Kepler
(0)
₹
95
76 (20% off)
Available
Ships within 48 Hours
Free Shipping in India on orders above Rs. 1100
गुणाकर मुळे का विज्ञान-लेखन सिर्फ़ जानकारी नहीं देता, उनका प्रयास हमेशा यह रहा कि पाठक की चेतना का विकास वैज्ञानिक पद्धति पर हो, वे जीवन-जगत् को स्पष्ट, तार्किक नज़रिए से देखें और धार्मिक तथा कर्मकांडीय अन्धविश्वासों से मुक्त हों। इसीलिए उन्होंने अनेक वैज्ञानिकों, गणितज्ञों, खगोलशास्त्रियों और उनके सिद्धान्तों के सम्बन्ध में अकसर सरल भाषा में लिखा है। यह पुस्तक योहानेस केपलर के जीवन और सिद्धान्तों की जानकारी देती है। केपलर संसार के पहले वैज्ञानिक हैं जिन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रह वृत्तमार्ग में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तीय यानी अंडाकार कक्षाओं में सूर्य की परिक्रमा करते हैं। इतना ही नहीं, चन्द्रमा जैसे उपग्रह भी दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में अपने-अपने ग्रहों का चक्कर लगाते हैं। यह एक महान खोज थी। आगे जाकर केपलर ने ग्रहों की गतियों के बारे में तीन नियमों की खोज की, जिनके कारण उन्हें आधुनिक खगोल-भौतिकी का जनक माना जाता है। विज्ञान के इतिहास में केपलर के इन तीन नियमों का चिरस्थायी महत्त्व है। ग्रहों की गतियों से सम्बन्धित केपलर के तीन नियम पहले से तैयार नहीं होते, तो महान न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त हमें इतनी जल्दी उपलब्ध नहीं हो पाता। न्यूटन ने भी स्वीकार किया था : “मैंने जो कुछ पाया है, वह दूसरे महान वैज्ञानिकों के कन्धों पर खड़े होकर ही।” इन ‘दूसरे महान वैज्ञानिकों’ में एक प्रमुख वैज्ञानिक थे—केपलर।
Read moreAbout the Book
गुणाकर मुळे का विज्ञान-लेखन सिर्फ़ जानकारी नहीं देता, उनका प्रयास हमेशा यह रहा कि पाठक की चेतना का विकास वैज्ञानिक पद्धति पर हो, वे जीवन-जगत् को स्पष्ट, तार्किक नज़रिए से देखें और धार्मिक तथा कर्मकांडीय अन्धविश्वासों से मुक्त हों।
इसीलिए उन्होंने अनेक वैज्ञानिकों, गणितज्ञों, खगोलशास्त्रियों और उनके सिद्धान्तों के सम्बन्ध में अकसर सरल भाषा में लिखा है।
यह पुस्तक योहानेस केपलर के जीवन और सिद्धान्तों की जानकारी देती है।
केपलर संसार के पहले वैज्ञानिक हैं जिन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रह वृत्तमार्ग में नहीं, बल्कि दीर्घवृत्तीय यानी अंडाकार कक्षाओं में सूर्य की परिक्रमा करते हैं। इतना ही नहीं, चन्द्रमा जैसे उपग्रह भी दीर्घवृत्ताकार कक्षाओं में अपने-अपने ग्रहों का चक्कर लगाते हैं। यह एक महान खोज थी। आगे जाकर केपलर ने ग्रहों की गतियों के बारे में तीन नियमों की खोज की, जिनके कारण उन्हें आधुनिक खगोल-भौतिकी का जनक माना जाता है। विज्ञान के इतिहास में केपलर के इन तीन नियमों का चिरस्थायी महत्त्व है।
ग्रहों की गतियों से सम्बन्धित केपलर के तीन नियम पहले से तैयार नहीं होते, तो महान न्यूटन का गुरुत्वाकर्षण का सिद्धान्त हमें इतनी जल्दी उपलब्ध नहीं हो पाता। न्यूटन ने भी स्वीकार किया था : “मैंने जो कुछ पाया है, वह दूसरे महान वैज्ञानिकों के कन्धों पर खड़े होकर ही।” इन ‘दूसरे महान वैज्ञानिकों’ में एक प्रमुख वैज्ञानिक थे—केपलर।
Book Details
-
ISBN9788126708802
-
Pages99
-
Avg Reading Time3 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
Recommended For You
Mahan Vaigyanik Mahilaye
