Aag
Author:
Chandrarekha DhadwalPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Contemporary-fiction0 Ratings
Price: ₹ 323.9
₹
395
Available
पहाड़, उसकी बर्फीली चोटियाँ और शांत वातावरण शुरू से लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे हैं लेकिन इस पर्यटकीय छवि से इतर पहाड़ की गोद में बसे सैकड़ों छोटे गाँवों की तरफ लोगों का ध्यान अपेक्षाकृत कम जाता है। अपने पहले उपन्यास 'समय मेरे अनुरूप हुआ' से ही चर्चा में आईं वरिष्ठ लेखिका चंद्ररेखा ढडवाल अपने नये उपन्यास 'आग' में हिमाचल प्रदेश के एक ऐसी ही पहाड़ी गाँव की कहानी कहती हैं, जिसमें ग्रामीण परिवेश का संघर्षों से भरा जीवन है। प्रेम है। बैर है। लोकगीत और किस्से-कहानियाँ हैं। पर्व-त्यौहार, मेले-ठेले और खान-पान हैं। एक खिलंदड़ और मनमौजी मिज़ाज की लड़की लोइना है। उसी घर में पला-बढ़ा खेत-खलिहान में काम करने के लिए रखा गया बाहर का एक लड़का प्रीतो है। दोनों के भीतर सुलगती एक प्रेम आग है। लेकिन इससे पहले कि इनके प्रेम को हवा मिलती, लोइना ब्याह दी जाती है। और यहीं से शुरू होती है, लोइना के जीवन की दुश्वारियाँ। फौजी पति शादी के दूसरे रोज़ ही मोर्चे पर चला जाता है और गायब हो जाता है। एक चुलबुली लड़की के लिए, जिसने अभी-अभी जवानी के आँगन में पैर रखे हैं, उसके जीवन की इससे बड़ी विडम्बना क्या हो सकती है!... अपने भीतर ग्रामीण संस्कृति, विशेष बोली और आंचलिकता का प्रवाह समेटे यह एक ऐसा उपन्यास है, जिसे पढ़ते हुए लगता है, आप किसी पहाड़ी गाँव के मेंड़ों पर चलते हुए इसे सुन रहे हों। अपने सम्मान और स्वाभिमान की लड़ाई लड़ती लोइना, पीपल सरीखे छाया देने वाले शांत प्रीतो और प्यारी सास मस्या की एक रुला देने वाली कहानी है 'आग'। कथ्य के साथ-साथ यह उपन्यास में बरती गई लोकधर्मी भाषा की खूबी है कि बढ़ते पन्नों के साथ ही आप इसके चरित्रों की गर्माहट महसूस करने लग जाते हैं। —मिथिलेश प्रियदर्शी
ISBN: 9789391925048
Pages: 144
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Dekh Loon To Chaloon
- Author Name:
Sameer Lal
- Book Type:

- Description: This book has no description
Krishna Sakhi
- Author Name:
Pratibha Saxena
- Book Type:

- Description: Book
Aakhiri Paydan Par Khada Aadmi
- Author Name:
Manjushree
- Book Type:

- Description: Manjushree's New Novel
Sindbad Ki Antim Yatra
- Author Name:
Ravindranath Tyagi
- Book Type:

- Description: हिंदी की व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी का महत्त्वपूर्ण स्थान है। त्यागीजी ने अपने दो अन्य सहयात्रियों के साथ हिंदी-व्यंग्य को एक सुनिश्चित दिशा प्रदान की और उसे एक विधा के रूप में प्रतिष्ठा दिलाने में अप्रतिम योगदान दिया। इस व्यंग्य-त्रयी में रवींद्रनाथ त्यागी की व्यंग्य-दिशा पूर्णत: भिन्न थी। हरिशंकर परसाई का क्षेत्र राजनीतिक था, शरद जोशी में विषय का वैविध्य एवं नए प्रयोगों का कौशल था, जबकि त्यागीजी में साहित्य और लालित्य की प्रधानता थी। त्यागीजी का यह विशिष्ट रंग था, अपनी मौलिक सर्जनात्मकता थी और हिंदी-व्यंग्य को शिखर तक ले जाने की प्रतिभा थी। यही कारण है कि हिंदी-व्यंग्य में उनकी अपनी अलग पहचान है तथा व्यंग्य-त्रयी के अंग होने पर भी वे अपने जैसे अकेले ही हैं। हिंदी-व्यंग्य के इतिहास में उनका महत्त्वपूर्ण स्थान रहेगा और नई पीढ़ी के प्रेरणा-स्रोत बने रहेंगे। रवींद्रनाथ त्यागी ने विपुल मात्रा में व्यंग्य रचनाएँ कीं। संभव है, आज उनकी संपूर्ण व्यंग्य-कृतियाँ उपलब्ध न हों और पाठक उनकी प्रतिनिधि तथा उच्च कोटि की रचनाओं से वंचित रह जाएँ। इसी को ध्यान में रखकर रवींद्रनाथ त्यागी के संपूर्ण व्यंग्य-साहित्य में से कुछ चुनी हुई रचनाएँ इस पुस्तक में प्रकाशित की गई हैं। इससे पाठकों को उनके व्यंग्य-साहित्य की एक झलक मिल सकेगी और वे अपने इस प्रिय व्यंग्यकार की रचनाओं का रसास्वादन कर सकेंगे।
Jalaanjali
- Author Name:
Pankaj Parashar
- Book Type:

- Description: Book
Tootate Rishte Darakte Ghar
- Author Name:
Tarun Pithode
- Book Type:

- Description: Book
Chokher Bali
- Author Name:
Rabindranath Thakur
- Book Type:

-
Description:
ईर्ष्या और प्रेम, दोनों में ही स्त्री का अन्तर्संघर्ष शरद पूर्णिमा की ज्योत्स्ना में उद्वेलित समुद्र के दुर्दमनीय ज्वार की भाँति होता है, लेकिन यदि उसे मर्यादा के पिंजरे में बन्द कर दिया जाए, तो स्त्री की आत्म-प्रताड़णा भी उतनी ही प्रचंड हो उठती है। पुरुष इन्हीं स्थितियों के बीच कहीं खिलौना बनता है, कहीं स्त्री का भाग्य-निर्णायक। परिवार और समाज स्त्री और पुरुष को सँभाले अपनी मान्यताओं के झोंकों से जीवन की नाव को खेते रहते हैं। जीवन यों ही गतिमान रहता है...
जब रवीन्द्रनाथ उपन्यासों में अपने काल के समाज को सँजो रहे थे, तब स्त्री अपने व्यक्तित्व के प्रति सजग होना प्रारम्भ ही हुई थी। ‘चोखेर बालि’ को पढ़ने से इस बात की पुष्टि हो जाएगी।
‘Nishank’ Ke Sahitya Mein Lokatattv
- Author Name:
Dr. Kapil Dev Panwar
- Book Type:

- Description: रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ का साहित्य उत्तराखंड का दर्पण जैसा लगता है। उसमें प्रतिबिंबित हुआ है—पर्वतीय अंचल का इतिहास-विकास, संपूर्ण प्रकृति परिदृश्य, जन-जीवन के संस्कार, पर्व-त्योहार, आचार-विचार, व्यवहार, खान-पान, पहनावा, रहन-सहन, परंपराएँ, रीति-रिवाज अर्थात् संपूर्ण आंचलिक वैशिष्ट्य। कपिल देव पंवार ने लेखक ‘निशंक’ की कथा-कृतियों में अंकित घटनाओं और पात्रों के माध्यम से हिमालयी संस्कृति संधी एक सकारात्मक संदेश दूर-दूर तक पहुँचाया है। —प्रो. सूर्यप्रसाद दीक्षित (सभापति, हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग) श्री निशंक के कथा-साहित्य में लोक तत्त्वों की प्रधानता ही उनके कथा साहित्य का प्राणतत्त्व है, जिसके माध्यम से उत्तराखंड की समग्र संस्कृति, जीवन मूल्य, सामाजिक विसंगतियाँ, सामाजिक, परिवर्तन, स्त्री की वर्तमान स्थिति जैसे अनेक सामाजिक सरोकार पाठक की समूची चेतना पर अपना प्रभाव डालते हैं। यह कार्य लेखक की साहित्यिक मात्रा एवं रचना धर्मिता के विभिन्न सोपानों को उजागर करता है, जिसमें श्री निशंक के साहित्यिक अवदान व उसके महत्त्व से पाठक भली-भाँति परिचित हो सकता है। —प्रो. योजना रावत (हिंदी विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़)
Ishq Mein Maati Sona
- Author Name:
Girindra Nath Jha
- Book Type:

- Description: प्रेम में होना सिर्फ़ हाथ थामने का बहाना ढूँढ़ना नहीं होता। दो लोगों के उस स्पेस में बहुत कुछ टकराता रहता है। लप्रेक उसी कशिश और टकराहट की पैदाइश है। –रवीश कुमार गिरीन्द्र नाथ झा के लेखन में शहर और गाँव दोनों अपनी वास्तविकता में एक साथ दिखाई देते हैं। 21वीं सदी में जिस तरह वे आंचलिक जीवन की कथा कहते हैं, वह रेणु की परम्परा को आगे बढ़ानेवाला है। रेणु के उपन्यास ‘मैला आँचल’ के मेरीगंज की तरह गिरीन्द्र का गाँव चनका भी इस किताब में पूरी तरह दिखाई पड़ता है। – इयान वुल्फ़ोर्ड, ‘द हिन्दू’
Laltenganj
- Author Name:
Savhchidanand Sachchu
- Book Type:

- Description: 'लालटेनगंज' उपन्यासक लेखक सच्चिदानंद सच्चू दृष्टिवान पत्रकार छथि आ 'अल्लाह हो राम' हिनक पहिल उपन्यास। मैथिली उपन्यास 'लालटेनगंज' धनबाद-झरिया इलाकाक कोलियरी जीवनक कारी-स्याह साँच सँ आत्मसाक्षात्कार करबैत अछि। मैथिली उपन्यास परंपरा मे ई उपन्यास विषयक नवीनता आ ट्रीटमेंटक नवता लेल स्मरण कयल जायत। दू जून रोटीक लेल प्रतिक्षण अपन जिंदगी केँ दाव पर लगबै लेल विवश खदान मजूरक जिंदगीक संघर्षगाथा सोचबाक हेतु आमंत्रित करैत अछि। एहि खदान मे मृत्यु मड़ुआक दोबर भावे सहज, मुदा जीवन अत्यंत कठिनतम। #कमलानंदझा कसल कथानक, सहज कथा-प्रवाह, मजदूरक कहानी ओकरे जुबानी, अनेक गौण पात्र समग्रता मे एकर औपन्यासिक वितान केँ तनने छै। उपन्यास पढ़ैत सहजहि उन्नैसम शताब्दी मे फ्रेंच उपन्यासकार एमील जोलाक कोयला श्रमिकक समस्या पर लिखल उपन्यास 'जर्मिनल' मोन पडि़ गेल। #मीनाझा सच कही त' ई उपन्यास अपन कंस्ट्रक्ट आ संरचना मे बहुत लाजवाब अछि। कथा-भूमि बिल्कुल गर्म छै, आ ताहि पर प्रेम आ मित्रता सन मूल्यक पड़ैत फुहार एक टा अलग तरहक लोभ जगाबैत अछि... #अकबररिज्बी
Tapas
- Author Name:
Varun Kumar Pandey
- Book Type:

- Description: तापस' केवल एक उपन्यास नहीं है; यह व्यक्ति के अंतःकरण के समूल परिवर्तन की एक यात्रा है। यह सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विकास के गहरे संगम की खोज करता है, यह दरशाते हुए कि कैसे ये तत्त्व आपस में मिलकर युवाओं के बीच एक गहरे उद्देश्य और जुड़ाव की भावना को बढ़ावा दे सकते हैं। यह उपन्यास वर्तमान समय की पृष्ठभूमि पर आधारित है, जहाँ परंपरा नवाचार से मिलती है और प्राचीन ज्ञान समकालीन चुनौतियों का सामना करता है। कहानी रवि और सीमा पर केंद्रित है, जो युवा और अत्यधिक सफल व्यवसायी हैं। उनकी यात्रा के माध्यम से पाठकों को यह देखने का अवसर मिलता है कि कैसे सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक खोज और सामाजिक सहभागिता व्यक्तियों को अपने जीवन और समुदायों को बदलने की शक्ति दे सकती हैं। रवि के अनुभव एक सार्वभौमिक पहचान और संतोष की खोज को दरशाते हैं, जो इस विश्वास पर आधारित हैं कि सच्ची वृद्धि तब होती है, जब किसी की व्यक्तिगत आकांक्षाएँ बड़े हितों के साथ मेल खाती हैं। यह उपन्यास आपस में जुड़े उत्थान के सार को पकड़ने का प्रयास करता है, यह दिखाते हुए कि व्यक्तिगत विकास को उन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयामों से अलग नहीं किया जा सकता, जो हमारे जीवन को आकार देते हैं।
Ek Zameen Apni
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description: विज्ञापन की चकाचौंध दुनिया में जितना हिस्सा पूँजी का है, शायद उससे कम हिस्सेदारी स्त्री की नहीं है। इस नए सत्ता-प्रतिष्ठान में स्त्री अपनी देह और प्रकृति के माध्यम से बाज़ार के सन्देश को ही उपभोक्ता तक नहीं पहुँचाती, बल्कि इस उद्योग में पर्दे के पीछे एक बड़ी ‘वर्क फ़ोर्स’ भी स्त्रिायों से ही बनती है। ‘एक ज़मीन अपनी’ विज्ञापन की उस दुनिया की कहानी भी है जहाँ समाज की इच्छाओं को पैना करने के औज़ार तैयार किए जाते हैं और स्त्री के उस संघर्ष की भी जो वह इस दुनिया में अपनी रचनात्मक क्षमता की पहचान अर्जित करने और सिर्फ़ देह-भर न रहने के लिए करती है। आठवें दशक की बहुचर्चित कथाकार चित्रा मुद्गल ने इस उपन्यास में उसके इस संघर्ष को निष्पक्षता के साथ उकेरते हुए इस बात का भी पूरा ध्यान रखा है कि वे सवाल भी अछूते न रह जाएँ जो विज्ञापन-जगत की अपेक्षाकृत नई संघर्ष-भूमि में नारी-स्वातंत्र्य को लेकर उठते हैं, उठ सकते हैं।
Vaishaka (The Tale of Lakka)
- Author Name:
Chaduranga +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: The novel Vaishaka-(The Tale of Lakka) is a hit stodgy and incident—heavy in its weave. Yet in its blending of the complexity of detail and vitality of theme, in its delightfully graphic depiction of village Karnataka and finally in its suggestion that there is a Way out of the claustrophobia of caste, it contributes to Kannada and Indian literature.
Sanyasi Ke Naam Patra
- Author Name:
Neela Prasad
- Book Type:

- Description: पत्र अन्त:करण की ओर खुलने वाली खिड़कियाँ होते हैं। उनसे किसी व्यक्ति के जीवन और संसार के उस हिस्से का साक्षात्कार होता है जो उसके इतर जाहिर जीवन-संसार की ओट में रह गया होता है। इस तरह वे अज्ञात-अलक्षित को उद्घाटित करने का जरिया बनते हैं जो सम्बद्ध व्यक्ति के व्यक्तित्व और कृतित्व को समग्रता में समझने में सहायक होता है। ‘संन्यासी के नाम पत्र’ ऐसी ही एक पुस्तक है जिसके केन्द्र में हैं फ़ादर कामिल बुल्के। समर्पित मिशनरी और रामकथा और तुलसीदास के मान्य विशेषज्ञ ही नहीं, अंगरेजी-हिन्दी शब्दकोश के प्रणेता के रूप में भी उनकी कीर्ति से प्राय: लोग परिचित होंगे, लेकिन एक पुत्र, एक भाई, एक शिष्य और एक मित्र के रूप में उनके व्यक्तित्व की विशिष्टता से अधिकतर लोगों का परिचय नहीं होगा। कारण, भारत भूमि पर फ़ादर का आगमन ही तब हुआ जब वे मिशनरी हो चुके थे और उसके लिए आवश्यक नियम—परिवार से विदाई—का पालन कर चुके थे। यह संग्रह फ़ादर के संन्यासी बनने के बाद उनके परिजनों द्वारा उनको लिखे गए पत्रों का है जिसमें उनका पारिवारिक इतिहास और संन्यासी जीवन, दोनों के ऐसे प्रसंग सामने आते हैं जिनसे उनके दृढ़ और उदात्त व्यक्तित्व की झलक बार-बार मिलती है। इन पत्रों से यह भी पता चलता है कि फ़ादर के संन्यास ग्रहण करने का ‘दुख’ सहकर उनके परिवार ने किस प्रकार उनका सहयोग किया। जैसा कि उनकी माँ ने उन्हें सम्बोधित पत्र में लिखा है—हम लोगों के लिए जितना दुख मसीह ने उठाया था, उसकी तुलना में यह तो एक छोटी बात थी। (9 सितम्बर, 1931)
Friend Boyfriend Jaisa
- Author Name:
Sachin Tyagi
- Book Type:

- Description: बहुत दिनों बाद भी जब दोस्त से बात हो तो फिर से वही लहज़ा, वही शरारत सूझ जाती है। ऐसी ही थी मेरी वो दोस्त। लोग तो कहते हैं कि एक लड़का और लड़की फ़्रेंन्ड्स नहीं हो सकते, लेकिन हमारे दिल में क्या है? हम एक दूसरे के लिए क्या सोचते हैं ? ये मायने रखता है। न कि ये समाज हमें किस नज़र से देखता है और हमारे बारे में क्या सोचता है। ये सब बेमानी है। अगर हमारा मिलना एक इत्तफाक था तो बिछड़कर फिर मिल जाना खुशकिस्मती थी। हमारे आज के हालात में चाहे कितना भी बदलाव आया हो, लेकिन आज भी हम वही जिंदादिल दोस्त हैं, जो कल थे, जो आज हैं और हमेशा रहेंगे। पढ़िए, किशन और अन्वी की प्यारी सी दोस्ती की कहानी!
Koi Ek Syeda
- Author Name:
Neha Dixit
- Book Type:

- Description: ‘कोई एक सईदा’ किताब में नेहा दीक्षित ने एक साधारण और बेनाम भारतीय महिला की कहानी असाधारण ढंग से लिखी है। बाबरी मस्जिद ध्वंस के चलते हुए दंगों के बाद सईदा अपने छोटे बच्चों और पति के साथ बनारस को छोड़कर दिल्ली आ जाती है। एक ग़रीब विस्थापित मज़दूर के रूप में वह दिल्ली में अनेक कामों को आज़माती है—जींस के धागों की तुरपाई से लेकर नमकीन बनाने तक, बादामों से गिरी निकालने से लेकर चाय की छलनी बनाने तक—पचास से ज़्यादा काम, ताकि उसकी घरेलू ज़रूरतें पूरी होती रहें। ऐसे काम जिनमें एक दिन की छुट्टी लेने का मतलब है काम से हाथ धो बैठना। एक दशक के शोध और लगभग नौ सौ लोगों से साक्षात्कारों के बाद तैयार हुई इस किताब में हमें अनेक तरह के लोग मिलते हैं—चाँदनी चौक का एक रिक्शेवाला जिसकी ज़िन्दगी एक आतंकी हमले की भेंट चढ़ जाती है, एक डॉक्टर जिसे लिंग निर्धारण टेस्ट के लिए गिरफ़्तार किया जाता है, एक गोरक्षक जिसकी बहन सईदा के बेटे के साथ भाग जाती है और पुलिसवाले जिन्हें मुस्लिम युवकों को पीटने में बहुत ज़्यादा मज़ा आता है। दिल्ली में हुए 2020 के दंगों के साथ सईदा की ज़िन्दगी का जैसे एक चक्र पूरा हो जाता है। उसे फिर उखड़ना पड़ता है। लेकिन वह अब इसकी अभ्यस्त हो गई है। उसे पता है कि एक ग़रीब, एक मुस्लिम और एक औरत होने के नाते उसे क्या झेलना है। गहन अन्तर्दृष्टि से युक्त यह किताब उस कठोर, कड़वे यथार्थ की अक्कासी करती है जो भारत के अभिजात तबक़े की आँखों से बहुत दूर रहता है। यह उन लाखों लोगों की कहानी है जिनकी कहानी कभी नहीं कही जाती। यह ‘नये भारत’ के शहरी जीवन का ऐसा चित्र है जो किसी भी संवेदनशील मन को चीरकर रख देता है।
Shyam Swapn
- Author Name:
Thakur Jagmohan Singh
- Book Type:

- Description: यह एक विचित्र संयोग ही कहा जाएगा कि जिस अंचल में रहकर बीसवीं शताब्दी के उत्तरार्द्ध में गजानन माधव मुक्तिबोध जैसे आधुनिक चिन्तक-कवि ने अपने समय के खुरदुरे और अदम्य यथार्थ के लिए फंतासी की विधि का आविष्कार किया, उसी अंचल के ठाकुर जगमोहन सिंह ने उन्नीसवीं शताब्दी के अन्त के कुछ बरसों पहले एक पूरा उपन्यास ही फंतासी के रूप में लिखा। हिन्दी में यथार्थ के चित्रण की जो इकहरी परम्परा बाद में लगभग केन्द्रीय बन गई उसमें इस उत्तराधिकार का कोई बोध या स्मृति, दुर्भाग्य से, शेष नहीं है। उपन्यास की गल्पता को हिन्दी में इतनी जल्दी साध लिया गया था और उसे अपनी जातीय परम्परा के अनुकूल भी कर लिया गया था, यह जानना आज के स्मृतिवंचित दौर में रोमांचक है। इस अनोखे गद्य में मध्यकालीन कविता ‘स्वच्छन्द’ है : उस पर सचाई का व्यर्थ का बोझ नहीं है, बल्कि सपने की सहज प्रवाहमयता है। वह खिलता, स्पन्दित, कविसमयों में विन्यस्त ऐसा गद्य है कि विशेषत: आज तो सर्वथा अनन्य लगता है। ‘श्यामास्वप्न’ का पुनर्प्रकाशन सचमुच एक साहित्यिक घटना है। शायद इसका एक और साक्ष्य कि कैसे कई मायनों में उत्तर-आधुनिक हमारे यहाँ प्राक्-आधुनिक है। —अशोक वाजपेयी
1984 by George Orwell
- Author Name:
George Orwell
- Book Type:

- Description: "जॉर्ज ऑरवेल की '1984' एक कालजयी साहित्यिक कृति है, जो निगरानी प्रचार और पूर्ण सत्तावादी नियंत्रण से घिरी एक भयावह दुनिया का चित्रण करती है। 'बिग ब्रदर' की सतत निगरानी में अपनी पहचान और मानवता को बचाने के लिए संघर्ष करते विंस्टन स्मिथ की कहानी के माध्यम से ऑरवेल ने स्वतंत्रता, सत्य और छाक्तिगत अस्तित्व के दमन की गहन पड़ताल की है। यह ऐतिहासिक उपन्यास सत्ता के मनोवैज्ञानिक और सामाजिक प्रभाठों पर तीखा विचार प्रस्तुत करता है, साथ ही मानव अधिकारों की नाजुकता और वास्तविकता के नियंत्रण की गहरी समझ प्रदान करता है। प्रतिरोध, सामंजस्य और प्रामाणिकता की सार्वभौमिक खोज पर आधारित इसके विषय आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने इसके पहली बार प्रकाशित होने पर थे। '1984' की प्रासंगिकता समय और संस्कृतियों की सीमाओं से परे जाती है और यह भारत की समकालीन सामाजिक-राजनीतिक वास्तविकताओं से भी गहराई से जुड़ती है।"
Daryaganj Via Bazaar Fatte Khan
- Author Name:
Sujata
- Book Type:

- Description: नीनो फ़त्ते ख़ाँ बाज़ार, बहावलपुर ही रह गई होती, तो शायद वैसी ही होती जैसी अब भी वहाँ रह रही हज़ारों औरते हैं। एक हवेली से दूसरी हवेली में दुल्हन बन कर जाती और ढेर सारे पोते-पोतियों की विरासत छोड़ कर दुनिया को विदा कहती। लेकिन 1947 में नीनो दरयागंज पहुँच गई। बसना चाहा। बिखर गई। एक औरत की यह उजड़न सिर्फ़ उसकी कहानी न रह सकी, राजनीति और इतिहास की अनुगूँजों से भरी हुई वह उसकी सन्तानों में, पोते-पोतियों में रिसती चली गई—तीन पीढ़ियाँ एक अन्तहीन अजनबियत के सिलसिले में बँधी हुईं। दिल्ली वाले मुल्तानी मिट्टी तो जानते हैं। मुल्तान के लोग भी थे, उनकी ज़बान भी थी, उनकी तहज़ीब भी थी—यह कोई नहीं जानता। वह सब दिल्लीवाला बनने की जल्दबाज़ी में, पाकिस्तान से आए पंजाबी न कहलाने के डर में धीरे-धीरे खोता जा रहा है। तीन पीढ़ियों का यह आख्यान विभाजन की उस महात्रासदी से आगे बढ़ता है जिसे हम सब जानते हैं। यह उस अनकही दास्तान को खोलता है जिसमें रिफ़्यूजी दिल्ली में बसे और दिल्ली ख़ुद रिफ़्यूजियों से बसी। दोनों ने एक-दूसरे को नया चेहरा दिया—धीरे-धीरे, दर्द के साथ। मुल्तान की खोई गलियों से दिल्ली के ज़ख़्मी दिल तक, कश्मीर की ख़ामोश, बेचैन वादियों से बॉम्बे की धड़कन तक—यह एक विस्तृत और मार्मिक गाथा है ज़बान की, भूगोल की, और कभी न थमने वाली भटकन की। यह कहानी बताती है कि जब वह सब कुछ जो घर कहलाता है, राख हो जाए, तब भी क्या है जो बचा रह जाता है। एक बड़े जमाने और उसे जीने वाले बड़ी कद-काठी के लोगों और इतिहास की शक्ल बदलने वाली बड़ी घटनाओं का आख्यान है यह उपन्यास जो एक तरफ अगर क़िस्सागोई की नई उठान को संभव करता है, तो दूसरी ओर भाषा के संयम और सामर्थ्य को एक नई ऊँचाई देता है।
agedashtu nakshatra
- Author Name:
Sumangala
- Book Type:

- Description: ಅಗೆದಷ್ಟೂ ನಕ್ಷತ್ರ' ಭೂಮಿಯ ಜೊತೆಗಿನ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧವನ್ನು ಕುರಿತು ಆತ್ಮದ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿ ಮಾತನಾಡುವ ಅಪರೂಪದ ಕಾದಂಬರಿ. ಪತ್ನಿ ತೀರಿದ ಬಳಿಕ ಪ್ರೊಫೆಸರ್ಗೆ ಆತ್ಮೀಯರಾದ ಜಲಜ ಮೇಡಂ, ಮನೆಕೆಲಸದ ಸೀತಮ್ಮ, ಮದುವೆಯೇ ಆಗದೆ ಕುಟುಂಬದ ಸರ್ವಸದಸ್ಯರ ಸಂಸಾರದ ಸೇವೆಯಲ್ಲೇ ಸಾರ್ಥಕ್ಯ ಕಂಡ ಪದ್ದಜ್ಜಿ, ಮದುವೆಯಾಗಿ ಎರಡು ತಿಂಗಳಾದರೂ ಗಂಡನ ಸುಖ ಕಾಣದೆ ವಿಧವೆಯಾದ ರಾಜಿ ಹೀಗೆ ಸಂಬಂಧಗಳ ಆಕರ್ಷಣೆ– ವಿಕರ್ಷಣೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸುತ್ತಾ ಕಾದಂಬರಿ ಮುಂದುವರಿಯುತ್ತದೆ. ಕಾದಂಬರಿಯ ನಿಜವಾದ ಉತ್ಖನನ ಆರಂಭವಾಗುವುದು ಮಂಡ್ಯ ಜಿಲ್ಲೆಯಲ್ಲಿ ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಐವರು ರೈತ ಪಾತ್ರಗಳ ಪ್ರವೇಶದೊಂದಿಗೆ. ನಾಗರಿಕತೆ ಹುಟ್ಟುವುದಕ್ಕೂ ಮುನ್ನವೇ ಈ ಭೂಮಿ ಮನುಷ್ಯನ ಅನುಬಂಧ ಹುಟ್ಟಿದೆ. 4000 ವರ್ಷಗಳ ಹಿಂದಿನ ನಾಗರಿಕತೆಯನ್ನು ಶೋಧಿಸಲು ಉತ್ಖನನ ನಡೆದ ಧೊಲಾವೀರಾ, ಲೋಥೆಲ್ ಮತ್ತು ರೈತರು ಆತ್ಮಹತ್ಯೆ ಮಾಡಿಕೊಂಡ ಮಂಡ್ಯದ ಬಳಿಯ ಹಳ್ಳಿಗಳಲ್ಲಿ ಓಡಾಡಿರುವ ಲೇಖಕಿ, ಕಂಡುಕೊಂಡ ಭೂತಾಯಿಯ ಕಟು ಸತ್ಯಗಳ ಕುರಿತು ಈ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ವಿವರಗಳನ್ನು ನೀಡಿದ್ದಾರೆ.
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book