Smriti Gandh
Author:
Veena SinhaPublisher:
Rajkamal Prakashan SamuhLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections0 Ratings
Price: ₹ 120
₹
150
Unavailable
‘ब्लर्ब’ पर छपनेवाली सम्मतियाँ अक्सर खातिरन् लिखी जाती हैं, जिनमें अमूमन तआरुफ़ और तारीफ़ की बातें रहती हैं—कोई मूल्यांकन नहीं। शायद, कहानियों की इस किताब को रस्मी तौर पर लिखी गई ऐसी सम्मति की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि इस संग्रह की कई कहानियों की अपनी औक़ात है।</p>
<p>अधिकतर कहानियों के कथा-कलन में बया के घोंसले जैसी संकुल और कलापूर्ण बुनावट है, जिसमें लेखिका इशारतन एक साथ कई बातें कह देती है। मानो इसकी कहानी उस चाकू या क़लमतराश की तरह है, जिसमें कई छुरियाँ एक साथ रहती हैं। ख़ासकर स्त्री-विमर्श से जुड़ी हुई कहानियाँ पठनीय हैं, जो मुनिया और अंजू जैसे चरित्रों के पक्ष में खुलकर खड़ी हैं और पुंप्रभुत्व से पीड़ित इस अलील समाज को दवा की कड़ी खुराक ही नहीं देना चाहती हैं, बल्कि उसे बेहोश किए बिना नश्तर भी लगा देना चाहती हैं। यह दूसरी बात है कि इस तासीर की कहानियों में भी कहीं-कहीं पुराने समाज के ‘सेंसर-मोरोंस’ के भय के साथ-साथ ‘प्यूडेंडा’—केन्द्रिक शब्दों व क्रियाओं के कथन से परहेज़ की झलक मिल जाती है।</p>
<p>अन्तर्यात्रा की ख़ास बातों को इशारों से कहने में माहिर और बर्फ़ के गाले में ‘आग’ को ढोने-सुलगानेवाली ये कहानियाँ इसलिए भी सराही जाएँगी कि घन की चोट से यथास्थिति को तोड़कर ‘अदल-बदल’ लाने की सूझ-समझ वाली हर कोशिश किसी नए ‘भिनसार’ को क़रीब लाती है।</p>
<p>—डॉ. कुमार विमल।
ISBN: 9788126715787
Pages: 120
Avg Reading Time: 4 hrs
Age: 18+
Country of Origin: India
Recommended For You
Mansarovar Vol. 1 : Idgaah Aur Anya kahaniyan
- Author Name:
Premchand
- Book Type:

- Description: Awating description for this book
Uske Hisse Ka Jadoo
- Author Name:
Priyadarshan
- Book Type:

-
Description:
प्रियदर्शन की कहानियों में रिश्तों का एक अनवरत खेल दिखाई पड़ता है—अनजाने लोग एक-दूसरे के क़रीब आ जाते हैं, अकेले लोग एक-दूसरे का सहारा बन जाते हैं। लेकिन ये कहानियाँ सदाशयी मनुष्यता की नीतिकथाएँ नहीं हैं, इनमें हमारे जटिल समय के घात-प्रतिघात से बन रही अनेकरैखिक विडम्बनाएँ दिखाई पड़ती हैं जिनमें इनसान कुछ खो रहा है, कुछ खोज रहा है। इन कहानियों में कहीं अपनी खो चुकी माँ को खोजती बेटी है, कहीं अपने बेटे को पहचानने की कोशिश करता एक पिता है। कहीं प्रेम है जो अनकहा रह जाता है तो कहीं टूटन है जो अनपहचानी रह जाती है। कहीं कोई पुरानी कसक सिर उठाती है तो कहीं कोई नई पीड़ा रास्ता खोजती है। कहीं आत्मीयता हाथ पकड़ती है तो कहीं अजनबीयत सहारा बनती है। लेकिन ये कुछ चरित्रों के निजी अवसाद या प्रेम या उनकी टूटन की कहानियाँ नहीं हैं, इनमें हमारा वह समय और समाज भी पढ़ा जा सकता है जो हाल के वर्षों में इतनी तेज़ी से बदला है कि उससे तुक-ताल बिठाने की कोशिश में हमारी चूलें उखड़ती लग रही हैं। इन कहानियों में वे राजनीतिक विद्रूप भी दिखते हैं जिन्होंने हमारे समाज को ज़ख़्मी किया है और वह इनसानी हक़ीक़त भी जो ऐसे ज़ख़्मों के लिए मलहम का काम करती है।
भाषा इन कहानियों की जान है—बेहद पारदर्शी और तरल, चरित्रों की गहन पड़ताल के बीच बनती हुई। यह एक आधुनिक भाषा है जिसमें बोलचाल की सहजता भी है और लालित्य का संस्कार भी। अपनी सीमाओं की पहचान भी और इन सीमाओं के पार जाने की शक्ति भी। दरअसल जीवन की बेहद मामूली और आम तौर पर अनदेखी रह जानेवाली घटनाओं के बीच बनती ये कहानियाँ पाठक को सिर्फ़ बाँधती ही नहीं, अपने साथ जोड़ती भी हैं—यह अनायास नहीं है कि वह इन कहानियों में अपनी कहानी खोजने लगता है।
Katha Saptak Sudha Om Dhingra
- Author Name:
Sudha Om Dhingra
- Book Type:

- Description: Collection of 7 brilliant stories: - बिल्ली नहीं दीवार - सामूहिक नरसंहार - ज़ाफ़र मियाँ की शहनाई - शिकंजा - माई - शर्म - बजरंग पांडे के पाड़े
Seat Number Chheh
- Author Name:
Mamta Kaliya
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कथा साहित्य में अपनी एकल और अलग पहचान बनाती ममता कालिया की कहानियाँ पहले वाक्य से ही पाठक का ध्यान आकर्षित करती हैं। इन कहानियों में सातवें दशक के बाद के जीवन और जगत् की हलचल महसूस की जा सकती है। जब भारतीय समाज में परिवर्तन हो रहा था। इन कहानियों को महज़ स्त्री-लेखन के कोष्ठक में सीमित नहीं किया जा सकता, क्योंकि इनमें समूचे समाज की संघर्षधर्मिता विभिन्न पात्रों और स्थितियों द्वारा व्यक्त हुई है। प्रमुख आलोचक मधुरेश के शब्दों में, ‘संरचना की दृष्टि से ममता कालिया की कहानियाँ इस औपन्यासिक विस्तार से मुक्त हैं जिसके कारण ही कृष्णा सोबती की अनेक कहानियों को आसानी से उपन्यास मान लिया जाता है। काव्योपकरणों के उपयोग में भी ये संयत कहानियाँ हैं। यह अकारण नहीं कि उनकी भाषा में एक ख़ास तरह की तुर्शी है। जिसकी मदद से वे
सामाजिक विद्रूपताओं पर व्यंग्य का बहुत सीधा और सधा उपयोग करती हैं।’
Case Files of The Dead
- Author Name:
Various Authors
- Rating:
- Book Type:

- Description: Welcome to a mysterious land where ghosts. Ghouls and spirits rule. Welcome to a place where haunted houses and evil souls will make a shiver run down your spine. A spooky tale in the scenic hills of Mussoorie awaits you while uncanny happenings in a literary competition are sure to intrigue you. The case of a mysterious white Maruti baffles everyone, even as the unsuspecting jogger experiences something he had never bargained for. A group of friends will encounter the worst terror of their lives while nightmares of his death rack the young man! Author's In and The Book Bakers present an eclectic mix of true stories, legends, and fables that have often been a part of India's folklore—armed with some of the best authors in India's paranormal literature history. CASE FILES OF THE DEAD; India's first pure horror public anthology will turn every host into (G)Host!!!
Barzakh
- Author Name:
Abbas Pathan
- Book Type:

- Description: राजस्थान के जोधपुर शहर से ताल्लुक रखने वाले अब्बास पठान का नाम ख़बर की ख़बर रखने वालों में से है। आप सोशल मीडिया पर काफ़ी चर्चित हैं एवं अपनी व्यंग्यात्मक शैली, राजनैतिक स्तंभ, गंभीर लेखन और कहानियों के ज़रिए जाने जाते हैं। पूर्व में आपका कहानी-संग्रह “राक्षस राज्य” नाम से प्रकाशित हो चुका है जिसे पाठकों का बहुत प्यार मिला। आपकी कहानियों पर हिंदी, मराठी और गुजराती भाषाओं में अनेकों वॉइस वीड़ियो बने हैं जिन्हें करोड़ों श्रोताओं का अपार प्रेम प्राप्त हुआ।
Crush - An Incomplete Heartbeat
- Author Name:
Jitender Rishi Parmar +1
- Book Type:

- Description: Life force works through all of us with the help of the law of attraction. This anthology consists of 16 remarkable stories of crazy crushes, inspiring you to persuade your partner to love you back. These will be the precious pearls of human experience.
Sandhya Tara
- Author Name:
Sharad Pagare
- Book Type:

-
Description:
शरद पगारे को उनकी इतिहास-आधारित कथा-रचनाओं के लिए विशेष रूप से जाना जाता है। ऐतिहासिक घटनाओं और व्यक्तित्वों की रचनात्मक शैली में पुनर्सृजना असाधारण कल्पना और तथ्यात्मक तथा तार्किक संगति की माँग करती है। शरद पगारे ने अपने ‘गुलारा बेगम’ जैसे चर्चित उपन्यासों में इस कौशल का परिचय दिया है। बीच-बीच में उन्होंने इतिहास को आधार बनाकर कहानियाँ भी लिखीं जो कई संग्रहों में आ चुकी हैं।
‘सांध्य तारा’ में ऐसी ऐतिहासिक कथाओं को संकलित किया गया है जिनके केन्द्र में स्त्रियाँ हैं। वैशाली की नगरवधू आम्रपाली, वैदिक युग की ययाति पुत्री राजकुमारी माधवी, ईसा पूर्व छठी सदी की राजनर्तकी शालवती, मध्ययुग की रजिया सुल्ताना, रानी रूपवती आदि इतिहास की ऐसी नायिकाएँ हैं जिनकी तरफ़ अकसर रचनाकारों की निगाह लौटती रही है।
शरद पगारे ने उन्हें अपनी सिद्ध लेखनी से इन कहानियों में ऐसे साकार किया है कि पढ़ते हुए हम कुछ समय के लिए उन्हीं के समय में लौट जाते हैं।
Naticharaami
- Author Name:
Santoshkumar Mehandale
- Rating:
- Book Type:

- Description: ಸ್ವತಃ ಲೇಖಕರೇ ಬರೆದು ಸಂಪಾದಿಸಿದ ಶಾಟ್ ಕಥೆಗಳು ಮತ್ತು ವೈಶಿಷ್ಟ್ಯಗಳ ಸಂಗ್ರಹ
Sampurna Kahaniyan : Usha Priyamvada
- Author Name:
Usha Priyamvada
- Book Type:

-
Description:
उषा प्रियम्वदा की कहानियाँ जीवन के सहज विडम्बनाबोध की कहानियाँ हैं। घने कुहासे की तरह त्रास जब पाठक को अपने आगोश में लेता है तो सुध-बुध खोता पाठक ख़ुद को छोड़ देता है, उसकी धीमी लय पर डूबने-उतराने को। और, जब कहानी समाप्त होती है तो पाठक ख़ुद को एक सन्नाटे में पाता है—जहाँ दुनिया-जहान की तल्ख़ सच्चाइयाँ उसे कुरेद रही होती हैं; वह प्रश्नाकुल व बेचैन हो उठता है कि आख़िर ऐसा क्यों है—यह दुनिया ऐसी क्यों है?
यह सन्नाटा है जो बोलता है और डोलता भी है और अपने साथ डुलाता भी है पाठक को। फिर वह एक संशयात्मा की तरह जीवन स्थितियों को मुड़-मुडक़र देखने को बाध्य हो जाता है।
ऐसे समय में जब रचना के लिए भी विमर्श के कई ख़ाने बना दिए गए हैं, उषा प्रियम्वदा की कहानियाँ जीवन को उसकी समग्रता में लेती हैं। इन कहानियों की त्रासदी को स्त्री-पुरुष के ख़ानों में नहीं बाँटा जा सकता है। ये मनुष्यता की त्रासदी को प्रतिबिम्बित करती कहानियाँ हैं।
रघुवीर सहाय ने कभी कहा था—जब मैं कविता पढ़कर उठूँ तो सन्नाटा छा जाए। उषा जी की कहानियों की बाबत भी कुछ ऐसा ही कहा जा सकता है।
Sujan Harbola
- Author Name:
Satyajit Ray
- Book Type:

-
Description:
अपनी फिल्मों के जरिये पूरी दुनिया में असाधारण शोहरत हासिल करनेवाले सत्यजित राय ने अपने लेखन से भी अपार लोकप्रियता हासिल की।
अपनी अति व्यस्तता के बावजूद उन्होंने बांग्ला भाषा में जिस विपुल परिमाण में साहित्य-लेखन किया, वह किसी को भी विस्मित कर सकता है। अपने पितामह उपेन्द्र किशोर रायचौधरी और पिता सुकुमार राय की तरह किशोरों के लिए साहित्य-सृजन की परम्परा को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने जासूस फेलूदा, वैज्ञानिक प्रोफेसर शंकु और बातूनी तारिणी चाचा जैसे नायाब किरदारों को साकार किया। यथार्थ और कल्पना तथा लौकिक और अलौकिक के मेल से उन्होंने दर्जनों ऐसे पात्रों और प्रसंगों को अपनी कहानियों में जीवन्त किया, जिन्हें भुला पाना असम्भव है।
सत्यजित राय की कहानियाँ अकल्पनीय रहस्य-रोमांच से भरपूर हैं, पर ये कहानियाँ परम्परागत रहस्य-रोमांच की कहानियों से बिलकुल भिन्न एक नई भाव-भूमि, एक नए संसार का साक्षात्कार कराती हैं। उनकी अधिकतर कहानियाँ हमारी जानी-पहचानी जगहों और लोगों के बीच से ही कुछ ऐसा उद्घाटित करती हैं जो हमें रोमांचित कर देता है और हमारी कल्पनाशीलता को नई गति प्रदान करता है।
‘सुजन हरबोला’ में संकलित कहानियाँ अपने रचाव और रंगत में लोककथाओं जैसी हैं—सहज, घटनापूर्ण किन्तु सार्वकालिक मूल्यबोध से लैस। इन कहानियों में मानव स्वभाव के उन पक्षों का बखूबी उद्घाटन हुआ है, जहाँ भविष्य के प्रति कुतूहल और उम्मीद हमेशा उपस्थित रहते हैं।
Varshingtan Postmarch
- Author Name:
Oka Shuzo
- Book Type:

- Description: जापान के सुप्रसिद्ध साहित्यकार ओका शूज़ो की पुस्तक ‘मेरी दीदी’ और ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ का हिन्दी अनुवाद मानसिक और शारीरिक रूप से अविकसित बच्चों के सामाजिक परिवेश का एक संवेदनशील संग्रह है जिसे डॉ. उनीता सच्चिदानन्द और जापान की योशिको ओकागुची ने मिलकर सम्पन्न किया है। दो भागों में प्रकाशित इस कथा-संग्रह में ऐसे बच्चों की सहज इच्छाओं और अनुभूतियों का सघन चित्रण है। ‘वाशिंगटन पोस्टमार्च’ पर फ़िल्म भी बन चुकी है।
Vairagya
- Author Name:
Geetanjali Shree
- Book Type:

- Description: नई व पुरानी कहानियों का यह संकलन गीतांजलि श्री की लगभग एक दशक की साहित्यिक यात्रा का परिचय देता है। इसमें वैविध्य है विषय का, अन्दाज़ का। प्रयोग है शिल्प का, भाषा का। और हमेशा ही एक सृजनात्मक साहस है कि यथातथ्यता—‘लिटरैलिटी’—को लाँघते हुए पथ, दृश्य, अनुभव, ज़मीन तलाशें। अलग-अलग बिन्दुओं की टोह लेने की लालसा में नतीजा फटाफट समझाने की कोई हड़बड़ी नहीं। कहीं हमारी जटिल आधुनिकता के आयाम हैं, कहीं मानव-सम्बन्धों की अनुभूतियाँ। कहानियाँ हमारे शाश्वत मुद्दों पर भी हैं—मृत्युबोध, जीवन की आस, आत्मीयता की चाह-पर ताज़ी संवेदना से भरपूर। कभी ‘नज़र’ में हास्य है, कभी फ़लसफ़ाना दुःख। भाषा की ध्वनियाँ ऐसी हैं कि शायद बहुतों को यहाँ कविता का रस भी मिलेगा। साहित्य-प्रेमियों के लिए एक सार्थक प्रयास।
Rail Ki Bat
- Author Name:
Harimohan Jha
- Book Type:

- Description: हरिमोहन झा की कहानियां : पाँच पत्र/ रेल की बात/ गुलाबी गप्प/शास्त्रार्थ / अलंकार शिक्षा/ सरस्वती की पराजय/ चिकित्सा/ सिनेमा का दृश्य/ चंचला की करतूत/ कलाकार का पाप/ अंगरेजिया बाबू
Pratinidhi Kahaniyan : Yaikam Mohmmad Bashir
- Author Name:
Yaikam Mohmmad Bashir
- Book Type:

- Description: केरल के निम्न-मध्यवर्गीय समाज और मुस्लिम आबादी को गझिन पृष्ठभूमि से कथानक लेकर उन्हें जादुई कलात्मकता से कहानियों में प्रस्तुत करनेवाले वाइकम मुहम्मद बशीर भारतीय तथा साहित्य में अपना विशिष्ट स्थान रखते हैं। इस्लामिक सामाजिक परिवेश, इस्लाम के पौराणिक मिथकों और केरल के मुस्लिमों में प्रचलित भाषा रूपों का प्रयोग उनके कथा-जगत को एक अलग पहचान देता है। मलयाली ही नहीं, अन्य भाषाओं में भी इस कोटि का बहुत कुछ नहीं मिलता। इस संग्रह में उनकी पन्द्रह अद्भुत कहानियाँ संकलित हैं जो समाज के हाशिए पर रहनेवाले ग़रीब लेकिन जीवट और मनुष्यता से लवरेज लोगों का चित्रण करती हैं। पहली ही कहानी ‘जुआरी की बेटी’ कथाकार की मनोवैज्ञानिक और समाजशास्त्रीय समझ का एक आकर्षक नमूना है। बशीर स्वतंत्रता आन्दोलन में सक्रिय रहे थे। उस दौरान उनके कुछ अनुभव संग्रह में शामिल ‘माँ’, ‘हथकड़ी’ और ‘पुलिसवाले की बेटी’ आदि कहानियों में देखने को मिलते हैं। उनके कथासंसार में सिर्फ़ मनुष्य ही नहीं, बल्कि संसार की सभी चर-अचर वस्तुएँ जैसे चैतन्य होकर गति करती है।
Dogri Folk Tales
- Author Name:
Shivanath
- Rating:
- Book Type:

- Description: The language of about five million Dogras, Dogri has a rich oral literature and folk tales form a substantial part of it. There are over seven hundred Dogri folk tales which have been collected and printed so far. This volume is the 1st attempt to bring out the English translation of some of these folk tales. The tales in this volume provide a peep into the 'backyard' of Dogra culture. Here gods and goddesses assume human forms and join human beings to drive home some important truth or moral lesson.
Epochal Voices
- Author Name:
Murari Madhusudan Thakur
- Rating:
- Book Type:

- Description: A comparison of the lives and writing of Devkota and Nirala by Murari Madhusudan Thakur. Sahitya Akademi Award 2021
Barik Baat
- Author Name:
Ramswarup Kisan +1
- Rating:
- Book Type:

- Description: बारीक बात पुरस्कृत राजस्थानी कहानी-संग्रह बारीक बात का हिन्दी अनुवाद है। इस संग्रह की कहानियाँ राजस्थानी साहित्य की विशिष्ट चेतना का प्रतिनिधित्व करते हुए लोक संस्कृति और आधुनिकता के द्वन्द को चिह्नित करती है और नये साहित्यिक प्रतिमान स्थापित करने के लिए आगे बढ़ती है। लेखक ने प्रयोगात्मक, अपरंपरागत कहानी कहने की कला एवं मुहावरेदार भाषा के उत्कृष्ट उपयोग ने कहानियों को श्रेष्ठ बना दिया है।
Hare Skirt Wale Ped Ke Tale
- Author Name:
Neelam Kulshreshtha
- Book Type:

- Description: Book
Shapgrasta
- Author Name:
Akhilesh
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कहानी की चर्चा पर अखिलेश की कहानियाँ याद न आएँ, असम्भव है। वह ऐसे लेखक हैं जो बौद्धिकों और सामान्य पाठकों के बीच एक साथ स्वीकृत हैं।
अखिलेश का ज़िक्र समर्थ कथाकार के रूप में किया जाता है तो इसमें सबसे अधिक योगदान ‘शापग्रस्त’ संग्रह में शामिल कहानियों का है। इस किताब की समस्त कहानियाँ अपनी संश्लिष्ट वास्तविकता, कलात्मकता और अद्वितीय गद्य के ज़रिए लगातार हिन्दी पाठक को मुग्ध, गर्वित और हैरान करती रही हैं। इसीलिए ‘शापग्रस्त’ को यदि कहानियों के संग्रह की जगह श्रेष्ठ कहानियों का संग्रह कहा जाए तो अत्युक्ति न होगी। इसमें उपस्थित ‘चिट्ठी’, ‘ऊसर’, ‘बायोडाटा’, ‘शापग्रस्त’ तथा ‘जलडमरूमध्य’ हिन्दी की बेहतरीन कहानियाँ हैं। साथ ही ‘अगली शताब्दी के प्यार का रिहर्सल’ एवं ‘पाताल’ भी अनेक चर्चित कहानियों की तुलना में बेहतर और पठनीय हैं।
‘शापग्रस्त’ की कहानियाँ इस अर्थ में विस्फोटक हैं कि सभी की सभी देश के नए सच से मुठभेड़ करती हैं। मनुष्य, समाज, परिवार, संस्कृति, राजनीति, प्रेम और आत्मा पर आघात कर रहे उपभोक्तावादी-बाज़ार व्यवस्था की सर्जनात्मक साक्ष्य हैं ये कहानियाँ। मौजूदा समय स्वातंत्र्योत्तर भारत का सबसे ज़्यादा हिंसक तथा आक्रान्ता समय है, और इसी को ‘शापग्रस्त’ की कहानियों में घेरा गया है।
अखिलेश के यहाँ ख़ास रंग के जीवन्त, हँसमुख और शरारती गद्य के ज़रिए सत्य को ढूँढ़ा, परखा, प्रकट किया गया है। और, इस अर्थ में तो अखिलेश की भाषा का मिज़ाज अभिनव है कि वह एक तरफ़ व्यंग्य-विनोद की छटा बिखेरती है तो दूसरी तरफ़ करुणा की अन्तःसलिला भी प्रवाहित करती है। शायद इसी वजह से ‘शापग्रस्त’ की कहानियाँ ग़ज़ब की वाग्विदग्ध होने के बावजूद अपने परिणाम में हमें बेचैन, उदास और आन्दोलित करती हैं।
ऐसी उम्मीद की जानी चाहिए कि अखिलेश का यह संग्रह लम्बे समय तक हलचल पैदा करता रहेगा।
Customer Reviews
0 out of 5
Book
Be the first to write a review...