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: प्राचीनकाल से नारी को सर्जनात्मक शक्ति का प्रतीक माना जाता रहा है। सम्भवतः इसीलिए प्रकृति की कल्पना भी नारी रूप में ही की गई है। स्त्री का सहजबोध, उसकी जिजीविषा और रचनात्मकता उसे पुरुष से श्रेष्ठ नहीं तो उसके बराबर तो बना ही देती है। फिर भी यह आश्चर्यजनक है कि प्राचीनकाल में रानियाँ हुईं, वीरांगनाएँ हुईं, सन्त और कवयित्रियाँ हुईं, लेकिन एक लम्बे कालखंड तक किसी महिला वैज्ञानिक के बारे में कोई जानकारी नहीं मिलती। पहली महिला वैज्ञानिक के रूप में हमें चौथी सदी में सिकन्दरिया के यूनानी विद्या केन्द्र में हाइपेशिया का पता चलता है। लेकिन आधुनिक युग में जैसे-जैसे शिक्षा और समानता-आधारित लोकतंत्र का विकास हुआ, हमें अनेक महिला वैज्ञानिकों की जानकारी मिलती है जिन्हें समय-समय पर नोबेल पुरस्कारों से भी सम्मानित किया गया और विज्ञान के क्षेत्र में जिनका योगदान किसी पुरुष वैज्ञानिक से कम नहीं है। यह पुस्तक हाइपेशिया से लेकर आधुनिक युग तक की ऐसी ही दस महिला वैज्ञानिकों और उनकी वैज्ञानिक उपलब्धियों का परिचय देती है। कहने की आवश्यकता नहीं कि इस पुस्तक से विज्ञान में रुचि रखनेवाले पाठकों को कई स्तरों पर लाभ होगा।
Koutuka Vijnana
- Author Name:
R B Gurubasavaraj
- Book Type:

- Description: DESCRIPTION AWAITED
Vigyan ki Nayi Sadi
- Author Name:
Chandra Bhushan
- Book Type:

- Description: क्वांटम कंप्यूटर सिर्फ एक नई मशीन नहीं, कंप्यूटर साइंस की अलग समझदारी है। अभी के सारे कंप्यूटर, चाहे वे सुप कंप्यूटर ही क्यों न हों, अतिम निष्कर्ष में दिमागी कोशिकाओं (सेरीब्रल न्यूरॉन्स) के गुच्छों जैसे ही हैं। उनका काम है, कुछेक इनपुट्स को खास शर्तों के मुताबिक प्रॉसेस करके एक सटीक आउटपुट देना। लेकिन सन 2030 तक मिल सकने वाली दस हजार क्यूबिट की रेंज वाला नहीं, अगले पचास वर्षों में 10 लाख क्यूबिट तक की ताकत संजो लेने वाला क्वांटम कंप्यूटर बाकायदा इंसानी दिमाग की तरह काम कर सकेगा। बदलती हुई शर्तों के साथ इनपुट और आउटपुट की अनेक श्रृंखलाओं को एक साथ प्रॉसेस करते हुए समस्याओं का सर्वश्रेष्ठ संभव समाधान खोजना। कला से लेकर विज्ञान तक मनुष्य से एक कदम आगे सोच सकने वाला ऐसा सलीकेदार क्वांटम कंप्यूटर अभी दूर है, लेकिन सदी बीतने तक वह हमारे सामने होगा।
Suraj Chand Sitare
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: ‘सूरज चाँद सितारे’ गुणाकर मुळे की पहली पुस्तक है जो उन्होंने 1962 में अपने विद्यार्थी जीवन के दौरान लिखी थी। पुस्तक का केन्द्रीय विषय खगोलीय संसार है और इसमें सूर्य, पृथ्वी, चन्द्रमा आदि ग्रहों के अलावा ब्रह्मांड की संरचना, ग्रहों की उत्पत्ति, धूमकेतु और उल्काओं आदि की जानकारी देते हुए हमारे लिए हमेशा रहस्यमय रहे आकाश को जानने-समझने की आधार-पीठिका तैयार की गई है। आकाश में चमकनेवाले असंख्य तारे, सूर्य, चन्द्रमा और आकाशगंगाएँ हमेशा से मनुष्य के मन में कौतूहल और आश्चर्य की सर्जना करते रहे हैं। यह पुस्तक सहज-ग्राह्य भाषा में विज्ञान की जटिल अवधारणाओं की जानकारी देते हुए इस विषय में पाठकों की अनेकानेक जिज्ञासाओं का समाधान प्रस्तुत करती है। वैज्ञानिक चेतना के व्यापक सामाजिक प्रसार-प्रचार की दिशा में गुणाकर जी का यह आरम्भिक प्रयास आज भी जिज्ञासु किशोरों के साथ इस विषय में जानने को उत्सुक पाठकों के लिए अमूल्य उपहार है।
Ganit Ki Paheliyan
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: गणित जितना कठिन है, उतना ही मनोरंजक भी है। सामान्यतः गणित को एक कठिन विषय माना जाता है, लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं, कुछ लोग इसमें उतना ही आनन्द लेते हैं जितना किसी खेल में। वस्तुतः गणित है भी ऐसा ही विषय जिसकी गुत्थियों को समझना-खोलना अपने आप में बेहद मनोरंजक है। प्रसिद्ध विज्ञान-लेखक गुणाकर मुळे की इस पुस्तक में कुछ ऐसी पहेलियों को संकलित किया गया है जो न सिर्फ़ गणित के अबूझ दिखनेवाले रहस्यों का रास्ता बताती हैं, बल्कि गणित के प्रति रुचि भी जाग्रत् करती हैं। पुस्तक में अंकगणित, ज्यामिति, प्रायिकता-सिद्धान्त व तार्किक गणित पर आधारित पहेलियों के साथ-साथ अन्य प्रचलित पहेलियाँ भी संकलित की गई हैं। कहने की आवश्यकता नहीं कि पहेलियों के माध्यम से गणित की जानकारी बढ़ानेवाली यह पुस्तक उन पाठकों के लिए अत्यन्त उपयोगी सिद्ध होगी जो गणित को हौवा समझते हैं।
Chemical Industry Futurity Myths
