O Bhairvi
Author:
YashpalPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 60
₹
75
Available
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है।</p>
<p>‘ओ भैरवी!’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘ओ भैरवी!’, ‘वर्दी’, ‘नकारा’, ‘सामन्ती कृपा’, ‘देवी की लीला’, ‘गौ माता’, ‘महाराजा का इलाज’, ‘मूर्ख क्रोध’, ‘सब की इज़्ज़त’, ‘न्याय और दंड’, ‘मन की पुकार’ और ‘देखा-सुना आदमी’।
ISBN: 9788180314490
Pages: 130
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
THREE MEN IN A BOAT (CLASS IX)
- Author Name:
Jerome K Jerome
- Book Type:

- Description: Three men in a Boat is generally accepted as a work of humor due to the amusing anecdotes the three men relate during their trip up the Thames. However, author Jerome K. Jerome originally intended the book to be a travel Guide for tourists participating in the then-popular activity of leisure boating. Though the book did serve as a useful travel guideline, in fact, still does, as many of the inns and pubs named in the work are still open—the timeless humor of jerome's writing and the extreme popularity of the book in great Britain transformed it into an important piece of popular culture as well.
Mithuna
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description: ತೆಲುಗುನಲ್ಲಿ ಶ್ರೀರಮಣ ಬರೆದ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನ ಬಹಳ ಪ್ರಸಿದ್ಧಿಯನ್ನು ಪಡೆದಿದೆ. ಸುಮಾರು ಮೂರು ಲಕ್ಷಕ್ಕೂ ಹೆಚ್ಚು ಪ್ರತಿಗಳು ಆಂಧ್ರದಲ್ಲಿ ಮಾರಾಟವಾಗಿವೆ. ’ಮಿಥುನ’ ಕತೆಯನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ಹಲವಾರು ಭಾಷೆಗಳಲ್ಲಿ ಸಿನಿಮಾ ಮಾಡಲಾಗಿದೆ. ಕನ್ನಡದ ಓದುಗರು ಇದನ್ನು ಅತ್ಯಂತ ಪ್ರೀತಿಯಿಂದ ತಮ್ಮ ನಾಡಿನ ಕತೆಗಳೆನ್ನುವಂತೆ ಸ್ವೀಕರಿಸಿದ್ದಾರೆ. ಸುಮಾರು ನಾಲ್ಕು ತಂಡಗಳು ಈ ಕತೆಗಳನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ನಾಟಕವನ್ನು ರಂಗಭೂಮಿಗೆ ತಂದಿವೆ. ಕೊಡವ ಭಾಷೆಯಲ್ಲಿಯೂ ’ಮಿಥುನ’ ಕತೆಯನ್ನು ಆಧರಿಸಿ ನಾಟಕ ಮಾಡಿಸಿದ್ದು ಈ ಕತೆಯ ಹೆಗ್ಗಳಿಕೆ ಮತ್ತು ಜನಪ್ರೀತಿಗೆ ಧ್ಯೋತಕವಾಗಿದೆ.
Vyangya Saptak - Kailash Mandlekar
- Author Name:
Kailash Mandlekar
- Book Type:

- Description: Collection of humourous and witty stories. Written by Kailash Mandlekar.
Ek Duniya : Samanantar
- Author Name:
Rajendra Yadav
- Book Type:

-
Description:
आधुनिक साहित्य की सबसे अधिक सशक्त, जीवन्त और महत्त्वपूर्ण साहित्य विधा—कहानी—को लेकर इधर जो विवाद, हलचलें, प्रश्न, जिज्ञासाएँ और गोष्ठियाँ हुई हैं, उन सभी में कला-साहित्य के नए-पुराने सवालों को बार-बार उठाया गया है। कथाकार राजेन्द्र यादव ने पहली बार कहानी के मूलभूत और सामयिक प्रश्नों को साहस और व्यापक अन्तर्दृष्टि के साथ खुलकर सामने रखा है, देशी-विदेशी कहानियों के परिप्रेक्ष्य में उन पर विचार और उनका निर्भीक विवेचन किया है। कइयों की अप्रसन्नता और समर्थन की चिन्ता से मुक्त, यह गम्भीर विश्लेषण जितना तीखा है, उतना ही महत्त्वपूर्ण भी।
लेकिन उन कहानियों के बिना यह सारा विश्लेषण अधूरा रहता जिनका ज़िक्र समीक्षक, लेखक, सम्पादक, पाठक बार-बार करते रहे हैं; और जिनसे आज की कहानी का धरातल बना है।
निर्विवाद रूप से यह स्वातंत्र्योत्तर हिन्दी-कहानी का बेजोड़ संकलन और प्रामाणिक ‘हैंड-बुक’ है। यह सिर्फ़ कुछ कहानियों का ढेर या बंडल नहीं है, बल्कि इनके चुनाव के पीछे एक विशेष जागरूक दृष्टि और कलात्मक आग्रह है।
इसीलिए आज की सम्पूर्ण रचनात्मक चेतना को समझने के लिए ‘एक दुनिया : समानान्तर’ अपरिहार्य और अनुपेक्षणीय संकलन है, ऐतिहासिक और समकालीन लेखन का प्रतिनिधि सन्दर्भ ग्रन्थ...
‘एक दुनिया : समानान्तर’ की भूमिका ने कथा-समीक्षा में भीषण उथल-पुथल मचाई है, मूल्यांकन को नए धरातल दिए हैं। यह समीक्षा अपने आप में हिन्दी के विचार-साहित्य की एक उपलब्धि है।
यह नया संस्करण इसकी लोकप्रियता का प्रमाण है।
RahmanKhera Ka Bagh
- Author Name:
Utkarsh Shukla
- Book Type:

- Description: ‘रहमान खेड़ा का बाघ’ संग्रह की कहानियाँ और संस्मरण उन वन्य जीवों के हैं जो किसी-न-किसी कारण अपने परिवेश, अपने जंगलों से बिछड़ गए हैं और जंगल से दूर शहरों, गाँवों और कस्बों में भटक गए हैं। यह वन्य जीव सिर्फ अपना खोया हुआ घर ढूँढ़ रहे हैं। जहाँ उन्हें खाने के लिए भोजन, पीने के लिए पानी और सिर छुपाने को जगह मिल जाए। भटकते हुए वन्य जीव, भटक जाने पर अजीब-सा व्यवहार करते हैं हमने इनके बारे में अब तक जो भी सुना, पढ़ा और देखा होता है वो सब बेकार हो जाता है। हर भटका हुआ वन्य जीव एक नई किताब होता है, जिसका अन्त आपको किताब के आखिरी पन्ने पर मालूम होता है। ये कहानियाँ अनुभवों का एक प्रवाह हैं जिसमें कई वर्षों की धारा को एक दिशा देने का प्रयास किया गया है।
Kailash Gautam Samagra : Vols. 1-3
- Author Name:
Kailash Gautam
- Book Type:

- Description: ‘कैलाश गौतम समग्र’ (तीन खंड) वस्तुतः समय के सच को रेखांकित करते हुए, चुनौतियों में जूझते हुए आम जनमानस की ही आवाज़ है। यह सहज साहित्यिक मौलिक अभिव्यक्ति का बोलता-बतियाता दस्तावेज़ है। सुव्यवस्थित दुर्व्यवस्था की विद्रूपताओं-विसंगतियों पर चोट के साथ-साथ, राग-अनुराग मिलन-मनुहार विछोह भी है। बदलते हुए गाँव और शहरीकरण का टूटता तिलस्म भी। ‘गंगा’, ‘झुनिया’, ‘अमावस्या का मेला’, ‘कचहरी’, ‘भाभी की चिट्ठी’, ‘कुर्सी’, ‘अन्हरे से लड़ाई’, ‘पप्पू की दुलहिन’, ‘रामलाल का फगुआ’, ‘धुरन्धर’, ‘मीराबाई’ जैसी अनेकानेक कालजयी रचनाएँ भी जो आम आदमी से लेकर शीर्षस्थ आलोचकों व समीक्षकों के भी ज़ुबान पर हैं। वे सारे पात्र और देसज मुहावरे सब सजीव हो उठते हैं, ऐसा लगता है। इसमें लोकबोली की मिठास के साथ ही तीज-त्योहारों, हँसी-ख़ुशी और पनप रहा फीकापन भी है। महँगाई की मार है तो रिश्तों की मिठास-खटास भी। तीन खंडों में प्रस्तुत यह समग्र कैलाश गौतम के गद्य-पद्य का समूचा रचना-संसार है। सुविख्यात सम्पादकों व आलोचकों की भूमिकाओं के साथ मनकवि-जनकवि कैलाश गौतम की रचनात्मक अभिव्यक्ति का एक निष्पक्ष, सच्चा और सारगर्भित लेखा-जोखा है।
Katha Saptak Alpana Mishr
- Author Name:
Alpana Mishr
- Book Type:

- Description: Collection of 7 brilliant stories: - छावनी में बेघर - मुक्ति - प्रसंग - मिड डे मील - उपस्थिति - बेतरतीब - अंधेरी सुरंग में टेढ़े मेढ़े अक्षर - कथा के ग़ैरज़रूरी प्रदेश में
Chaupde Ki Chudailen
- Author Name:
Pankaj Subeer
- Book Type:

- Description: This book has no description
Pratinidhi Kahaniyan : Mridula Garg
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

-
Description:
‘साहित्य अकादेमी पुरस्कार’ से सम्मानित मृदुला गर्ग का कथा-संसार विविधता के अछोर तक फैला हुआ है। उनकी कहानियाँ मनुष्य के सारे सरोकारों से गहरे तक जुड़ी हुई हैं। समाज, देश, राजनीतिक माहौल, सामाजिक वर्जनाओं, पर्यावरण से लेकर मानव मन की रेशे-रेशे पड़ताल करती नज़र आती हैं। इस संकलन की कहानियाँ अपने इसी ‘मूड’ या मिज़ाज के साथ प्रस्तुत हुई हैं।
मृदुला गर्ग की कहानियाँ पाठक के लिए इतना ‘स्पेस’ देती हैं कि आप लेखक को गाइड बना तिलिस्म में नहीं उतर सकते, इसे आपको अपने अनुसार ही हल करना पड़ता है। यही कारण है कि बने-बनाए फ़ॉरमेट या ढर्रे से, ऊबे बग़ैर, आप पूरी रोचकता, कौतूहल और दार्शनिक निष्कर्ष तक पहुँच सकते हैं। गलदश्रुता के लिए जगह न होते हुए भी आपकी आँखें कब नम हो जाएँ, यह आपके पाठकीय चौकन्ने पर निर्भर करता है। यही मृदुला गर्ग की क़िस्सागोई का कौशल या कमाल है, जहाँ लिजलिजी भावुकता बेशक नहीं मिलेगी, पर भावना और संवेदना की गहरी घाटियाँ मौजूद हैं, एक बौद्धिक विवेचन के साथ।
—दिनेश द्विवेदी
Chhat Par Dastak
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

-
Description:
नई कहानी के दौर के बाद जिन कथाकारों ने अपनी अलग पहचान बनाई, उनमें मृदुला गर्ग एक अग्रणी नाम है। पिछले तीस-पैंतीस वर्षों से मृदुला जी की कहानियाँ चर्चा में रही हैं। इसकी वजहें कई हैं, मसलन, शिल्प का चमत्कार, कथ्य में नयापन, किस्सागोई का जादू, विचारों की आँच आदि...
मृदुला जी के यहाँ सम्बन्धहीनता सम्बन्ध में, मृत्यु जीवन में और जीवन परम्परा में पर्यवसित होकर सातत्य और अमरत्व प्राप्त करता है। नारी-विमर्श में ‘विश्व भगिनीवाद’ की खुशबू बिखेरती मृदुला जी की अपनी ही पहचान है जो कल भी विशिष्ट थी, आज भी विशिष्ट हैं।
Something Unspoken Too - Award Winning Short Stories
- Author Name:
Prem Parkash +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: Something Unspoken Too, Kujjh Ankeha Vi, which won Prem Parkash the prestigious Sahitya Akademi Award in 1992, is now being rendered into English as Something Unspoken Too. Most of the stories iun this collection bear testimony to this unique facet of Prem Parkash's art and craft, through which he searches for the hidden, the unrevealed, the mysterious and the unspoken, all in an effort to understand the complexities of human motives and actions. Thestories in this collection move precariously across the spectruuum of words and silences, giving rise to spaces in which the unarticulated can aesthetically be located. Prem Parkash is a 'poet' of the twilight zone, a wanderer of forbidden territories and a cartographer of complex human relationships.
Dogri Kathavan
- Author Name:
Shyam Jangid
- Book Type:

- Description: भारतीय भासावां मांय डोगरी कहाणियां आपरी अळगी मठोठ राखै। डीगा डूंगर, चीड़-देवदार रा जंगल अर लोक-संस्क्रति डोगरी कहाणियां में गमकै। केंद्रीय साहित्य अकादेमी कांनी सू प्रकासित राजस्थानी में उल्थासुदा औ डोगरी कथावां रौ संकलण निश्चै ई एक महताऊ ग्रंथ है। क्यूंकै इण पोथी में डोगरी रा सबळ अर नांमी रचनाकारां री कहाणियां भेली है।
Kahin Kuchh Nahin
- Author Name:
Shashibhushan Dwivedi
- Book Type:

-
Description:
‘ख़ामोशी और कोलाहल के बीच की किसी जगह पर वह कहीं खड़ा है। और इस खेल का मज़ा ले रहा है। क्या सचमुच ख़ामोशी और कोलाहल के बीच कोई स्पेस था, जहाँ वह खड़ा था।'
उपर्युक्त पंक्तियाँ बहुचर्चित कथाकार शशिभूषण द्विवेदी की कहानी ‘काला गुलाब’ से हैं। ये ‘काला गुलाब’ जैसी जटिल संवेदना और संरचना की कहानी को 'डिकोड' करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। लेकिन उसके लेखक शशिभूषण द्विवेदी की रचनाशीलता को समझने का सूत्र भी उपलब्ध कराती हैं। वाक़ई शशिभूषण की कहानियाँ न तो यथार्थवाद और जीवन-जीवन का शोर मचाती हैं, न ही वे कला की चुप्पियाँ चुनती हैं। शशिभूषण इन दोनों के बीच हैं और ख़ामोशी के साथ जीवन के यथार्थ की चहल-पहल, उसकी रंग-बिरंगी छवियों को पकड़ते हैं। साथ ही वे जीवन के कोलाहल के बीच भी उसकी अदृश्य रेखाओं की खोज करते हैं—उसकी चुप ध्वनियों को सुनते हैं। बात शायद स्पष्ट नहीं हो सकी है, इसलिए शशिभूषण की ‘काला गुलाब’ से ही एक अन्य उदाहरण—‘लिखना आसान होता है। लिखते हुए रुक जाना मुश्किल। इसी मुश्किल में शायद ज़िन्दगी का रहस्य है।' लिखते-लिखते रुक जाने की मुश्किल उन्हीं रचनाकारों के सामने दरपेश होती है जो ख़ामोशी की आवाज़ सुनते हैं और कोलाहल की ख़ामोशी भी महसूस करते हैं। लेखक के लिए यह एक कठिन सिद्धि है, लेकिन सुखद है कि शशिभूषण इसे हासिल करते हुए दिखते हैं। बेशक उनकी यह उपलब्धि उन्हें मिले पुरस्कारों से कई-कई गुना महत्त्वपूर्ण है।
—अखिलेश
प्रसिद्ध कथाकार, सम्पादक—‘तद्भव’
Panchtantra Ki Kahaniyan
- Author Name:
Rampratap Tripathi Shastri
- Book Type:

- Description: पंचतंत्र की कहानियों में पांडित्य और हास्यरस का जो अपूर्व समन्वय देखने को मिलता है, उससे ज्ञात होता है कि इसका रचयिता कितना मधुर कथाकार तथा निपुण लेखक था। उसकी तीक्ष्ण बुद्धि राजनीति और कूटनीति की गुत्थियों में जितनी रमती थी, उतनी ही पाठकों तथा श्रोताओं की सहानुभूति, अभिरुचि, कल्पना एवं मनोरंजन की भावना को तुष्ट करने के लिए प्रयत्नशील रहती थी। उसने एक ऐसी कथाशैली का आविष्कार किया, जो आज के युग में भी अनुकरणीय बनी हुई है। उसकी प्रत्येक कहानी स्वयं कहानी के रूप में जितनी मनोहारिणी तथा लोकरंजक है, उतनी ही किसी धर्म-कथा, राजनीति, कूटनीति अथवा सामाजिक हित-चिन्ता का मनोहर दृष्टान्त उपस्थित करनेवाली भी है।
Ashtray
- Author Name:
Haider Rizvi
- Book Type:

- Description: एक नहीं दो नहीं सैंकड़ों देंगे देखे हैं मैने... मैने बंगाल की चीख़ती माएँ देखी हैं, मैंने लाहौर की सड़कों पर काट कर गिराए गए स्तन देखे हैं, मैंने बम्बई की झुग्गियों में कई बार अपने पेट से निकलती चीख़ को अपने गले तक आते आते घुट जाते हुए देखा है, मैंने बिहार में अपने पैरों के बीच सर्द लोहे के सलाख़ की ठंडक महसूस की है, मैने चौरासी में गोरी-भरे बदन की पंजाबिनें तलाशती आँखें देखी हैं, मैंने गुजरात में अपने पेट में पड़े बच्चे की हर झटके पर निकलती हुई ख़ामोश चीखें सुनी हैं... मैंने सभी दंगों को देखा है... और अपनी इन्हीं आँखों से देखा है.... क्यूंकि दंगे सिर्फ़ एक औरत ही देख सकती है... औरत के लिए दंगा कोई ख़बर नहीं होता, कोई घटना नहीं होती, और इतिहास तो बिलकुल भी नहीं होता.. दंगा उसके लिए एक वो चीज़ होती है जो हमेशा घटती रहती है, जिसे वो हमेशा जीती रहती है, जिसे वो अच्छी तरह पहचानती है और हाँ, सिर्फ़ वही पहचानती है.... लेकिन मैं क्यों वक़्त रहते नहीं पहचान पायी? - इसी पुस्तक से -
Char Din Ki Jawani Teri
- Author Name:
Mrinal Pande
- Book Type:

-
Description:
तेजी से सिकुड़ती इस दुनिया में पिछड़ा भारत ‘नएपन’ के ओले सह रहा है। नयापन का दायरा तकनीक, पद्धति, वस्तु से लेकर विचार तक फैला है। नए वाद के आगमन के साथ पुराने वादों के अन्त की घोषणाओं में कथा के अन्त की घोषणा शामिल है। साहित्य अकबकाया दीखता है।
लेकिन इस संकलन की कहानियाँ अपनी ज़मीन में जड़ों को पसारती, तने को ठसके से खड़ा रखे हुए दीखती हैं क्योंकि उन्हें भरोसा है अपनी कथा में सिक्त पूर्वी तर्ज का। उनमें पहाड़ का दरकता जीवन अपने रूढ़ विश्वासों और गतिशीलता, दोनों के साथ दीखता है। कहानियों में जीवन की स्थितियाँ और चरित्र दोनों महत्त्व पाते हैं। इनमें हिर्दा मेयो जैसा अनूठा चरित्र भी है। उसकी हँसी में ऐसा रुदन छिपा है जो सीधे पहाड़ की दरकती छाती से फूटता रहता है, फिर भी अपनी अस्मिता पहाड़ में ही तलाशता है। मंत्र से बवासीर ठीक कर लेने का भ्रम पालने वाले हरूचा के साथ विदेश में जा बसे मुन्नू चा जैसे चरित्र भी हैं। विकास के नाम पर पहाड़ की संजीवनी सोख लेनेवाली शक्तियाँ हैं। प्रकृति के आदिम प्रजनन कृषि पर पड़ती परायी छाया की दारुण कथा ‘बीज’ में है। जहाँ हिर्दा मेयो में पहाड़ का धीरज है, वहीं उसके मंझले बेटे में पहाड़ का ग़ुस्सा भी है।
इन कहानियों में आत्मविश्वास से भरा खुलापन है जो परम्परा की मिट्टी पर प्रयोग करता चलता है।
कथा-रस से भरपूर इन कहानियों में विवरण की भव्यता के साथ-साथ चरित्र-चित्रण की विरल कुशलता भी लक्षित होती है। भाषा में लचीलापन के साथ कविता-सी ख़ुशबू भी है। परम्परा के संग चलती प्रयोगशीलता भी है। देशज मिट्टी से फूटी आधुनिकता प्रयोग के लिए परायों का मुँह नहीं जोहती, बल्कि स्वयं नया रूप रचती है।
यह मृणाल पाण्डे का चौथा संकलन है जो नया तो है ही, प्रौढ़ भी है। इसीलिए इसकी रचनात्मकता की प्रतिध्वनियाँ भविष्य में भी सुनी जाएँगी।
— अरुण प्रकाश
Ek Dhani Vayakti Ka Bayan
- Author Name:
Amarkant
- Book Type:

-
Description:
अमरकान्त के पात्र क्षुद्रता, स्वार्थ और मजबूरियों से भरी दुनिया से आते हैं। वे अपनी स्वाभाविक जिजीविषा, बुनियादी अच्छाई और किसी न किसी तरह टिके रहने के लिए किए जानेवाले दाँव-पेचों से गुज़रते हुए अपनी निगाह में कामयाब होने के लिए जूझते हैं। और ये पात्र उसी तिनके के सहारे पार उतरने की कोशिश करने लगते हैं। वे हर जगह हर परिस्थिति में ख़ुद को एक कसौटी पर कसते हैं और फिर अपने ख़िलाफ़ माहौल पाते ही दूसरी कसौटी पर स्वयं को आजमाने लगते हैं।
‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ अमरकान्त की दस नई कहानियों का पठनीय संकलन है।
अमरकान्त के विख्यात शिल्प से रची गई इन कहानियों में व्यंग्य की अन्तर्धारा है जो कैरियर बनाने के लिए की जानेवाली मिजाजपुर्सी से लेकर क्रान्तिकारी उजबकपन की आलोचना करती चलती है। इस तरह ‘एक धनी व्यक्ति का बयान’ मध्यवर्गीय बिचौलिए और आकांक्षाओं का बयान बन जाता है।
IS CHHOR SE US CHHOR TAK
- Author Name:
Sushant Supriy
- Book Type:

- Description: Collection of short stories
Khaki Mein Insan
- Author Name:
Ashok Kumar
- Book Type:

-
Description:
इस किताब में ग्रामीण परिवेश से उठकर आई.आई.टी. दिल्ली से शिक्षा प्राप्त कर भारतीय पुलिस सेवा में आए एक अधिकारी द्वारा कुछ वास्तविक घटनाओं पर आधारित कहानियों के ज़रिए यह दर्शाने का प्रयास किया गया है कि अच्छी पुलिस व्यवस्था से सचमुच ग़रीब व असहाय लोगों की ज़िन्दगी में फ़र्क़ लाया जा सकता है।
पुस्तक में आज के समय के ज्वलन्त मुद्दों, जैसे—आतंकवाद, अमीर-ग़रीब के बीच बढ़ती खाई, महिलाओं के प्रति अपराध, समय के साथ बदलते व टूटते हुए मानवीय मूल्य, भू-माफ़ियाओं का बढ़ता हुआ जाल, अपराधियों के बढ़ते हुए हौसले आदि का सटीक एवं यथार्थ चित्रण किया गया है।
पुस्तक में दर्शाया गया है कि यद्यपि वर्तमान व्यवस्था में कुछ ख़ामियाँ आ गई हैं, फिर भी यदि ऊँचे पदों पर बैठे लोगों में दृढ़ इच्छाशक्ति हो, इंसानियत के नज़रिए से सोचने की क्षमता हो और कुछ कर दिखाने का जज़्बा हो तो यही व्यवस्था, यही सिस्टम लोगों की मदद करने में बहुत ही कारगर सिद्ध हो सकता है।
भारतीय पुलिस की जड़ें ब्रिटिश साम्राज्य की इम्पीरियल पुलिस से निकली हैं। पुस्तक में थानों की कार्यप्रणाली में बदलाव लाकर जन-समस्याओं की जड़ तक पहुँचने और पुलिस व्यवस्था को लोकतंत्र की आकांक्षाओं और अपेक्षाओं के अनुरूप बनाने के तौर-तरीक़ों का भी जीवन्त उल्लेख किया गया है।
Meh Ki Saundh
- Author Name:
Sweta Parmar "Nikki"
- Book Type:

- Description: ‘मेह की सौंध’ उन कहानियों का संकलन है, जो कथाकार स्वेता परमार ‘निक्की’ द्वारा वर्षों से लिखी गई कहानियों के संग्रह से चुनी गई हैं। इन कहानियों को पाठकवृंद अपनी जिंदगी से भी जोड़कर देख सकते हैं, क्योंकि लेखिका ने इन्हें अपने संपूर्ण दिल की भावनाओं से ओतप्रोत हो, आत्मा से शब्दों में बाँधा है। लेखिका का मानना है कि हमें हमेशा एक बात पर यकीन रखना चाहिए कि जिंदगी में वक्त कब, कहाँ, कैसे, कौन सी करवट ले, यह कोई नहीं जानता; पर कभी उम्मीद का दामन नहीं छोड़ना चाहिए, साथ नहीं छोड़ना चाहिए। तभी हमारे सपने एवं सोच साकार होते नजर आएँगे। बस जरूरत है एक साथ की, चाहे वह हमारी अपनी परछाई ही क्यों न हो! लघुकथाओं का संग्रह ‘मेह की सौंध’ अपनी अलग-अलग कथावस्तु के चलते पाठकों को नई ताजगी का एहसास कराएगा, पाठकों के हृदय में स्थान बनाएगा, ऐसा हमारा विश्वास है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book