Kathavaachak
(0)
Author:
Susmita PathakPublisher:
Antika Prakashan Pvt. Ltd.Language:
HindiCategory:
Short-story-collections₹
350
287 (18% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
स्त्रियाँ परिवार और समाज की धुरी होती हैं लेकिन उन स्त्रियों का जीवन कितना कठिन, विपत्तियों से भरा और त्रासद होता है, कितनी अपमानजनक और विकट स्थितियों-परिस्थितियों से वे जूझती और संघर्ष करती हैं, उसका सटीक और सम्यक चित्रण सुस्मिता पाठक की कहानियों में गुम्फित है। अपनी कहानियों में वह स्त्री की दारुण गाथा मात्र नहीं कहती अपितु स्त्री के सपने और संघर्ष को मजबूत स्वर भी देती हैं। इक्कीसवीं सदी में स्त्री-संघर्ष और विमर्श की एक सुपरिचित व्याख्याकार के रूप में मैथिली साहित्य में इनका स्थान सुरक्षित है। अपनी कहानियों में व्यापक जीवनानुभव, नव्यतर कथ्य, उपस्थापन शैली, स्त्री जीवन की विडम्बनाओं को महीनी से उकेरती, उद्घाटित-उद्भेदित करती सुस्मिता अपने पाठकों को कहानियों से विलग नहीं होने देती हैं। इनकी कहानियों से गुजरते हुए मिथिला के सामाजिक जीवन, रीति-रिवाज, सुख-दुख, राग-विराग और नेह-छोह का विरल अनुभव मिलता है।
Read moreAbout the Book
स्त्रियाँ परिवार और समाज की धुरी होती हैं लेकिन उन स्त्रियों का जीवन कितना कठिन, विपत्तियों से भरा और त्रासद होता है, कितनी अपमानजनक और विकट स्थितियों-परिस्थितियों से वे जूझती और संघर्ष करती हैं, उसका सटीक और सम्यक चित्रण सुस्मिता पाठक की कहानियों में गुम्फित है। अपनी कहानियों में वह स्त्री की दारुण गाथा मात्र नहीं कहती अपितु स्त्री के सपने और संघर्ष को मजबूत स्वर भी देती हैं। इक्कीसवीं सदी में स्त्री-संघर्ष और विमर्श की एक सुपरिचित व्याख्याकार के रूप में मैथिली साहित्य में इनका स्थान सुरक्षित है। अपनी कहानियों में व्यापक जीवनानुभव, नव्यतर कथ्य, उपस्थापन शैली, स्त्री जीवन की विडम्बनाओं को महीनी से उकेरती, उद्घाटित-उद्भेदित करती सुस्मिता अपने पाठकों को कहानियों से विलग नहीं होने देती हैं। इनकी कहानियों से गुजरते हुए मिथिला के सामाजिक जीवन, रीति-रिवाज, सुख-दुख, राग-विराग और नेह-छोह का विरल अनुभव मिलता है।
Book Details
-
ISBN9788196185855
-
Pages112
-
Avg Reading Time4 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Yugaadi
- Author Name:
Vasudhendra
- Book Type:

- Description: ವಸುಧೇಂದ್ರರ ಈ ಕಥಾಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ಹಲವು ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಸಂದಿವೆ. ಮುಖ್ಯವಾಗಿ ಡಾ. ಯು ಆರ್ ಅನಂತಮೂರ್ತಿ ಪ್ರಶಸ್ತಿ ಹಾಗೂ ವರ್ಧಮಾನ ಉದಯೋನ್ಮುಖ ಪ್ರಶಸ್ತಿಗಳು ಈ ಸಂಕಲನಕ್ಕೆ ದಕ್ಕಿವೆ.
Collected Writings
- Author Name:
R K Laxman
- Book Type:

- Description: R.K. Laxman, India's best-loved cartoonist, is also one of our most gifted storytellers. The same acerbic wit and quizzical insights that characterize his cartoons are in ample evidence in his writings as well. This ominous volume contains his two novels, The Hotel Riviera and The Messenger, and The Tunnel of Time, his autobiography.
Pyramid Ka Sapna
- Author Name:
Jack Harte
- Book Type:

-
Description:
जैक की कहानियों का यह चयन उनके लेखन की बहुआयामी छवि को प्रस्तुत करता है जहाँ कहानी के शिल्प और रूप की नई सम्भावनाओं की तलाश की गई है। कहानी सिर्फ़ कहानी है। ज़रूरत है पंख फैलाकर उड़ने की और एक सीमा से दूसरी सीमा तक के तमाम रूपों को पुनर्परिभाषित करने की।
जैक का लेखन कहानी को कविता के बेहद नज़दीक ले जाने का भी अद्भुत प्रयास है। इन कहानियों को पढ़ते हुए आपको ल फॉन्टेन एवं लेटिन अमरीकी अतियथार्थवादी लेखकों से लेकर भारत के विजयदान देथा तक याद आते रहते हैं। जैक हार्ट की कहानियों को विशुद्ध प्रतीकवाद और यथार्थवाद का मिश्रण कहना किसी भी तरह अनुचित न होगा।
जैक की कहानियाँ इस बात का सबूत हैं कि किस तरह कहानी मानव मन के अन्तरतम कोनों तक पहुँच सकती हैं। कल्पना के उच्चतम स्तर तक पहुँचने के लिए ये कहानियाँ लगातार प्रेरित करती रहती हैं। वे हमें कान पकड़कर उन अनजान जगहों पर ले जाती हैं जहाँ अचानक हम ख़ुद को पहचानते हैं और हैरान होते हैं। हम गवाह बन जाते हैं : प्रेम, दर्द, युद्ध की त्रासदी और कल्पना की असफलता के।
Bhoot Bhai Sahab Aur Any Kahaniyan
- Author Name:
Priyanka Kaushal
- Book Type:

- Description: This book has no description
Choti Upanyas(Volume-1)
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Looking for an engaging, easy-to-read collection of short stories to get lost in? Look no further! Choti Upanyas(Volume-1) is the perfect choice. Get ready to be captivated by the relatable tales of everyday life. With its vivid description of characters and realistic plots, this book will make you feel like you’re a part of each story. It’s sure to leave you wanting more! So get ready to be transported into a world of imagination and exploration with Choti Upanyas(Volume-1).
Sampoorana Kahaniyan : Mannu Bhandari
- Author Name:
Mannu Bhandari
- Book Type:

-
Description:
कई बार ख़याल आता है कि यदि मेरी पहली कहानी बिना छपे ही लौट आती तो क्या लिखने का यह सिलसिला जारी रहता या वहीं समाप्त हो जाता...क्योंकि पीछे मुड़कर देखती हूँ तो याद नहीं आता कि उस समय लिखने को लेकर बहुत जोश, बेचैनी या बेताबी जैसा कुछ था। जोश का सिलसिला तो शुरू हुआ था कहानी के छपने, भैरव जी के प्रोत्साहन और पाठकों की प्रतिक्रिया से।
अपने भीतरी ‘मैं’ के अनेक-अनेक बाहरी ‘मैं’ के साथ जुड़ते चले जाने की चाहना में मुझे कुछ हद तक इस प्रश्न का उत्तर भी मिला कि मैं क्यों लिखती हूँ? जब से लिखना आरम्भ किया, तब से न जाने कितनी बार इस प्रश्न का सामना हुआ, पर कभी भी कोई सन्तोषजनक उत्तर मैं अपने को नहीं दे पाई तो दूसरों को क्या देती? इस सारी प्रक्रिया ने मुझे उत्तर के जिस सिरे पर ला खड़ा किया, वही एकमात्र या अन्तिम है, ऐसा दावा तो मैं आज भी नहीं कर सकती, लेकिन यह भी एक महत्त्वपूर्ण पहलू तो है ही। किसी भी रचना के छपते ही इस इच्छा का जगना कि अधिक से अधिक लोग इसे पढ़ें, केवल पढ़ें ही नहीं, बल्कि इससे जुड़ें भी—संवेदना के स्तर पर उसके भागीदार भी बनें यानी कि एक की कथा-व्यथा अनेक की बन सके, बने...केवल मेरे ही क्यों, अधिकांश लेखकों के लिखने के मूल में एक और अनेक के बीच सेतु बनने की यह कामना ही निहित नहीं रहती?
मैंने चाहे कहानियाँ लिखी हों या उपन्यास या नाटक—भाषा के मामले में शुरू से ही मेरा नज़रिया एक जैसा रहा है। शुरू से ही मैं पारदर्शिता को कथा-भाषा की अनिवार्यता मानती आई हूँ। भाषा ऐसी हो कि पाठक को सीधे कथा के साथ जोड़ दे...बीच में अवरोध या व्यवधान बनकर न खड़ी हो। कुछ लोगों की धारणा है कि ऐसी सहज-सरल, बकौल उनके सपाट भाषा, गहन संवेदना, गूढ़ अर्थ और भावना के महीन से महीन रेशों को उजागर करने में अक्षम होती है। पर क्या जैनेन्द्र जी की भाषा-शैली इस धारणा को ध्वस्त नहीं कर देती? हाँ, इतना ज़रूर कहूँगी कि सरल भाषा लिखना ही सबसे कठिन काम होता है। इस कठिन काम को मैं पूरी तरह साध पाई, ऐसा दावा करने का दुस्साहस तो मैं कर ही नहीं सकती, पर इतना ज़रूर कहूँगी कि प्रयत्न मेरा हमेशा इसी दिशा में रहा है।
—भूमिका से
Sunahari Ungaliyan
- Author Name:
Nasira Sharma
- Book Type:

-
Description:
मेहनतकश लोगों के सुख-दुख, राग-द्वेष, हँसी-ख़ुशी, जिजीविषा और उनके जीवन के तमाम अनुभवों से भरी कहानियों का संग्रह है—‘सुनहरी उँगलियाँ’। हमारे शानदार अतीत की सुन्दर व भव्य निशानियों से सजी हमारी यह दुनिया हमें प्रेरणा देती है कि जीवन सदैव बहता है, इनसान आता और चला जाता है लेकिन जीवन के इस प्रवाह के बीच मेहनतकशों के हुनर और कारीगरी की रचनात्मक उपलब्धियाँ हमेशा बची रहती है। हम पीढ़ी-दर-पीढ़ी सँजोते आ रहे हैं।
इस संग्रह की कहानियों में कई ऐसे किरदार हैं जिनके हाथों में बेहतरीन हुनर है। ‘आँचल के बीज’ और ‘सुनहरी उँगलियाँ’ शीर्षक कहानियों के साथ-साथ ‘शीराज़ लोहार’, ‘फुलवा’ जैसी कहानियों में ऐसे ही कुछ ज़िन्दादिल किरदार हैं जो हिन्दुस्तान की सामासिक संस्कृति को उजागर करते हैं। इसके अतिरिक्त संग्रह की कई कहानियों में जटिल सामाजिक संरचना पाठकों को किरदारों की ज़िन्दादिली के क़रीब ले जाती है। ऐसी कहानियों में ‘अलाव’, ‘सबूत’, ‘फ़ितरत’, ‘क्रोशिया के फंदे’, ‘ख़ौफ़’, ‘रामपुरी चाकू’ आदि उल्लेखनीय हैं। नासिरा शर्मा की कहानियों में भारतीय मानस की जटिलताओं का संवाद मानवीय रिश्तों की पारिवारिक संरचना के साथ आत्मसात हो जाता है और यहीं से गंगा-जमुनी तहजीब की पकड़ से ‘सदाबहार का फूल’, ‘स्वर्ग व नर्क का फ़ासला’, ‘ईदी’, ‘नये रंग की गन्ध’, ‘हथेली में पोखर’ जैसी कहानियाँ बन पड़ती हैं जो सामाजिक सौहार्द का निर्वाह करती हैं।
बीस साल बाद आ रहा नासिरा शर्मा का यह कहानी-संग्रह बीते समय की सामाजिक हलचलों की अक्कासी करता है और इन कहानियों का कथानक-शिल्प एवं कथा-भाषा का प्रवाह उनके पाठकों के लिए एक उपहार है।
Parantah
- Author Name:
Ram Badan Ray
- Book Type:

- Description: Stories
Halant
- Author Name:
Hrishikesh Sulabh
- Book Type:

-
Description:
हृषीकेश सुलभ के कथा संकलन ‘हलंत’ की कहानियाँ हिन्दी की यथार्थवादी कथा-परम्परा का विकास प्रस्तुत करती हैं। इन कहानियों में भारतीय समाज की परम्परा, जीवनदृष्टि, समसामयिक यथार्थ और चिन्ताओं की अभिव्यक्ति के साथ-साथ विकृतियों और विसंगतियों का भी चित्रण है। मनुष्य की सत्ता और प्रवृत्ति की भीतरी दुर्गम राहों से गुज़रते हुए भविष्य के पूर्वाभासों और संकेतों को रेखांकित करने की कलात्मक कोशिश इन कहानियों की अलग पहचान बनती है। यथार्थ के अन्त:स्तरों के बीच से ढेरों ऐसे प्रसंग स्वत:स्फूर्ति उगते चलते हैं, जो हमारे जीवन की मार्मिकता को विस्तार देते हैं। संचित अतीत की ध्वनियाँ यहाँ संवेदन का विस्तार करती हैं और इसी अतीत की समयबद्धता लाँघकर यथार्थ जीवन की विराटता को रचता है।
हृषीकेश सुलभ की कहानियाँ भाषा और शिल्प के स्तर पर नए भावबोधों के सम्प्रेषण की नई प्रविधि विकसित करती हैं। नई अर्थछवियों को उकेरने के क्रम में इन कहानियों का शिल्प पाठकों को कहीं आलाप की गहराई में उतारता है, तो कहीं लोकलय की मार्मिकता से सहज ही जोड़ देता है। जीवन के स्पन्दन को कथा-प्रसंगों में ढालती और जीवन की संवेदना को विस्तृत करती ये कहानियाँ पाठकों से आत्मीय और सघन रिश्ता बनाती हैं।
हृषीकेश सुलभ के कथा-संसार में एकान्त के साथ-साथ भीड़ की हलचल भी है। सपनों की कोमल छवियों के साथ चिलचिलाती धूप का सफ़र है। पसीजती हथेलियों की थरथराहट है, तो विश्वास से लहराते हाथों की भव्यता भी है। भावनाओं और संवेदनाओं के माध्यम से अपना आत्यन्तिक अर्थ अर्जित करती इन कहानियों में क्रूरता और प्रपंच के बीच भी जीवन का बिरवा उग आता है, जो मनुष्य की संवेदना के उत्कर्ष और जिजीविषा की उत्कटता को रेखांकित करता है।
Sidhiyan, Maa Aur Uska Devta
- Author Name:
Bhagwandas Morwal
- Book Type:

-
Description:
हिन्दी कहानियों की दुनिया में नए प्रकार की सामाजिकता का प्रवेश तेज़ी से हो रहा है। समाज के ऐसे-ऐसे अंश साहित्य में अपनी जगह माँग रहे हैं जिनके बारे में कभी चर्चा तक नहीं होती थी। पहले ऐसे अँधेरे कोनों के बारे में कोई रचना आ जाती थी तो उसे अनूठा मान लिया जाता था। आज वैसे गुमनाम कोनों के बारे में लिखनेवालों की तादाद बढ़ी है। और तो और, वे गुमनाम कोने ख़ुद लिखने-बोलने भी लगे हैं। भगवानदास मोरवाल ऐसे अँधेरे बन्द कोनों को रोशन करने और उन्हें जीवन्त बनाने के लिए जाने जाते हैं। हिन्दी कहानी को अपने विरल अनुभवों से समृद्ध करनेवाले नामों में उनका नाम भी अहमियत रखता है।
‘सीढ़ियाँ, माँ और उसका देवता’ की कहानियों की कथा-भूमि में एक ओर जहाँ रति पांडे जैसी भ्रष्ट नेता, अपूर्ण-आलोक जैसे शहरी प्रेमी, कोठी-मालिक न बन पानेवाले मनसुख, जनसम्पर्क प्रबन्धक बासित का नागर संसार है, तो दूसरी ओर ललवामी जैसी शिक्षक, दलित सतवन्ती-लालचन्द, रिक्शाचालक हारून और राम सिंह और अपनी जड़ों से उखड़कर आए विसनाथ जैसों की देहाती दुनिया है। लेकिन ये सनातन-शाश्वत मूल्यों के क्षरण पर विलाप की कहानियाँ नहीं, बल्कि समाज के भीतर समानता और अस्मिता के लिए चल रहे मन्थन की कहानियाँ हैं।
इस संग्रह की पन्द्रह कहानियों में नई भाषा, नए प्रकार के चरित्रों और कथा-स्थितियों की प्रचुरता है। इसीलिए यहाँ अन्तर्वस्तु प्रमुखता पाती है और सजावट उतनी ही है जिससे स्वाभाविकता का हनन न हो।
Porn Star Aur Any Kahaniyan
- Author Name:
Vina Vatsal Singh
- Book Type:

- Description: Book
Gokharoo
- Author Name:
Pushpita Awasthi
- Book Type:

-
Description:
पुष्पिता की ये कहानियाँ बौद्धिक आडम्बर के बग़ैर एक मानवीय संसार का अन्वेषण करती हैं और बहुत सफलतापूर्वक अपने कथ्य और सहज गद्य के माध्यम से पढ़नेवाले के भीतर तक उतर जाती हैं। यह इनकी काव्यात्मकता ही है जो उन घटनाओं, परिस्थितियों से सवाल करती है जिन्हें ज़रूरी नहीं समझा जाता पर जिनके मानी बहुत बड़े होते हैं।
‘ठंडे बस्ते में पिघलता लावा’ में सुधा के कर्मठ जीवन के बावजूद उसकी हत्या, प्रशासनिक उदासीनता और सुधा के पी.एफ़. से अपनी जेबें भरने के बाद उसके पति की चुप्पी। प्रेम-विवाह की यह परिणति और व्याप्त भ्रष्टाचार का तांडव यदि इस कहानी में दिखता है तो दूसरी ओर ‘दो शब्द’ में अंकिता का प्रेम के अभाव में ठूँठ-सा व्यक्तित्व।
इस संग्रह की कहानियाँ उन चीज़ों की ज़रूरत की कहानियाँ हैं जो हवा, पानी, रोटी, कपड़े की तरह और उससे भी ज़्यादा ज़रूरी लगती हैं।
Vasu Ka Kutum
- Author Name:
Mridula Garg
- Book Type:

- Description: ‘वसु का कुटुम’ लेखिका की अब तक लिखी गई कहानियों से एकदम अलग हटकर है। अलग इसलिए कि अभी तक उनकी लगभग सारी कहानियाँ मुख्य रूप से स्त्री-पुरुष सम्बन्धों के कथ्य के इर्द-गिर्द घूमती रही हैं लेकिन पहली बार हमारा साक्षात्कार एक बड़े सामाजिक परिवेश और उससे जुडी रोज़मर्रा की छोटी-बड़ी समस्याओं से होता है। उदाहरण के लिए पर्यावरण, अतिक्रमण, एन.जी.ओ., कालाधन और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दे जिनसे हममें से हरेक को प्रतिदिन दो-चार होना पड़ता है। यदि लेखिका ने कथ्य के स्तर पर एक नई पगडंडी पर क़दम रखा है तो उसी के अनुरूप कहानी के शिल्प और संरचना को भी बिलकुल नए तेवर, नए मुहावरे और नए अन्दाज़ में प्रस्तुत किया है। सबसे पहले तो उन्होंने कहानी कहने के लिए कथावाचक की भूमिका में एक तटस्थ मुद्रा को अपनाया है, दूसरे समसामयिक घटनाओं को इतने गहरे में जाकर चित्रित किया है कि वे घटनाएँ जानी-पहचानी होकर भी ‘फ़ैंटेसी’ सी लगने लगती हैं अर्थात् यथार्थ को अति-यथार्थ की हद तक जाकर उद्घाटित करना कहानी को ‘सुरियलिज़्म’ की सीमा तक पहुँचा देता है। यह तथ्य और सत्य अलग से रेखांकित किया जाना चाहिए कि लेखिका ने भाषा के स्तर पर भी एक बहुत ही सहज, सरल और अनायास ही सम्प्रेषित हो जानेवाला रास्ता चुना है अपने लिए—एक बातचीत की, एक संवाद की या एक वार्तालाप की ऐसी शैली, जिसमें हम कब स्वयं शिरकत करने लगते हैं पता ही नहीं चलता। किसी हद तक तमाम स्थितियों-परिस्थितियों के चित्रण में व्यंग्य की पैनी धार कहीं हमें हँसा-हँसाकर लोट-पोट कर देती है तो कहीं गहरे में मर्म को आहत भी करती है। यह कहानी न तो मात्र हास्य-व्यंग्य है, और न ही मात्र त्रासदी—शायद इसे अंग्रेज़ी में प्रचलित ‘डार्क ह्यूमर’ कहा जा सकता है।
THREE MEN IN A BOAT (CLASS IX)
- Author Name:
Jerome K Jerome
- Book Type:

- Description: Three men in a Boat is generally accepted as a work of humor due to the amusing anecdotes the three men relate during their trip up the Thames. However, author Jerome K. Jerome originally intended the book to be a travel Guide for tourists participating in the then-popular activity of leisure boating. Though the book did serve as a useful travel guideline, in fact, still does, as many of the inns and pubs named in the work are still open—the timeless humor of jerome's writing and the extreme popularity of the book in great Britain transformed it into an important piece of popular culture as well.
Maxim Gorki Ki Lokpriya Kahaniyan
- Author Name:
Maxim Gorki
- Book Type:

-
Description:
मैक्सिम गोर्की की गणना विश्व के श्रेष्ठ साहित्यकारों में की जाती है। उन्होंने साहित्य की सभी विधाओं—नाटक, कविता, निबन्ध, कहानी आदि—में योगदान दिया, किन्तु वे विशेष रूप से अपने उपन्यास ‘माँ’ एवं अन्य उपन्यासों एवं कहानियों के लिए जाने जाते हैं।
गोर्की की प्रारम्भिक कहानियाँ दो भिन्न-भिन्न शैलियों—रोमांटिक (स्वच्छन्दतावादी) और यथार्थवादी—में लिखी गई हैं। अपनी रोमांटिक कहानियों में उन्होंने जीवन के प्रेरणादायक और उदात्त चित्र प्रस्तुत कर अपने अभावों और दरिद्रता से भरे जीवन की परिस्थितियों को भूलने का प्रयत्न किया है। इसलिए उन्होंने अपनी कल्पना की रंगीनियों से उन्हें सजाया है। ये कहानियाँ मनुष्य के शौर्य, साहस और स्वतंत्रता की भावनाओं से अनुप्राणित हैं और इनमें ऐसे स्वप्नों की अभिव्यक्ति है जो आज की यथार्थता को बेधकर आगामी कल की यथार्थता को देखते हैं। यथार्थवादी कहानियों के कथानक, घटनाएँ और पात्र वास्तविक जीवन से लिए गए हैं। ऐसी समस्याएँ प्रस्तुत की गई हैं, जो हर दिन के जीवन में सामने आ रही थीं, जिनका लेखक को अपने इर्द-गिर्द के जीवन में अनुभव हुआ था और जो तत्कालीन रूस के पुराने सामन्तवादी-पितृसत्तात्मक ढाँचे के टूटने और पूँजीवाद की ओर तीव्र संक्रमण के फलस्वरूप जन्म लेते हुए नए सामाजिक सम्बन्धों, नए रिश्तों का परिणाम था। इनमें जहाँ मध्यम वर्ग के लोगों की कूपमंडूकता, उनके बौद्धिक दैन्य, उनकी उदासीनता, उनकी क्रूरता और संकीर्णता पर ज़ोरदार चोट की गई है, वहीं बुद्धिजीवियों तथा साहित्यकारों पर भी प्रहार किया गया है।
गोर्की ने जीवन के स्वामियों अर्थात् साधन-सम्पन्न शोषक वर्ग के लालच, स्वार्थपरता और उसके मुक़ाबले में ऐसे पात्रों को भी प्रस्तुत किया है जो क्रूर परिस्थितियों के परिणामस्वरूप जीवन के गर्त या तल में पहुँच गए थे। उनमें से कुछ अपने मानवीय लक्षणों को भी खो बैठे थे, किन्तु अधिकांश की आत्मा में उनका मानव जीवित रहा था। गोर्की ने उन सामाजिक परिस्थितियों पर प्रकाश डाला है, उनका विश्लेषण किया है, जो लोगों को पतन की ओर ले जाती हैं, किसी नारी को वेश्या बनने के लिए विवश करती हैं, बच्चों से भीख मँगवाती हैं।
Gausevak
- Author Name:
Abdul Bismillah
- Book Type:

-
Description:
नक्सल प्रभावित एक आदिवासी इलाक़े में विकास का मिथ, नक्सलियों और पुलिस-प्रशासन के बीच पिसते आदिवासी, लगातार मौत को अपने सामने देखते नाउम्मीद जीवन का अवसरवाद जो गौरक्षा की राजनीति करनेवाली एक पार्टी के लिए बहुत उर्वर ज़मीन तैयार करता है, और इन सबके बीच गाय की तस्करी करनेवाले एक गौसेवक आदिवासी नेता के टिकट पाने का जुगाड़...आदिवासी जीवन के संकटों का बयान करनेवाली मुद्रा से अनछुई यह कहानी संकटों के गतिविज्ञान में आपको गहरे ले जाती है, और मज़ा यह कि जाते हुए आपको लेखक के शोध/तजुर्बे से आतंकित/प्रभावित होने की याद भी नहीं रहती! आपको याद बस इतना रहता है कि आप ‘धामा चेरो’ नामक एक गौसेवक आदिवासी नेता की कहानी सुन रहे हैं जिसने कई और गोरखधंधों के साथ-साथ गौतस्करी से अच्छी कमाई की है और जो पिछली बार विफल रहने के बाद इस बार टिकट पाने के लिए कृतसंकल्प है। अनिल यादव की बारीक निगाह और कथाभाषा उनकी ख़ास पहचान है। वे चीज़ों को जिस तरह देखते हैं, उसमें निगाहें हर अवगुंठन को पार कर जाती हैं और 'दृश्य' के भीतर का 'अदृश्य' दिखने लगता है। इसी देखने से इस कहानीकार की ख़ास अपनी कथाभाषा जन्मी है। हिन्दी के युवा/लगभग-युवा कथाकारों में सम्भवतः अनिल यादव ही हैं जिन्हें, अब, कथाभाषा से पहचाना जा सकता है। यह उन्होंने क्रमशः अर्जित की है और 'गौसेवक' में यह अपनी पकी हुई पहचान के साथ है।
—संजीव कुमार
Nikki Detective
- Author Name:
Neha singh +1
- Book Type:

- Description: An intriguing novel about a young girl who dreams of becoming a detective. As she begins to investigate strange happenings in her town — rumoured to be caused by a ghost, she is slowly led to question her own understanding of the world around her, about the idea of freedom, dreams, and about escape from the rules her world quietly imposes. The chaos unfolding in the city mirrors the unrest within her, as she grapples with a society that draws such clear boundaries around what girls can and cannot be. Neha Singh brings clarity and care to these complex questions, while Barkha Lohia’s striking illustrations evoke the dark, often stolen, quiet and breezy nights that belong to young girls and women. Age group 9-12 years
Nach Ke Bahar
- Author Name:
Gourinath
- Book Type:

- Description: A Collection of Short Stories by Gourinath
Lunar Soil
- Author Name:
Shiraz Husain
- Rating:
- Book Type:

- Description: शिराज़ हुसैन की खासियत यह है कि उनको अपने अनुभव जगत का एक एक दृश्य और आवाज़ ऐसे याद है जैसे कल ही की बात हो। लूनर स्वाइल की कहानियों की बुनाई इन्हीं से हुई है। ये कहानियाँ पुरानी दिल्ली की बाशिन्दा हैं। इनका समय शिराज़ का बचपन है। इनमें ऐसा चुटीलापन और व्यंग्य है कि पढ़ते समय होंठों पर मुस्कराहट आए बिना नहीं रहती। शिराज़ गिटार बजाते हैं, अच्छी फिल्में देखते हैं और चित्र भी बनाते हैं। इन रोशन चीज़ों के असर से उनका लेखन भी जगमगाता हुआ है। Age 12+
Hawaon Ka Rukh
- Author Name:
Murari Sharma
- Book Type:

- Description: बाणमूठ कहानी से राष्ट्रीय फलक पर चर्चा में आए कहानीकार मुरारी शर्मा ने अब तक अपने चार कहानी संग्रहों और देबकू एक प्रेम कथा नामक उपन्यास से हिंदी साहित्य को समृद्ध करने में अपना योगदान सुनिश्चित किया है। इसी क्रम में पाँचवाँ कहानी-संग्रह है 'हवाओं का रुख'। इन कहानियों को पढ़ते हुए इस बात के संकेत मिलते हैं कि कहानीकार की रचना-प्रक्रिया कई स्तरों पर अपनी रचनात्मकता के नए आयाम खोज रही है। इन कहानियों के किरदार भले ही बड़े लोग न हों मगर ये कहानियाँ बड़ी चिन्ताओं की कहानियाँ अवश्य हैं। ये चिंताएँ कहानीकार मुरारी शर्मा की जीवन के प्रति प्राथमिकताओं के दृष्टिकोण को भी स्पष्ट करती हैं। ये कहानियाँ मनुष्य की त्रासद नियतियों की केन्द्रीयता के बावजूद अपने कहानीपन को बनाये रखती हैं इसलिए ये पाठकों को आकर्षित करती हैं। पाठ की रोचकता बनाये रखने में कहानीकार मुरारी शर्मा की समर्थ भाषा और वर्णन शैली भी अनिवार्य भूमिका निभाती नजर आती है। वैसे भी वे लोकभाषा में प्रचलित अनेक शब्दों का प्रयोग करते हुए वर्णन में रोचकता बनाये रखने में सिद्धहस्त हैं, ऐसा आभास उनकी पूर्व प्रकाशित अनेक कहानियों को पढ़ते हुए भी हो जाता है। इन कहानियों में भी लोक प्रचलित अनेक शब्दों, मुहावरों व लोकोक्तियों के प्रयोग भाषाई रोचकता को बनाये रखने में कामयाब रहे हैं। यह भाषा ही इनकी सबसे बड़ी ताकत है जो छोटे-छोटे जीवन प्रसंगों को सामान्य चरित्रों के माध्यम से एक बड़ी कहानी के रूप में सफलतापूर्वक रूपांतरित देने में सक्षम है। —डॉ. विजय विशाल
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book