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Chemical Industry Futurity Myths is a book written by Dr. Sanjay Rout that examines the myths and realities of the chemical industry in today's world. The book focuses on how these myths can be used to shape policy decisions, business strategies, and public perceptions about this vital sector of our economy. The first chapter delves into common misconceptions about chemicals such as their potential for harm or usefulness as a resource for energy production or manufacturing processes. It also looks at how technological advances have changed the way we think about chemicals and their impact on society over time, including topics like nanotechnology, biotechnology, green chemistry initiatives, synthetic biology research projects etc.. Additionally it provides an overview of current regulations governing chemical use in different countries around the world - from environmental protection laws to product safety standards - which are essential pieces information when considering any new venture involving them . The second chapter explores various ways in which companies can capitalize on emerging technologies related to chemicals while minimizing risks associated with using them; such as investing heavily in research & development (R&D) efforts towards creating more efficient products that are safer for consumers , developing alternative sources of raw materials , engaging local stakeholders through community outreach programs etc., In addition it discusses some promising areas where advancements could lead us into future – including renewable energy resources based off organic compounds or advanced techniques aimed at reducing waste output from industrial processes . All-in-all Chemical Industry Futurity Myths offers readers valuable insight into understanding key issues impacting this field so they can make informed decisions going forward .
Element Science Prospects
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Introducing "Element Science Prospects: The Future of Materials", a groundbreaking exploration of the exciting and rapidly evolving field of materials science. Authored by leading scientist, Dr. Sanjay Rout, this concise book offers a glimpse into the latest developments in the field, including cutting-edge research and emerging technologies. With a focus on the practical applications of materials science, Dr.Rout highlights the potential for new and innovative materials to transform industries ranging from medicine to aerospace. In this book, you'll discover: The latest breakthroughs in materials research, from nanotechnology to biomaterials The role of materials science in solving some of the world's biggest challenges, including climate change and energy storage The potential for new materials to transform industries such as healthcare, electronics, and transportation Through clear explanations and real-world examples, "Element Science Prospects" offers a unique insight into the exciting world of materials science and the boundless potential for innovation and progress. Whether you are a student, researcher, or simply a curious reader, this book is an essential resource for anyone interested in understanding the future of materials. Get your copy today and discover the limitless possibilities of materials science!
