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Hindu Arthchintan Drishti Evam Disha

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किसी भी समाज की जीवन-दृष्टि और जीवन-मूल्यों से उसके जीवनादर्श बनते हैं। ये जीवनादर्श ही व्यक्ति व समाज के व्यवहार एवं जीवन को निर्देशित एवं नियमित करते हैं और समाज को पहचान भी देते हैं। किसी समाज के जीवन-मूल्य ही यह बताते हैं कि उस समाज का मानव, प्रकृति व विश्व के प्रति क्या दृष्टिकोण है और उस समाज में प्रकृति व मानव के संबंधों का स्वरूप क्या है। ये संबंध ही विश्व की विभिन्न समस्याओं के समाधान की दिशा निर्धारित करते हैं। यदि मानव और प्रकृति में सहयोगी भाव है तो प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन होता रहता है और यदि मानव प्रकृति का अपनी सुख-सुविधा के लिए शोषण करता है तो प्रकृति के समक्ष अस्तित्व का संकट आ खड़ा होता है। आज विश्व के समक्ष उपस्थित हुआ पर्यावरण संकट भी प्रकृति के अंधाधुंध शोषण के कारण ही है। भारतीय दृष्टिकोण प्रकृति के साथ मातृभाव से उसका पोषण और संरक्षण करने का है। इस पुस्तक ‘भारतीय सांस्कृतिक मूल्य’ में प्रख्यात चिंतक डॉ. बजरंग लाल गुप्ता ने किसी समाज की जीवन-दृष्टि और जीवन-मूल्यों के बारे में विस्तृत व्याख्या की है और बताया है कि किस प्रकार ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के समाधान के लिए भारतीय जीवन-दृष्टि महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने इस पुस्तक में समाज की विभिन्न समस्याओं के कारणों और उनके समाधान के विषय में विशद् विवेचन किया है। उन्होंने उन महापुरुषों के जीवन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को भी लिपिबद्ध किया है, जिन्होंने समाज को प्रेरित किया और नई दिशा दी।

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किसी भी समाज की जीवन-दृष्टि और जीवन-मूल्यों से उसके जीवनादर्श बनते हैं। ये जीवनादर्श ही व्यक्ति व समाज के व्यवहार एवं जीवन को निर्देशित एवं नियमित करते हैं और समाज को पहचान भी देते हैं। किसी समाज के जीवन-मूल्य ही यह बताते हैं कि उस समाज का मानव, प्रकृति व विश्व के प्रति क्या दृष्टिकोण है और उस समाज में प्रकृति व मानव के संबंधों का स्वरूप क्या है। ये संबंध ही विश्व की विभिन्न समस्याओं के समाधान की दिशा निर्धारित करते हैं। यदि मानव और प्रकृति में सहयोगी भाव है तो प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन होता रहता है और यदि मानव प्रकृति का अपनी सुख-सुविधा के लिए शोषण करता है तो प्रकृति के समक्ष अस्तित्व का संकट आ खड़ा होता है। आज विश्व के समक्ष उपस्थित हुआ पर्यावरण संकट भी प्रकृति के अंधाधुंध शोषण के कारण ही है। भारतीय दृष्टिकोण प्रकृति के साथ मातृभाव से उसका पोषण और संरक्षण करने का है।

इस पुस्तक ‘भारतीय सांस्कृतिक मूल्य’ में प्रख्यात चिंतक डॉ. बजरंग लाल गुप्ता ने किसी समाज की जीवन-दृष्टि और जीवन-मूल्यों के बारे में विस्तृत व्याख्या की है और बताया है कि किस प्रकार ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के समाधान के लिए भारतीय जीवन-दृष्टि महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने इस पुस्तक में समाज की विभिन्न समस्याओं के कारणों और उनके समाधान के विषय में विशद् विवेचन किया है। उन्होंने उन महापुरुषों के जीवन से संबंधित विभिन्न पहलुओं को भी लिपिबद्ध किया है, जिन्होंने समाज को प्रेरित किया और नई दिशा दी।

Book details

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100% OriginalGenuine copy from Prabhat Prakashan
Format
Hardbound
Publisher
Prabhat Prakashan
Publication year
2018
Weight
339 grams
ISBN-13
9789352664788
Pages
248
Reading time
~8 hrs
Age
18+
Country of origin
India
Dimensions
10 × 10 cm
Language
Hindi

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