Sampoorn Kahaniyan : Alka Saraogi
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Author:
Alka SaraogiPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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अलका सरावगी अपनी कहानी अकसर जीवन और अस्तित्व के उस बिन्दु से उठाती हैं, जहाँ सामान्यत: कोई कहानी दिखाई नहीं देती। यह उनका कौशल है कि ऐसे ही किसी अनदीखते से दृश्य को वे एक सम्पूर्ण कहानी में खोल देती हैं। अपने पात्रों की मन:स्थिति, समाज का अध्ययन और मनुष्य के अन्तर्जगत की उनकी बारीक समझ इस रचना-यात्रा में उनके साथ रहती है, जिसके परिणामस्वरूप न सिर्फ एक पठनीय कथा हमारे सामने होती है, बल्कि जीवन का भी एक अछूता पक्ष हम देख पाते हैं।</p> <p>यह उनकी सम्पूर्ण कहानियों का संकलन है जिसमें उनकी अब तक की सभी कहानियों को शामिल कर लिया गया है; वे भी जो अभी तक किसी संकलन में नहीं आ पाई थीं। अपनी कहानियों के बारे में उनका कहना है कि इन कहानियों ने ‘मुझे अपने चारों ओर, और व्यापक समाज में फैली हुईं असमानताओं और उनसे जूझते आदमी व उसके आन्तरिक और बाहरी विस्थापन को समझने की दृष्टि दी।’</p> <p>इन कहानियों से गुजरना एक नई तरह की दुनिया से गुजरना है, ख़ासतौर पर संरचना के स्तर पर अलका जी की कहानियों को पढ़ना एक भिन्न अनुभव है। यहाँ हम न सिर्फ कहानी पढ़ते हैं, बल्कि उसके बनने की प्रक्रिया से भी साक्षात्कार करते हैं।</p> <p>एक संग्रहणीय संचयन!
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अलका सरावगी अपनी कहानी अकसर जीवन और अस्तित्व के उस बिन्दु से उठाती हैं, जहाँ सामान्यत: कोई कहानी दिखाई नहीं देती। यह उनका कौशल है कि ऐसे ही किसी अनदीखते से दृश्य को वे एक सम्पूर्ण कहानी में खोल देती हैं। अपने पात्रों की मन:स्थिति, समाज का अध्ययन और मनुष्य के अन्तर्जगत की उनकी बारीक समझ इस रचना-यात्रा में उनके साथ रहती है, जिसके परिणामस्वरूप न सिर्फ एक पठनीय कथा हमारे सामने होती है, बल्कि जीवन का भी एक अछूता पक्ष हम देख पाते हैं।</p>
<p>यह उनकी सम्पूर्ण कहानियों का संकलन है जिसमें उनकी अब तक की सभी कहानियों को शामिल कर लिया गया है; वे भी जो अभी तक किसी संकलन में नहीं आ पाई थीं। अपनी कहानियों के बारे में उनका कहना है कि इन कहानियों ने ‘मुझे अपने चारों ओर, और व्यापक समाज में फैली हुईं असमानताओं और उनसे जूझते आदमी व उसके आन्तरिक और बाहरी विस्थापन को समझने की दृष्टि दी।’</p>
<p>इन कहानियों से गुजरना एक नई तरह की दुनिया से गुजरना है, ख़ासतौर पर संरचना के स्तर पर अलका जी की कहानियों को पढ़ना एक भिन्न अनुभव है। यहाँ हम न सिर्फ कहानी पढ़ते हैं, बल्कि उसके बनने की प्रक्रिया से भी साक्षात्कार करते हैं।</p>
<p>एक संग्रहणीय संचयन!
Book Details
-
ISBN9789360869786
-
Pages296
-
Avg Reading Time10 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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