Great Astronomers - Who Changed Our View Of The Cosmos
- Author Name:
Unbound Script
- Book Type:

- Description: This book will inspire you with the incredible stories of those who dared to look beyond the Earth and into the vast expanse of space.
Aapeshikta Siddhant Kya Hai
- Author Name:
Lev Landau & yuri Rumer
- Book Type:

- Description: महान वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टाइन (1879-1955 ई.) द्वारा प्रतिपादित आपेक्षिकता-सिद्धान्त को वैज्ञानिक चिन्तन की दुनिया में एक क्रान्तिकारी खोज की तरह देखा जाता है। इस सिद्धान्त ने विश्व की वास्तविकता को समझने के लिए एक नया साधन तो प्रस्तुत किया ही है, मानव चिन्तन को भी गहराई से प्रभावित किया है। अब द्रव्य, गति, आकाश और काल के स्वरूप को नए नज़रिए से देखा जा रहा है। सन् 1905 में ‘विशिष्ट आपेक्षिकता’ का पहली बार प्रकाशन हुआ, तो इसे बहुत कम वैज्ञानिक समझ पाए थे, इसके बहुत-से निष्कर्ष पहेली जैसे प्रतीत होते थे। आज भी इसे एक ‘क्लिष्ट’ सिद्धान्त माना जाता है। लेकिन इस पुस्तक में आपेक्षिकता के सिद्धान्त को, गणितीय सूत्रों का उपयोग किए बिना, इस तरह प्रस्तुत किया गया है कि इसकी महत्त्वपूर्ण बातों को सामान्य पाठक भी समझ सकते हैं। संसार की कई प्रमुख भाषाओं में अनूदित इस पुस्तक के लेखक हैं, ‘नोबेल पुरस्कार’ विजेता प्रख्यात भौतिकवेत्ता लेव लांदाऊ और उनके सहयोगी यूरी रूमेर। परिशिष्ट में इनका जीवन-परिचय भी दिया गया है। इतिहास-पुरातत्त्व और वैज्ञानिक विषयों के सुविख्यात लेखक गुणाकर मुळे ने सरल भाषा में इस पुस्तक का अनुवाद किया है। कई वैज्ञानिक शब्दों और कथनों को स्पष्ट करने के लिए अनुवादक ने पाद-टिप्पणियाँ भी दी हैं। साथ ही, परिशिष्ट में ‘विशिष्ट शब्दावली’ तथा ‘पारिभाषिक शब्दावली’ के अलावा अल्बर्ट आइंस्टाइन की संक्षिप्त जीवनी भी जोड़ी गई है, चित्रों सहित। हिन्दी माध्यम से ज्ञान-विज्ञान का अध्ययन करनेवाले पाठकों के लिए आपेक्षिकता सिद्धान्त के शताब्दी वर्ष में यह पुस्तक एक अनमोल उपहार की तरह है।
Aadhunik Bharat Ke Mahan Vaigyanik
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: हमारे प्राचीन वैज्ञानिकों ने अपने ग्रन्थ संस्कृत भाषा में लिखे। आधुनिक काल के वैज्ञानिक अपने शोध-निबन्ध अंग्रेज़ी में लिखते हैं। अत: इन वैज्ञानिकों के कृतित्व को आज की जनभाषा में प्रस्तुत करने में जो कठिनाइयाँ होती हैं, उनकी कल्पना करना कठिन नहीं है। पुराने संस्कृत ग्रन्थों के ज्ञान को आज की भारतीय भाषाओं में समझाना उतना कठिन नहीं हैं। परन्तु विरेशी भाषाओं में प्रस्तुत किए गए आधुनिक विज्ञान को जनभाषा में समझाने में अनेक कठिनाइयाँ हैं। आधुनिक विज्ञान अब विशेष सांकेतिक चिन्हों और पारिभाषिक शब्दों में प्रस्तुत किया जाता है। आधुनिक भारत के दस वैज्ञानिकों को मैंने चुना है। दस को ही चुनना था, इसीलिए यह चुनाव। वरना, और भी कई वैज्ञानिकों को चुना जा सकता है। अक्सर यह होता है कि ‘प्रशासक-वैज्ञानिक’ को अधिक प्रसिद्ध मिल जाती है और अपने क्षेत्र में विशेष कार्य करनेवाले वैज्ञानिक जनसाधारण के लिए गुमनाम बने रहते हैं। आशा है, पाठक इस पुस्तक को पसन्द करेंगे। —‘अपनी बात’ से
Chemistry Innovations
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: Chemistry Innovations is an essential guide for anyone looking to explore the fascinating world of chemistry. Written by renowned chemist and innovator, Dr. Sanjay Rout, this book provides a comprehensive overview of modern chemical discoveries and innovations in the field. The first section introduces readers to basic concepts such as atoms, molecules, compounds and ions before moving on to more advanced topics like catalysis reactions, electrochemistry and biochemistry. The second section dives deeper into specific areas of research such as polymers science or nanotechnology while also providing detailed explanations on how these fields are used in everyday life applications ranging from drug development to food production processes. Finally the third part focuses on cutting-edge developments including