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गुलज़ार के गीत हिन्दी फ़िल्मों की गीत परम्परा में अपनी पहचान ख़ुद हैं, प्रवृत्ति के साथ उनके कवि का जैसा अनौपचारिक और घरेलू रिश्ता है, वैसा और कहीं नहीं मिलता। जितने अधिकार से गुलज़ार क़ुदरत से अपने कथ्य और मन्तव्य के सम्प्रेषण का काम लेते रहे हैं, वैसा भी और कोई रचनाकार नहीं कर पाया है। न फ़िल्मों में और न ही साहित्य में।</p> <p>इस किताब में वे नज़्में शामिल हैं जिनमें से ज़्यादातर को आप इस किताब में ही पढ़ सकते हैं, यानी कि ये गीतों के रूप में फ़िल्मों के मार्फ़त आप तक कभी नहीं पहुँचीं। इसमें गुलज़ार की कुछ लम्बी नज़्में भी शामिल हैं, कुछ छोटी और कुछ बहुत छोटी जिन्हें उन्होंने ‘त्रिवेणी’ नाम दिया है। इनको पढ़ना एक अलग ही तजुर्बा है।
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गुलज़ार के गीत हिन्दी फ़िल्मों की गीत परम्परा में अपनी पहचान ख़ुद हैं, प्रवृत्ति के साथ उनके कवि का जैसा अनौपचारिक और घरेलू रिश्ता है, वैसा और कहीं नहीं मिलता। जितने अधिकार से गुलज़ार क़ुदरत से अपने कथ्य और मन्तव्य के सम्प्रेषण का काम लेते रहे हैं, वैसा भी और कोई रचनाकार नहीं कर पाया है। न फ़िल्मों में और न ही साहित्य में।</p>
<p>इस किताब में वे नज़्में शामिल हैं जिनमें से ज़्यादातर को आप इस किताब में ही पढ़ सकते हैं, यानी कि ये गीतों के रूप में फ़िल्मों के मार्फ़त आप तक कभी नहीं पहुँचीं। इसमें गुलज़ार की कुछ लम्बी नज़्में भी शामिल हैं, कुछ छोटी और कुछ बहुत छोटी जिन्हें उन्होंने ‘त्रिवेणी’ नाम दिया है। इनको पढ़ना एक अलग ही तजुर्बा है।
Book Details
-
ISBN9788183616638
-
Pages177
-
Avg Reading Time6 hrs
-
Age18+ yrs
-
Country of OriginIndia
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कहीं मुझमें ही हो तुम।
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निश्चय ही इन कविताओं में कवि ने अपने व्यक्तित्व के उस पक्ष को दर्ज किया है, जो न तो स्वतंत्रताप्रेमी आन्दोलनकारी का है, न ही जोशो-खरोश से लबालब भरे आदर्शवादी का। इनमें मानवीय रिश्तों का एक ख़ूबसूरत सपना देखने की कोशिश है जो किसी भी श्रेष्ठ कविता से सहज अपेक्षित है। कहने को ये सपने बहुत आमफहम और मामूली हैं, किन्तु वास्तविक जीवन में इनकी परिणति इन दिनों लगभग असम्भव हो उठी है। इनमें एक आदमी का दूसरे आदमी के पास तनिक देर बैठकर अपना दु:ख-दर्द कह डालने की इच्छा, परस्पर के नेह-बन्धन में बँधकर आकाश-भर विस्तार पाने की आकांक्षा, जीवन की भागम-भाग और निरन्तर मशीनी और औपचारिक होते सम्बन्धों के विरोध में सघन परिचय और आत्मीयता की बारादरी सजाने का सपना झिलमिला रहा है।
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