Chemistry Innovations
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Chemistry Innovations is an essential guide for anyone looking to explore the fascinating world of chemistry. Written by renowned chemist and innovator, Dr. Sanjay Rout, this book provides a comprehensive overview of modern chemical discoveries and innovations in the field. The first section introduces readers to basic concepts such as atoms, molecules, compounds and ions before moving on to more advanced topics like catalysis reactions, electrochemistry and biochemistry. The second section dives deeper into specific areas of research such as polymers science or nanotechnology while also providing detailed explanations on how these fields are used in everyday life applications ranging from drug development to food production processes. Finally the third part focuses on cutting-edge developments including artificial intelligence (AI), machine learning (ML) and quantum computing which have revolutionized our understanding of matter at its most fundamental level – that’s where Chemistry Innovations truly shines! Dr Sanjay has written this book with clarity so that even those without any background knowledge can understand it easily; making it perfect for students studying chemistry or aspiring scientists alike! With its combination of clear language coupled with expertly researched information about some incredible advances made in recent years; Chemistry Innovations is sure be a valuable addition your library shelf - no matter what your interest may be!
Read moreAbout the Book
Chemistry Innovations is an essential guide for anyone looking to explore the fascinating world of chemistry. Written by renowned chemist and innovator, Dr. Sanjay Rout, this book provides a comprehensive overview of modern chemical discoveries and innovations in the field.
The first section introduces readers to basic concepts such as atoms, molecules, compounds and ions before moving on to more advanced topics like catalysis reactions, electrochemistry and biochemistry. The second section dives deeper into specific areas of research such as polymers science or nanotechnology while also providing detailed explanations on how these fields are used in everyday life applications ranging from drug development to food production processes. Finally the third part focuses on cutting-edge developments including artificial intelligence (AI), machine learning (ML) and quantum computing which have revolutionized our understanding of matter at its most fundamental level – that’s where Chemistry Innovations truly shines!
Dr Sanjay has written this book with clarity so that even those without any background knowledge can understand it easily; making it perfect for students studying chemistry or aspiring scientists alike! With its combination of clear language coupled with expertly researched information about some incredible advances made in recent years; Chemistry Innovations is sure be a valuable addition your library shelf - no matter what your interest may be!
Book Details
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ISBN978-1637458501
-
Pages210
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Avg Reading Time7 hrs
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Age18+ yrs
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Country of OriginIndia
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- Description: सामान्यत: हम मान लेते हैं कि स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। लेकिन पास्कल जीवन-भर अजीर्ण और अनिद्रा से पीड़ित रहे। फिर भी 39 वर्ष की अल्पायु में गणित के क्षेत्र में इतना मौलिक कार्य कर गए कि आज उन्हें न केवल फ़्रांस का, अपितु संसार का एक महान गणितज्ञ माना जाता है। बालक पास्कल की शिक्षा घर पर ही हुई, पिता की देखरेख में। वह इतने प्रतिभाशाली थे कि 12 वर्ष की आयु में, किसी की सहायता के बिना, स्वयं ही यूक्लिड की ज्यामिति के कई प्रमेयों को सिद्ध कर डाला। इसमें वह प्रमेय भी शामिल था, जिसके अनुसार त्रिभुज के तीन भीतरी कोणों का योग दो समकोणों के बराबर होता है। गणित को पास्कल की एक और महान देन है—सम्भाविता-सिद्धान्त। ताश के पत्तों के खेल से उपजे सवालों को हल करने के प्रयासों में इस सिद्धान्त का जन्म हुआ था। आज सम्भाविता-सिद्धान्त एक अत्यन्त महत्त्वपूर्ण विषय बन गया है; यह सिद्धान्त प्रकृति की लीलाओं के मूल में पैठा हुआ है। हिन्दी के विशिष्ट विज्ञान-लेखक गुणाकर मुळे ने गहन शोध के बाद ख़ास तौर पर किशोर पाठकों के लिए यह पुस्तक तैयार की थी जिसमें पास्कल के जीवन के साथ-साथ उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों की भी सरल भाषा में जानकारी दी गई है। यह पुस्तक किशोरों के मानस को एक वैज्ञानिक दिशा प्रदान करती है।
Wonders Of Our Solar System
- Author Name:
Unbound Script
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- Description: This book will take you on an enlightening voyage through the marvels of space that surround us. Join us as we uncover the secrets and marvels of the cosmos, igniting a sense of wonder and discovery that has inspired humanity for centuries.