artificial intelligence (AI), machine learning (ML) and quantum computing which have revolutionized our understanding of matter at its most fundamental level – that’s where Chemistry Innovations truly shines! Dr Sanjay has written this book with clarity so that even those without any background knowledge can understand it easily; making it perfect for students studying chemistry or aspiring scientists alike! With its combination of clear language coupled with expertly researched information about some incredible advances made in recent years; Chemistry Innovations is sure be a valuable addition your library shelf - no matter what your interest may be!
Bharat Mein Vigyan Aur Takneeki Pragati
- Author Name:
A. Rahman
- Book Type:

- Description: पाश्चात्य विद्वान ऐसा बताते रहे हैं कि विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी पाश्चात्य वस्तु है। इस दृष्टिकोण के अन्तर्गत यह ग्रीस में शुरू हुई और कुछ समय बाद पुन: यूरोप में प्रकट हुई, तब से जो उन्नति हुई वह मानव इतिहास में अद्वितीय है। उनके अनुसार, इस उन्नति से बाक़ी विश्व को लाभ हुआ है। वह आगे बताते हैं कि इस समय यूरोप इस ज्ञान को उन देशों में प्रसारित कर रहा है जिनमें इसे जज़्ब करने की क्षमता है। लेकिन आज हमें जो ऐतिहासिक साक्ष्य उपलब्ध हैं, वह इसके विरुद्ध हैं। इतिहास पर एक सरसरी नज़र दौड़ाने से यह स्पष्ट हो जाता है कि विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी भारतीय संस्कृति के अंश और उसकी सभ्यता का आधार रहे हैं। अपने इतिहास के हर काल में भारतीयों ने विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी में उल्लेखनीय योगदान दिया। यह ज्ञान पूर्णत: उपलब्ध था और विश्व के भिन्न भागों में और भिन्न संस्कृतियों में फैला। पूर्व में चीन और इंडोनेशिया, पश्चिमी एशिया, केन्द्रीय एशिया और यूरोप ने भारत से जो कुछ ग्रहण किया, उससे पर्याप्त लाभ उठाया। अन्धकार युग में और 12वीं से 18वीं सदी के सात सौ वर्षों की अवधि में भारत में संस्कृत, अरबी और फ़ारसी में विज्ञान एवं टेक्नोलॉजी पर दस हज़ार ग्रन्थ लिखे गए। यह फ़ेहरिस्त अन्तिम नहीं है। इसके अलावा इन भाषाओं और अन्य भारतीय भाषाओं में अनेक ग्रन्थ थे। इसलिए जो अब किया जा रहा है, वह उसी परम्परा का पुनरुद्धार है जिसे औपनिवेशिक राज में भंग कर दिया गया था। आज़ादी के विगत वर्षों ने देश को, जो कभी सिर्फ़ यूरोप को कच्चा माल देता था, विश्व की तीसरी सबसे बड़ी वैज्ञानिक और तकनीकी शक्ति के रूप में रुपान्तरित किया है। भारत आणविक, अन्तरिक्ष, सागरीय और अटलांटिक क्लब में प्रवेश कर चुका है। विज्ञान के विख्यात अध्येता ए. रहमान की यह पुस्तक स्वतंत्र भारत में विज्ञान और तकनीकी प्रगति के विभिन्न आयामों को रेखांकित करती हुई हमें इस प्रगति का एक सम्पूर्ण तथ्यात्मक विवरण उपलब्ध कराती है।
Energy & Humanity
- Author Name:
Dr.Sanjay Rout
- Book Type:

- Description: In Energy & Humanity, author Dr.Sanjay Rout explores the critical intersection between energy and the future of our planet. Through a masterful combination of cutting-edge research, expert analysis, and captivating storytelling, Dr.Sanajy Rout provides readers with a compelling and inspiring vision for a sustainable future. From the history of energy production to the latest developments in renewable energy technologies, Energy & Humanity covers it all. With a keen eye for detail and a deep understanding of the complexities of the energy industry, Dr.Sanjay provides readers with a comprehensive overview of the challenges facing humanity - and offers practical solutions for a more sustainable future. Whether you're an industry expert, an environmentalist, or simply someone who wants to learn more about the critical issues facing our planet, Energy & Humanity is the perfect book for you. So pick up a copy today and discover the incredible power of sustainable energy - for the benefit of both our planet and humanity as a whole.
