Hari Mohan Jha Ki Shreshtha Kathayen
(2)
Author:
Lavanya Kirti Singh 'Kavya'Publisher:
Sahitya AkademiLanguage:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
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Hari Mohan Jha Ki Shreshtha Kathayen
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Hari Mohan Jha Ki Shreshtha Kathayen
Book Details
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ISBN9789387989887
-
Pages312
-
Avg Reading Time10 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: शिवमूर्ति आम जन-मन को जीनेवाले, उनके बीच रचने-बसनेवाले, उन्हीं की दुनिया के एक ऐसे नागरिक हैं जो अपने समाज के लोगों की दशा-दुर्दशा की वास्तविक स्थितियों-परिस्थितियों को, बगैर किसी पर्दे या झालर-झूमर के सामने लाता है। उनकी कहानियों के पात्र पूरी ताकत के साथ सामाजिक अन्याय, पीड़ा, प्रताड़ना को जीते हुए भी, चुपचाप उसे सहन नहीं कर जाते। बल्कि उस यंत्रणा को भोगते हुए, उनसे लड़ते, पछाड़ खाते पर अन्ततः उन्हें पछाड़ते देखे जा सकते हैं। यही शिवमूर्ति की कहानियों की ताकत है। चित्रण में वही गँवई धूसरपन, विट, लोकोक्तियों से रची-पगी भाषा का सौन्दर्य। उनकी भाषा में किसी तरह की कोई चिकनाहट नहीं, कृत्रिमता नहीं, ठेठ सहज खुरदुरापन है। अगर शिवमूर्ति का कोई ‘शिवमूर्तियाना’ अन्दाज है तो इसी ‘कथाभाषा’ में है, जिसे उन्होंने अर्जित नहीं किया है, जिया है और कमाया है।
Swapna Premi
- Author Name:
Damodar Mauzo
- Book Type:

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Description:
कोंकणी कथाकार दामोदर मावज़ो की ये कहानियाँ साधारण जनजीवन की सहज कथा-सम्पन्नता की साक्षी हैं। किसी भी बड़ी कलम की तरह मावज़ो की कहानियाँ भी बताती हैं कि हमारी निगाह किसी पूर्वाग्रह से बाधित न हो, तो हम हर कहीं एक कहानी देख सकते हैं, और बिना किसी शिल्प-चातुर्य का सहारा लिये उसे सीधे-सीधे बयान कर सकते हैं।
गोवा के जनजीवन से निकली ये कहानियाँ सार्वभौमिक और सार्वकालिक मानव-मनोभावों, कमज़ोरियों, सपनों और दुखों की कहानियाँ हैं। मावज़ो खुली आँख से अपने परिवेश को देखते हैं और कहानी सुनने-कहने की चिरन्तन मानवीय आकांक्षा के साथ उसे अपनी कहानियों में बयान कर देते हैं।
मूल कोंकणी से अनूदित उनकी चर्चित कहानियों के इस संग्रह में प्रेम, अभाव, धनहीनता के सन्ताप, उससे पैदा होनेवाली क्रूरता, चालाकी, निरुपायता के साथ आम लोगों की निष्पाप जिजीविषा, साहस और अन्य सकारात्मक जीवन-स्थितियों का अंकन बिलकुल वैसे ही किया गया है, जैसा वह हमारे जीवन में होता है।
ज़्यादातर कहानियों की पृष्ठभूमि गोवा की संस्कृति और जीवन-शैली है, जिससे हिन्दी पाठक को एक भिन्न आस्वाद से गुज़रने का मौक़ा मिलता है।
कहानियों की सबसे ज़्यादा मोहक विशेषता है, कहानी के बीच लेखक का सिर्फ़ एक माध्यम के रूप में रहना। किसी भी भाषिक या शैलीगत चमत्कार से अपनी मौजूदगी जताने की लेखकीय हताशा कथाकार में नहीं है, जो निश्चय ही उनके बड़ा रचनाकार होने का प्रमाण है। वे आपके इर्द-गिर्द अपने पात्रों को उनके भरे-पूरेपन के साथ आने देते हैं। आपको स्वयं उन्हें जानने, उनके साथ जीने का मौक़ा देते हैं।
Amreeka Meri Jaan And Other Stories
- Author Name:
Hari Om
- Book Type:

- Description: Stories have a way of shaping the world we live in. They weave together our beliefs, emotions and the truths we hold dear, often blending reality with imagination. This book is a collection of such stories deeply rooted in the fabric of communal dynamics, yet echoing universal human experiences. Each story sheds light on the innocence, complexities and conflicts that emerge when communities, cultures and individuals collide. The tales in this book are set against the backdrop of day-to-day life in villages and towns. They feature vibrant characters, each with their own quirks and stories to tell. From Rahmat, the oil presser, whose quiet resilience and legendary past make him a figure of endless fascination, to the youthful debates and riddles that animate village temples, these stories explore the deep connections-and divides that define us. While these stories are fictional, they reflect the reality of the world around us. They are not just about individuals or communities; they are about humanity as a whole its flaws, its beauty and its unrelenting pursuit of harmony
COFFEE TIMES: 151 LAGHUKATHAYEN
- Author Name:
Poonam Anand
- Book Type:

- Description: "लेखक अपने विचारों को समाज, संस्कृति, संस्कार, प्रकृति, हास-परिहास, सुख-दुःख, देश-दुनिया आदि विषयों की विविधता से स्वयं को पहले जोड़ता है और बहुत ही सावधान होकर एक-एक शब्दों का चयन करता है। फिर उसे बड़ी सावधानी से बुनता है और चुन-चुनकर अपने लेखन से जोड़ने का कार्य करता है। जीवन के विविध रंगों से सजी ये हृदयस्पर्शी लघुकथाएँ आपको झकझोरेंगी, उद्वेलित करेंगी और आप जीवन के अनुभव-सागर से निकले मोतियों-मणियों से अपने को समृद्ध करेंगी।
Dahan (lok)
- Author Name:
Manoj Rupada
- Book Type:

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Description:
मनोज रूपड़ा की कहानियाँ बाजदफे आपके पढ़ने की गति को धीमा करती हैं। ऐसा गत्यावरोध संरचनात्मक स्तर पर किन्हीं भारी-भरकम, क्लिष्ट वाक्य-विन्यास से प्रसूत नहीं, न ही अर्थागम के स्तर पर ही। बात दरअसल कुछ और है। एक बार शुरू करने के बाद आप उन्हें जल्दी खत्म नहीं करना चाहते, खत्म करने से डरते हैं। मनोज के यहाँ आपके वे बिसराये पाप बसर करते हैं, आपके मानस तक जिनकी अवैध आमद बस सपनीले साँवले में ही सम्भव है। मनोज में उन गोपनीय पापों को उनकी नंगी संपूर्णता में रखने का माद्दा है। वस्तुतः मनोज की दो पंक्तियों की सन्ध में सरगोशी करते आपके अतीत के ऐसे पाप ही आपकी पढ़त को बारहाँ बाधित करते हैं।
मनुष्य का यही 'बेसिक इंस्टिंक्ट' मनोज की कहानियों का मूलाधार है। यही मनोज के नायकों को आहत करता है, उन्हें दर-ब-दर करता है, तोड़कर पुनर्नवा - 'रीकंस्ट्रक्ट' और 'रिन्यू' करता है। मनोज अपने नायकों के व्यक्तित्व व उनके अहं को बड़ी निर्ममता से विखंडित करते हैं। वे इसे प्रलय के स्तर तक ले जाते हैं, किन्तु वहाँ से लौटते हुए उनका अनाहत अहं सर्जना के उरूज पर प्रतिष्ठित होता है।
मनोज इस हारे हुए समय में मनुष्य की विजय के इकलौते स्मारक हैं। सँभालकर-सँजोकर रखे जाने वाले कथाकार। कयामत से पहले इनकी कहानियों को बचाकर रख लेना चाहिए, ये अगली दुनिया के निर्माण का ब्लूप्रिंट हैं।
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