Jalti Jhadi
Author:
Nirmal VermaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 200
₹
250
Available
नामवर सिंह के शब्दों में ‘...निर्मल ने यथार्थ की सीमा पार करने की कोशिश की है। उन्होंने तात्कालिक वर्तमान का अतिक्रमण करना चाहा है, कहानी-कला के दायरे से भी बाहर निकलने की कोशिश की है। यहाँ तक कि शब्द की अभेद्य दीवार को लाँघकर शब्द के पहले के ‘मौन जगत’ में प्रवेश करने का भी प्रयत्न किया है।’</p>
<p>मनुष्य के भीतर अवस्थित इस मौन को पकड़ने का प्रयास बार-बार निर्मल जी की कहानियों में दिखाई देता है जिसे वे जीवन के बीचोबीच ही सम्भव करते हैं। जीवन के भावनात्मक जोख़िम से भरे इलाक़ों में मनुष्य की सघन और सूक्ष्म अनुभूतियों को प्रकाशित करनेवाली इस संग्रह की कहानियाँ अकेलेपन, अवसाद, अजनबीयत और आधुनिक जीवन की विडम्बनाओं का अन्वेषण दुर्लभ चित्रात्मकता और प्रामाणिकता के साथ करती हैं।</p>
<p>सन् 1965 में पहली बार प्रकाशित इस संग्रह की ज़्यादातर कहानियाँ यूरोप की पृष्ठभूमि में लिखी गई हैं जिनमें ‘लन्दन की एक रात’, ‘अन्तर’ और ‘जलती झाड़ी’ जैसी प्रसिद्ध कहानियाँ भी शामिल हैं।</p>
<p>इसी संग्रह में ‘माया दर्पण’ शीर्षक कहानी भी है जिस पर समानान्तर सिनेमा के चर्चित निर्देशक कुमार शाहनी ने इसी नाम से फ़िल्म बनाई थी जिसे 1973 में सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फ़िल्म पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
ISBN: 9789360868147
Pages: 160
Avg Reading Time: 5 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
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हमारा जीवन घटनाओं की स्थूल शृंखला भर नहीं होता। क्रियाओं और प्रतिक्रियाओं के मशीनी क्रम के समानांतर मन की भित्ति पर घटित होने वाला एक और जीवन हम जीते रहते हैं। आशा, आकांक्षा, हताशा, पश्चाताप, प्रेम और स्मृतियों का जीवन जिससे हम अपने एकांत में संवाद करते हैं। होने के दायित्व तले दबी हमारे आत्मबोध की एक बाँह जो हमें अपने होने के प्रति सचेत भी रखती है, हमें वापस स्थूल संसार में जाने का हौसला भी देती है, हमें सँभालती भी है।
हिंदी में जिन कुछ कहानीकारों ने मनुष्य के आस्तित्विक यथार्थ के इस पक्ष को प्रकाशित किया है उनमें जयशंकर भी शामिल हैं। जयशंकर की कहानियों में मनःस्थितियों के स्ट्रोक्स एक चित्रकथा की सी बिम्बावली बनाते हैं, जिनके बीच से गुज़रते हुए हमें अपना अतीत, बीते हुए वे क्षण जिन्हें रोज़मर्रा की भागदौड़ में हम अनदेखा किए रहते हैं, स्मृति की कौंध में झिलमिलाते दिखने लगते हैं।
प्रकृति का सजीव, साँस लेता सुदीर्घ लैंडस्केप, हल्की गर्द की तरह धूप में तैरती उदासी, ज़िन्दगी का ठहराव, दिनों का दोहराव, नासूर की तरह दुखता व्यर्थता बोध और एक सूक्ष्म दुख जो आत्मा के ख़ालीपन से, अस्तित्व की अपूर्णता से उपजता है, उनकी इन कहानियों का भूगोल है।
सर्दियों का नीला आकाश जयशंकर का नया कहानी संग्रह है। अपने अलग-अलग परिवेश में अपने-अपने जीवन के अर्थान्वेषण में डूबे इन कहानियों के पात्र हम पाठकों को मनुष्य के रूप में अपनी इयत्ता के प्रति नए सिरे से सजग और संवेदनशील बनाते हैं।
Pyramid Ka Sapna
- Author Name:
Jack Harte
- Book Type:

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Description:
जैक की कहानियों का यह चयन उनके लेखन की बहुआयामी छवि को प्रस्तुत करता है जहाँ कहानी के शिल्प और रूप की नई सम्भावनाओं की तलाश की गई है। कहानी सिर्फ़ कहानी है। ज़रूरत है पंख फैलाकर उड़ने की और एक सीमा से दूसरी सीमा तक के तमाम रूपों को पुनर्परिभाषित करने की।
जैक का लेखन कहानी को कविता के बेहद नज़दीक ले जाने का भी अद्भुत प्रयास है। इन कहानियों को पढ़ते हुए आपको ल फॉन्टेन एवं लेटिन अमरीकी अतियथार्थवादी लेखकों से लेकर भारत के विजयदान देथा तक याद आते रहते हैं। जैक हार्ट की कहानियों को विशुद्ध प्रतीकवाद और यथार्थवाद का मिश्रण कहना किसी भी तरह अनुचित न होगा।
जैक की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि किस तरह कहानी मानव मन के अन्तरतम कोनों तक पहुँच सकती हैं। कल्पना के उच्चतम स्तर तक पहुँचने के लिए ये कहानियाँ लगातार प्रेरित करती रहती हैं। वे हमें कान पकड़कर उन अनजान जगहों पर ले जाती हैं जहाँ अचानक हम ख़ुद को पहचानते हैं और हैरान होते हैं। हम गवाह बन जाते हैं : प्रेम, दर्द, युद्ध की त्रासदी और कल्पना की असफलता के।
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