Antariksha Yatra
- Author Name:
Gunakar Muley
- Rating:
- Book Type:

- Description: विज्ञान के क्षेत्र में अन्तरिक्ष-अनुसन्धान सदैव ही उत्सुकता का विषय रहा है। पाठक इस विषय की मूलभूत और सैद्धान्तिक बातों को सहज-सरल तरीक़े से समझना चाहते रहे हैं। उनकी उत्सुकता के विषय आम तौर पर यह रहते हैं कि अन्तरिक्षयान पृथ्वी से चन्द्र, मंगल या शुक्र तक किस प्रकार पहुँचते हैं? राकेट किस प्रकार बनता है और यह कैसे कार्य करता है? राकेट में किन ईंधनों का इस्तेमाल होता है? राकेट-यानों को पार्थिव कक्षाओं में किस प्रकार स्थापित किया जाता है? ऊपर अन्तरिक्ष में भार-रहित अवस्था का निर्माण क्यों होता है? भविष्य में दूर के ग्रहों तथा नज़दीक के तारों तक की यात्राएँ कैसे सम्पन्न होंगी? इत्यादि। अपनी 'अन्तरिक्ष-यात्रा’ पुस्तक में प्रसिद्ध विज्ञान लेखक गुणाकर मुळे ने इन सारे प्रश्नों के साथ-साथ 'महिला अन्तरिक्ष-यात्री’, 'अन्तरिक्ष में भारत के बढ़ते क़दम’, 'अन्तरिक्ष में हथियारों की होड़’ जैसे विषयों की भी गहराई से पड़ताल की है, ताकि पाठक अन्तरिक्ष के हर एक पहलू से ठीक-ठीक अवगत हो सकें। पुस्तक में बहुत-से चित्र हैं, जो इस विषय की कई सूक्ष्म बातों को समझने में सहायक सिद्ध होंगे। विषय को ऐतिहासिक पृष्ठभूमि में प्रस्तुत किया गया है, ताकि पाठकों को विकास की भी जानकारी मिल सके, इसलिए परिशिष्ट में 'अन्तरिक्ष-यात्रा विज्ञान का संक्षिप्त विकासक्रम’ अध्याय विशेष महत्त्व का बन पड़ा है। साथ ही, विषय से सम्बन्धित 'हिन्दी-अंग्रेज़ी पारिभाषिक शब्दावली’ होने से पाठक अतिरिक्त रूप से लाभान्वित हो सकेंगे। अन्तरिक्ष-यात्रा के सैद्धान्तिक और ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य में ठोस आधार पर लिखी गई यह पुस्तक पाठकों के साथ-साथ शोधार्थियों और अध्येताओं के लिए भी उपयोगी सिद्ध होगी।
Janane ki Batein (Vol. 3)
- Author Name:
Deviprasad Chattopadhyay
- Book Type:

- Description: Janane ki Batein (Vol. 2)
Kaisi Hogi 21vin Sadi
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: आज के बालकों को ही 21वीं सदी की ज़िम्मेदारियाँ सँभालनी हैं। 21वीं सदी की परिस्थितियों का सामना करने के लिए ही हमें आज के बच्चों को तैयार करना है। हमारी आज की विविध योजनाएँ भी 21वीं सदी को ध्यान में रखकर ही बननी चाहिए। लेकिन कौन बताएगा हमें 21वीं सदी का भविष्य? फलित-ज्योतिष की पोथियाँ यह भविष्य नहीं बता सकतीं। विज्ञान और टेक्नोलॉजी के नए-नए आविष्कार दुनिया को बड़ी तेज़ी से बदल रहे हैं। इसलिए वैज्ञानिक ही कुछ यक़ीन के साथ हमें भविष्य की परिस्थितियों की जानकारी दे सकते हैं। भविष्य की दुनिया की जानकारी देने के लिए पिछले कुछ दशकों में कुछ गणितीय तरीक़े भी खोजे गए हैं। सबके लिए, विशेषकर आज के बच्चों और