Upnishadon ki kahaniya
Author:
Rampratap Tripathi ShastriPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 239.2
₹
299
Available
उपनिषदों का दूसरा नाम ‘रहस्यविद्या’ बतलाया गया है। उपनिषदें वह रहस्यविद्या हैं, जो अप्रत्यक्ष रूप से भारतीय संस्कृति की सभी विचारधाराओं को जीवन-दान करती हैं। वे इतनी रहस्यमयी हैं कि उनका सर्वस्व जानने का अधिकारी कोई एक व्यक्ति कभी नहीं रहा। यदि कोई एक ऐसा व्यक्ति रहा भी हो तो उसका मत ही सर्वमान्य नहीं रहा। इस ‘रहस्यविद्या' को जानने का अधिकार प्राप्त करने के लिए 'नचिकेता' के समान सर्वस्व त्याग करना पड़ता था। उपनिषदों में उस काल की अध्यात्म एवं दर्शन-सम्बन्धी सामग्रियों के भव्य चित्र ही नहीं सँजोए गए हैं, प्रत्युत भारतीय जीवन-दर्शन के सभी पहलुओं का गम्भीर विवेचन भी उनमें किया गया है। मानव-जीवन में ही नहीं, इस निखिल विश्व में व्याप्त सत्य की जिज्ञासा एवं उसके अन्वेषण के लिए उपयोगी साधन की ऐसी उत्कट उत्कंठा उनमें व्यक्त है, जो विश्व के विस्तृत वाङ्मय में अन्यत्र दुर्लभ है। मानवीय प्रतिभा एवं पहुँच का इनसे बढ़कर कोई दूसरा उदाहरण इस रूप में अभी तक नहीं बन सका है। सचमुच, मानव की उत्कृष्ट कल्पना का ऐसा शाश्वत एवं कल्याणकारी रूप विश्व-साहित्य में अभी तक दूसरा नहीं दिखाई पड़ता। यही कारण है कि आर्य धर्म न माननेवाले भी उन पर तन-मन से निछावर हैं।</p>
<p>उपनिषदों में दी गई शिक्षाओं में वह दिव्य तेज़ है जिसे व्यावहारिक रूप में लाकर कोई भी व्यक्ति, कोई भी समाज अवनति के गर्त में कभी नहीं गिर सकता, प्रचुर दुःख-दैन्य से छुटकारा पा सकता है। विद्वेश और घृणा की आग से उसे कोई भय नहीं हो सकता और न भौतिक अभाव के कारण उसे दर-दर भटकना ही पड़ेगा। काम-क्रोधादि विकारों को दूर करने की इनमें अमोघ शक्ति है, आत्म-ज्योति को पहचानने के लिए इनसे बढ़कर कोई दूसरा साधन नहीं है।</p>
<p>उपनिषदें शाश्वत ज्ञान की अक्षय भंडार हैं। सारे संसार में ऐसा कोई दर्शन नहीं है, विचारधारा</p>
<p>नहीं, जो इनसे प्रभावित नहीं हुई है।</p>
<p>प्रस्तुत पुस्तक में उन्नीस कहानियाँ संगृहीत हैं। इनकी भाषा में सरलता लाने की चेष्टा की गई है तथा कुछ महत्त्वपूर्ण अवतरण बढ़ा दिए गए हैं जिससे पुस्तक की उपयोगिता और बढ़ गई है। आशा है, प्रस्तुत संस्करण छात्रों, शोधार्थियों तथा जिज्ञासु पाठकों का मार्गदर्शन करने में सहायक सिद्ध होगी।
ISBN: 9788180314957
Pages: 233
Avg Reading Time: 8 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Shea Butter
- Author Name:
Kaifi Hashmi
- Book Type:

-
Description:
जब समय और वस्तुजगत को किसी भाषा में व्यक्त या उत्कीर्ण करने की तमाम प्रविधियाँ आजमाई जा चुकी हों और उनकी असफलताएँ हर जगह दर्ज हो रही हों, ऐसे समय में कैफ़ी हाशमी का हिन्दी कहानी के परिक्षेत्र में आना किसी महत्वपूर्ण घटना की तरह है। अवाक् और अचम्भित करनेवाली प्रामाणिक-विश्वसनीयता के साथ, भाषिक अवबोध और उसे विन्यस्त करने में सक्षम मौलिक संरचना के साथ ‘शिया बटर’, ‘कैफ़े कॉफ़ी डे’, ‘बंकर’ जैसी कहानियों का आना कहानियों की प्रचलित निरन्तरता में एक नए प्रस्थान की तरह है। जैसे किसी ट्रेन ने अपनी पटरी और यात्री ने अपना रास्ता बदल दिया हो।
पिछली सदी के एक विख्यात और हमारे भर्तृहरि जैसे भाषा-चिन्तक ने कहा था कि कोई भी भाषा असंख्य पगडंडियों की एक लम्बी और रहस्यपूर्ण सुरंग जैसी होती है। आप एक दरवाज़े से इसमें दाख़िल होते हैं, तो सब कुछ वहाँ जाना-पहचाना, स्मृतियों में पहले से ही मौजूद गली-मोहल्लों, पड़ोसियों-परिजनों, चौराहों-बाज़ारों और उनमें घूमते-टहलते पात्रों के साथ दृश्यमान होता है। सारे लैंडस्केप वही होते हैं, लेकिन अगर कहीं आप दूसरे दरवाज़े से दाख़िल हुए तो वही जगह एक ऐसे मायालोक या भूल-भुलैयाँ में तब्दील हो जाती है, जिससे बाहर निकल पाना न सिर्फ़ असम्भव-सा हो जाता है, बल्कि किसी एडिक्ट जैसे खुमार में आप वहीं रह जाना चाहते हैं, मुक्ति की किसी भी आशा और कामना को त्याग कर।
कैफ़ी हाशमी की कहानियाँ बहुत गहरी और एकाग्र संवेदना के साथ उस दुर्लभ संरचना को प्रत्यक्ष करती हैं, जहाँ बाह्य वस्तुजगत की समस्त सचल और अचल उपस्थितियाँ एक-दूसरे में पिघलती और विलीन होती हुई क़िस्से के उस जादू को पैदा करती हैं, जो पुरानी फ़ैंटसी और जादुई यथार्थवाद के बाद का जादू है। लेकिन सबसे महत्त्वपूर्ण यह तथ्य है कि ये कहानियाँ हमारे आज के ही जीवन की भयग्रस्त, मार्मिक लेकिन फिर भी ख़ुशियों, प्यार, उम्मीदों से भरी हुई टाइमलाइन की अनमोल कहानियाँ हैं।
—उदय प्रकाश
Katha Saptak Hari Bhatnagar
- Author Name:
Hari Bhatnagar
- Book Type:

- Description: Collection of 7 brilliant stories: - बिल्ली नहीं दीवार - सामूहिक नरसंहार - ज़ाफ़र मियाँ की शहनाई - शिकंजा - माई - शर्म - बजरंग पांडे के पाड़े
Crush - An Incomplete Heartbeat
- Author Name:
Jitender Rishi Parmar +1
- Book Type:

- Description: Life force works through all of us with the help of the law of attraction. This anthology consists of 16 remarkable stories of crazy crushes, inspiring you to persuade your partner to love you back. These will be the precious pearls of human experience.
Contemporary Indian Short Stories Series II
- Author Name:
Bhabani Bhattacharya
- Rating:
- Book Type:

- Description: This sheaf of twenty-two short stories, written by different authors, mainly during the period 1930-50, represents a cross-section of contemporary Indian short fiction. Twenty stories are translations from fourteen modern languages of India and two are specimens of Indian creative writing in English. Here is evidence, if such were needed that Indian literature is one though written in many languages - its oneness consusting not of a stale uniformity but of rich variety.
Katha Saptak - Archna Penyuli
- Author Name:
Archna Penyuli
- Book Type:

- Description: Description Awaited
Adab Mein Baaeen Pasli : Bhartiyetar Urdu Kahaniyan : Vol. 6
- Author Name:
Nasira Sharma
- Book Type:

-
Description:
उर्दू वाले कहानियों को सीमा में नहीं बाँधते हैं, वह हर उस कहानी को उर्दू की समझते हैं जो उर्दू में लिखी गई हो, चाहे लेखक कहीं का हो। हिन्दुस्तान-पाकिस्तान में रहनेवाले, और बाहर के मुल्कों में बसनेवाले उर्दू अदीब जिनकी मूल धरती हिन्दुस्तान रही है चाहे उन्होंने विश्व के किसी कोने में बैठकर कहानी लिखी हो, यहाँ तक कि पाकिस्तानी भी
जहाँ का हर बड़ा कहानीकार आज के भारत में पैदा हुआ था और कल के भारत के हिस्से में बैठकर लिख रहा है। इनकी जड़ें हिन्दुस्तान में गहरे धँसी हुई हैं।
इन कहानियों में ‘अपनी ज़मीन की हुड़क’ तो है और इसीलिए इन कहानियों में छोड़े हुए वतन की यादें घुमड़ती नज़र आती हैं। इसके बावजूद अब वहाँ जिस तरह की ज़िन्दगी वह गुज़ार रहे हैं, यदि उनसे पूछा जाए कि वह भारत या पाकिस्तान लौटना चाहेंगे तो वह शायद इनकार कर दें, जबकि वहाँ सभी लेखक लगभग दो बार या इससे भी ज़्यादा एक जगह से दूसरी जगह जा चुके हैं। पहली महाजरत, सियासत के चलते बँटवारे के कारण भारत से पाकिस्तान की ओर कूच के रूप में, दूसरे आर्थिक कारणों से पाकिस्तान से अन्य देशों की ओर, फिर एक देश से दूसरे देश में रोज़ी-रोटी की तलाश में भटकन। जब पैरों के नीचे ठोस ज़मीन आई और संघर्ष से राहत मिली तो अपनों की याद आई।
कुछ लेखकों को छोड़कर बाक़ी लेखकों की कहानियाँ हिन्दी में पहली बार इस संकलन में
छप रही हैं।
Butkhana
- Author Name:
Nasera Sharma
- Book Type:

- Description: नासिरा शर्मा की कहानियों का यह संग्रह सामाजिक चेतना, मानवीय संवेदना और इंसानी जटिल प्रवृत्तियों की अभिव्यक्ति का दस्तावेज़ है। यह वर्तमान समय की विषमताओं को कहानियों में इस सहजता से पिरोता है कि इंसानी रिश्तों की ललक पात्रों में बाक़ी ही नहीं रहती, बल्कि टूटते रिश्तों और बदलते मानवीय सरोकारों की कचोट पाठकों को गहरी तपकन का एहसास देती है।
Contemporary Kashmiri Short Stories
- Author Name:
Hriday Kaul Bharati +1
- Book Type:

- Description: The Kashmiri short story was born with the progressive movement in Kashmir and its acceptted the standards and values dictated by the movement unquesioningly. Nationalism and the desire for reaching out to people inspired most of the writers to switch over to Kashmiri, even though they had strated writing in Urdu. Dinanath Nadim's Javabi Card (Reply-Card) and Somnath Zutshi's Yell Phol Gash (when there was light) are the first two short stories written in Kashmiri
Andhe Mod Se Aage
- Author Name:
Rajee Seth
- Book Type:

-
Description:
मानवीय सम्बन्धों के द्वन्द्व और अन्तर्द्वन्द्व की आन्तरिक विकलता, मंथर प्रवाह और गहराई; कथ्य-चयन में संकेन्द्रण, शिल्प रचने में धीरज, कृति की सधी हुई काठी—बेहद कमसिन, लचीली मगर भीतर से मज़बूत इरादे की तरह राजी की विशेषताएँ हैं। ऐसे रचना-गुण कुछ अलग संयोजनों में अन्य लेखकों में भी कमोबेश मिल जाएँगे परन्तु इन्हें एक अलग स्पर्श और लावण्य देती है राजी की ‘स्त्री’ जो वहाँ सिर्फ़ संवेदन में ही नहीं, जैविक पदार्थता में भी है। पुरुष-स्पर्द्धी आधुनिक स्त्री की तरह राजी अपने लेखन में न तो स्त्री होने से इनकार करती हैं और न उसे नष्ट करती हैं, बल्कि अपने नैसर्गिक रूप में उसकी शक्ति और सम्भावना, उसके सत्य और अनुभव, उसकी नियति और उत्कटता का वह सृजनात्मक उपयोग करती हैं। स्त्री होने को स्वीकारते हुए, राजी के लेखक ने इस स्वीकार के भीतर जितने इनकार रचे हैं, यथास्थिति में जितने हस्तक्षेप किए हैं, उसे उनकी आधुनिक पहचान के लिए देखना ज़रूरी है। राजी ने स्त्री के भीतर पराजित पुरुष को; बल्कि व्यवस्था को, जितनी भंगिमाओं में उकेरा है और अपनी विंध्यात्मक दृष्टि से जो मूल्यवत्ता अर्जित की है, उससे नए-नए सृष्ट्यर्थ प्रकट हुए हैं। वे ऐसी महिलावादी नहीं हैं जिन्हें पुरुष नकारात्मक उपस्थिति लगता है, वे स्त्री की खोट भी पहचानने की कोशिश करती हैं और भरसक निरपेक्ष बनी रहकर अधिक विश्वसनीय होती हैं। वे बार-बार इस प्रश्न से जूझती हैं कि क्या समाज आधुनिकता के नाम पर जारी विघटनों और विद्रूपों के सहारे ज़िन्दा रह सकेगा। अपने को देखता हुआ लेखक इसका साभिप्राय और सचेष्ट उपयोग कर सके तो वह व्यक्तित्व को विशिष्टता देता है और रचना को विरलता। राजी इसी वास्ते धारा में भी अलग हैं। अपनी पहचान आप। राजी की कहानियाँ हिन्दी जगत में एक अलग जगह की अधिकारी हैं और अलग ढंग से बात करने की ज़रूरत महसूस कराती हैं।
—प्रभाकर क्षोत्रिय
The Journey Times
- Author Name:
Anand Kumar
- Book Type:

- Description: ‘An acute observation, a happening around life that interests you, can make an interesting story. You may blow up a simple incident with your language skill and contrive a story.’ ‘The unwritten novels and stories float in a world of mind. An author happens to pass through them. One of these may fit into the groove of his mind, like a key in the lock. Upon engagement with the corresponding hiatus, the book empties its contents into it.’ ‘Sometimes, a power possesses you. It speaks through you. Some beings take possession of a capable mind, and make him write their own story.’ ‘There is a mart of wizards. It has a story lane in it. The shopkeepers sit with small beautiful velvety bundles—black, silver, cherry red, orange, blue, green, and golden—each contains either ariovel or a story, or even a poem. Generally, the passers-by in this charmed alley aie the story-tellers and poets.’ ‘Often a Santa Claus-like bei|j> passes on Ms sleigh drawn by his seven reindeers-,- He bestows gifts to the spectators wfi) stand along his trail. Authors may find tender saplings of novels and stories. They are to be watered and raised, ijrtd then shaped with industry to a handsome form.’ Anand Kumar
Godbharai
- Author Name:
Jyoti Jain
- Book Type:

- Description: This book has no description
Murdalok
- Author Name:
Kumar Mithilesh Prasad Singh
- Book Type:

-
Description:
परम्पराएँ, किंवदन्तियाँ और भ्रामक प्रचलित विचारों से मुक्ति दिलाकर समाज को जागरूक, चेतनासम्पन्न और प्रगतिशील धारा से जोड़नेवाला कहानी-संकलन। इस संकलन की हर कहानी की विषयवस्तु का अपना एक धरातल है और हर कहानी अनुभव का एक नया संसार खोलती है। संकलन की कहानियाँ नई दृष्टि, नई सोच को ही प्रतिष्ठापित नहीं करती हैं, बल्कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण भी देती हैं। कहानियों के पात्र आम जीवन से उठाए गए हैं जो साधारण जीवन जीते हैं और बहुत से मानदंडों और निषेधों से मुक्त भी
हैं।लेखक ने इनके साथ सदियों से हो रहे जुल्म और अन्याय को भी रेखांकित किया है जो वे सदियों से झेल रहे हैं और उनके लिए एक समतामूलक समाज की आकांक्षा व्यक्त करते हैं। लेखक ने कहानियों को लोकभाषा से अलंकृत कर पात्रों को जीवन्त ही नहीं किया, बल्कि उनकी मर्मभेदी पीड़ा को संवेदनशील अभिव्यक्ति भी दी है। ये कहानियाँ सही और सच्चे अर्थों में साहित्य की उस सार्थक भूमिका का भी निर्वाह करती हैं जिसके तहत साहित्य को समाज का पथप्रदर्शक माना जाता है। समाज के यथार्थ से साक्षात्कार कराते हुए, वर्तमान समाज को बदलने का आह्वान करते हुए सघन संवेदना के धरातल पर सृजित की गई ये कहानियाँ कुरीतियों को पोषित करनेवाले रूढ़िवादी समाज के लिए एक संकेत भी हैं कि अब परिवर्तन आवश्यक नहीं अनिवार्य हो चला है। पाठकगण इन कहानियों के माध्यम से एक नया अर्थ-सन्दर्भ प्राप्त करेंगे।
Katha Sarang
- Author Name:
Anjum sharma
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Ghar Wapsi
- Author Name:
Manoj Kumar Shiv
- Book Type:

- Description: "घर वापसी" युवा कथाकार मनोज कुमार शिव का पहला कहानी-संग्रह है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर के निकट के एक छोटे से क़स्बे से आने वाले मनोज की जड़ पहाड़ पर उगे देवदार की तरह गहराई तक है। वहाँ के जन-जीवन, लोक-परम्परा और निरंतर बदलते हालात के बीच पहाड़ी अस्मिता और मनुष्यता के संघर्ष की कहानियाँ इन्होंने जिस सहजता और खूबसूरती से कही है, इसने इस कथाकार से बड़ी उम्मीद जगा दी है। मनोज कुमार शिव की कहानियों के बाबत चर्चित कथाकार मुरारी शर्मा लिखते हैं-- "मनोज कुमार शिव नई पीढ़ी के संभावनाशील कथाकार हैं। इन कहानियों से गुज़रना दूर-दराज के अंचलों में बसे जनमानस के जीवन से साक्षात्कार करने जैसा है। मनोज बेहद संवेदनशील रचनाकार हैं और अपने लोक को सूक्ष्मता से पकड़ते ही नहीं बल्कि उसमें डूबकर जीते भी हैं। वे सही मायने में लोकजीवन के कथाकार हैं और ग्राम्य परिवेश में तेज़ी से आ रहे बदलाव को न केवल महसूस करते हैं, अपितु आम जनमानस के दर्द का हिस्सा बनकर प्रतिकार भी करते हैं। मनोज कुमार शिव नई पीढ़ी के ऐसे कथाकार हैं जो लोकजीवन में गहरी पैठ रखते हैं। अपने आसपास हो रहे सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक बदलावों को वे न केवल महसूस करते हैं बल्कि आमजन के आचार-व्यवहार, रहन-सहन, बोली-भाषा और समग्र जीवन में हो रहे बदलाव को अपनी रचनाशीलता का हिस्सा बनाते हैं। अपने पहले कथा-संग्रह से मनोज हिंदी के विशाल पाठकवर्ग के समक्ष अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज करवा रहे हैं। मनोज की अधिकांश कहानियों का कथानक पहाड़ी ग्रामीण परिवेश है जहाँ की मिट्टी में लोटपोट होकर, नदी-नालों, हाटघराट, जंगल-देवता के थान आदि में उनका बचपन बीता है। इसी परिवेश से उनकी कहानियों के किरदार सामने आते हैं।"
Dehaat
- Author Name:
Mahesh Katare
- Book Type:

- Description: This book has no description
Hijarat Se Pahale
- Author Name:
Vandana Rag
- Book Type:

-
Description:
सूक्ष्म अन्तर्दृष्टि और गहरे भावनात्मक प्रवाह की धनी कथाकार वंदना राग का यह नया कहानी-संग्रह उनके कथाकार की क्षमताओं के नए क्षितिजों से परिचित कराता है। परिपक्व भाषा-संस्कार और अपने पात्रों के माध्यम से अपने समय-समाज के स्याह-सफ़ेद पर वयस्क दृष्टि डालते हुए वंदना राग अपनी कहानियों में जीवन की जिन विडम्बनाओं और छवियों को चिह्नित करती हैं, उनसे हम अपने समय के ख़ाली स्थानों को समझ और पकड़ सकते हैं।
वंदना राग के पात्र अपनी संश्लिष्टता और वैविध्य में अपने समकालीन सच्चाइयों को इतने विश्वसनीय ढंग से उजागर करते हैं कि उनकी कहानियाँ अपने समय की समीक्षा करती नज़र आती हैं। जिए हुए और जिए जा रहे अपने वक़्त का साक्ष्य उनकी भाषा में भी दिखाई देता है जो सिर्फ़ कहानी को बयान नहीं करती, उसकी अन्तर्ध्वनियों को चिह्नित भी करती जाती हैं।
इस संग्रह में शामिल दसों कहानियाँ इस तथ्य की साक्षी हैं कि हिन्दी की युवा कहानी अपने कथ्य के ज़रिए अपने वक़्त को जितनी गम्भीरता से पकड़ने की कोशिश कर रही है, वह उल्लेखनीय है, और वंदना राग ने इस परिदृश्य में अपनी सतत और रचनात्मक उपस्थिति से बार-बार भरोसा जगाया है। संग्रह में शामिल ‘विरासत’, ‘क्रिसमस कैरोल’, ‘मोनिका फिर याद आई’ और ‘हिजरत से पहले’ जैसी कहानियाँ पाठकों को लम्बे समय तक याद रहेंगी।
Pratinidhi Kahaniyan : Rajkamal Choudhary
- Author Name:
Rajkamal Chaudhary
- Book Type:

- Description: प्रस्तुत संकलन की कहानियाँ रोटी, सेक्स एवं सुरक्षा के जटिल व्याकरण से जूझते आम जनजीवन की त्रासदी की कथा कहती हैं। राजकमल की मैथिली कहानियों के पात्र जहाँ सामाजिक मान्यताओं के व्यूह में फँसकर भी अपनी परम्पराओं के मानदंड में परहेज़ से रहते हैं, वहाँ इनकी हिन्दी कहानियों के पात्र महानगरीय जीवन के कशमकश में टूट-बिखर जाते हैं। यौन-विकृतियाँ इनकी मैथिली एवं हिन्दी—दोनों भाषाओं की कहानियों का प्रमुख विषय है और दोनों जगह यह अर्थतंत्र द्वारा ही संचालित होती हैं। ये कहानियाँ कहानीकार की गहन जीवनानुभूति और तीक्ष्णतम अभिव्यक्ति का सबूत पेश करती हैं। राजकमल की कहानियाँ न केवल विषय के स्तर पर, बल्कि भाषा एवं शिल्प की अन्यान्य प्रविधियों के स्तर पर भी एक चुनौती है जो कई मायने में सराहनीय भी है और ग्रहणीय भी। इनकी कहानियों का सबसे बड़ा सच है कि जहाँ इनकी कहानी ख़त्म होती है, उसकी असली शुरुआत वहीं से होती है।
Pratinidhi Kahaniyan : Bhishma Sahni
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

