Qabaili Kahaniyaan
(0)
₹
249
₹ 199.2 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
"This is a captivating collection of short stories that weaves together the complexities of human emotions, relationships, and the intricate dance between dreams and reality. Each story offers a glimpse into the lives of ordinary people, facing extraordinary circumstances, from fleeting moments of joy to life-changing decisions. The author takes readers on a journey through diverse settings, exploring themes of love, loss, hope, and the quiet struggles that define our existence. With vivid characters and poignant narratives, these stories delve into the heart of what it means to be human, leaving readers reflecting on their own lives and the world around them. "
Read moreAbout the Book
"This is a captivating collection of short stories that weaves together the complexities of human emotions, relationships, and the intricate dance between dreams and reality. Each story offers a glimpse into the lives of ordinary people, facing extraordinary circumstances, from fleeting moments of joy to life-changing decisions. The author takes readers on a journey through diverse settings, exploring themes of love, loss, hope, and the quiet struggles that define our existence. With vivid characters and poignant narratives, these stories delve into the heart of what it means to be human, leaving readers reflecting on their own lives and the world around them. "
Book Details
-
ISBN9788198188847
-
Pages169
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Kavita Ka Ganit
- Author Name:
Prakash Thapliyal
- Book Type:

- Description:
‘कविता का गणित’ प्रकाश थपलियाल का दूसरा कहानी-संग्रह है। इसमें जहाँ कई वाकयों को कथाकार नये नजरिये के साथ पेश करता है वहीं उनका व्यंग्य भी पाठक को अन्दर तक उद्वेलित करता है। जीविका और श्रद्धा के बीच का द्वन्द्व ‘लाल सलाम’ जैसी कहानियों में खुलकर उभरता है तो ‘बोरी’ और ‘मजमा’ जैसी कहानियों में राजनीति और बाजार की सीढ़ियों से ऊपर चढ़ते पात्र दिखाई देते हैं। ‘कीड़ा-जड़ी की खोज में’ कहानी कथाकार की किस्सागोई की अपनी ही तकनीक और बुनावट सामने लाती है। कुल मिलाकर इस कथा-संग्रह में हर कहानी का अपना ही सलीका और रंग है।
‘गाली’ कहानी को पढ़कर पाठक सोचने को मजबूर हो जाता है कि ऐसा क्यों है कि गाली हमेशा औरत को केन्द्र में रखकर ही दी जाती है। ‘लाल सलाम’ कहानी विचार को श्रेष्ठतम और अक्षुण्ण बताने वालों से सवाल करती है तो ‘भगवान इनसान’ में लेखक भगवान और इनसान के बीच का फर्क आसानी से सामने रख जाता है।
‘मजमा’ पैसे की ताकत की तरफ इंगित करती है और बताती है कि बाजार में कीमती वह चीज नहीं है जो ज्यादा काम की है बल्कि वह है जिसे ज्यादा काम की बताया जाता है। मुकाबला इसमें है कि बताने के इस फन में कौन कितना माहिर है।
थपलियाल का कहानी कहने का भी अपना भिन्न तरीका है जिसमें वे जब-तब प्रयोग करते दिखाई देते हैं। अपनी कहानियों के बारे में स्वयं उनकी धारणा है कि हिन्दी मुख्यधारा में पर्वतीय परिवेश के शब्दों की बहुत कमी है और पर्वतीय बोली-भाषा से अधिक से अधिक संवाद द्वारा यह कमी दूर की जा सकती है। इन कहानियों में उन्होंने यह संवाद बनाने की भी कोशिश की है। वे घटनाधर्मिता को कहानी की आत्मा मानते हैं और उनकी कहानियों की पठनीयता इसी घटनाधर्मिता से बनती है जिसे वे बिना हिंसा और मार-धाड़ के, मासूमियत से निभा जाते हैं और पाठक को नई दिशा में सोचने को प्रेरित करते हैं।
Ardha Shatabdilo America Telugu Katha
- Author Name:
C. Mrinalini Potti Sriramulu +1
- Book Type:

- Description:
అర్ధ శతాబ్దిలో అమెరికా తెలుగు కథ దశాబ్దాలుగా అమెరికాలో నివసిస్తున్న తెలుగువారు తమదే అయిన ఒక 'డయాస్పోరా' జీవితాన్ని సృష్టించుకుని ఆ జీవితాన్ని తమ కథల్లో ప్రతిబింబిస్తున్నారు. అలా అమెరికా జీవిత ఇతివృత్తాలతో వచ్చిన యాభై కథలని ఏర్చి కూర్చి ప్రచురిస్తున్న పుస్తకం ఇది. భిన్న సంస్కృతుల మధ్య జీవనవిధానం గురించి చెప్పిన కథలు ఇవి. ఇలా తెలుగు డయాస్పోరా కథలను సాహిత్య అకాదెమి తొలిసారిగా ప్రచురిస్తున్నది.
Dilli Mein Neend
- Author Name:
Uma Shankar Choudhary
- Book Type:

- Description:
उमा शंकर चौधरी लम्बी कहानियों के सिद्धहस्त लेखक हैं। उनकी कहानियाँ आपको मदमस्त नहीं करतीं, बल्कि परेशान करती हैं। आप उनसे भागना भी चाहते हैं लेकिन एक तत्त्व है लेखक में कि वह जीवन की सही सच्चाइयाँ पकड़ लेता है। लेखक के पास छोटी-छोटी चीज़ों के लम्बे-लम्बे वृत्तान्त हैं। इतने कि कई बार आपको ऊब होने लगती है। लेकिन यही लेखक की सूक्ष्म निरीक्षण-क्षमता है। ‘दिल्ली में नींद’ संग्रह की तमाम कहानियाँ इस बात का प्रमाण हैं। चाहे वह राजेश्वर सिंह की कहानी हो या फुच्चु मास्साब की या सुनानी की; एक गहरी पीड़ा इन सब में है। उनकी कहानियाँ सपाट नहीं हैं। वे यथार्थ के भीतर जाती हैं और कई बार उसका अतिक्रमण करती हैं। इसके लिए कई बार वे जादुई यथार्थवाद का भी इस्तेमाल करते हैं। उनके सरोकार स्पष्ट हैं और उसमें कोई फाँक नहीं है। इस संग्रह की कहानियाँ सामन्ती समाज के अन्तर्विरोधों की कहानियाँ हैं तो इनमें उदारीकरण के बाद के शहरी समाज की निम्नमध्यवर्गीय पीड़ा भी है। आम आदमी के दु:ख-दर्द उमा शंकर की कहानियों की ख़ास विशेषता है और यही उन्हें अपनी पीढ़ी में सबसे अलग करती है।
—शशिभूषण द्विवेदी
Baghin Ki Sawari
- Author Name:
Chandrakishore Jaiswal
- Book Type:

- Description:
‘बाघिन की सवारी’ संग्रह की कहानियाँ जीवन और समाज का एक वृहद ‘स्पेक्ट्रम’ पाठक के सामने रखती हैं। एक के बाद एक कहानी से गुजरते हुए हम कहीं गहन करुणा से आप्लावित होते हैं तो कहीं अपनी दुनिया की विसंगतियों से क्षुब्ध। कहीं किसी पात्र की असहायता हमें भिगो देती है तो कहीं किसी का संकल्प हमें आजादी की एक दिशा दे जाता है। ‘सहेलियाँ’ शीर्षक कहानी में दो सखियों की तरह प्रेम और विवाह जैसे विषयों पर खुलकर बतियातीं माँ वत्सला और बेटी गुंजन ऐसे ही पात्र हैं जो धीरे-धीरे बदलते हमारे समय को परम्परा की धारा से एकदम नहीं तोड़ना चाहते और नई सम्भावनाओं—परिवर्तनों से मुँह भी नहीं फेरते। वहीं ‘बेटा का घर’ कहानी के हताश माँ-पिता अपने परिवार में मगन बेटे के व्यवहार और अपनी विवशताओं को सोच आँख गीली कर लेते हैं, और पाठक को मौजूदा समय के प्रति सचेत कर जाते हैं। वृद्धावस्था और उससे जुड़े दुखों पर ये कहानियाँ बार-बार दृष्टिपात करती हैं। यह ऐसा विषय है जिस पर चन्द्रकिशोर जायसवाल अकसर लौटे हैं। इस संग्रह में ‘रोवनहार’ शीर्षक कहानी पूरी तरह इसी विषय पर केन्द्रित है जहाँ चार बेटों और बहुओं-पोतों से भरे घर में रामजनम चौधरी को वास्तविक लगाव अपने किराएदार की बच्ची से मिलता है, उन्हें लगता है कि उनके मरने पर और भले कोई न रोए वह जरूर रोएगी। संग्रह की शीर्षक कथा ‘बाघिन की सवारी’ सत्ता और सुख से मोहभंग और लगाव की लम्बी कहानी है जिसमें हमारी मुलाकात जवानी में साधु बने एक ऐसे व्यक्ति से होती है जो बीस साल बाद वापस, कदम-दर-कदम चलते हुए समाज और उसके सत्ता-व्यूह में दाखिल होता है।
Raat mein Sagar
- Author Name:
Chandrakanta
- Book Type:

- Description:
चन्द्रकान्ता उन विरल लेखिकाओं में हैं जिन्होंने कश्मीर और पंजाब के आतंकवाद से उत्पन्न करुण मानवीय स्थितियों को रचना का केन्द्र बनाया है। वैसे भी कश्मीर हिन्दी साहित्य में उतना नहीं आया जितना आना चाहिए था। भूमंडलीकरण के इस दौर में, वैज्ञानिक अभिज्ञानों के आलोक में टूटते-चरमराते स्त्री-पुरुष यौन-सम्बन्ध और इतर द्वन्द्वात्मकताएँ इनके लेखन के उपजीव्य रहे हैं।
लेखिका की कहानियों का अनुभव-वृत्त अत्यन्त विस्तृत है। ये कहानियाँ उस चौहद्दी का अतिक्रमण करती हैं जिसे केवल ‘महिला लेखन’ के सीमित दायरे में समेटा जाता है। इन कहानियों में काल तथा संस्कृतियों के द्वन्द्व भी सामने आए हैं।
चन्द्रकान्ता का आत्मकथन बिलकुल सही लगता है कि मनुष्य विरोधी व्यवस्था के प्रतिपक्ष में खड़ी ये कहानियाँ दोतरफा खुलने वाली खिड़कियाँ हैं...
Vishama Bhinnaraashi
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description:
ಪ್ರಮುಖ ಕತೆಗಾರ ವಸುಧೇಂದ್ರ ಅವರು ಬರೆದಿರುವ ಅಮೃತ ಸೊಪ್ಪು, ವಾಹಿನಿ, ಡೆವಿಲ್ ಡಾಗ್, ವಿಷಮ ಭಿನ್ನರಾಶಿ, ನಿಯಮ ಬಾಹಿರ, ಸೈಕಲ್ ಸವಾರಿ, ಚತುರ್ಮುಖ, ಆಡಬಾರದ ಮಾತುಗಳು ಕಾಡುವಾಗ- ಹೀಗೆ ಎಂಟು ಕಥೆಗಳನ್ನು ಈ ಕೃತಿಯು ಒಳಗೊಂಡಿದೆ. ತಂದೆ ತಾಯಿ, ಸಂಸ್ಕಾರವನ್ನೂ ಮರೆತು ತಂತ್ರಜ್ಞಾನ ಜಗತ್ತಿನಲ್ಲಿ ಹುದ್ದೆಯಲ್ಲಿ ಮೇಲೇರಲು ಹಪಾಹಪಿಸುವ ಯುವ ಜನಾಂಗವನ್ನು ಈ ಕೃತಿಯಲ್ಲಿ ಹಿಡಿದಿಟ್ಟಿದ್ದಾರೆ.
Galicia Ki Kathayein
- Author Name:
Andrzej Stasiuk
- Book Type:

- Description:
गालिसिया की कथाएँ स्ताशुक की प्रसिद्ध किताब है जिसका फ़िल्मीकरण भी हो चुका है। इस रचना की कहानी सरहदी, पिछड़े, देहाती इलाक़े में स्थित है, जहाँ लौकिक और अलौकिक दुनियाएँ एक-दूसरे में समाती प्रतीत होती हैं।
अंजेय स्ताशुक की कथा-शैली अत्यन्त चित्रात्मक और भावप्रवण है। विचित्र तथा आश्चर्यजनक हवालों से वे अपने पात्रों तथा कथा-संरचना को इतनी आकर्षक बना देते हैं कि पाठक एक अलग ही संसार में चला जाता है।
इस पुस्तक में मानव-जीवन की ज़मीनी हक़ीक़तों और असहायता की धुर सीमा पर स्थित ऐसे लोगों का चित्र-प्रवाह है जिन्हें दुनिया के हर कोने में देखा जा सकता है और जिनका जीवन हमें बार-बार सोचने पर मजबूर करता है।
Kathakram
- Author Name:
Badrinath Kapoor
- Book Type:

- Description:
प्रस्तुत पुस्तक में सुप्रसिद्ध वैयाकरण एवं कोशकार डॉ. बदरीनाथ कपूर द्वारा लिखित रोचक कथाएँ संकलित हैं। इनमें दो पौराणिक वृत्तांत हैं—‘शकुंतला’ और ‘गौतम बुद्ध’। ये बँगला के प्रसिद्ध कथाकार तथा चित्रकार अवींद्र कुमार ठाकुर की अनूठी कृतियाँ हैं, जो अपनी चित्रमयता के लिए जानी जाती हैं। इनका छायानुवाद इस पुस्तक में है। दो यात्रा-वृत्तांत हैं—‘उत्तराखंड की ओर’ और ‘सूर्योदय के देश में’। जीवन के कथा-क्रम से जुड़ी कथाओं और यात्रा-वृत्तों का रोचक-पठनीय संकलन।
Pratinidhi Kahaniyan : Bhisham Sahni
- Author Name:
Bhisham Sahni
- Book Type:

- Description:
भीष्म साहनी के कथा-साहित्य से गुज़रना अपने समय को बेधते हुए गुज़रना है। हिन्दी के प्रगतिशील कहानीकारों में उनका स्थान बहुत ऊँचा है। यहाँ उनके सात कहानी-संग्रहों से प्राय: सभी प्रतिनिधि कहानियों को संकलित कर लिया गया है। युग-सापेक्ष सामाजिक यथार्थ, मूल्यपरक अर्थवत्ता और रचनात्मक सादगी इन कहानियों के कुछ ऐसे पहलू हैं, जो हमारे लिए किसी भी काल्पनिक और मनोरंजक दुनिया को ग़ैर-ज़रूरी ठहराते हैं। विभिन्न जीवन-स्थितियों में पड़े इनके असंख्य पात्र आधुनिक भारतीय समाज की अनेक जटिल परतों को पाठकों पर खोलते हैं। उनकी बुराइयाँ, उनका अज्ञान और उनके हालत व्यक्तिगत नहीं, सार्वजनीन और व्यवस्थाजन्य हैं। इसके साथ ही इन कहानियों में ऐसे चरित्रों की भी कमी नहीं, जो गहन मानवीय संवेदना से भरे हुए हैं और अपने-अपने यथास्थितिवाद से उबरते हुए एक सार्थक सामाजिक बदलाव के लिए संघर्षरत शक्तियों से जुड़कर नया अर्थ ग्रहण करते हैं। वे न तो अपनी भयावह और दारुण दशा से आक्रान्त होते हैं न निराश, बल्कि अपने साथ-साथ पाठकों को भी संघर्ष की एक नई उर्जा से भर जाते हैं।
Kala Sagar
- Author Name:
Tejendra Sharma
- Book Type:

- Description:
Description Awaited
Kanniya Dan
- Author Name:
Mehr Alam Khan
- Book Type:

- Description:
Ismat Chughtai’s new short story collection, “Kanyadaan: Ismat Chughtai”, published by Rekhta Publications, comprises a selection of her well-known stories along with new and previously unpublished short storys. The collection includes notable stories such as “Jaal”, “Chhui-Mui”, “Do Haath”, “Lihaaf”, “Kanyadaan”, “Zehr Ka Pyala”, “Ghoonghat”, “Charpai”, “Kaamchor”, “Kaisi Biwi Kaisa Shohar”, and “Chhoti Aapa”. These stories vividly depict women’s emotions, the suffocation of social constraints, and their defiance against them, making this collection highly worth reading. Famed for her novel “Tedhi Lakeer” and short story “Lihaaf”, Ismat Chughtai was one of urduliterature’s most prominent fiction writers, novelists, and playwrights. She was born on August 21, 1915, in Badayun (Uttar Pradesh). Chughtai portrayed women’s lives, emotions, and the restrictions of society with bold realism. Associated with the Progressive Writers’ Movement, her writings gave a new identity and voice to women in urduliterature. She passed away on October 24, 1991.
Prarthana
- Author Name:
Sanjeev
- Book Type:

- Description:
नई-नई कथा-भूमियों में पहुँचकर, मनुष्य के जीवन और जिजीविषा की अदेखी अजानी सचाइयों को उद्घाटित करने में संजीव का सानी नहीं है। भारतीय समाज के जटिल से जटिलतर होते गए जन-जीवन के यथार्थ को जिस सूक्ष्मता से उन्होंने अपनी कहानियों में उकेरा है, वह न केवल उनके अनुभव-संसार की व्यापकता का प्रमाण है, बल्कि उस उत्तरदायित्व का भी जो एक लेखक के रूप में अपने लिए उन्होंने ख़ुद चुना है।
यह संवेदना, यह दायित्व-भावना ही उनकी कहानियों का और उनके सम्पूर्ण लेखन का आधार है। इसीलिए उनकी कहानियाँ जादू और यथार्थ से मुक्ति जैसे जुमलों से बेअसर रहते हुए पाठक को उस संसार में ले जाकर खड़ा कर देती हैं जो जितना विस्मित करता है, उतना ही बेचैन। उस संसार से रू-ब-रू होना एक स्तर पर तकलीफ़देह भी है, इसलिए कि उसमें हम ख़ुद को बारहा अपने ही सामने खड़ा पाते हैं, हर झूठ और हर आवरण से परे। लेकिन ठीक यहीं ये कहानियाँ हमें आश्वस्त भी करती हैं, क्योंकि सच से गुज़रते हुए हम आदमियत के उस सिरे को और ज़ोर से पकड़ने लगते हैं जो हम से लगातार छूटता जा रहा है।
प्रार्थना में संकलित कहानियाँ न केवल संजीव के कहानी-संसार के उल्लेखनीय शिखर हैं, बल्कि हिन्दी कहानी के लिए भी उपलब्धि हैं।
Prawas Men Aaspaas
- Author Name:
Hansa Deep
- Book Type:

- Description:
Book
Dastangoi 2
- Author Name:
Mahmood Farooqui
- Book Type:

- Description:
महमूद फ़ारूक़ी, अनुषा रिजवी और उनके मुटूठी-भर साथियों ने दुनिया को दिखा दिया कि दास्तान अब भी ज़िन्दा है, या ज़िन्दा की जा सकती है। लेकिन उसके लिए दो चीज़ों की ज़रूरत थी; एक तो कोई ऐसा शख़्स जो दास्तान को बख़ूबी जानता हो और उससे मोहब्बत करता हो। ऐसा शख़्स आज बिलकुल मादूम नहीं तो बहुत ही कामयाब ज़रूर है। दूसरी चीज़ जो अहिया-ए-दास्तान के लिए लाजिम थी, वह था ऐसा शख़्स जो उर्दू ख़ूब जानता हो, फ़ारसी बकदरे-ज़रूरत जानता हो, और उसे अदाकारी में भी ख़ूब दर्क हो, यानी उसे बयानिया और मकालमा को ड्रामाई तीर पर अदा करने पर कुदरत हो। उसे उर्दू अदब की, दास्तान की, और ख़ास कर के हमारी ख़ुशनसीबी तसव्वुर करना चाहिए कि दास्तानगोई के दुबारा जन्म की दास्तान के लिए नागुज़िर मोतज़क्किरह वाला किरदार एक वक़्त में और एक जगह जमा हो गए। महमूद फ़ारूक़ी और मोहम्मद काजिम अपनी कही हुई दास्तानों पर मुश्तमिल एक और किताब बाज़ार में ला रहे हैं तो दास्तानगोई का एक जदीद रूप भी सामने आ चुका है। –शम्मुर्रहमान फ़ारूकी वक़्त का तक़ाज़ा था कि अमीर हमज़ा के मिज़ाज के अलावा और भी तरह की दास्तानें लोगों को सुनाई जाएँ। इसकी शुरुआत तो 2007 में ही हो गई थी जब मैं और अनुषा ने मिलकर तक़सीम-ए-हिन्द पे एक दास्तान मुरत्तब की थी जो पहली जिल्द में शामिल है। अमीर हमज़ा की दास्तानों का जादू हमेशा सर चढ़कर बोला है और आगे भी बोलता रहेगा। मगर आज के ज़माने में उन दास्तानों के अलावा भी बहुत से ऐसे अफ़साने हैं जो सुनाए जाने का तक़ाज़ा करते हैं। इसलिए रवायती दास्तानों को इख़्तियार करने के साथ-साथ मैंने और ऐसी चीज़ें तशकील दी हैं जिन्हें दास्तानजादियाँ कहें तो नामुनासिब ना होगा। ये दास्तानजादियाँ बिलवासता हमारे अहद को और दीगर सच्चाइयों और पहलुओं पर रोशनी डालती हैं जिन्हें हमारे सामईन और नाज़िरीन बेतकल्लुफ़ समझ सकते हैं। –महमूद फ़ारूकी
Door Se Dekha Hua
- Author Name:
Sunil Gangopadhyay
- Book Type:

- Description:
सामाजिक विडम्बनाओं, विसंगतियों, आर्थिक विषमताओं से उपजी भयावह स्थितियों का संवेदनशील अवलोकन करती कहानियाँ।
अन्याय, शोषण और ग़रीबी के साथ हो रहे ज़ुल्मों को रेखांकित कर ये कहानियाँ यह भी सोचने पर विवश करती हैं कि आज़ाद मुल्क में अन्तिम आदमी के लिए संविधान द्वारा किए गए वादों को कितना पूरा किया गया है? समतामूलक समाज का सपना आज किस दशा में है और ग़रीबी उन्मूलन की कल्पना कहाँ धराशायी हो गई है?
सदियों से नारी पूजनीय तो है पर उसे पुरुष समाज ने अपेक्षित आदर नहीं दिया, बल्कि अपनी जिस्मानी आग में उसकी आहुति देता रहा। ग़रीब समाज की लड़कियों के पेट की भूख तो तन ही बेच कर बुझती है! ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण नारकीय जीवन स्थितियों के मार्मिक दस्तावेज़ भी इन कहानियों में मिलेंगे।
लेखक ने अपनी इन कहानियों के माध्यम से समाज के साथ उस संस्कृति का भी परिचय कराया है जो आज विलुप्त होने की स्थिति में है, अतीत का हिस्सा बनती जा रही है।
संग्रह की कुछ कहानियों में देशज और लोक-प्रचलित शब्दों का प्रयोग विशेष ध्यान खींचता है।
बहुरंगी और विविध भावना-संसार की सर्जना करनेवाली पठनीय कहानियों का एक सम्पूर्ण और संग्रहणीय संकलन।
Ishq Mein Shahar Hona
- Author Name:
Ravish Kumar
- Book Type:

- Description:
“प्रेम हम सबको बेहतर शहरी बनाता है। हम शहर के हर अनजान कोने का सम्मान करने लगते हैं। उन कोनों में ज़िन्दगी भर देते हैं....आप तभी एक शहर को नए सिरे से खोजते हैं जब प्रेम में होते हैं। और प्रेम में होना सिर्फ़ हाथ थामने का बहाना ढूँढ़ना नहीं होता। दो लोगों के उस स्पेस में बहुत कुछ टकराता रहता है। ‘लप्रेक’ उसी कशिश और टकराहट की पैदाइश है।”
Main Hawa Pani Parinda Kuchh Nahin
- Author Name:
Rajesh Joshi
- Book Type:

- Description:
यह एक कवि का गल्प है, सो ज़ाहिर है इसमें कल्पना की उड़ान भी है, और ज़मीन का खुरदरापन भी। ये कहानियाँ जिनके बारे में ख़ुद लेखक का कहना है कि बहुत अनुशासित ढंग से नहीं लिखी गईं, अपने आयतन में मध्यवर्गीय जीवन की कठोर सीमाओं को रेखांकित करते हुए उन फ़ंतासियों तक जाती हैं जिनमें एक बड़े जीवन-बोध की संभावनाएँ खुलती हैं।
संग्रह की पहली कहानी ‘मैं हवा पानी परिंदा कुछ नहीं’, जिसका नायक अपने पक्षी-प्रेम के चलते सहसा एक चिडि़या में बदल जाता है, फ़ंतासी के फ्रेम में समय तथा सत्ता-संरचना के कई कँटीले पहलुओं को रेखांकित करती है। इसी तरह ‘साँप’ भी जिसमें मध्यवर्गीय आकांक्षाओं और उनके सभ्यतागत विस्तार को एक साँप के रूपक में उसकी तमाम भयावहताओं के साथ साकार कर दिया गया है।
मँझोले शहरों का साँवला-सा माहौल इन कहानियों में अपने तमाम शेड्स के साथ मौजूद है जिसे राजेश जी की चुटीली कहन ने और जीवन्त कर दिया है। ‘सोमवार’ कहानी के विवरण इस लिहाज़ से विशेष तौर पर पढ़ने लायक़ है और इसमें चित्रित किया गया जीवन भी जो अपने देश और काल की छवियों को एक सजीव कोलाज में ढाल देता है।
कविता के पंखों पर उड़ता हुआ गद्य इन सभी कहानियों की उपलब्धि है। इन कहानियों को पढ़ते हुए हम सिर्फ़ कथा-सूत्र के साथ नहीं चलते, उसकी बिम्ब-योजना हमें अनुभव के एक समानान्तर लोक में भी प्रक्षेपित करती जाती है; जिससे एक वृहत्तर यथार्थ हमारी पहुँच में होता है।
Neend Kis Chidiya ka Naam Hai?
- Author Name:
Rajesh Joshi +1
- Book Type:

- Description:
Acclaimed poet Rajesh Joshi’s poems make for a thought-provoking read. With the magic of his words, he turns things like a broom, a telephone, discounts, and keys into subjects worth engaging. His simple writing style serves his perspective very well and helps convey his thoughts to the reader. Each of his poems will surprise you. A talented artist, Bhargav Kulkarni’s artworks are equally engaging interpretations of the poems. Created with water colours, you would find these illustrations very thought-provoking. Age group 9-12 years Age group 9-12 years
Democresiya
- Author Name:
Asghar Wajahat
- Book Type:

- Description:
‘डेमोक्रेसिया’ प्रतिष्ठित कथाकार असग़र वजाहत की विशिष्ट कहानियों का संग्रह है। संग्रह की भूमिका में वे लिखते हैं : ‘जीवन इतना नंगा हो गया है कि अब लेखक उसकी परतें उखाड़ेगा? रोज़ अख़बारों में जो छपता है, वह पूरे समाज को नंगा करने के लिए काफ़ी है। मूल्यहीनता की जो स्थिति है, स्वार्थ साधने की जो पराकाष्ठा है, हिंसा और अपराध का जो बोलबाला है, सत्ता और धन के लिए कुछ भी कर देने की होड़, असहिष्णुता और दूसरे को अपमानित करने का भाव जो आज हमारे समाज में है, वह पहले नहीं था आज हम अजीब मोड़ पर खड़े हैं। रचनाकार के लिए यह चुनौतियों से भरा समय है। और इन हालात में लगता है, क्या लिखा जाए?’ लेखन, सम्प्रेषण, हस्तक्षेप और सार्थकता से जुड़े सवालों का सामना असग़र वजाहत ने अपनी कहानियों में बख़ूबी किया है। भाषा की व्यंजनाशक्ति का ऐसा विलक्षण प्रयोग बहुत कम रचनाकारों में दिखता है। ‘देखन में छोटे लगें घाव करें गम्भीर’ के अर्थ को इन कहानियों में सोदाहरण पढ़ा जा सकता है। प्रखर राजनीतिक-सामाजिक विवेक असग़र वजाहत की रचनाओं में प्राणशक्ति है।
Sanatan Buddha, Shashvat Yogi
- Author Name:
Shashank Mahalwal
- Book Type:

- Description:
यह कहानी चेतना की रहस्यमयी विशेषताओं पर आधारित है। इस कहानी में लेखक ने चेतना की एक ऐसी विशेषता पर प्रकाश डाला है, जिसे साधारणत: आज तक चेतना की लीला में अनदेखा किया गया है और चेतना की उस विशेषता का नाम है जिज्ञासा । इस कहानी में लेखक ने यह सिद्ध करने का प्रयास किया है कि जिज्ञासा ही वह शक्ति थी, जिसने क्रम- विकास को दिशा प्रदान की और जिज्ञासा ही वह शक्ति थी, जिसने सिद्धार्थ गौतम को समाधि को प्राप्त करने में भी सहायता प्रदान की । जिज्ञासा चेतना की एक ऐसी शक्ति है, जिसकी कार्यप्रणाली को अभी तक पूर्ण रूप से समझा नहीं गया है। इस कहानी के माध्यम से लेखक ने जिज्ञासा की ऐसी ही रहस्यमयी विशेषताओं पर प्रकाश डाला है, जो जीवन का भी मार्गदर्शन करती हैं तथा अपनी भूमिका पदार्थ एवं ऊर्जा-जगतृ में भी निभाती हैं। ब्रह्मांड और जीवन में जिज्ञासा की भूमिका को समझाने के साथ- साथ लेखक ने इस कहानी में यह भी समझाने का प्रयास किया है कि योग और ध्यान वास्तविकता में जीवन को लीला में क्या भूमिका निभाते हैं तथा किस प्रकार मानव इनकी सहायता से बुद्ध के आयाम को प्राप्त कर सकता है।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book