तरुणों के लिए, यह जानना ज़रूरी है कि भविष्य में हमें किन संकटों का सामना करना होगा, और इनके क्या हल खोजे जा सकते हैं। पुस्तक में सरल भाषा में बढ़ती आबादी और भोजन की समस्या, ऊर्जा के नए स्रोत, ज्ञान-भंडार का विस्फोट, भविष्य की अन्तरिक्ष-यात्राओं, संचार के साधनों, प्रदूषण के फैलाव आदि के बारे में वैज्ञानिक जानकारी देकर 21वीं सदी में इनसे पैदा होनेवाली परिस्थितियों पर प्रकाश डाला गया है। हर उम्र के लिए एक पठनीय पुस्तक।
Bhartiya Vigyan Ki Kahani
- Author Name:
Gunakar Muley
- Rating:
- Book Type:

- Description: मध्ययुग तक भारतीय विज्ञान किसी भी अन्य देश के विज्ञान से पीछे नहीं था। हमारे देश में चरक, सुश्रुत, आर्यभट, वराहमिहिर, नागार्जुन तथा भास्कराचार्य (1150 ई.) जैसे महान वैज्ञानिक हुए। आरम्भ में अरबों ने भारतीय विज्ञान से लाभ उठाया और फिर यूरोप में इसका प्रचार-प्रसार किया। आज सारे संसार में प्रयुक्त होने वाली शून्य पर आधारित स्थानमान अंक-पद्धति मूलतः भारत का आविष्कार है। विज्ञान के क्षेत्र में भारत ने संसार को बहुत कुछ दिया है, और अन्य देशों से बहुत कुछ लिया भी है। भारतीय विज्ञान की कहानी ज्ञान-विज्ञान के इसी आदान-प्रदान की चर्चा से शुरू होती है। आगे पाषाणयुग, ताम्रयुग की सिन्धु सभ्यता तथा वैदिक काल की वैज्ञानिक उपलब्धियों की जानकारी दी गई है। तदनन्तर विषयानुसार भारतीय विज्ञान के विकास की रूपरेखा प्रस्तुत की गई है। लेखक स्वयं विज्ञान के अध्येता थे, इसलिए भारतीय विज्ञान के इस विवेचन को उन्होंने वैज्ञानिक दृष्टिकोण से ही प्रस्तुत किया। संसार के सभी विकसित देशों के स्कूल-कॉलेजों में ‘विज्ञान का इतिहास’ पढ़ाया जाता है। हमारे देश के विज्ञान के विद्यार्थियों को भी प्राचीन भारत के विज्ञान की थोड़ी-बहुत जानकारी अवश्य होनी चाहिए। इतिहास के विद्यार्थियों को तो भारतीय विज्ञान की उपलब्धियों की जानकारी अवश्य ही होनी चाहिए। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखकर यह पुस्तक लिखी गई है और यह हिन्दी में एक बड़े अभाव की पूर्ति करती है। अध्यापक तथा सामान्य पाठक भी इस पुस्तक को उपयोगी पाएँगे।
Kaal Ki Vaigyanik Avdharna
- Author Name:
Gunakar Muley
- Book Type:

- Description: काल को किसी सरल व्याख्या में समेटना लगभग असम्भव है। प्रकृति की जिन शक्तियों ने मानव-मन को सबसे ज़्यादा आतंकित-विचलित किया है, काल अर्थात् समय उनमें सबसे प्रबल और रहस्यमय है। इसी काल को समझने के क्रम में कैलेंडरों, पंचांगों, तिथियों आदि का विकास हुआ। कल्पों, युगों, सदियों, वर्षों, महीनों, दिनों और घंटों की इकाइयों का आविर्भाव हुआ। लेकिन काल क्या है, इसका कोई बहुत सरल तथा अन्तिम उत्तर आज भी किसी के पास नहीं होता है। हम काल में जीते हैं, उसे अनुभव करते हैं, लेकिन वह है क्या, इसको व्याख्यायित नहीं कर सकते। लोकप्रिय विज्ञान-लेखक गुणाकर मुळे की इस पुस्तक में संगृहीत काल की वैज्ञानिक अवधारणा से सम्बन्धित उनके निबन्धों में काल को अलग-अलग आयामों से समझने का प्रयास किया गया है, साथ ही काल-सम्बन्धी चिन्तन के इतिहास तथा कैलेंडरों और पंचांगों के अस्तित्व में आने का वैज्ञानिक ब्यौरा भी दिया गया है। 