और सामाजिक सहभागिता व्यक्तियों को अपने जीवन और समुदायों को बदलने की शक्ति दे सकती हैं। रवि के अनुभव एक सार्वभौमिक पहचान और संतोष की खोज को दरशाते हैं, जो इस विश्वास पर आधारित हैं कि सच्ची वृद्धि तब होती है, जब किसी की व्यक्तिगत आकांक्षाएँ बड़े हितों के साथ मेल खाती हैं। यह उपन्यास आपस में जुड़े उत्थान के सार को पकड़ने का प्रयास करता है, यह दिखाते हुए कि व्यक्तिगत विकास को उन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयामों से अलग नहीं किया जा सकता, जो हमारे जीवन को आकार देते हैं।
God of Small Things
- Author Name:
Arundhati Roy
- Rating:
- Book Type:

- Description: Booker Prize winner ? God of Small Things? is a story about two children, Esthappen and Rahel. This was Arundhati Roy's debut novel, in which she sheds light on certain facets of life in Kerala, highlighting issues of the caste system, Keralite Syrian Christian lifestyle, and communism. Esthappen and Rahel, at a very young age, come to learn about the horrifying truth of life, as they are being tortured and blamed for every misfortune. Their less-than-perfect life gets affected by unexpected events. The novel begins with Esthappen and Rahel, but most of it contains wider stories of the political events shaping the state, their parents, and relatives. The darker undertones in the lives of the twins become more evident, as secrets, bitterness, and lies destroy their world. The heart-wrenching story of two innocent young children will surely keep you hooked till the end and leave you seeking more.
AB KIS THANV CHALE, RAVIKANT
- Author Name:
Dinesh agrawal
- Book Type:

- Description: Novel
‘Nishank’ Ke Sahitya Mein Lokatattv
- Author Name:
Dr. Kapil Dev Panwar
- Book Type:

- Description: रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का साहित्य उत्तराखंड का दर्पण जैसा लगता है। उसमें प्रतिबिंबित हुआ है—पर्वतीय अंचल का इतिहास-विकास, संपूर्ण प्रकृति परिदृश्य, जन-जीवन के संस्कार, पर्व-त्योहार, आचार-विचार, व्यवहार, खान-पान, पहनावा, रहन-सहन, परंपराएँ, रीति-रिवाज अर्थात् संपूर्ण आंचलिक वैशिष्ट्य। कपिल देव पंवार ने लेखक ‘निशंक’ की कथा-कृतियों में अंकित घटनाओं और पात्रों के माध्यम से हिमालयी संस्कृति संधी एक सकारात्मक संदेश दूर-दूर तक पहुँचाया है। —प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित (सभापति, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग) श्री निशंक के कथा-साहित्य में लोक तत्त्वों की प्रधानता ही उनके कथा साहित्य का प्राणतत्त्व है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की समग्र संस्कृति, जीवन मूल्य, सामाजिक विसंगतियाँ, सामाजिक, परिवर्तन, स्त्री की वर्तमान स्थिति जैसे अनेक सामाजिक सरोकार पाठक की समूची चेतना पर अपना प्रभाव डालते हैं। यह कार्य लेखक की साहित्यिक मात्रा एवं रचना धर्मिता के विभिन्न सोपानों को उजागर करता है, जिसमें श्री निशंक के साहित्यिक अवदान व उसके महत्त्व से पाठक भली-भाँति परिचित हो सकता है। —प्रो. योजना रावत (हिंदी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)
Ek Zameen Apni
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description: विज्ञापन की चकाचौंध दुनिया में जितना हिस्सा पूँजी का है, शायद उससे कम हिस्सेदारी स्त्री की नहीं है। इस नए सत्ता-प्रतिष्ठान में स्त्री अपनी देह और प्रकृति के माध्यम से बाज़ार के सन्देश को ही उपभोक्ता तक नहीं पहुँचाती, बल्कि इस उद्योग में पर्दे के पीछे एक बड़ी ‘वर्क फ़ोर्स’ भी स्त्रिायों से ही बनती है। ‘एक ज़मीन अपनी’ विज्ञापन की उस दुनिया की कहानी भी है जहाँ समाज की इच्छाओं को पैना करने के औज़ार तैयार किए जाते हैं और स्त्री के उस संघर्ष की भी जो वह इस दुनिया में अपनी रचनात्मक क्षमता की पहचान अर्जित करने और सिर्फ़ देह-भर न रहने के लिए करती है। आठवें दशक की बहुचर्चित कथाकार चित्रा मुद्गल ने इस उपन्यास में उसके इस संघर्ष को निष्पक्षता के साथ उकेरते हुए इस बात का भी पूरा ध्यान रखा है कि वे सवाल भी अछूते न रह जाएँ जो विज्ञापन-जगत की अपेक्षाकृत नई संघर्ष-भूमि में नारी-स्वातंत्र्य को लेकर उठते हैं, उठ सकते हैं।
Vinayak - Award Winning Novel
- Author Name:
Ramesh Chandra Shah +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Vinayak, a Sahitya Akademi-award winning Hindi Novel, as a sequel to the author;s first novel 'Gobar Ganesh', according to the novelist, is the "pratismriti" (remembrance of our national-cultural memories) and the katha or narrative of India as a civilizational state. Its multi-perspectiveal, multi-centric kathana (plot), involving characters representing a cross section of Indian Society, is marked by engaging and interesting debates on such issues as gender-politics, culturalimperialism, casteism, communalism, the Kashmir-question and the condition of Kashmiri Pundits, sustainable development, ecological consciouness, swaraj or decolonization of mind, role of "Breaking India" forces comouflaged as NGO-activism, and the all0embracing nature of the spiritual that subsumes the secular, the significance of purusharthas or cardinal principles of life, etc. A sahridaya or cultivaed reader whould also relish how deftly the narrative echoes the voices of such great masters as Valmiki, Vyas, Krishna, Keats, Rike, Yeats, Eliot, Naipaul, Proust, Prasad and others.
Weeds
- Author Name:
Deepak Borgave +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: WEEDS - Tankat (Sahitya Akademi Award-winning Marathi Novel)
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book