- Description: भीष्म साहनी के कथा-साहित्य से गुज़रना अपने समय को बेधते हुए गुज़रना है। हिन्दी के प्रगतिशील कहानीकारों में उनका स्थान बहुत ऊँचा है। यहाँ उनके सात कहानी-संग्रहों से प्राय: सभी प्रतिनिधि कहानियों को संकलित कर लिया गया है। युग-सापेक्ष सामाजिक यथार्थ, मूल्यपरक अर्थवत्ता और रचनात्मक सादगी इन कहानियों के कुछ ऐसे पहलू हैं, जो हमारे लिए किसी भी काल्पनिक और मनोरंजक दुनिया को ग़ैर-ज़रूरी ठहराते हैं। विभिन्न जीवन-स्थितियों में पड़े इनके असंख्य पात्र आधुनिक भारतीय समाज की अनेक जटिल परतों को पाठकों पर खोलते हैं। उनकी बुराइयाँ, उनका अज्ञान और उनके हालत व्यक्तिगत नहीं, सार्वजनीन और व्यवस्थाजन्य हैं। इसके साथ ही इन कहानियों में ऐसे चरित्रों की भी कमी नहीं, जो गहन मानवीय संवेदना से भरे हुए हैं और अपने-अपने यथास्थितिवाद से उबरते हुए एक सार्थक सामाजिक बदलाव के लिए संघर्षरत शक्तियों से जुड़कर नया अर्थ ग्रहण करते हैं। वे न तो अपनी भयावह और दारुण दशा से आक्रान्त होते हैं न निराश, बल्कि अपने साथ-साथ पाठकों को भी संघर्ष की एक नई उर्जा से भर जाते हैं।
Katha Saptak Manisha Kulshreshtha
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Rating:
- Book Type:


- Description: स्त्री जीवन के विभिन्न रंगों को उकेरी ७ कहानियाँ, हरेक कहानी अपने आप में भावनाओं के अनूठे अनुभवों को समेटे हुए। - कठपुतलियाँ - स्वाँग - एडोनिस और लिली के फूल - क़सुमल रंग - आर्किड - एक थी लिलन - ज़मीन
Pratinidhi Kahaniyan
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description: संजीव ऐसे अकेले हिन्दी कथाकार हैं जो अपने कथानकों में तथ्यात्मक ‘एक्यूरेसी’ पर किसी समाजशास्त्री की तरह ध्यान देते हैं, उनके लिए शोध करते हैं और उन्हें पात्रों के जीवन्त अनुभव का हिस्सा बनाकर कहानी में लाते हैं। महत्त्वपूर्ण यह कि इस प्रक्रिया में न कहीं उनकी भाषा डगमगाती है, न ही कहानी का खाका असन्तुलित होता है। उनकी कहानियों को पढ़ना जैसे एक सचमुच के समाज को सीधे-सीधे देखना है, उसके प्रामाणिक स्वरूप में। उसकी सामाजिक-राजनीतिक तमाम प्रक्रियाओं के साथ। प्रामाणिकता उनकी विशेषता है जो उनकी भाषा में भी दिखाई देती है। देशज और आंचलिक भाषाओं के शब्दों, वाक्यों का प्रयोग करते हुए भी वे उतने ही सजग रहते हैं जितने कथा-परिवेश से सम्बन्धित अन्य कारकों को कहानी में अंकित करते हुए। उनके अनुभव संसार की परिधि भी आश्चर्यजनक हद तक व्यापक रही है जिसे वे मनुष्यता के गहरे सरोकारों से एक रचनात्मक अन्विति देते हैं। उनके यहाँ न कहीं बिखराव है, न भटकाव, न विचार के स्तर पर, न ही शिल्प के स्तर पर। उनकी कहानियों को केवल रसास्वाद के लिए नहीं, एक अध्ययन की तरह पढ़ा जाता है जिनसे हमारी संवेदनात्मक गहराई के साथ-साथ हमारा ज्ञानात्मक वलय भी विस्तृत होता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book