Raat Ki Bahon Mein
(0)
Author:
Mohan RakeshPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
595
476 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
एक ख़ास योजना के तहत हिन्दी के दस प्रमुख कथाकारों द्वारा लिखी गईं ये कहानियाँ भारतीय समाज में शहरीकरण से पैदा होनेवाले बदलावों को रेखांकित करती हैं।</p> <p>दस अलग-अलग शहरों पर केन्द्रित इन कहानियों में नागरिक जीवन का एक बड़ा यथार्थ तो उभरकर आया ही है, नगरों की उन कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला गया है जो ख़ासकर रात में ही पैदा होती हैं। बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में भारतीय समाज कौन-सा नया रूप ग्रहण कर रहा है, उसकी सांस्कृतिक चेतना किस ओर अग्रसर हो रही है, व्यक्ति का संघर्ष क्यों सामाजिक संघर्ष का रूप नहीं ले रहा है आदि जैसे हमारे समय के कुछ अहम सवालों की ओर ही इशारा नहीं करती हैं ये कहानियाँ बल्कि, अपनी तरह से इनके जवाब भी तलाशती हैं।
Read moreAbout the Book
एक ख़ास योजना के तहत हिन्दी के दस प्रमुख कथाकारों द्वारा लिखी गईं ये कहानियाँ भारतीय समाज में शहरीकरण से पैदा होनेवाले बदलावों को रेखांकित करती हैं।</p>
<p>दस अलग-अलग शहरों पर केन्द्रित इन कहानियों में नागरिक जीवन का एक बड़ा यथार्थ तो उभरकर आया ही है, नगरों की उन कठिनाइयों पर भी प्रकाश डाला गया है जो ख़ासकर रात में ही पैदा होती हैं। बीसवीं सदी के उत्तरार्द्ध में भारतीय समाज कौन-सा नया रूप ग्रहण कर रहा है, उसकी सांस्कृतिक चेतना किस ओर अग्रसर हो रही है, व्यक्ति का संघर्ष क्यों सामाजिक संघर्ष का रूप नहीं ले रहा है आदि जैसे हमारे समय के कुछ अहम सवालों की ओर ही इशारा नहीं करती हैं ये कहानियाँ बल्कि, अपनी तरह से इनके जवाब भी तलाशती हैं।
Book Details
-
ISBN9788183610490
-
Pages148
-
Avg Reading Time5 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Thasak
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

- Description:
वरिष्ठ कथाकार ममता कालिया की इन कहानियों में आज का वक़्त अपनी तमाम विडम्बनाओं के साथ मौजूद है। नब्बे के दशक के दौरान और उसके बाद हमारे समाज ने जीवन के जिन नए रूपों को देखा और भोगा, वह उससे पहले हमारे दैनिक अनुभवों का हिस्सा नहीं थे। उदारीकरण आया, और अपने साथ ऐसी अनेक चीज़ें लेकर आया जिनसे हमारा जीने और देखने का तरीक़ा एकदम बदल गया—मोबाइल, इंटरनेट, बैंकिंग की नई-नई पद्धतियों, एटीएम, मल्टीप्लेक्स, मनोरंजन की चारों दिशाओं में पसरे नए-नए साधन और इन सबका बिना किसी हिचक सुख भोगने के लिए ज़रूरी निश्चिन्तता।
इन कहानियों में ममता कालिया ने बिलकुल इसी दौर में जन्मे नए कथाकार जैसी ताज़गी और सहजता के साथ इन सब चीज़ों से बनते नए वक़्त और नए नागरिक के चित्र खींचे हैं। और यह सुनी-पढ़ी सूचनाओं के नहीं, प्राथमिक और आँखों देखे अनुभवों के चित्र हैं। मशीनी सुगमता में बीतते जीवन ने अपने को इन कहानियों में इतने स्पष्ट रूप में रेखांकित किया है कि ममता जी की भाषा और कहन के प्रवाह में डूबा पाठक भी, उन्हें महसूस करने से नहीं बच पाता। यही इन कहानियों को लगभग इन्हीं विषयों पर लिखी जा रही अनेक कहानियों से विशिष्ट बनाता है।
Thumari
- Author Name:
Phanishwarnath Renu
- Book Type:

