Kuchh Bhi To Rumani Nahi
(0)
Author:
Manisha KulshreshthaPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
200
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Available
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Short Stories
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Short Stories
Book Details
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ISBN9788190742443
-
Pages128
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Avg Reading Time4 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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‘मसीहा की आँखें’ में दो किस्म की लघुकथाएँ हैं—पहली लघुकहानी जैसी तो दूसरी लघुव्यंग्य जैसी। दोनों ही किस्म की रचनाएँ अपने लघु कलेवर में गहरी चोट करने की क्षमता से लैस हैं। बलराम का यह संग्रह सही अर्थों में लघुकथा को बहुविध स्थापित तो करता ही है, उसके प्रतिमानों को सर्जनात्मक लेखन से पुष्ट भी कर देता है। अब इसमें कोई सन्देह नहीं रह गया है कि लघुकथा एक सशक्त विधा है। संवाद, संवेदना, भाषा, चरित्र, शिल्प और परिवेश के वे सारे तत्त्व इसके भी वैसे ही अंग हैं, जैसे उपन्यास और कहानी के होते हैं। बलराम ने इसके जरिये उन सारी दलीलों को खारिज कर दिया है कि लघुकथा का कोई भविष्य नहीं। वास्तविकता तो यह है कि आज जब व्यक्ति के पास अधिक समय नहीं है, इस भागमभाग भरी जिन्दगी में यही विधा सबसे कारगर और प्रभावी है। ‘डायरी’ लघुकथा विधा की विकास यात्रा तो कराती ही है, उसके सौन्दर्यशास्त्रीय पक्ष पर भी गहरा मंथन करती है। उल्लेखनीय लघुकथाओं के विवेचन के साथ बलराम ने उनके प्रतिमानों को स्थिर, विन्यास को सुदृढ़ और सर्जनात्मक विधा के रूप में उनकी अन्तर्क्रिया को समझने की एक नई व्यवस्था दी है, जो न सिर्फ लेखकों के लिए उपयोगी है, बल्कि उनके लिए भी विशेष रूप से लाभप्रद है, जो लघुकथा को सही अर्थों में समझना चाहते हैं।
—ज्योतिष जोशी
SILAS MARNER (CLASS XII)
- Author Name:
George Eliot
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Silas Marner: the weaver of Raveloe is a novel by George Eliot, published in 1861. An outwardly simple tale of a linen weaver, it is notable for its strong realism and its sophisticated treatment of a variety of issues ranging from religion to industrialisation to community. The novel is set in the early years of the 19th century. Silas Marner, a weaver, is a member of a small calvinist congregation in lantern Yard, a slum street in an unnamed city in northern England. He is falsely accused of stealing the congregation's funds while watching over the very ill Deacon. Two clues are given against Silas: a pocket-knife and the discovery in his own house of the bag formerly containing the money. There is the strong suggestion that Silas' Best friend, William Dane, has framed him, since Silas had lent his pocket-knife to William shortly before the crime was committed. Silas is proclaimed guilty.
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