'काल क्या है?', 'काल का इतिहास', 'कैलेंडरों की कहानी', 'प्राचीन काल के कैलेंडर', 'काल की वैज्ञानिक अवधारणा' तथा 'काल मापने के अन्तरराष्ट्रीय तरीक़े' जैसे समय की सत्ता को अलग-अलग दिशा से जानते-समझते अठारह आलेख इस पुस्तक को हर वर्ग के पाठक के लिए पठनीय तथा संग्रहणीय बनाते हैं।
Brahmand Ki Sanrachna - Kaise aur Kin Cheezon Se Bana Brahmand
- Author Name:
Ashish Srivastava
- Book Type:

- Description: सबकुछ निगल सकने वाले ब्लैक होल भी पहले तारे थे! ब्रम्हाण्ड का ज़्यादातर हिस्सा बना है डार्क मैटर से और उसे थामे हुए है डार्क एनर्जी! पर न हम डार्क एनर्जी को देख सकते हैं न डार्क मैटर को ! ब्रम्हाण्ड में जितना मैटर है उतना ही एंटी मैटर भी होना चाहिए लेकिन है नहीं । सबसे सूक्ष्म कण क्वार्क हो या सबसे बड़ी और अनंत संरचना ब्रम्हाण्ड- दोनों को हम देख नहीं सकते। पर वैज्ञानिक न सिर्फ इन्हें जानते हैं बल्कि इनके बनने और नष्ट होने के बारे में भी काफी कुछ बताते हैं। अरबों साल पहले कैसे एक विस्फोट से ब्रम्हाण्ड बनना शुरू हुआ और कैसे आज भी यह फैलता ही जा रहा है!
Antariksh: Ek Nayi Duniya, Ek Naya Bhavishya
- Author Name:
K. Siddhartha
- Book Type:

- Description: अंतरिक्ष हमारी सारी समस्याओं का समाधान कर रहा है। मोबाइल और इंटरनेट उसी के अंश हैं। भारत में चंद्रयान कौ सफलता भारत की अब तक की सबसे बड़ी वैज्ञानिक उपलब्धि है। इसने विज्ञान अर्थव्यवस्था और राजनीतीकरण के बिल्कुल नए आयाम खोल दिए हैं। अंतरिक्ष विज्ञान पर हिंदी में बहुत पुस्तकें नहीं हैं और आसान भाषा में आम पाठकों को समझ में आने लायक शायद ही किसी पुस्तक का नाम स्मृति में आता है। इस पुस्तक की सबसे बड़ी विशेषता इसकी सहज, सरल, आकर्षक और आसानी से कठिन वैज्ञानिक विषय को समझाने की खूबी है। प्रस्तुत पुस्तक में प्रयास किया गया है कि कठिन-से-कठिन अंतरिक्ष शब्दावली को आसान-से-आसान भाषा में किस तरह से पिरोया जाए, जिससे कि उनका मूल अर्थ भी प्रभावित न हो और साधारण पाठक को उसके बारे में पूरी और सही जानकारी भी हासिल हो सके। यह पुस्तक उन सभी उद्यमियों के लिए है, जो अंतरिक्ष को एक अवसर के रूप में देख रहे हैं, जो इस नवीन आयाम का सुख उठाना चाह रहे हैं। यह पुस्तक उन सभी के लिए भी लाभदायक और संग्रहणीय है, जो अंतरिक्ष विज्ञान को जानना चाहते हैं।
Customer Reviews
Be the first to write a review...
0 out of 5
Book