- Description:
अमर कथाशिल्पी फणीश्वरनाथ रेणु के उपन्यास अगर लोकजीवन के महाकाव्य हैं, तो उनकी कहानियाँ अविस्मरणीय कथा-गीत। ये मन के अछूते तारों को झंकृत करती हैं। इनमें एक अनोखी रसमयता और एक अनोखा सम्मोहन है। ‘ठुमरी’ में रेणु की नौ अतिचर्चित कहानियाँ संगृहीत हैं। इन कहानियों में जैसे कथाकार ने अपने प्राणों का रस घोल डाला है। इन्हें पढ़ते-पढ़ते कोमलतम अनुभूतियाँ अपने-आप सुगबुगा उठती हैं। चाहे वह ‘रसप्रिया’ या ‘लाल पान की बेगम’ हो, या ‘तीसरी क़सम’—इस संग्रह की लगभग हर कहानी मन पर अपनी कभी न मिटनेवाली छाप छोड़ जाने में समर्थ है। ‘ठुमरी’ की कहानियाँ जीवन की सहज लय को मोहक सुरों में बाँधने का कलात्मक प्रयास हैं। इनमें पीड़ा और अवसाद की अनुगूँजें हैं, आनन्द और उल्लास के मुखरित कलरव-गान हैं। ‘ठुमरी' की कहानियाँ एक समय-विशेष की पहचान हैं। जीवन की एक विशिष्ट लयधारा इनमें पूरी प्राणमयता से प्रवाहित है।
Contemporary Indian Short Stories Series I
- Author Name:
Humayun Kabir
- Book Type:

- Description:
This sheaf of fifteen short stories represents a cross-section of contemporary Indian Literature. Fourteen of them are translations. One each from fourteen modern languages of India and one is a specimen of Indian creative writing in English. Selected by the Sahitya Akademi's Advisory Boards of various languages, these stories provide fascinating glimpses into the panorama of Indian life, with its baffling variety, its rich contrast of the simple and sophisticated, the ancient and the modern. Here is evidence, if such were needed, that Indian literature is one of a stale uniformity but of a rich variety. This is the first volume of Sahitya Akademi's series of such representative anthologies in English of contemporary indian short stories. Second, third and fourth volume of stories written by different authors have also been published. Prof.Humayun Kabir has farwarded this volume.
When Stone Melts
- Author Name:
Vanamala Viswanath +1
- Book Type:

- Description:
A collage of stories the growing rebellion in the young and educated Savithri; the spontaneous love of Girija that burns downs the evil forces of the village; the adamant but nourishing affection of Shamala that wins over the Dalit Thippanna, the self-denying fetters of Nirmala's morality; the bewildered recognition of male exploitative in Stella; Basavaraj's longing to outgrow his insatiable thirst for womanising; Parvathi's irresistible calling the coconut tree Basalinga's traumatic touch of the untouchable doctor Thippanna... With the combined strength of the sceptic and saint, eminent Kannada literary culture figure Lankesh uncovers the invisible realities of politics and culture in contemporary India in these mediations on life's failure and fulfillment.
Volga Se Ganga
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
- Book Type:

- Description:
राहुल सांकृत्यायन की अत्यन्त चर्चित कृति ‘वोल्गा से गंगा’ ऐसी बीस ऐतिहासिक कहानियों का संकलन है जिनमें उन्होंने आर्यों के आठ हजार साल के इतिहास को कालानुक्रम से अंकित किया है। इन कहानियों में मातृसत्तात्मक समाज-व्यवस्था को पितृसत्तात्मक व्यवस्था में बदलने की प्रक्रिया भी दृष्टिगोचर होती है और आर्यों की यूरेशिया से वोल्गा तथा उसके बाद गंगा तक की यात्रा की रूपरेखा भी पता चलती है। ई.पू. 6000 से लेकर 1942 ई. तक के कालखंड को कड़ी-दर-कड़ी प्रस्तुत करनेवाली ये कहानियाँ एक तरफ जहाँ राहुल सांकृत्यायन के असीम अध्ययन का पता देती हैं, वहीं भारोपीय मानव-इतिहास के प्रति हमें एक व्यापक समझ भी देती हैं। इन कहानियों में इतिहास भी है, और कथा भी। सम्बन्धित काल खंडों की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों की स्पष्ट रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए ये कहानियाँ कथा-रस को भी कहीं भंग नहीं होने देतीं। भारतीय साहित्य में एक क्लासिक का दर्जा हासिल कर चुकी इस पुस्तक का अनुवाद असमिया, मराठी, बांग्ला, कन्नड़, तमिल, मलयालय, तेलुगु, पंजाबी आदि भारतीय भाषाओं के अलावा अंग्रेजी, चेक तथा पोलिश भाषाओं में भी हो चुका है।
Girgit
- Author Name:
Akhilesh Nigam 'Akhil'
- Book Type:

- Description:
‘गिरगिट’ कथा-संग्रह की सभी कहानियाँ जिज्ञासा, रोचकता, भाव-सबलता एवं युगबोध से सम्पन्न हैं। आधुनिक भावबोध से युग के सन्दर्भों के यथार्थ को सूक्ष्म विवेचन और विषय वैविध्य के साथ व्यापक बनाया गया है। सभी कहानियाँ वैचारिक एवं अनुमूल्यात्मक संयोग से युक्त एवं अत्यन्त लोकप्रिय हैं। जीवन के सन्दर्भों का यथार्थ चित्रण विषयगत विविधता परिवेशगत विस्तार, वैचारिक संयोग एवं शिल्पगत वैशिष्ट्य इस संग्रह की कहानियों की विशेषताएँ हैं। इसमें समाज में बदलते हुए सम्बन्धों का सूक्ष्म अध्ययन भी है, जिसकी अभिव्यक्ति चारुता से इन कहानियों में हुई है।
गिरगिट रंग बदलने के लिए प्रसिद्धि पा चुका है, किन्तु मानवाकृति को स्वयं से अधिक रंगों में देखकर स्वयं गिरगिट लज्जित बन पराजित है, यही अखिलेश निगम द्वारा विरचित कहानियों में दर्शनीय है।
इन सभी कहानियों का विषय राष्ट्रीय दृष्टिकोण के परिप्रेक्ष्य में मानव जीवन की समस्याओं से जुड़ा है। कहानीकार का उद्देश्य सर्वत्र सुधारवादी और आशावादी है। इन कहानियों में कहीं-कहीं एक ही पात्र एक समय में मन के विभिन्न स्तरों पर जीता है, जहाँ चारित्रिक विसंगतियाँ ही कहानी की विशेषता बन गई हैं।
Konkani Kathavali
- Author Name:
S.M. Krishna Rao
- Book Type:

- Description:
Konkani Kathavali
Pratinidhi Kahaniyan: Alka Saraogi
- Author Name:
Alka Saraogi
- Book Type:

- Description:
अलग सरावगी की पहली ही कहानी, ‘आपकी हँसी’ से हिन्दी जगत का ध्यान उनके विशिष्ट शिल्प की ओर चला गया था। उसके बाद आई उनकी कहानियों और उपन्यासों ने न सिर्फ़ अपना वह वैशिष्ट्य बरक़रार रखा, बल्कि उसे और सघन भी किया। इस प्रतिनिधि संचयन में शामिल उनकी कहानियाँ भी इस तथ्य की तस्दीक़ करती हैं कि उनके लिए तथ्य जितना अहम है, उसका ऐसा सम्प्रेषण भी उतनी ही अहमियत रखता है जो पाठक के मन पर एक दीर्घजीवी प्रभाव छोड़े। सामाजिक परिस्थितियों, पारिवारिक और मानवीय रिश्तों, उनके भीतर पलतीं-पनपतीं विडम्बनाओं, आशाओं-हताशाओं को उन्होंने न सिर्फ़ एक कथाकार की तरह, बल्कि मानवीय मूल्यों के प्रतिबद्ध कार्यकर्ता की तरह अपनी कहानियों में अंकित किया है। इस संकलन में प्रस्तुत कहानियाँ उनकी कथा-संवेदना और कथा-विन्यास को समझने में महत्त्वपूर्ण साबित होंगी।
Aaj Nahi Padhunga
- Author Name:
Krishna Kumar
- Book Type:

- Description:
‘आज नहीं पढ़ूँगा’ कृष्ण कुमार की बाल कहानियों का संकलन है। घर, पड़ोस और स्कूल के आसपास घूमती बच्चों की रोज़मर्रा की ज़िन्दगी से जुड़ी यह रोमांचक कथा-शृंखला दो दशकों से चर्चा का विषय बनी हुई है। इसकी दो कहानियाँ पहली बार अज्ञेय के ‘नया प्रतीक’ में छपी थीं। बच्चों को उनके अपने मनोलोक की गहराइयों में ले जाने वाली यह किताब मामूली बातों में कौतूहल जगाती है और बार-बार पढ़ने की इच्छा पैदा करती है।
Abhiyukt, Nishkasan, Visthapit Ityadi-Ityadi
- Author Name:
Raj Mohan Jha
- Book Type:

- Description:
Awating description for this book
Swapna Premi
- Author Name:
Damodar Mauzo
- Book Type:

- Description:
कोंकणी कथाकार दामोदर मावज़ो की ये कहानियाँ साधारण जनजीवन की सहज कथा-सम्पन्नता की साक्षी हैं। किसी भी बड़ी कलम की तरह मावज़ो की कहानियाँ भी बताती हैं कि हमारी निगाह किसी पूर्वाग्रह से बाधित न हो, तो हम हर कहीं एक कहानी देख सकते हैं, और बिना किसी शिल्प-चातुर्य का सहारा लिये उसे सीधे-सीधे बयान कर सकते हैं।
गोवा के जनजीवन से निकली ये कहानियाँ सार्वभौमिक और सार्वकालिक मानव-मनोभावों, कमज़ोरियों, सपनों और दुखों की कहानियाँ हैं। मावज़ो खुली आँख से अपने परिवेश को देखते हैं और कहानी सुनने-कहने की चिरन्तन मानवीय आकांक्षा के साथ उसे अपनी कहानियों में बयान कर देते हैं।
मूल कोंकणी से अनूदित उनकी चर्चित कहानियों के इस संग्रह में प्रेम, अभाव, धनहीनता के सन्ताप, उससे पैदा होनेवाली क्रूरता, चालाकी, निरुपायता के साथ आम लोगों की निष्पाप जिजीविषा, साहस और अन्य सकारात्मक जीवन-स्थितियों का अंकन बिलकुल वैसे ही किया गया है, जैसा वह हमारे जीवन में होता है।
ज़्यादातर कहानियों की पृष्ठभूमि गोवा की संस्कृति और जीवन-शैली है, जिससे हिन्दी पाठक को एक भिन्न आस्वाद से गुज़रने का मौक़ा मिलता है।
कहानियों की सबसे ज़्यादा मोहक विशेषता है, कहानी के बीच लेखक का सिर्फ़ एक माध्यम के रूप में रहना। किसी भी भाषिक या शैलीगत चमत्कार से अपनी मौजूदगी जताने की लेखकीय हताशा कथाकार में नहीं है, जो निश्चय ही उनके बड़ा रचनाकार होने का प्रमाण है। वे आपके इर्द-गिर्द अपने पात्रों को उनके भरे-पूरेपन के साथ आने देते हैं। आपको स्वयं उन्हें जानने, उनके साथ जीने का मौक़ा देते हैं।
Kasturi Mrig
- Author Name:
Shivani
- Book Type:

- Description:
महिला कथाकारों में जितनी ख्याति और लोकप्रियता शिवानी ने प्राप्त की है, वह एक उदाहरण है श्रेष्ठ लेखन के लोकप्रिय होने का। शिवानी लोकप्रियता के शिखर को छू लेनेवाली ऐसी हस्ती हैं, जिनकी लेखनी से उपजी कहानियाँ कलात्मक और मर्मस्पर्शी होती हैं।
अन्तर्मन की गहरी पर्तें उघाड़ने वाली ये मार्मिक कहानियाँ शिवानी की अपनी मौलिक पहचान हैं जिसके कारण उनका अपना एक व्यापक पाठक वर्ग तैयार हुआ।
इनकी कहानियाँ न केवल श्रेष्ठ साहित्यिक उपलब्धियाँ हैं, बल्कि रोचक भी इतनी अधिक हैं कि आप एक बार शुरू करके पूरी पढ़े बिना छोड़ ही न सकेंगे।
प्रस्तुत संग्रह में ‘कस्तूरी मृग’, ‘माणिक’, ‘तर्पण’, ‘जोकर’, ‘रथ्या’ एवं ‘शर्त’ कहानियाँ संकलित हैं। हर कथा अपनी मोहक शैली में अभिभूत कर देने की अपार क्षमता रखती है।
कलात्मक कौशल के साथ रची गईं ये कहानियाँ हमारी धरोहर हैं जिन्हें आज की नई पीढ़ी अवश्य पढ़ना चाहेगी।
Satmi Ke Bachche
- Author Name:
Rahul Sankrityayan
- Book Type:

- Description:
‘सतमी के बच्चे’ राहुल सांकृत्यायन का प्रसिद्ध कहानी संकलन है। इस संग्रह की प्रत्येक कहानी अपनी करुणा और यथार्थ चित्रण से पाठकों के मन पर अमिट छाप छोड़ती है। राहुल सांकृत्यायन ने विचार और शोध के क्षेत्र में जितनी गहराई में जाकर काम किया है, उतनी ही गहराई उनके कथा-साहित्य में भी दिखाई देती है। मानव-मन की पीड़ा और साधनहीन विपन्न वर्ग की कठोर जीवन-स्थितियों को उन्होंने अपनी तीक्ष्ण दृष्टि से देखा और उतनी ही बेलाग भाषा में अंकित किया।
सरल भाषा, गहरा व्यंग्य, पात्रों के साथ आत्मीय संलग्नता और कथा-स्थितियों के माध्यम से समूचे समाज और सभ्यता का विवेचन उनके कथा-कौशल का अभिन्न अंग है। इस संग्रह में शामिल कहानियों में ग्रामीण जीवन का जैसा चित्रण हुआ है, वैसा प्रेमचंद के अलावा शायद ही किसी ने किया हो।
O Bhairvi
- Author Name:
Yashpal
- Book Type:

- Description:
यशपाल के लेखकीय सरोकारों का उत्स सामाजिक परिवर्तन की उनकी आकांक्षा, वैचारिक प्रतिबद्धता और परिष्कृत न्याय-बुद्धि है। यह आधारभूत प्रस्थान बिन्दु उनके उपन्यासों में जितनी स्पष्टता के साथ व्यक्त हुए हैं, उनकी कहानियों में वह ज़्यादा तरल रूप में, ज़्यादा गहराई के साथ कथानक की शिल्प और शैली में न्यस्त होकर आते हैं। उनकी कहानियों का रचनाकाल चालीस वर्षों में फैला हुआ है। प्रेमचन्द के जीवनकाल में ही वे कथा-यात्रा आरम्भ कर चुके थे, यह अलग बात है कि उनकी कहानियों का प्रकाशन किंचित् विलम्ब से आरम्भ हुआ। कहानीकार के रूप में उनकी विशिष्टता यह है कि उन्होंने प्रेमचन्द के प्रभाव से मुक्त और अछूते रहते हुए अपनी कहानी-कला का विकास किया। उनकी कहानियों में संस्कारगत जड़ता और नए विचारों का द्वन्द्व जितनी प्रखरता के साथ उभरकर आता है, उसने भविष्य के कथाकारों के लिए एक नई लीक बनाई, जो आज तक चली आ रही है। वैचारिक निष्ठा, निषेधों और वर्जनाओं से मुक्त न्याय तथा तर्क की कसौटियों पर खरा जीवन—ये कुछ ऐसे मूल्य हैं जिनके लिए हिन्दी कहानी यशपाल की ऋणी है।
‘ओ भैरवी!’ कहानी-संग्रह में उनकी ये कहानियाँ शामिल हैं : ‘ओ भैरवी!’, ‘वर्दी’, ‘नकारा’, ‘सामन्ती कृपा’, ‘देवी की लीला’, ‘गौ माता’, ‘महाराजा का इलाज’, ‘मूर्ख क्रोध’, ‘सब की इज़्ज़त’, ‘न्याय और दंड’, ‘मन की पुकार’ और ‘देखा-सुना आदमी’।
Kachhari Ki Chakallas
- Author Name:
Durgesh Pandey
- Book Type:

- Description:
दुर्गेश पांडेय, उत्तर प्रदेश के जनपद प्रतापगढ़ के निवासी हैं। इनके पिता का नाम श्री लक्ष्मी कांत पांडेय एवं माता का नाम स्वर्गीय श्रीमती ज्ञानती पांडेय है। सामान्य पृष्ठभूमि से ताल्लुक रखने वाले दुर्गेश पांडेय के पितामह स्वर्गीय श्री श्याम सुंदर पांडेय (शास्त्री जी) संस्कृत के प्रकांड विद्वान रहे हैं। आपने लखनऊ विश्वविद्यालय से विधि स्नातक (LLB, Hons.) एवं दिल्ली विश्वविद्यालय से परास्नातक (LLM) की डिग्री प्राप्त की है। आपकी “गाँधी हार गये?” और “Crime Scene to Court Room ...Fundamentals of Forensic Science and Medical Jurisprudence” पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं, जो बेहद लोकप्रिय हैं।
Dulhin
- Author Name:
Chitra Mudgal
- Book Type:

- Description:
चित्रा मुद्गल मध्यवर्गीय स्त्री-जीवन की आकांक्षाओं और अभावों को गहरे भाव के साथ देखती-लिखती रही हैं। उनकी अनेक कहानियाँ मानक के रूप में देखी और सराही गई हैं।
अपने लम्बे साहित्यिक जीवन में उन्होंने न सिर्फ सामान्य अनुभवों से इतर कथाओं को सम्भव किया, बल्कि भाषा के स्तर पर भी अपनी एक विशिष्ट शैली ईजाद की। इस संग्रह की कुछ कहानियों में प्रयुक्त भाषा को देखते हुए कहा जा सकता है कि रचनाकार ने सिर्फ पात्रों के जीवन और आचार-व्यवहार का ही नहीं, उनकी सामाजिक-सांस्कृतिक विशिष्टताओं का भी गहरा अध्ययन किया है।
उनकी इन कहानियों में उस स्त्री का स्वर सुनाई पड़ता है जो अपने जीवन को धीरे-धीरे बदलते हुए समाज को भी बदल रही है। पारिवारिक जीवन के तौर-तरीकों में विन्यस्त उत्पीड़न के बिम्बों को तो उन्होंने बारीकी से पकड़ा ही है।
‘दुलहिन’ चित्रा मुद्गल का सबसे पहला संग्रह जिसे उन्होंने अपने लेखकीय जीवन की पहली कृति के रूप में संकलित किया था।
Patthar Gali
- Author Name:
Nasera Sharma
- Book Type:

- Description:
‘‘मुस्लिम समाज सिर्फ़ ‘ग़ज़ल’ नहीं है, बल्कि एक ऐसा ‘मर्सिया’ है जो वह अपनी रूढ़िवादिता की क़ब्र के सिरहाने पढ़ता है। पर उसके साज़ और आवाज़ को कितने लोग सुन पाते हैं, और उसका सही दर्द समझते हैं?’’ लेखिका द्वारा की गई यह टिप्पणी इन कहानियों की पृष्ठभूमि और लेखकीय सरोकार को जिस संजीदगी से संकेतित करती है, कहानियों से गुज़रने पर हम उसे और अधिक सघन होता हुआ पाते हैं।
ग़ौर करने वाली बात है कि जिस अनुभव जगत को नासिरा शर्मा ने अपनी रचनात्मकता के केन्द्र में रखा है, वह उन्हें और उनकी संवेदना को पीढ़ियों और देश-काल के ओर-छोर तक फैला देता है। एक रूढ़िग्रस्त समाज में उसके बुनियादी अर्धांश—नारी जाति की घुटन, बेबसी और मुक्तिकामी छटपटाहट का जैसा चित्रण इन कहानियों में हुआ है, अन्यत्र दुर्लभ है। बल्कि ईमानदारी से स्वीकार किया जाए तो ये कहानियाँ नारी की जातीय त्रासदी का मर्मान्तक दस्तावेज़ हैं, फिर चाहे वह किसी भी सामन्ती समाज में क्यों न हो। दिन-रात टुकड़े-टुकड़े होकर बँटते रहना और दम तोड़ जाना ही जैसे उसकी नियति है। रचना-शिल्प की दृष्टि से भी ये कहानियाँ बेहद सधी हुई हैं। इनसे उद्घाटित होता हुआ यथार्थ अपने आनुभूतिक आवेग के कारण काव्यात्मकता से सराबोर है, यही कारण है कि लेखिका अपनी बात कहने के लिए न तो भाषायी आडम्बर का सहारा लेती है, न किसी अमूर्तन का और न किसी आरोपित प्रयोग और विचार का। उसमें अगर विस्तार भी है तो वह एक त्रासद स्थिति के काल-विस्तार को ही प्रतीकित करता है। कहना न होगा कि नासिरा शर्मा की ये कहानियाँ हमें अपने चरित्रों की तरह गहन अवसाद, छटपटाहट और बदलाव की चेतना से भर जाती हैं।
Pratinidhi Kahaniyan : Jaishankar Prasad
- Author Name:
Jaishankar Prasad
- Book Type:

- Description:
महाकवि के रूप में सुविख्यात जयशंकर प्रसाद हिन्दी नाट्य-जगत और कथा-साहित्य में भी एक विशिष्ट स्थान रखते हैं। ‘स्कंदगुप्त‘, ‘चन्द्रगुप्त’ और ‘ध्रुवस्वामिनी’ सरीखे नाटक और ‘तितली’, ‘कंकाल’ और ‘इरावती’—जैसे उपन्यास तथा ‘आकाशदीप’, ‘मधुआ’ और ‘पुरस्कार’ जैसी कहानियाँ उनके गद्य लेखन की अनुलंघ्य ऊँचाइयाँ हैं। यहाँ प्रसाद की प्रायः सभी चुनिन्दा कहानियाँ संकलित हैं, जिनसे गुज़रते हुए हमें न सिर्फ़ भारतीय दर्शन की सुखवादी मूल्य-मान्यताओं की अनुगूँजें सुनाई पड़ती हैं, बल्कि सामाजिक यथार्थ के अनेक अप्रिय स्तरों तक भी जाना पड़ता है। वास्तव में प्रसाद के लिए साहित्य की रचना एक सांस्कृतिक-कर्म है और भारतीय परम्परा के प्राचीन अथवा उसके सनातन मूल्यों में गहन आस्था के बावजूद वे मनुष्य की वैयक्तिक मुक्ति के आकांक्षी नहीं हैं। व्यक्ति हो या समाज, वे उसे स्वाधीन और रूढ़िमुक्त देखना चाहते हैं। यही कारण है कि इन कहानियों में ऐसे अविस्मरणीय चरित्रों का बाहुल्य है, जो स्वाधीनता और मानव-गरिमा को सर्वोपरि मानते हैं। इतिहास और संस्कृति के ऐसे अनेक मनोरम दृश्यचित्र इन कहानियों में उकेरे गए हैं, जो हमें न केवल मुग्ध कर देते हैं, बल्कि कुछ सोचने पर भी विवश करते हैं।
Chalo Phir Se Shuroo Karen
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description:
अंग्रेज़ी के दो शब्द हैं, जो संबंधों के लिए प्रयोग किए जाते हैं ‘कनेक्ट’ होना और ‘रिलेशन’ होना। परन्तु हम जानते हैं कि हर शब्द का अपना लहज़ा, टोन व संदर्भ तो होता ही है, उसकी अनुभूति भी अलग होती है। यहाँ कनेक्शन से अर्थ, संस्कारों से, भावनाओं से, अपने मूल से जुड़ा होना है, जिसमें वर्षों की दूरी भी कोई अर्थ नहीं रखती जबकि दूसरी ओर रिलेशनशिप में संबंध तब तक रहेगा, जब तक आप चाहें…! इसलिए रिश्तों में कनेक्शन होना चाहिए, रिलेशनशिप तो आती-जाती चीज़ है। ऐसा ही कुछ ‘चलो फिर से शुरू करें’ शीर्षक कहानी में भी देखा जा सकता है। विदेशी महिला से विवाह कर पुत्र माँ-बाप से अलग हो गया। माँ-बाप ने भी उसकी गृहस्थी में दखल देना ठीक न समझ, उससे दूरी बनाना उचित समझा। परन्तु जब उन्हें किसी परिचित द्वारा मालूम हुआ कि मार्था, कुशल को तलाक देकर, बच्चों को उसके पास छोड़ कर चली गई। इतना ही नहीं, वह उसके नाम पर तीन मिलियन का कर्ज़ ले, अपनी माँ के साथ चली गयी। यदि कुशल श्वेत अमेरिकन होता तो मार्था बच्चे साथ ले जाती परन्तु भारतीय अमेरिकन पिता के बच्चों को वह कभी स्वीकार नहीं करेगी। ऐसी मुश्किल स्थिति में कुशल को भुला दिए गए माँ-बाप ही याद आए क्योंकि उसे मालूम था कि उसके माँ-बाप ने उसे कभी भुलाया नहीं होगा। इसलिए उसने अपने पिता को फ़ोन किया और उनके पास अपने बच्चों को छोड़ कर, जीवन में एक नयी शुरूआत करने का संकल्प लिया।
Katha Saptak Manisha Kulshreshtha
- Author Name:
Manisha Kulshreshtha
- Book Type:


- Description:
स्त्री जीवन के विभिन्न रंगों को उकेरी ७ कहानियाँ, हरेक कहानी अपने आप में भावनाओं के अनूठे अनुभवों को समेटे हुए। - कठपुतलियाँ - स्वाँग - एडोनिस और लिली के फूल - क़सुमल रंग - आर्किड - एक थी लिलन - ज़मीन
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book