Ank Katha
- Author Name:
Gunakar Muley
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- Description: अंकों की जिस थाती ने हमें आज इस लायक़ बनाया है कि हम चाँद और अन्य ग्रहों पर न सिर्फ़ पहुँच गए बल्कि कई जगह तो बसने की योजना तक बना रहे हैं, उन अंकों का आविष्कार भारत में हुआ था। वही 1,2,3,4...आदि अंक जो इस तरह हमारे जीवन का हिस्सा हो चुके हैं कि हम कभी सोच भी नहीं पाते कि इनका भी आविष्कार किया गया होगा, और ऐसा भी एक समय था जब ये नहीं थे। हिन्दी के अनन्य विज्ञान लेखक गुणाकर मुळे की यह पुस्तक हमें इन्हीं अंकों के इतिहास से परिचित कराती है। पाठकों को जानकर आश्चर्य होगा कि दुनिया में चीज़ों को गिनने की सिर्फ़ यही एक पद्धति हमेशा से नहीं थी। लगभग हर सभ्यता ने अपनी अंक-पद्धति का विकास और प्रयोग किया। लेकिन भारत की इस पद्धति के सामने आने के बाद इसी को पूरे विश्व ने अपना लिया, जिसका कारण इसका अत्यन्त वैज्ञानिक और सटीक होना था। मैक्स मूलर ने कहा था कि ‘संसार को भारत की यदि एकमात्र देन केवल दशमिक स्थानमान अंक पद्धति ही होती, और कुछ भी न होता तो भी यूरोप भारत का ऋणी रहता।’ इस पुस्तक में गुणाकर जी ने विदेशी अंक पद्धतियों के विस्तृत परिचय, यथा—मिस्र, सुमेर-बेबीलोन, अफ्रीका, यूनानी, चीनी और रोमन पद्धतियों की भी तथ्यपरक जानकारी दी है। इसके अलावा गणितशास्त्र के इतिहास का संक्षिप्त परिचय तथा संख्या सिद्धान्त पर आधारभूत और विस्तृत सामग्री भी इस पुस्तक में शामिल है। कुछ अध्यायों में अंक-फल विद्या और अंकों को लेकर समाज में प्रचलित अन्धविश्वासों का विवेचन भी लेखक ने तार्किक औचित्य के आधार पर किया है जिससे पाठकों को इस विषय में भी एक नई और तर्कसंगत दृष्टि मिलेगी।
Vaigyanikon Ki Rochak Baaten
- Author Name:
Dilip M. Salwi
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- Description: विज्ञान को हमेशा ही गंभीर विषय माना गया है और वैज्ञानिकों को गंभीर व्यक्ति । लेकिन क्या वैज्ञानिक भी मनुष्य नहीं हैं, जिनमें आम मनुष्यों की भांति शारीरिक और नैतिक दुर्बलताएँ होती हैं? प्राय: ज्यादातर विज्ञान-लेखकों ने वैज्ञानिकों के इस पक्ष को महत्त्व नहीं दिया है, क्योंकि इसका विज्ञान से कुछ लेना-देना नहीं है; लेकिन वैज्ञानिकों का मानवीय पक्ष अन्य विधाओं से संबद्ध लोगों को विज्ञान, इसकी संस्कृति और इसमें दक्ष लोगों से अवगत कराने का अच्छा माध्यम हो सकता है । यदि इस पुस्तक को पढ़ने के पश्चत् अवैज्ञानिक लोग इसकी कुछ कहानियों, आख्यानों और पात्रों को मनोरंजन के साथ याद रखते हैं तो इसके प्रकाशन का उद्देश्य सार्थक होगा । विज्ञान विधा से संबद्ध लोगों के लिए यह पुस्तक आँख खोलनेवाली है । शायद ही कभी विज्ञान के छात्रों को विज्ञान के इस पक्ष से उनके शिक्षकों द्वारा परिचित कराया जाता हो । हमारे स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विज्ञान शिक्षक इस पुस्तक में दी गई कहानियों, आख्यानों और वर्णित पात्रों को आत्मसात् कर, विज्ञान से बोझिल अपने व्याख्यानों में इन्हें स्थान देकर रोचक, मनोरंजकपूर्ण तथा अधिक संप्रेषणीय बना सकते हैं जो आज विद्यार्थियों को विज्ञान की ओर आकर्षित करने के लिए अत्यावश्यक है ।
Bhartiya Vigyan Ki Kahani
- Author Name:
Gunakar Muley
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- Description: मध्ययुग तक भारतीय विज्ञान किसी भी अन्य देश के विज्ञान से पीछे नहीं था। हमारे देश में चरक, सुश्रुत, आर्यभट, वराहमिहिर, नागार्जुन तथा भास्कराचार्य (1150 ई.) जैसे महान वैज्ञानिक हुए। आरम्भ में अरबों ने भारतीय विज्ञान से लाभ उठाया और फिर यूरोप में इसका प्रचार-प्रसार किया। आज सारे संसार में प्रयुक्त होने वाली शून्य पर आधारित स्थानमान अंक-पद्धति मूलतः भारत का आविष्कार है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने संसार को बहुत कुछ दिया है, और अन्य देशों से बहुत कुछ लिया भी है। भारतीय विज्ञान की कहानी ज्ञान-विज्ञान के इसी आदान-प्रदान की चर्चा से शुरू होती है। आगे पाषाणयुग, ताम्रयुग की सिन्धु सभ्यता तथा वैदिक काल की वैज्ञानिक उपलब्धियों की जानकारी दी गई है। तदनन्तर विषयानुसार भारतीय विज्ञान के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। लेखक स्वयं विज्ञान के अध्येता थे, इसलिए भारतीय विज्ञान के इस विवेचन को उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही प्रस्तुत किया। संसार के सभी विकसित देशों के स्कूल-कॉलेजों में ‘विज्ञान का इतिहास’ पढ़ाया जाता है। हमारे देश के विज्ञान के विद्यार्थियों को भी प्राचीन भारत के विज्ञान की थोड़ी-बहुत जानकारी अवश्य होनी चाहिए। इतिहास के विद्यार्थियों को तो भारतीय विज्ञान की उपलब्धियों की जानकारी अवश्य ही होनी चाहिए। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर यह पुस्तक लिखी गई है और यह हिन्दी में एक बड़े अभाव की पूर्ति करती है। अध्यापक तथा सामान्य पाठक भी इस पुस्तक को उपयोगी पाएँगे।
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